RAVI KUMAR
RAVI KUMAR Nov 13, 2017

बाबा नागेश्वर भगवान जी का #दुग्धाभिषेक दर्शन ओम नमः शिवाय

बाबा नागेश्वर भगवान जी का #दुग्धाभिषेक दर्शन ओम नमः शिवाय

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Ravi Pandey Nov 13, 2017
namaste sir jai shree Radhe Krishna radhe Radhe radhe Radhe

Parmar Dilipsinh May 10, 2021

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हर हर महादेव जय श्री भोलेनाथ जय श्री पार्वती माता की नमस्कार शुभ रात्री वंदन 👣🌹👏🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🚩 मध्य प्रदेश के आगर मालवा में है बैजनाथ मंदिर जिसे 1883 में अंग्रेज़ दम्पति ने बनवाया था. Baijnath Temple, अंग्रेज़ों ने वर्षों तक हम भारतीयों पर राज किया. सैंकड़ों वर्षों तक सोने की चिड़िया कहलाने वाला ये देश, ग़ुलामी के जंजीरों में क़ैद रहा. अंग्रेज़ों न सिर्फ़ हमारी संपत्ति लूटी बल्कि हमारी संस्कृति को भी नुक़सान पहुंचाया. यूं तो बहुत से विदेशी शासकों ने भारत पर आक्रमणि किया लेकिन सभी ने किसी न किसी तरह से भारतीय संस्कृति को अपनाया, बदलाव किये. अंग्रेज़ कभी भारत का हिस्सा नहीं बन पाये, वे हमेशा ख़ुद को उत्कृष्ट और बाक़ी देशों को 'जंगली' या 'संस्कृति विहीन' ही समझते थे.   भारत में मिशनरी (Missionaries) ने अंग्रेज़ी तौर-तरीक़े और ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार किया. भारत में कई Cathedrals और गिरजाघरों का निर्माण किया. अंग्रेज़ों ने भारतीयों या भारतीयता को कभी नहीं अपनाया. कुछ ऐसे अंग्रेज़ थे जिन्हें भारतीय संस्कृति भली लगी, और ऐसे ही एक अंग्रेज़ ने भारत में मंदिर का निर्माण किया. ये मंदिर इकलौता मंदिर है जिसे किसी अंग्रेज़ ने बनवाया था.   मध्य प्रदेश के ज़िला अगर मालवा में है बैजनाथ मंदिर जिसे 1883 में एक अंग्रेज़ दम्पति ने बनवाया था. एक लेख की मानें तो अफ़गानों से युद्ध करने गया था और सही सलामत लौट आया. अंग्रेज़ का कहना था कि महादेव ने योगी का भेष बनाकर उसकी रक्षा की थी मध्य भारत में पोस्टेड थे और उन्हें अफ़गानों को सबक सिखाने के लिये बॉर्डर पर भेजा गया था.   युद्ध क्षेत्र से अपनी पत्नी को चिट्ठियां लिखते लेकिन एक दिन अचानक चिट्ठियां आना बंद हो गई. बॉर्डर पर अफ़गान, अंग्रेज़ों पर भारी पड़ रहे थे. मार्टिन की पत्नी की चिंतायें बढ़ने लगी. एक दिन वो बैजनाथ मंदिर के पास से गुज़र रही थी, शंख और घंटियों की आवाज़ सुनकर वो मंदिर के भीतर पहुंची. मंदिर की स्थिति ठीक नहीं थी. अंदर मौजूद ब्राह्मणों को उसने अपनी समस्या बताई. ब्राह्मणों ने उससे कहा कि भगवान शिव सबकी सुनते हैं और भक्तों के कष्ट हर लेते हैं. ब्राह्मणों ने उसे 11 दिनों तक 'लघुरूद्री अनुष्ठान' करने को कहा.   कहते हैं कि अंग्रेज मार्टिन की पत्नी ने भगवान शिव से मन्नत मांगी थी कि अगर उसका पति लौट आया तो वो शिव मंदिर को दोबारा बनवायेगी. अनुष्ठान के 11वें दिन उसे अपने पति की चिट्ठी मिली और उसे पता चला कि अंग्रेज़ युद्ध जीत गये और उसका पति सही-सलामत है. इस वाक़ये के साथ एक और कहानी प्रचलित है. कहते हैं कि मार्टिन को युद्ध क्षेत्र में बाघ छाल और त्रिशूल लिये एक योगी मिला था. उसने बताया कि किस तरह वो और उसके साथी अफ़गानों के चंगुल में थे. इस योगी ने अफ़गानों पर धावा बोला और अफ़गानों को पीछे हटना पड़ा. ने ये भी लिखा कि योगी ने उससे कहा कि उसकी पत्नी की पूजा और भक्ति से वो प्रसन्न हुये.  इंग्लैंड लौटने से पहले इस दम्पति ने मंदिर के पुनर्निमाण के लिये 15000 रुपये दान किया.     बैजनाथ मंदिर के अंदर एक पत्थर पर ये सब लिखा हुआ है. स्थानीय लोग भी इस कहानी को सच्ची बताते हैं.   ॐ गं गणपतये नमः ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव जय श्री पार्वती माता की 🌹 नमस्कार 🙏 🚩 आप का हर पल शुभ रहे जय श्री भोलेनाथ जय श्री वैद्यनाथ नमस्कार शुभ रात्री वंदन 👣 🌹✨💞 👏🚩 🌿👏🚩🍃🌿🍃🌿🍃🌿🍃🌿🍃

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