premnarayan
premnarayan Aug 4, 2017

🌻ॐ के उच्चारण का रहस्य🌻

🌻ॐ के उच्चारण का रहस्य🌻
🌻ॐ के उच्चारण का रहस्य🌻
🌻ॐ के उच्चारण का रहस्य🌻

ॐ के उच्चारण का रहस्य

ॐ को ओम कहा जाता है। उसमें भी बोलते वक्त 'ओ' पर ज्यादा जोर होता है। इसे प्रणव मंत्र भी कहते हैं। 
इस मंत्र का प्रारंभ है अंत नहीं। यह ब्रह्मांड की अनाहत ध्वनि है। अनाहत अर्थात किसी भी प्रकार की टकराहट या दो चीजों या हाथों के संयोग के उत्पन्न ध्वनि नहीं। इसे अनहद भी कहते हैं। संपूर्ण ब्रह्मांड में यह अनवरत जारी है। तपस्वी और ध्यानियों ने जब ध्यान की गहरी अवस्था में सुना की कोई एक ऐसी ध्वनि है जो लगातार सुनाई देती रहती है शरीर के भीतर भी और बाहर भी। हर कहीं, वही ध्वनि निरंतर जारी है और उसे सुनते रहने से मन और आत्मा शांती महसूस करती है तो उन्होंने उस ध्वनि को नाम दिया ओम।
साधारण मनुष्य उस ध्वनि को सुन नहीं सकता, लेकिन जो भी ओम का उच्चारण करता रहता है उसके आसपास सकारात्मक ऊर्जा का विकास होने लगता है। 
जो भी उस ध्वनि को सुनने लगता है वह परमात्मा से सीधा जुड़ने लगता है। परमात्मा से जुड़ने का साधारण तरीका है ॐ का उच्चारण करते रहना।
त्रिदेव और त्रेलोक्य का प्रतीक  
*ॐ* शब्द तीन ध्वनियों से बना हुआ है- अ, उ, म इन तीनों ध्वनियों का अर्थ उपनिषद में भी आता है। यह ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक भी है और यह भू: लोक, भूव: लोक और स्वर्ग लोग का प्रतीक है। 

*बीमारी दूर भगाएँ*तंत्र योग में एकाक्षर मंत्रों का भी विशेष महत्व है। देवनागरी लिपि के प्रत्येक शब्द में अनुस्वार लगाकर उन्हें मंत्र का स्वरूप दिया गया है। उदाहरण के तौर पर कं, खं, गं, घं आदि। इसी तरह श्रीं, क्लीं, ह्रीं, हूं, फट् आदि भी एकाक्षरी मंत्रों में गिने जाते हैं।सभी मंत्रों का उच्चारण जीभ, होंठ, तालू, दाँत, कंठ और फेफड़ों से निकलने वाली वायु के सम्मिलित प्रभाव से संभव होता है। इससे निकलने वाली ध्वनि शरीर के सभी चक्रों और हारमोन स्राव करने वाली ग्रंथियों से टकराती है। इन ग्रंथिंयों के स्राव को नियंत्रित करके बीमारियों को दूर भगाया जा सकता है।
*उच्चारण की विधि* प्रातः उठकर पवित्र होकर ओंकार ध्वनि का उच्चारण करें। ॐ का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर कर सकते हैं। इसका उच्चारण 5, 7, 10, 21 बार अपने समयानुसार कर सकते हैं। ॐ जोर से बोल सकते हैं, धीरे-धीरे बोल सकते हैं। ॐ जप माला से भी कर सकते हैं। 

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कामेंट्स

Bhakabhai Mer Aug 21, 2018

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Mrityunjay Dubey Aug 21, 2018

Water Jyot Pranam +76 प्रतिक्रिया 11 कॉमेंट्स • 101 शेयर
Suchitra Singh Aug 21, 2018

Flower Jyot Bell +66 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 56 शेयर
Preethi Shah Aug 21, 2018

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Santosh Hariharan Aug 21, 2018

Pranam Flower Dhoop +35 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 26 शेयर

🙏🌹 जय श्री महाकाल 🌹🙏
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जी,गर्भगृह में विराजित माता पार्वती जी के दर्शन!
21 अगस्त 2018 ! ( मंगलवार )
#श्रावण_शुक्ल_एकादशी

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आज के अभिषेक व श्रृंगार दिव्य दर्शन श्री घृष्णेश्वर जोतिर्लिंग जी के औरंगाबाद, महाराष्ट्र से।।

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Badri Prasad Asati Aug 21, 2018

श्रावण माह के चतुर्थ सोमवार को भगवान श्री भोलेनाथ का बिशेष सिंगार किया गया जिसकी मनमोहक झाकी का दर्शन कर पुण्य के भागीदार बने. 💐 ऊँ ह्रों जूँ सःऊँ भूर्भुवःसःऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम उर्वारुकमेव बन्धनान् मृत्यु मुक्षिय यमामृतात् ...

(पूरा पढ़ें)
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घिर रहें हैं अंधेरो में माँ रोशनी की तरफ मोड़ दे,
बँधे हैं जो दुखो के बंधन माँ अब तो उन्हें तोड़ दे 🙏 प्रेम से बोलो जय माता दी 🙏

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