(: तीन नदियों के संगम पर बना यह मंदिर इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है। कितनी भी बाढ़ आए इसे कभी नुकसान नहीं होता। ) भगवान राम वनवास के दौरान छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर रहे। शबरी के झूठे बेर यहीं खाए तो दंडकारण्य में कई राक्षसों का वध भी किया। इसी छत्तीसगढ़ में एक ऐसा स्थान भी है जहां कि माता सीता ने भगवान शंकर की आराधना की थी। इसके लिए उन्होंने नदी के बीचों—बीच एक रेत का शिवलिंग बनाया था। यह स्थान आज भी मौजूद है। राजिम में महानदी के किनारे कुलेश्वर महादेव का मंदिर तीन नदियों के संगम में होने के बावजूद आज भी उसी रूप में खड़ा है।यहां पर कितनी ही बार बाढ़ आ चुकी है, लेकिन मंदिर जस का तस खड़ा है।  छत्तीसगढ़ के राजिम के त्रिवेणी संगम के बीच में वर्षों से टिका कुलेश्वर महादेव मंदिर स्थापत्य का बेजोड़ नमूना होने के साथ-साथ प्राचीन भवन निर्माण तकनीक का जीवंत उदाहरण है। तीन नदियों के संगम के कारण राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है। यहां पर कुंभ की तरह हर साल एक मेला भी आयोजित किया जाता है।  राजिम में पैरी, सोंढूर और महानदी नदियों का संगम है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मात्र 45 किलोमीटर दूर स्थित राजिम में नदी पर बना पुल 40 साल भी नहीं टिक पाया, जबकि वहां आठवीं सदी का कुलेश्वर महादेव मंदिर आज भी खड़ा है। खुद विश्वकर्मा ने बनाया राजीव लोचन मंदिर  मंदिर में स्थित शिवलिंग के दर्शन करने देशभर के लोग यहां पहुंचते हैं। राजिम में नदी के एक किनारे पर भगवान राजीवलोचन का मंदिर है और बीच में कुलेश्वर महादेव का। यहां स्थित राजीव लोचन मंदिर के बारे में भी यह माना जाता है कि इसे भगवान विश्वकर्मा ने खुद बनाया था

(: तीन नदियों के संगम पर बना यह मंदिर इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है। कितनी भी बाढ़ आए इसे कभी नुकसान नहीं होता। ) भगवान राम वनवास के दौरान छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर रहे। शबरी के झूठे बेर यहीं खाए तो दंडकारण्य में कई राक्षसों का वध भी किया। इसी छत्तीसगढ़ में एक ऐसा स्थान भी है जहां कि माता सीता ने भगवान शंकर की आराधना की थी। इसके लिए उन्होंने नदी के बीचों—बीच एक रेत का शिवलिंग बनाया था। यह स्थान आज भी मौजूद है। राजिम में महानदी के किनारे कुलेश्वर महादेव का मंदिर तीन नदियों के संगम में होने के बावजूद आज भी उसी रूप में खड़ा है।यहां पर कितनी ही बार बाढ़ आ चुकी है, लेकिन मंदिर जस का तस खड़ा है। 
छत्तीसगढ़ के राजिम के त्रिवेणी संगम के बीच में वर्षों से टिका कुलेश्वर महादेव मंदिर स्थापत्य का बेजोड़ नमूना होने के साथ-साथ प्राचीन भवन निर्माण तकनीक का जीवंत उदाहरण है। तीन नदियों के संगम के कारण राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है। यहां पर कुंभ की तरह हर साल एक मेला भी आयोजित किया जाता है। 
राजिम में पैरी, सोंढूर और महानदी नदियों का संगम है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मात्र 45 किलोमीटर दूर स्थित राजिम में नदी पर बना पुल 40 साल भी नहीं टिक पाया, जबकि वहां आठवीं सदी का कुलेश्वर महादेव मंदिर आज भी खड़ा है। खुद विश्वकर्मा ने बनाया राजीव लोचन मंदिर 
मंदिर में स्थित शिवलिंग के दर्शन करने देशभर के लोग यहां पहुंचते हैं। राजिम में नदी के एक किनारे पर भगवान राजीवलोचन का मंदिर है और बीच में कुलेश्वर महादेव का। यहां स्थित राजीव लोचन मंदिर के बारे में भी यह माना जाता है कि इसे भगवान विश्वकर्मा ने खुद बनाया था
(: तीन नदियों के संगम पर बना यह मंदिर इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है। कितनी भी बाढ़ आए इसे कभी नुकसान नहीं होता। ) भगवान राम वनवास के दौरान छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर रहे। शबरी के झूठे बेर यहीं खाए तो दंडकारण्य में कई राक्षसों का वध भी किया। इसी छत्तीसगढ़ में एक ऐसा स्थान भी है जहां कि माता सीता ने भगवान शंकर की आराधना की थी। इसके लिए उन्होंने नदी के बीचों—बीच एक रेत का शिवलिंग बनाया था। यह स्थान आज भी मौजूद है। राजिम में महानदी के किनारे कुलेश्वर महादेव का मंदिर तीन नदियों के संगम में होने के बावजूद आज भी उसी रूप में खड़ा है।यहां पर कितनी ही बार बाढ़ आ चुकी है, लेकिन मंदिर जस का तस खड़ा है। 
छत्तीसगढ़ के राजिम के त्रिवेणी संगम के बीच में वर्षों से टिका कुलेश्वर महादेव मंदिर स्थापत्य का बेजोड़ नमूना होने के साथ-साथ प्राचीन भवन निर्माण तकनीक का जीवंत उदाहरण है। तीन नदियों के संगम के कारण राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है। यहां पर कुंभ की तरह हर साल एक मेला भी आयोजित किया जाता है। 
राजिम में पैरी, सोंढूर और महानदी नदियों का संगम है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मात्र 45 किलोमीटर दूर स्थित राजिम में नदी पर बना पुल 40 साल भी नहीं टिक पाया, जबकि वहां आठवीं सदी का कुलेश्वर महादेव मंदिर आज भी खड़ा है। खुद विश्वकर्मा ने बनाया राजीव लोचन मंदिर 
मंदिर में स्थित शिवलिंग के दर्शन करने देशभर के लोग यहां पहुंचते हैं। राजिम में नदी के एक किनारे पर भगवान राजीवलोचन का मंदिर है और बीच में कुलेश्वर महादेव का। यहां स्थित राजीव लोचन मंदिर के बारे में भी यह माना जाता है कि इसे भगवान विश्वकर्मा ने खुद बनाया था

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कामेंट्स

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@anjanagupta4 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@preetijain1 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@anitamittal1 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@भक्तिवंदना जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@rakesh123 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@anitamittal1 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@supriyashet जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@kanwar जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@seeta जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@sangeetalal जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@ashabudhiraja जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@shreeradhe जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@sunilkumarsharma48 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@preetijain1 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@brajeshsharma1 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@sujatha जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@drseemasoni जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@srimeghrajchetry जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@kalpanabist1 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

राजेश अग्रवाल Aug 10, 2019
@brajeshsharma1 जय माता दी,माँ की मेहर आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे,मेरी माता रानी आपकी हर मनोकामना पुरी करे,🕉 नमः शिवाय हर हर महादेव जी,🙏🌹

Preeti jain Feb 25, 2020

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Sheela Sharma Feb 25, 2020

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Rajeet Sharma Feb 25, 2020

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Babita Sharma Feb 25, 2020

मेरा लाल लंगोटे वाला सबकी पीड़ा हरने वाला,सबका मंगल करने वाला🙏🙏 जय सियाराम 🚩 शुभ प्रभात वंदन 🙏🌹🌹हनुमानजी को पान का बीड़ा अर्पित करने के लाभ: हनुमानजी के पूजा करने के बाद उन्हें पान का बीड़ा अर्पित किया जाता है। कहते हैं कि हनुमानजी को पान का बीड़ा बहुत पसंद हैं। उनका पान अलग ही तरह से बनता है। ऐसे बनता है बीड़ा : इस पान में केवल ये पांच चीज़ें डलवाएं– कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरे का बूरा और सुमन कतरी। पान बनवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसमें चूना एवं सुपारी नहीं हो। साथ ही यह पान तंबाकू लगे हाथ से नहीं बनना चाहिए। ऐसे करें बीड़ा अर्पित : यदि आप प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ते हैं तो मंगलवार, शनिवार, दशहरा और हनुमान जयंति के दिन हनुमानजी को बीड़ा अर्पित करें। इस दिन हनुमानजी की मूर्ति को तेल और घी का दीपक जलाएं तथा विधिवत पूजन कर पूआ, मिठाई आदि का भोग लगाएं। इसके बाद 27 पान के पत्ते तथा गुलकंद, सौंफ आदि मुख शुद्धि की चीजें लेकर इनका बीड़ा बनाकर हनुमानजी को अर्पित करें। हनुमानजी का विधि-विधान से पूजन करने के बाद यह पान हनुमानजी को अर्पण करें और साथ ही प्रार्थना करते हुए कहें, ‘हे हनुमानजी, आपको मैं यह मीठा रस भरा पान अर्पण कर रहा हूं। इस मीठे पान की तरह आप मेरा जीवन भी मिठास से भर दीजिए’। हनुमानजी की कृपा से कुछ ही दिनों में आपकी हर समस्या दूर हो जाएगी। बीड़ा अर्पित करने के लाभ: 1. सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है। 2. सभी तरह के संकट दूर हो जाते हैं। 3. मन में निर्भिकता का संचार होता है। 4. जीवन में सुख और समृद्धि बढ़ती है। 5. बीड़ा उठाना : आपने सुनी होगी एक प्रचलित लोकोक्ति 'बीड़ा उठाना'। इसका अर्थ होता है- कोई महत्वपूर्ण या जोखिमभरा काम करने का उत्तरदायित्व अपने ऊपर लेना। यदि आपके जीवन में कोई घोर संकट है या ऐसा काम है जिसे करना आपके बस का नहीं है, तो आप अपनी जिम्मेदारी हनुमानजी को सौंप दें। इसके लिए आप मंगलवार के दिन किसी मंदिर में पूजा-पाठ करने के बाद उन्हें पान का बीड़ा अर्पित करें। श्री राम, जय राम, जय जय राम🙏🚩 जय बजरंग बली 🙏🚩

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Rajeet Sharma Feb 25, 2020

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Ashokkumar Sharma Feb 25, 2020

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Aman Deep Feb 25, 2020

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