Shanti Pathak
Shanti Pathak May 3, 2021

*जय श्री राधे कृष्णा* *शुभरात्रि वंदन * [: *पुरुष का श्रृंगार तो स्वयं प्रकृति ने किया है..* *स्त्रियाँ* काँच का टुकड़ा हैं..जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती हैं.. किन्तु *पुरुष* हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है और उसे मेकअप की कोई आवश्यकता नहीं होती। खूबसूरत *मोर* होता है *मोरनी* नहीं.. मोर *रंग - बिरंगा* और *हरे - नीले* रंग से सुशोभित..जबकि मोरनी *काली सफ़ेद*.. मोर के *पंख* होते हैं इसीलिए उन्हें *मोरपंख* कहते हैं..मोरनी के पंख नहीं होते.. *दांत* हाथी के होते हैं,हथिनी के नहीं। हांथी के दांत *बेशकीमती* होते हैं। *नर हाथी* मादा हाथी के मुकाबले बहुत *खूबसूरत* होता है। *कस्तूरी* नर हिरन में पायी जाती है। *मादा हिरन* में नहीं। नर हिरन *मादा हिरन* के मुकाबले बहुत *सुन्दर* होता है। *मणि* नाग के पास होती है , *नागिन* के पास नहीं। नागिन ऐसे नागों की दीवानी होती है जिनके पास *मणि* होती है। *रत्न महासागर* में पाये जाते हैं, *नदियो* में नहीं..और *अंत* में *नदियों* को उसी *महासागर* में गिरना पड़ता है। *संसार* के बेशकीमती *तत्व* इस प्रकृति ने *पुरुषों* को सौंपे.. *प्रकृति ने पुरुष* के साथ अन्याय नहीं किया.. *9 महीने* स्त्री के गर्भ में रहने के बावजूद भी *औलाद का चेहरा*, स्वभाव पिता की तरह होना, ये संसार का सबसे बड़ा *आश्चर्य* है.. क्योंकि , *पुरुष का श्रृंगार* प्रकृति ने करके भेजा है,उसे श्रृंगार की आवश्यकता नहीं... 👆 *पहली बार कोई लेख पुरुषों के लिए*👆 *🔷मृत्यु का भय 🔷* किसी नगर में एक आदमी रहता था। उसने परदेश के साथ व्यापार किया। मेहनत फली, कमाई हुई और उसकी गिनती सेठों में होने लगी। महल जैसी हवेली बन गई। वैभव और बड़े परिवार के बीच उसकी जवानी बड़े आनंद से बीतने लगी। एक दिन उसका एक संबंधी किसी दूसरे नगर से आया। बातचीत के बीच उसने बताया कि उसके यहां का सबसे बड़ा सेठ गुजर गया। बेचारे की लाखों की धन-संपत्ति पड़ी रह गई। बात सहज भाव से कही गई थी, पर उस आदमी के मन को डगमगा गई। हां उस सेठ की तरह एक दिन वह भी तो मर जाएगा। उसी क्षण से उसे बार-बार मौत की याद सताने लगी। हाय मौत आएगी, उसे ले जाएगी और सबकुछ यहीं छूट जाएगा! मारे चिंता के उसकी देह सूखने लगी। देखने वाले देखते कि उसे किसी चीज की कमी नहीं है, पर उसके भीतर का दुख ऐसा था कि किसी से कहा भी नहीं जा सकता था। धीरे-धीरे वह बिस्तर पर पड़ गया। बहुतेरा इलाज किया गया, लेकिन उसका रोग कम होने की बजाय बढ़ता ही गया। एक दिन एक साधु उसके घर पर आया। उस आदमी ने बेबसी से उसके पैर पकड़ लिए और रो-रोकर अपनी व्यथा उसे बता दी। सुनकर साधु हंस पड़ा और बोला - *"तुम्हारे रोग का इलाज तो बहुत आसान है।"* उस आदमी के खोए प्राण मानो लौट आए| अधीर होकर उसने पूछा - *"स्वामीजी, वह इलाज क्या है!"* साधु ने कहा - *"देखो मौत का विचार जब मन में आए, जोर से कहो जब तक मौत नहीं आएगी, मैं जीऊंगा। इस नुस्खे को सात दिन तक आजमाओ, मैं अगले सप्ताह आऊंगा।"* सात दिन के बाद साधु आए तो देखते क्या हैं, वह आदमी बीमारी के चंगुल से बाहर आ गया है और आनंद से गीत गा रहा है। साधु को देखकर वह दौड़ा और उसके चरणों में गिरकर बोला - *"महाराज, आपने मुझे बचा लिया। आपकी दवा ने मुझ पर जादू का-सा असर किया। मैंने समझ लिया कि जिस दिन मौत आएगी, उसी दिन मरूंगा, उससे पहले नहीं।"* *साधु ने कहा - "वत्स, मौत का डर सबसे बड़ा डर है। वह जितनों को मारता है मौत उतनों को नहीं मारती"..!!* *🙏🙏जय जय श्री राधे*🙏🏼🙏🏻

*जय श्री राधे कृष्णा*
*शुभरात्रि वंदन *

[: *पुरुष का श्रृंगार तो स्वयं प्रकृति ने किया है..*

*स्त्रियाँ* काँच का टुकड़ा हैं..जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती हैं..

किन्तु *पुरुष* हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है और उसे मेकअप की कोई आवश्यकता नहीं होती। 

खूबसूरत *मोर* होता है *मोरनी* नहीं..

मोर *रंग - बिरंगा* और *हरे - नीले* रंग से सुशोभित..जबकि मोरनी *काली सफ़ेद*..

मोर के *पंख* होते हैं इसीलिए उन्हें *मोरपंख* कहते हैं..मोरनी के पंख नहीं होते..

*दांत* हाथी के होते हैं,हथिनी के नहीं। हांथी के दांत *बेशकीमती* होते हैं। *नर हाथी* मादा हाथी के मुकाबले बहुत *खूबसूरत* होता है। 

*कस्तूरी* नर हिरन में पायी जाती है। *मादा हिरन* में नहीं। 
नर हिरन *मादा हिरन* के मुकाबले बहुत *सुन्दर* होता है।

*मणि* नाग के पास होती है , *नागिन* के पास नहीं। 
नागिन ऐसे नागों की दीवानी होती है जिनके पास *मणि* होती है।

*रत्न महासागर* में पाये जाते हैं, *नदियो* में नहीं..और *अंत* में *नदियों* को उसी *महासागर* में गिरना पड़ता है।

*संसार* के बेशकीमती *तत्व* इस प्रकृति ने *पुरुषों* को सौंपे..

*प्रकृति ने पुरुष* के साथ अन्याय नहीं किया..

*9 महीने* स्त्री के गर्भ में रहने के बावजूद भी *औलाद का चेहरा*, स्वभाव पिता की तरह होना, 

ये संसार का सबसे बड़ा *आश्चर्य* है..

क्योंकि ,

*पुरुष का श्रृंगार* प्रकृति ने करके भेजा है,उसे श्रृंगार की आवश्यकता नहीं... 

👆 *पहली बार कोई लेख पुरुषों के लिए*👆
*🔷मृत्यु का भय 🔷*

किसी नगर में एक आदमी रहता था। उसने परदेश के साथ व्यापार किया। मेहनत फली, कमाई हुई और उसकी गिनती सेठों में होने लगी। महल जैसी हवेली बन गई। वैभव और बड़े परिवार के बीच उसकी जवानी बड़े आनंद से बीतने लगी।

एक दिन उसका एक संबंधी किसी दूसरे नगर से आया। बातचीत के बीच उसने बताया कि उसके यहां का सबसे बड़ा सेठ गुजर गया। बेचारे की लाखों की धन-संपत्ति पड़ी रह गई। 

बात सहज भाव से कही गई थी, पर उस आदमी के मन को डगमगा गई। हां उस सेठ की तरह एक दिन वह भी तो मर जाएगा। उसी क्षण से उसे बार-बार मौत की याद सताने लगी।

हाय मौत आएगी, उसे ले जाएगी और सबकुछ यहीं छूट जाएगा! मारे चिंता के उसकी देह सूखने लगी। देखने वाले देखते कि उसे किसी चीज की कमी नहीं है, पर उसके भीतर का दुख ऐसा था कि किसी से कहा भी नहीं जा सकता था। धीरे-धीरे वह बिस्तर पर पड़ गया।

बहुतेरा इलाज किया गया, लेकिन उसका रोग कम होने की बजाय बढ़ता ही गया। एक दिन एक साधु उसके घर पर आया। उस आदमी ने बेबसी से उसके पैर पकड़ लिए और रो-रोकर अपनी व्यथा उसे बता दी।

सुनकर साधु हंस पड़ा और बोला - *"तुम्हारे रोग का इलाज तो बहुत आसान है।"*

उस आदमी के खोए प्राण मानो लौट आए| अधीर होकर उसने पूछा - *"स्वामीजी, वह इलाज क्या है!"*

साधु ने कहा - *"देखो मौत का विचार जब मन में आए, जोर से कहो जब तक मौत नहीं आएगी, मैं जीऊंगा। इस नुस्खे को सात दिन तक आजमाओ, मैं अगले सप्ताह आऊंगा।"*

सात दिन के बाद साधु आए तो देखते क्या हैं, वह आदमी बीमारी के चंगुल से बाहर आ गया है और आनंद से गीत गा रहा है। साधु को देखकर वह दौड़ा और उसके चरणों में गिरकर बोला - *"महाराज, आपने मुझे बचा लिया। आपकी दवा ने मुझ पर जादू का-सा असर किया। मैंने समझ लिया कि जिस दिन मौत आएगी, उसी दिन मरूंगा, उससे पहले नहीं।"*

*साधु ने कहा - "वत्स, मौत का डर सबसे बड़ा डर है। वह जितनों को मारता है मौत उतनों को नहीं मारती"..!!*

*🙏🙏जय जय श्री राधे*🙏🏼🙏🏻

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कामेंट्स

Uma shankar Pandey May 3, 2021
🌈🙏🌈🚩🕉जय श्री राधे कृष्णा बहन। 🌈🙏🌈🚩🕉आपका सर्बमंगल हो।🌈🙏🌈🚩🕉शुभ रात्रि,बन्दन।🙏🙏🙏🙏

pawanthakur🙏🙏9716955827 May 3, 2021
🙏🌷जय श्री राधे कृष्ण जी 🌷🙏 🙏🙏शुभ रात्रि वंदन जी 🙏🙏

MOHAN PATIDAR May 3, 2021
jai shree Radhe krishna ji good night ji thanks you ji very happy ji RamRam ji 🌷⚘🌹🥛

Arvid bhai May 3, 2021
jay shri radhe krisna subh ratri vandan radhe radhe nmskar ji

dhruv wadhwani May 3, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा जय श्री राधे कृष्णा

Govind Singh Chauhan May 3, 2021
जय श्री राधे कृष्णा सुप्रभात जी आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो 🙏🌹🙏

Rajesh Lakhani May 4, 2021
JAI SHREE KRISHNA RADHE RADHE SHUBH PRABHAT BEHENA THAKOR JI KI KRUPA AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER SADA BANI RAHE AAP KA DIN SHUBH OR MANGALMAYE HO AAP OR AAP KA PARIVAR HAMESA KHUS RAHE SWASTH RAHE BEHENA

Ranveer soni May 4, 2021
🌹🌹जय श्री राधेकृष्णा🌹🌹

madan pal 🌷🙏🏼 May 4, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जी शूभ प्रभात वंदन जी आपका हर पल शूभ मंगल हों जी 🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼👌🏼👌🏼👌🏼👌🏼👌🏼

jatan kurveti May 5, 2021

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Archana Singh May 4, 2021

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savi Choudhary May 5, 2021

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एक आदमी घोड़े पर कहीं जा रहा था, घोड़े को जोर की प्यास लगी थी।कुछ दूर कुएं पर एक किसान बैलों से "रहट" चलाकर खेतों में पानी लगा रहा था।मुसाफिर कुएं पर आया और घोड़े को "रहट" में से पानी पिलाने लगा।पर जैसे ही घोड़ा झुककर पानी पीने की कोशिश करता, "रहट" की ठक-ठक की आवाज से डर कर पीछे हट जाता।फिर आगे बढ़कर पानी पीने की कोशिश करता और फिर "रहट" की ठक-ठक से डरकर हट जाता।मुसाफिर कुछ क्षण तो यह देखता रहा, फिर उसने किसान से कहा कि थोड़ी देर के लिए अपने बैलों को रोक ले ताकि रहट की ठक-ठक बन्द हो और घोड़ा पानी पी सके। किसान ने कहा कि जैसे ही बैल रूकेंगे कुएँ में से पानी आना बन्द हो जायेगा, इसलिए पानी तो इसे ठक-ठक में ही पीना पड़ेगा। ठीक ऐसे ही यदि हम सोचें कि जीवन की ठक-ठक (हलचल) बन्द हो तभी हम भजन, सन्ध्या, वन्दना आदि करेंगे तो यह हमारी भूल है। हमें भी जीवन की इस ठक-ठक (हलचल) में से ही समय निकालना होगा, तभी हम अपने मन की तृप्ति कर सकेंगे, वरना उस घोड़े की तरह हमेशा प्यासा ही रहना होगा। सब काम करते हुए, सब दायित्व निभाते हुए प्रभु सुमिरन में भी लगे रहना होगा, जीवन में ठक-ठक तो चलती ही रहेगी।

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Renu Singh May 5, 2021

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