🙏🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🙏 🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵 JAI SHREE GANESHAYA NAMAHA JI 🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵 🙏🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🙏

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कामेंट्स

Anjana Jain Apr 17, 2019
🌿🌷👌 Om gan ganpaty nammo namy 🌿🌿 have a nice day 🌷🌷

Asha Budhiraja Apr 17, 2019
Jai Shri Krishna radhe radhe my brother God bless u ND ur family

Dropadi Darwani Apr 17, 2019
radhe. radhe. bhai om. nmo. ganesaye namaste. bhai 🌹🙏🙏🌹

Madhu sharma Apr 17, 2019
Shree Ganeshay Namah jai sairam ji brother ji very beautiful post ji mangalmurti shree ganesh ji maharaj ki Asim kripa drashti sada hi Aap avam aap ki family par Har pal bani rhe ji mangalmurti aap ki sabhi manokamnaye puran karein ji Inke Aashirwad se aap ke Har pal Ati Shubh avam mangalmay ho ji good morning ji Have a very nice and beautiful day ji 🙏🙏🌹🌹

sujatha Apr 17, 2019
जय श्री राधे कृष्ण जी । सुप्रभात जी ।

Anita Mittal Apr 17, 2019
जय श्री गणेश जी गणेश जी का आशीर्वाद व स्नेह आपके साथ बना रहे जी आपका हर.पल मंगलमय हो जी

Sandhya Nagar Apr 17, 2019
*जय श्री राधे....🙌🏼🌸💐* 🌷 *!!... भगवान श्रीकृष्ण नील वर्ण ...!!* 🌷 जब भी हम भगवान *श्रीकृष्ण* या राम चन्द्र जी के दर्शन करते है तो अक्सर मन में ये बात आती है कि भगवन *श्रीकृष्ण* नील वर्ण के क्यों हैं ...?' *भगवान* ने गीता में स्वयं ही कहा है – " हे अर्जुन एक मेरा शरणागत हो जा में हर पाप से मुक्ति दूँगा शोक न कर मेरी भक्ति में खो जा'' संत कहते है कि जब कोई भक्त भगवान के पास जाता है और अपने आप को उन्हें समर्पित कर देता है तो भगवान उसके समस्त पापों को ले लेते है. और पाप का स्वरुप काला है. जब कोई भक्त भगवान को अपने पाप देता है तो पाप का अस्तित्व रखने के लिए "भगवान कुछ काले हो गए." जैसे भगवान *शिवजी* ने जब समुद्र मंथन से निकले विष को पिया और उसे गले में धारण कर लिया तो विष के अस्तित्व रखने के लिए उसकी मर्यादा के लिए उनका "कंठ नीला" हो गया और वे *नीलकंठ* हो गए उनका एक नाम *नीलकंठेश्वर* हो गया. कही कही ऐसा भी कहते है कि जल समुह अथाह अनंत गहराइयों और विस्तार को लिए हुए होता है तब उसमे नीलिमा झलकती है. ऐसे ही निर्मल प्रेम के सागर *श्रीकृष्ण* , आदि -अनंत विस्तार लिए हुए हैं. यही कारण है कि *श्रीकृष्ण* नील वर्ण हैं. '' *श्रीराम* के नीले वर्ण और *श्रीकृष्ण* के काले रंग के पीछे एक दार्शनिक रहस्य है। भगवानों का यह रंग उनके व्यक्तित्व को दर्शाते हैं। दरअसल इसके पीछे भाव है कि भगवान का व्यक्तित्व अनंत है। उसकी कोई सीमा नहीं है, वे अनंत है। ये अनंतता का भाव हमें आकाश से मिलता है। आकाश की कोई सीमा नहीं है। वह अंतहीन है। *श्रीराम* और *श्रीकृष्ण* के रंग इसी आकाश की अनंतता के प्रतीक हैं. भक्तजन कहते है कि जब *भगवान* ने कालिया का दमन किया तो उसके विष का मान रखने के लिए वे कुछ संवारे हो गए. यशोदा जी से जब *बालकृष्ण* पूछते – "मैया! तु गोरी है, नंद बाबा भी गोरे है, दाऊ भी गोरे है, फिर मै क्यों *काला हूँ ...?"* तो यशोदा जी कहती – " *लाला* ! कि काली अन्धयारी रात में तेरा जन्म हुआ, रात काली है. इसलिए तु काला है तूने काली पद्मगंधा गाय का दूध पिया है. इसलिए काला है. भगवान का एक नाम है *“ श्याम सुन्दर ”* कितना प्यारा नाम है , जो काले रंग को भी सुन्दर बना दे, *श्याम* अर्थात *काला* और *सुन्दर.* जो गोरा होता है उसे तो सभी सुन्दर कहते है, पर हमारे *" श्याम सुन्दर "* तो ऐसे है जो काले होने पर भी *सुन्दर है....🌷* *जय श्री कृष्ण....*🌸💐👏🏼 .

R.K.Soni(गणेश मंदिर) Apr 17, 2019
शुभ प्रभात वंदन जी 💓 🙏जय गणेश देवा 🙏 🙏जय राधे कृष्णा जी🙏 🌹जय गणेश जी आपको सुख समृद्धी दे व बुद्धि देवे। आपके जीवन मे सुख ही सुख हो 💓💓💓💓💓💓🙏🙏

Manoj manu Apr 17, 2019
🙏जय गणेश देवा 🌺 गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफलसार भक्षितम् , उमासुतं शोक विनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम् ॥ शुभ दिन सादर सप्रेम वंदन भाई जी गणेश जी महाराज की कृपा के साथ आप सभी का हर पल शुभ ,सुन्दर, मंगलमय एवं रिद्धि सिद्धि प्रदायक हो 🌿🌺🙏

Savita Apr 17, 2019
om Ganeshay namh 🌹🌹 ganpati g ka ashirvad apke saath sada bana rahe 🌹🌹 perbhu apki har manokamna Puri Kare 💠💠

Asha Budhiraja Apr 17, 2019
Jai Shri Krishna radhe radhe brother gid bless u nd yr family

🕉️आरुषं जैन🕉️ Apr 17, 2019
जय श्री राधेकृष्ण जय श्री गणेश 🌙शुभसंध्या🌙भैया जय जिनेन्द्र जी😊🙏🕉️

Dr. Ratan Singh Apr 17, 2019
🙏🍑जय श्री गणेश वन्दन जी 🍑🙏 🌷🌿जय श्री कृष्ण🌿🌷 👏आप आपके पूरे परिवार पर 🏵 🕉श्री गणेशजी की कृपा दृष्टि 💐 🌷सदा बनी रहे 🙏 ******************************* 🎎आप सभी को महावीर जयंती 🎡 🍑 की हार्दिक शुभकामनाएं🙏 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 👏आपका बुधवार का संध्या अतिसुन्दर शुभ आनन्दमय और मंगलमय हो🙏 ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ 🕉🌹ॐ गणपतये नमः🌹🕉 🌷🌿जय श्री कृष्ण🌿🌷 🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲

K N Padshala Apr 17, 2019
जय श्री मंगलमुर्ती गणेशाय नमः 🌹🙏🙏

Mita Vadiwala Apr 17, 2019
🙏🌹🕉 Om Shri Ganeshay Namah Shri Ganesh Ji Aap Aur Aap Ke Pariwar Ki Sabhi Manokamnaye Purn Kare Ji Shubh Ratri Ji Very Very Nice Post Ji 🙏🌹🌹💐🌹💐🌹

Aruna..sharma..(अनु) Apr 17, 2019
🙏🕉️🌹🎊🌹🎊🌹🎊🌹🎊 🙏 Jai Shree Ganeshay namh 🙏🕉️🥀💐🥀💐🥀💐🥀💐 🙏 good night ji🌙🌟🌷🌷🌷

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बुधवार व्रत कथा ================ बुध ग्रह की शांति और सर्व-सुखों की इच्छा रखने वाले स्त्री-पुरुषों को बुधवार का व्रत अवश्य करना चाहिए। बुधवार व्रत कथा: एक समय की बात है एक साहूकार अपनी पत्नी को विदा कराने के लिए अपने ससुराल गया। कुछ दिन वहां रहने के उपरांत उसने सास-ससुर से अपनी पत्नी को विदा करने के लिए कहा किंतु सास-ससुर तथा अन्य संबंधियों ने कहा कि "बेटा आज बुधवार है। बुधवार को किसी भी शुभ कार्य के लिए यात्रा नहीं करते।" लेकिन वह नहीं माना और हठ करके बुधवार के दिन ही पत्नी को विदा करवाकर अपने नगर को चल पड़ा। राह में उसकी पत्नी को प्यास लगी, उसने पति से पीने के लिए पानी मांगा। साहूकार लोटा लेकर गाड़ी से उतरकर जल लेने चला गया। जब वह जल लेकर वापस आया तो वह बुरी तरह हैरान हो उठा, क्यूंकि उसकी पत्नी के पास उसकी ही शक्ल-सूरत का एक दूसरा व्यक्ति बैठा था। पत्नी भी अपने पति को देखकर हैरान रह गई। वह दोनों में कोई अंतर नहीं कर पाई। साहूकार ने पास बैठे शख्स से पूछा कि तुम कौन हो और मेरी पत्नी के पास क्यों बैठे हो? उसकी बात सुनकर उस व्यक्ति ने कहा- अरे भाई, यह मेरी पत्नी है। मैं अपनी पत्नी को ससुराल से विदा करा कर लाया हूं, लेकिन तुम कौन हो जो मुझसे ऐसा प्रश्न कर रहे हो? दोनों आपस में झगड़ने लगे। तभी राज्य के सिपाही आए और उन्होंने साहूकार को पकड़ लिया और स्त्री से पूछा कि तुम्हारा असली पति कौन है? उसकी पत्नी चुप रही क्यूंकि दोनों को देखकर वह खुद हैरान थी कि वह किसे अपना पति कहे? साहूकार ईश्वर से प्रार्थना करते हुए बोला "हे भगवान, यह क्या लीला है?" तभी आकाशवाणी हुई कि मूर्ख आज बुधवार के दिन तुझे शुभ कार्य के लिए गमन नहीं करना चाहिए था। तूने हठ में किसी की बात नहीं मानी। यह सब भगवान बुधदेव के प्रकोप से हो रहा है। साहूकार ने भगवान बुधदेव से प्रार्थना की और अपनी गलती के लिए क्षमा याचना की। तब मनुष्य के रूप में आए बुध देवता अंतर्ध्यान हो गए। वह अपनी स्त्री को घर ले आया। इसके पश्चात पति-पत्नी नियमपूर्वक बुधवार व्रत करने लगे। जो व्यक्ति इस कथा को कहता या सुनता है उसको बुधवार के दिन यात्रा करने का कोई दोष नहीं लगता और उसे सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। ================================= सन्तोष कुमार "शास्त्री", मुहम्मदाबाद, गाजीपुर

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Sandhya Nagar May 20, 2019

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ANAND SHARMA May 19, 2019

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Shanti Pathak May 21, 2019

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