*घबराहट और बेचैनी* आज हर एक व्यक्ति घबराहट या बेचैनी की समस्या से ग्रसित है| आज की बदली हुई लाइफस्टाइल के कारण युवा पीढ़ी में समस्या देखी जा सकती है| किसी भी बात पर दिल घबराना, धड़कने तेज़ हो जाना, ब्लड प्रेशर लो हो जाना आदि घबराहट के प्रमुख लक्षण है| घबराहट के रोगियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है| आइये जानते है कि घबराहट की परेशानी कैसे हम घरेलू नुस्खों को अपनाकर दूर कर सकते है| 1 ग्रीन टी पीयें - ग्रीन टी में कुछ ऐसी विशेषताएं पाई जाती है घबराहट पैदा करने वाले तत्वों को रोक देते है| ग्रीन टी पीने से आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहेगा| आप नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करेंगे तो थोड़े हो समय में घबराहट की समस्या दूर हो जाएगी| 2 नीबू की चाय का सेवन करें - नीबू की चाय के सेवन से घबराहट की समस्या दूर हो जाती है| नीबू से शरीर की थकान कम हो जाती है| यदि आप घबराहट की समस्या से परेशान है तो आप दूध की चाय पीना छोड़ दें व नीबू की चाय का सेवन शुरू कर दें| 3 साबुत अनाज का करें सेवन - घबराहट को दूर करने के लिए आप साबुत अनाज को प्रयोग में लाएं| इससे आपको घबराहट की समस्या से राहत मिलेगी| 4 बादाम खाएं - बादाम में आयरन और जिंक भरपूर मात्रा में मौजूद होते है जो मस्तिष्क की बीमारियों को ठीक रखते है| यदि आप रोज़ाना बादाम का सेवन करते है तो आपको घबराहट की बीमारी नहीं हो सकती| सेहत के लिए बेहद गुणकारी हैं नारियल पानी, हर रोज पिये! 5 ::चॉकलेट खाएं - चॉकलेट तनाव को कम करती है| चॉकलेट खाने से दिमाग में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर कम होता है जिससे घबराहट नहीं होती| *सबसे प्रभावी उपाय:* अगर आप धार्मिक व्यक्ति है तो सांसो पर ध्यान लगाते हुए, आंखों को बंद कर *ॐ का जाप करे*। कैसी भी घबराहट या बेचैनी में शांत हो जाएगी। नियमित अभ्यास कीजिए। इससे घबराहट बेचैनी डिप्रेशन जैसी अनेक मानसिक शारीरिक विकार में फायदा होता है।

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shiv bhakte Apr 17, 2021

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Shyam Yadav Apr 16, 2021

*सुबह सिर्फ एक दो मुट्ठी चने खाकर हेल्थ जबरदस्त हो सकती है.!* *(1).* एक सस्ता और आसान सा दिखने वाला चना हमारे सेहत के लिए कितना फायदेमंद है जानिये... *(2).* काले चने भुने हुए हों, अंकुरित हों या इसकी सब्जी बनाई हो, यह हर तरीके से सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। *(3).* इसमें भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और विटामिन्स पाए जाते हैं। *(4).* शरीर को सबसे ज्यादा फायदा अंकुरित काले चने खाने से होता है, क्योंकि अंकुरित चने क्लोरोफिल, विटामिन ए, बी, सी, डी और के, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मिनरल्स का अच्छा स्रोत होते हैं। साथ ही इसे खाने के लिए किसी प्रकार की कोई खास तैयारी नहीं करती पड़ती। रातभर भिगोकर सुबह एक-दो मुट्ठी खाकर हेल्थ अच्छी हो सकती है। *(5).* चने ज्यादा महंगे भी नहीं होते और इसमें बीमारियों से लड़ने के गुण भी छिपा हुए हैं। कब्ज से राहत मिलती है, चने में मौजूद फाइबर की मात्रा पाचन के लिए बहुत जरूरी होती है। *(6).* रातभर भिगोए हुए चने से पानी अलग कर उसमें नमक, अदरक और जीरा मिक्स कर खाने से कब्ज जैसी समस्या से राहत मिलती है। साथ ही जिस पानी में चने को भिगोया गया था, उस पानी को पीने से भी राहत मिलती है। लेकिन कब्ज दूर करने के लिए चने को छिलके सहित ही खाएं। *(7).* ये एनर्जी बढ़ाता है। कहा तो यहाँ तक जाता है इंस्टेंट एनर्जी चाहिए, तो रात भर भिगोए हुए या अंकुरित चने में हल्का सा नमक, नींबू, अदरक के टुकड़े और काली मिर्च डालकर सुबह नाश्ते में खाएं, बहुत फायदेमंद होता है। चने का सत्तू भी खा सकते हैं। यह बहुत ही फायदेमंद होता है। गर्मियों में चने के सत्तू में नींबू और नमक मिलाकर पीने से शरीर को एनर्जी तो मिलती ही है, साथ ही भूख भी शांत होती है। *(8).* पथरी की प्रॉब्लम दूर करता है। दूषित पानी और खाने से आजकल किडनी और गॉल ब्लैडर में पथरी की समस्या आम हो गई है। हर दूसरे-तीसरे आदमी के साथ स्टोन की समस्या हो रही है। इसके लिए रातभर भिगोए हुए काले चने में थोड़ी सी शहद की मात्रा मिलाकर खाएं। रोजाना इसके सेवन से स्टोन के होने की संभावना काफी कम हो जाती है और अगर स्टोन है तो आसानी से निकल जाता है। इसके अलावा चने के सत्तू और आटे से मिलकर बनी रोटी भी इस समस्या से राहत दिलाती है। *(9).* काला चना शरीर की गंदगी को पूरी तरह से बाहर भी निकालता है। *अन्य फायदे...* ● एनर्जी बढ़ाता है, ● डायबिटीज से छुटकारा मिलता है, ● एनीमिया की समस्या दूर होती है, ● बुखार में पसीना आने की समस्या दूर होती है, ● पुरुषों के लिए फायदेमंद, ● हिचकी में राहत दिलाता है, ● जुकाम में आराम मिलता है, ● मूत्र संबंधित रोग दूर होते हैं, ● त्वचा की रंगत निखारता है। *डायबिटीज से छुटकारा दिलाता है।* चना ताकतवर होने के साथ ही शरीर में एक्स्ट्रा ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए कारगर होता है। लेकिन इसका सेवन सुबह सुबह खाली पेट करना चाहिए। चने का सत्तू डायबिटीज़ से बचाता है। एक से दो मुट्ठी ब्लड चने का सेवन ब्लड शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित करने के साथ ही जल्द आराम पहुंचाता है। *एनीमिया की समस्या दूर होती है।* शरीर में आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया की समस्या को रोजाना चने खाकर दूर किया जा सकता है। चने में शहद मिलाकर खाना जल्द असरकारक होता है। आयरन से भरपूर चना एनीमिया की समस्या को काफी हद तक कम कर देता है। चने में 27% फॉस्फोरस और 28% आयरन होता है जो न केवल नए बल्ड सेल्स को बनाता है, बल्कि हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है। *हिचकी में राहत दिलाए* हिचकी की समस्या से ज्यादा परेशान हैं, तो चने के पौधे के सूखे पत्तों का धूम्रपान करने से हिचकी आनी बंद हो जाती है। साथ ही चना आंतों/इंटेस्टाइन की बीमारियों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। *बुखार में पसीना आने पर* बुखार में ज्यादा पसीना आने पर भुने हुए चने को पीसकर, उसमें अजवायन मिलाएं। फिर इससे मालिश करें। ऐसा करने से पसीने की समस्या खत्म हो जाती है। *मूत्र संबंधित रोग में आराम* भुने हुए चने का सेवन करने से बार-बार पेशाब जाने की बीमारी दूर होती है। साथ ही गुड़ व चना खाने से यूरीन से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या में राहत मिलती है। रोजाना भुने हुए चनों के सेवन से बवासीर ठीक हो जाती है। *पुरुषत्व के लिए फायदेमंद* चीनी मिट्टी के बर्तन में रात भर भिगोए हुए चने को चबा चबाकर खाना पुरुषों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पुरुषों की कई प्रकार की कमजोरी की समस्या खत्म होती है। जल्द असर के लिए भीगे हुए चने के साथ दूध भी पिएं। भीगे हुए चने के पानी में शहद मिलाकर पीने से पुरुषत्व बढ़ता है। *त्वचा की रंगत निखारता है।* चना केवल हेल्थ के लिए ही नहीं, स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद है। चना खाकर चेहरे की रंगत को बढ़ाया जा सकता है। वैसे चने की फॉर्म बेसन को हल्दी के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। नहाने से पहले बेसन में दूध या दही मिक्स करें और इसे चेहरे पर 15-20 लगा रहने दें। सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें। रंगत के साथ ही कील मुहांसों, दाद-खुजली और त्वचा से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं। *युवा महिलाओं को हफ्ते में कम से कम एक बार चना और गुड़ खाना चाहिए।* गुड़ आयरन का समृद्ध स्रोत है और चने में बड़ी मात्रा में प्रोटीन होता है। ये दोनों मिलकर महिलाओं की माहवारी के दौरान होने वाले रक्त के नुकसान को पूरा करते हैं। तथा सभी महिलाओं को आने वाले माघ महीने में हर रोज कम से कम 40-60 मिनट धूप में बैठकर तिल के लड्डू या गजक खाने चाहिए, जिसमें कैल्शियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इससे उनके शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी पूरी हो जाएगी। *जुकाम में राहत* गर्म चने को किसी साफ कपड़े में बांधकर सूंघने से जुकाम ठीक हो जाता है।

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Shyam Yadav Apr 16, 2021

*स्वस्थ दिल के लिए घरेलू उपचार* ● भागदौड़ भरी जिंदगी और बेपरवाह जीवनशैली हमारे दिल को तेजी से बीमार बना रही है। ● दिल के मरीजों की इस तादाद में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ● बीमार दिल अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। ● जरा सा काम करने के बाद सांस फूलना, सीढियां चढते वक्त दम भरना और अक्सर छोटे-छोटे काम में पसीना आना बीमार होते दिल की ओर इशारा करते हैं। ● लेकिन, दिल को दुरुस्त रखने के लिए हमें कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं। इसके लिए कई घरेलू उपाय ही अपनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं उन्हीं उपायों के बारे में- ● शहद दिल को मजबूत बनाता है। ● कमजोर दिल वाले एक चम्मच शहद का सेवन रोज करें तो उन्हें फायदा होगा। ● आप लोग भी शहद का एक चम्मच रोज ले सकते हैं, इससे वे दिल की बीमारियों से बचे रहेंगे। ● छोटी इलायची और पीपरामूल का चूर्ण घी के साथ सेवन करने से दिल मजबूत और स्वस्थ रहता है। ● दिल को मजबूत बनाने के लिए गुड को देसी घी में मिलाकर खाने से भी फायदा होता है। ● लौकी उबालकर उसमें धनिया, जीरा व हल्दी का चूर्ण तथा हरा धनिया डालकर कुछ देर पकाकर खाइए। इससे दिल को शक्ति मिलती है। ● अलसी के पत्ते और सूखे धनिए का क्वाथ बनाकर पीने से ह्रदय की दुर्बलता मिट जाती है। ● गाजर के रस को शहद में मिलाकर पीने से निम्न ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती है और दिल मजबूत होता है। ● हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात पाने के लिए सिर्फ गाजर का रस पीना चाहिए। इससे रक्तचाप संतुलित हो जाता है। ● सर्पगंधा को कूटकर रख लीजिए। इस पाउडर को सुबह-शाम 2-2 ग्राम खाने से बढ़ा हुआ रक्तचाप सामान्य हो जाता है। ● प्रतिदिन लहसुन की कच्ची कली छीलकर खाने से कुछ दिनों में ही रक्तचाप सामान्य हो जाता है और दिल मजबूत होता है। ● अनार के रस को मिश्री में मिलाकर हर रोज सुबह-शाम पीने से दिल मजबूत होता है। ● खाने में अलसी का प्रयोग करने से दिल मजबूत होता है। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जो दिल को बीमारियों से बचाता है। ● सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल मजबूत होता है और दिल अच्छे से काम करता है। ● बादाम खाने से दिल स्वास्थ रहता है। ● बादाम में विटामिन और फाइबर होता है।

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Shyam Yadav Apr 16, 2021

*🍃आयुर्वेद अमृतमः🍃* 🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅 💁🏻‍♂️ *दुर्गन्ध पसीने की* ❌ 😧😧😧😧😧😧😧😧😧 ✳️ *गर्मी अब परवान चढ़ चुकी है,ऐसे में पसीना आना साधारण बात है,लेकिन जब यह पसीना दुर्गन्धित हो तो स्थिति और भी बिगड़ जाती है।* ✴️ *दुर्गन्ध के कारण:- शरीर से आने वाली पसीने की दुर्गन्ध का कारण उसमे मौजूद बैक्टीरिया होते है।* 👉 *इसके अतिरिक्त भी कुछ कारण है जिनसे से गर्मियों में पसीने की दुर्गन्ध आती है।* 1️⃣ *साफ़-सफाई का ध्यान न रखना,दुर्गन्ध फैलाने वाले बैक्टीरिया के पनपने का मुख्य कारण होता है।* 2️⃣ *तेज मिर्च मसाले वाले खाद्य पदार्थ भी पसीने की दुर्गन्ध का कारण होते है।* 3️⃣ *धूम्रपान,अल्कोहल या नशीले पदार्थों आदि का सेवन करने से शरीर से तरल पदार्थों का विसर्जन अधिक मात्रा में होता है फलस्वरूप आपका पसीना दुर्गन्धित हो जाता है।* 4️⃣ *गहरे रंगों वाले,मोटे या पसीना सोखने में असमर्थ वस्त्र*भी इन बैक्टीरिया के पनपने का कारण होते है।* 5️⃣ *मधुमेह या थायराईड की समस्या,इन रोगों के रोगियों को पसीना अधिक आता है अतः अपना शुगर और थायोरोक्सिन लेवल नियन्त्रित रखें।इसके लिए आप अपने क्षेत्र के योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सेवाएं प्राप्त करें तो समस्या से निजात मिल सकती है।* 6️⃣ *कुछ दवाएं भी पसीने की दुर्गन्ध का कारण होती है,अतः चिकित्सक के परामर्श के बिना किसी दवा का प्रयोग न करें।* 7️⃣ *कैफीन युक्त पदार्थो चाय कॉफी या कोला आदि पदार्थों का अतिसेवन।* 🤥 *कैसे पायें छुटकारा दुर्गन्ध से* 👍👍👍👍👍👍👍👍 1️⃣ *बेकिंग सोडा:- जी हां, बेकिंग सोडा का प्रयोग करके भी आप पसीने की दुर्गन्ध से छुटकारा पा सकते है। यह बॉडी में पसीने को कम करके कई घंटो तक उस बदबू को दूर रखने में मदद करेगा। एक चम्मच बेकिंग सोडा को ताजे नींबू के रस में मिलाकर नहाने के बाद underarms में लगा लें। आप चाहे तो सीधे बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल कर सकते है। यह शरीर से अतिरिक्त पसीने को सोखकर छिद्रों को साफ़ करके बंद कर देता है और दुर्गन्ध फ़ैलाने वाले बैक्टीरिया को समाप्त कर देता है। आप चाहे तो इसे कॉर्न स्टार्च के साथ मिलाकर भी प्रयोग में ला सकते है।* 2️⃣ *सफ़ेद सिरका:-पसीने की दुर्गन्ध के लिए सफ़ेद सिरका, एक बेहतर एंटी बैक्टीरियल एजेंट और astringent एजेंट के रूप में कार्य करता है। इसके लिए अपने नहाने के पानी में 50-60 ml सफ़ेद सिरके को मिलाकर प्रयोग करें।* 👉 *आप चाहे तो रुई की मदद से सीधे सिरके को भी लगा सकते है। यह त्वचा में मौजूद दुर्गन्ध फैलाने वाले बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करता है और नये बैक्टीरिया के निर्माण को भी रोकता है। आप चाहे तो इसके स्थान पर सेब का सिरका का भी इस्तेमाल कर सकते है।* 3️⃣ *पानी:- अधिक से अधिक *पानी का सेवन*शरीर से toxins को निकालने में मदद करता है। इसीलिए प्रति दिन 8-10 ग्लास पानी का सेवन करें। यह आपको स्वस्थ रखने के अलावा शरीर को detoxify करके दुर्गन्ध फैलाने वाले बैक्टीरिया के निर्माण को कम करता है।* 4️⃣ *साधारण नमक:-नमक में disinfectant गुण पाए जाते हैं।पैरों में पसीने की दुर्गन्ध से निजात पाने के लिए, 8-10 मिनट के लिए नमक युक्त गर्म पानी में अपने पैर डुबोएं रखें। नमक और गर्म पानी दोनों मिलकर पैरों में दुर्गन्ध पैदा करने वाले *बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करते है। पैरों में पसीने की दुर्गन्ध दिन भर पहने जाने वाले *Socks n Shoes*के कारण आती है। जो बैक्टीरिया के लिए घर का काम करते है।* 5️⃣ *एसेंशियल आयल:- पाइन, लैवेंडरऔर पिपरमेंट ऑयल बहुत जल्द सूखने वाले एंटी बैक्टीरियल एजेंट है। बहुत से लोग बिना किसी कारण के भी इसका इस्तेमाल अपनी त्वचा पर करते है। लेकिन इसके इस्तेमाल से पूर्व एक पैच टेस्ट जरुर कर लें। यदि किसी तरह की एलर्जी नहीं है तो इनका पसीने की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए करें। दुर्गन्ध दूर करने के साथ-साथ ये आपको एक बेहतर खुशबु देने में भी मदद करेंगें।* 6️⃣ *टी ट्री आयल:-पसीने की दुर्गन्ध से राहत पाने का यह सबसे अच्छा प्राकृतिक उपाय है। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण sweat prone क्षेत्रों में दुर्गन्ध फैलाने वाले बैक्टीरिया के निर्माण को रोकते है। यदि आपके शरीर से भी पसीने की दुर्गन्ध आती है तो टी ट्री आयल का इस्तेमाल करें। फायदेमंद होने के साथ-साथ ये एकसुरक्षित घरेलू उपाय है।* 7️⃣ *मक्का, कॉर्न स्टार्च एक अच्छा मॉइस्चराइज absorber है जो धूप में पसीने को सोखने में मदद करता है। इसके लिए दिन में किसी भी समय इसे अपनी त्वचा पर लगा लें। आप चाहे तो इसके साथ बेकिंग सोडा मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं।* 8️⃣ *पार्सले:- यह प्राकृतिक हर्ब भी पसीने की दुर्गन्ध को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है शरीर से अतिरिक्त पसीना और उसकी बदबू दूर करने के लिए रोजाना पार्सले की कुछ पत्तियां या उसकी चाय का सेवन करें। इस चाय को आप आप ग्रीन टी और पार्सले के साथ मिलाकर भी बना सकते है।यह न केवल आपके शरीर को रिफ्रेश करता है बल्कि detoxify भी करता है।* 9️⃣ *नींबू स्वाद में खट्टा, रेफ्रेशिंग और चटपटे नींबू की मदद से भी आप पसीने की दुर्गन्ध से राहत पा सकते है। दरअसल इसमें प्राकृतिक एंटी बैक्टीरियल और exfoliating गुण पाए जाते है। इसके लिए अपने नहाने के पानी में 2 चम्मच नींबू का रस डालें। यह बैक्टीरिया को समाप्त करने के साथ-साथ sweat prone क्षेत्रों से डेड स्किन सेल्स को निकालने में भी मदद करेगा जो बाद में दुर्गन्धका कारण बनती है।* 👉 *आप चाहे तो सीधे नींबू को भी अपनी त्वचा पर लगा सकते हैं।* 👨‍🦰 *आप सदा प्रसन्न रहें निरोग रहें इन गर्मियों में पसीने की *दुर्गन्ध से मुक्त रहें, इन्हीं मनोभावों और आपकी प्यारी सी मुस्कान😊😊😊😊 की कामना के साथ* 💫💠💫💠💫💠💫💠💫 *स्वस्थ रहे खुश रहे* 🔯🔯🔯🅰️🙏

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ज्वर कैसा भी क्यों न हो :-> गर्मियों में:>तुलसी की पत्तियाँ ग्यारह,काली मिर्च सात दोनों को 60 ग्राम जल में रगङकर प्रातः और सायं रोगी को पिलायें । बरसात और सर्दियों में यही 124 ग्राम जल में उबालकर आधा रह जाने पर रोगी को पिलायें । काली मिर्च थोड़ी कूटकर डालनी चाहिए । बारह साल से कम आयु वाले बच्चों को चौथाई मात्रा (तीन तुलसी की पत्तियाँ,दो काली मिर्च) दस ग्राम पानी में पीसकर आयु को ध्यान में रखते हुए दें । मिठास के बिना काम न चले तो दस ग्राम मिश्री का चूर्ण ङाल सकते हैं । आवश्यकतानुसार दो दिन से सात दिन तक पिलाएँ । दूसरी विधि:>सात तुलसी की पत्तियाँ ,सात काली मिर्च और सात बताशे (या दस ग्राम मिश्री) तीन कप पानी में ङालकर उबालें । एक कप रह जाने पर गरम -गरम पीकर बदन ढककर दस मिनट लेट जाएँ । बुखार , फ्लू , मलेरिया , सर्दी का जुकाम , हरारत में रामबाण है । आवश्यकतानुसार दिन में दो बार प्रातः एवं रात्रि सोते समय दो -तीन दिन लें । सहायक उपचार:> वात और कफ ज्वर में उबालकर ठंडा किया हुआ जल पिलाना चाहिए । औटाया हुआ जल वात तथा कफ ज्वर नष्ट करता है । जो जल औटाते-औटाते धीरे-धीरे झाग रहित तथा निर्मल हो जाए तथा आधा शेष रह जाय उसे ही औटा हुआ जल या 'उष्णोदक' समझना चाहिए । आयुर्वेदानुसा एक किलो का पाव भार पका हुआ गरम जल कफ-ज्वर का नाश करता है । एक किलो का तीन पाव गरम जल पित्त-ज्वर का नाश करता है । एक दो बार उबाला हुआ पका जल रात्रि में पीने से कफ,वात और अजीर्ण नष्ट होते हैं । न्यूमोनिया में 250 ग्राम जल में एक लौंग ङालकर दस मिनट तक उबालें । साठ ग्राम की मात्रा से यह पानी दिन में दो - तीन बार रोगी को दें । अत्यंत लाभप्रद है सभी ज्वरों में बेदाना (मीठा अनार) बिना किसी हिचक के दिया जा सकता है । इससे ज्वर के समय की प्यास भी शांत होती है ।ज्वर में साबूदाना,दूध, चीकू ,मौसमी पथ्य है ज्वर उतारने के लिए हथेलियों और पगतलियों को घिया के गोल टुकङों से उँगलीयो की तरफ झाङते हुए मलें अथवा कपड़े से उँगलीयों की तरफ झाङें । कागजी नींबू के पेड़ की पत्तियाँ लेकर हाथ से मलकर महिन कपङे में बांधकर बुख़ार वाले रोगी के नाक के पास ले जाकर सूघाएँ ।कम से कम सुबह-शाम सूंघाएँ । पुराना बुखार उतारने के लिए:> तुलसी की पत्तियाँ सात,काली मिर्च चार,पीपर (पिप्पली) एक तीनों वस्तुओं को 60 ग्राम पानी के साथ बारीक पीसकर 10 ग्राम मिश्री मिलाकर नित्य सवेरे खाली पेट रोगी को पिलाएँ तो महिनों का ठहरा हुआ जीर्ण-ज्वर ठीक हो जाता है आवश्यकतानुसार दो-तीन सप्ताह पिलाएँ । जय जय श्री राधे 🙏🙏

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sn.vyas Apr 17, 2021

नींबू के 30 घरेलू नुस्खे 💮💮💮🌷💮💮💮 नींबू का रस आपको ताज़गी का एहसास तो दिलाता ही है, साथ ही कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति भी दिलाने का काम करता है। 1💐शुद्ध शहद में नींबू की शिकंजी पीने से मोटापा दूर होता है। 2💐नींबू के सेवन से सूखा रोग दूर होता है। 3💐नींबू का रस एवं शहद एक-एक तोला लेने से दमा में आराम मिलता है। 4💐नींबू का छिलका पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन ठीक होता है। 5💐नींबू में पिसी काली मिर्च छिड़क कर जरा सा गर्म करके चूसने से मलेरिया ज्वर में आराम मिलता है। 6💐नींबू के रस में नमक मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है और सौंदर्य बढ़ता है। 7💐नौसादर को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद ठीक होता है। 8💐 नींबू के बीज को पीसकर लगाने से गंजापन दूर होता है। 9💐बहरापन हो तो नींबू के रस में दालचीनी का तेल मिलाकर डालें। 10💐आधा कप गाजर के रस में नींबू निचोड़कर पिएं, रक्त की कमी दूर होगी। 11💐 दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई की सहायता से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो जाएगा। 12💐 प्रतिदिन नाश्ते से पहले एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच ज़ैतून का तेल पीने से पत्थरी से छुटकारा मिलता है। 13💐 किसी जानवर के काटे या डसे हुए भाग पर रूई से नींबू का रस लगांए, लाभ होगा। 14💐एक गिलास गर्म पानी में नींबू डाल कर पीने से पांचन क्रिया ठीक रहती है। 15💐चक्तचाप, खांसी, क़ब्ज़ और पीड़ा में भी नींबू चमत्कारिक प्रभाव दिखाता है। 16💐 विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू का रस विटामिन सी, विटामिन, बी, कैल्शियम, फ़ास्फ़ोरस, मैग्नीशियम, प्रोटीन और कार्बोहाईड्रेट से समृद्ध होता है। 17💐 विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मसूढ़ों से ख़ून रिसता हो तो प्रभावित जगह पर नींबू का रस लगाने से मसूढ़े स्वस्थ हो जाते हैं। 18💐 नींबू का रस पानी में मिलाकर ग़रारा करने से गला खुल जाता है। 19💐 नींबू के रस को पानी में मिलाकर पीने से त्वचा रोगों से भी बचाव होता है अतः त्वचा चमकती रहती है, कील मुंहासे भी इससे दूर होते हैं और झुर्रियों की भी रोकथाम करता है। 20💐 नींबू का रस रक्तचाप को संतुलित रखता है। 21💐अगर बॉडी में विटामिन सी की मात्रा कम हो जाए, तो एनिमिया, जोड़ों का दर्द, दांतों की बीमारी, पायरिया, खांसी और दमा जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। नीबू में विटामिन सी की क्वॉन्टिटी बहुत ज्यादा होती है। इसलिए इन बीमारियों से दूरी बनाने में यह आपकी मदद करता है। 22💐पेट खराब, पेट फूलना, कब्ज, दस्त होने पर नीबू के रस में थोड़ी सी अजवायन, जीरा, हींग, काली मिर्च और नमक मिलाकर पीने से आपको काफी राहत मिलेगी। 23💐 गर्मी में बुखार होने पर अगर थकान महसूस हो रही हो या पीठ और बांहों में दर्द हो, तो भी आपके पास नींबू का उपाय है। आप एक चम्मच नींबू के रस में दस बूंद तुलसी की पत्तियों का रस, चार काली मिर्च और दो पीपली का चूर्ण मिलाकर लें। इसे दो खुराक के तौर सुबह-शाम लें। 24💐चेहरे पर मुंहासे होना एक आम समस्या है। इसे दूर करने के लिए नींबू रस में चंदन घिसकर लेप लगाएं। अगर दाद हो गया है, तो इसी लेप में सुहागा घिसकर लगाएं, आपको आराम मिलेगा। 25💐 कई बार लंबी दूरी की यात्रा करने पर शरीर में बहुत थकान महसूस होती है। ऐसे में एक गिलास पानी में दो नींबू निचोड़कर उसमें 50 ग्राम किशमिश भिगो दें। रातभर भीगने के बाद सुबह किशमिश पानी में मथ लें। यह पानी दिनभर में चार बार पिएं। इससे एनर्जी मिलेगी और बॉडी की फिटनेस भी बनी रहेगी। 26💐अधिक थकान और अशांति के कारण कई बार नींद नहीं आती। अगर आप भी इस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं, तो लेमन रेमेडी अपनाएं। रात को सोने से पहले हाथ-पांव, माथे, कनपटी व कान के पीछे सरसों के तेल की मालिश करें। इसके बाद थोड़े से नीबू के रस में लौंग घिसकर चाट लें। ऐसा करने से आपको नींद बहुत जल्दी आएगी। 27💐मोटापे से आजकल हर दूसरा शख्स परेशान होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए आप मूली के रस में नीबू का रस व थोड़ा नमक मिलाकर नियमित रूप से लें। मोटापा दूर होगा। 28💐अगर याददाश्त कमजोर हो गई है, तो गिरी, सोंठ का चूर्ण और मिश्री को पीसकर नींबू के रस में मिलाएं। फिर इसे धीरे-धीरे उंगली से चाटें। 29💐सुंदर दिखना तो सभी चाहते हैं। अगर आपकी भी यही चाहत है, तो एक चम्मच बेसन, आधा चम्मच गेहूं का आटा, आधा चम्मच गुलाब जल और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लोशन तैयार करें। इसे धीरे-धीरे चेहरे पर मलें। कुछ ही दिनों में आपका चेहरा निखर जाएगा। 30💐जहां तक हो सके, कागजी पीले रंग के नीबू का यूज करें। इसमें दो चुटकी सेंधा नमक या काला नमक मिला सकते हैं। 💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷💮🌷

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sn.vyas Apr 17, 2021

. *सुन्नपन का शरीर में होना* कभी बैठे-बैठे या काम करते हुए आपके शरीर का कोई अंग या त्वचा सुन्नपन हो जाता है कुछ लोग देर तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते या पढ़ते-लिखते रहते हैं इस कारण रक्त वाहिनीयों तथा मांसपेशियों में शिथिलता आ जाने से शरीर में सुन्नपन हो जाता है। शरीर के किसी अंग के सुन्न होने का प्रमुख कारण वायु का कुपित होना है। इसी से वह अंग भाव शून्य हो जाता है। ये खून के संचरण में रुकावट पैदा होने से सुन्नता आती है। यदि शरीर के किसी विशेष भाग को पूरी मात्रा में शुद्ध वायु नहीं मिलती तो भी शरीर का वह भाग सुन्न पड़ जाता है। जो अगं सुन्न्न हो जाता है उसमें हल्की झनझनाहट होती है और उसके बाद लगता है कि वह अंग सुन्न हो गया है तब सुई चुभने की तरह उस अंग में धीरे-धीरे लपकन-सी पड़ती है लेकिन दर्द नहीं मालूम पड़ता है। *सुन्नपन होने पर करे ये उपाय* सुबह के समय शौच आदि से निपट कर सोंठ तथा लहसुन की दो कलियों को चबाकर ऊपर से पानी पी लें और यह प्रयोग आठ-दस दिनों तक लगातर करने से सुन्नपन स्थान ठीक हो जाता है। पपीते या शरीफे के बीजों को पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर सुन्नपन होने वाले अंगों पर धीरे-धीरे मालिश करें। पीपल के पेड़ की चार कोंपलें सरसों के तेल में मिलाकर आंच पर पकाएं और फिर छानकर इस तेल को काम में लाएं। तिली के तेल में एक चम्मच अजवायन तथा लहसुन की दो कलिया कुचलकर डालें और फिर तेल को पकाकर और छानकर शीशी में भर लें इस तेल से सुन्नपन स्थान की मालिश करें। बादाम का तेल मलने से सुन्न स्थान ठीक हो जाता है। बादाम घिसकर लगाने से त्वचा स्वाभाविक हो जाती है। सोंठ, पीपल तथा लहसुन सभी बराबर मात्रा में लेकर सिल पर पानी के साथ पीस लें और फिर इसे लेप की तरह सुन्नपन स्थान पर लगाएं। कालीमिर्च तथा लाल इलायची को पानी में पीसकर त्वचा पर लगाएं। 100 ग्राम नारियल के तेल में 5 ग्राम जायफल का चूर्ण मिलाकर त्वचा या अंग विशेष पर लगाएं। एक गांठ लहसुन और एक गांठ शुंठी पीस लें इसके बाद पानी में घोलकर लेप बना लें तथा इस लेप को त्वचा पर लगाएं। रात को सोते समय तलवों पर देशी घी की मालिश करें इससे पैर का सुन्नपन खत्म हो जाएगा।

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*कफ – शमन हेतु विशेष...* *🤧 खाँसी, सर्दी – कफ होने पर अंग्रेजी गोलियाँ लेकर जो कफ मिटाते हैं उनका कफ सूख जाता है | फिर उसके बारीक कण इकट्टे हो जाते हैं, जो नाड़ियों में अवरोध (blockage), ह्रदयाघात (heart attack), ब्रेन ट्यूमर, कमर या शरीर के अन्य किसी भाग का ट्यूमर आदि का कारण बनता है | यह भविष्य में टी. बी., दमा, कैंसर जैसे गम्भीर रोग भी उत्पन्न कर सकता है | सर्दी मिटाने के लिए ली जानेवाली अंग्रेजी गोली भविष्य में भयंकर बीमारियों को जन्म देती है तथा असहनीय पीड़ाएँ पैदा करती है |* 🧎 *यौगिक प्रयोग : सूर्यभेदी प्राणायाम* *कफ मिटाना हो तो दायें नथुने से श्वास लेकर रोकें और ‘रं... रं... रं... रं...’ इस प्रकार मन में जप करें और ‘कफनाशक अग्नि देवता का प्राकट्य हो रहा है’ ऐसी भावना करें | श्वास ६० से १०० सेकंड तक रोक सकते हैं फिर बायें नथुने से धीरे – धीरे छोड़ दें | यह प्रयोग खाली पेट सुबह – शाम ३ से ५ बार करें | कफ – संबंधी गड़बड़ छू हो जायेगी !* 🤮 *गजकरणी* *सुबह एक से सवा लिटर गुनगुना पानी लो | उसमें १० – १२ ग्राम सेंधा नमक डाल दो | वह पानी पंजों के बल बैठकर पियो और दाहिने हाथ की दो बड़ी उँगलियाँ मुँह में डाल के वमन करो, पानी बाहर निकाल दो | इससे कफ का शमन होता है |* ➡️ *कफशमन हेतु आयुर्वेदिक उपाय* *बच्चों को कफ – संबंधी बीमारियाँ ज्यादा होती हैं | साल में तीन बार बच्चों की बीमारियों का मौसम होता है | कफ की समस्या है तो कफ सिरप पिला दो १ – २ दिन, ३ दिन बस, ठीक हो जायेगा बच्चा | डॉक्टर के यहाँ जाना नहीं पड़ेगा | कोई अंग्रेजी दवा की जरूरत नहीं है | तुलसी बीज टेबलेट सुबह – शाम १ – १ गोली दो | एकदम छोटा बच्चा है तो १ – १ गोली और १२ साल से बड़ा है तो २ – २ गोली भी दे सकते हैं |* *और एक बहुत अच्छा उपाय है और बिल्कुल कारगर है | १० ग्राम लहसुन और १ ग्राम तुलसी-बीज पीस के ५० ग्राम शहद में डाल दो, चटनी बन गयी | बच्चे को सुबह – शाम ५ – ५ ग्राम थोड़ा – थोड़ा करके चटाओ | ह्रदय भी मजबूत हो जायेगा, कफ भी नष्ट हो जायेगा | ऐसे ही बच्चों के लिए तुलसी टॉफी बनवायी है | उसमें तुलसी के बीज और त्रिकटु (सोंठ, काली मिर्च व पीपर ) डलवाये हैं ताकि कफ शांत हो जाय |* 🫕 *उष्णोदक – पान* *एक लीटर पानी को इतना उबालें कि २५० मि.ली. बचे | गुनगुना रहने पर पिलायें | बच्चों को एकदम जादुई फायदा कर देगा | कोई दवा की जरूरत नहीं, कफ सिरप की भी जरूरत नहीं |* ➡️ *विशेष सावधानी : खाँसते हैं तो कफ आता है और फिर कई लोग उसको निगल जाते हैं | कफ आये तो निगलना नहीं चाहिए, नुकसान करता है | जिसको कफ आता हो उसको कुछ दिन तक लस्सी, छाछ, दही, दूध व मिठाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए |* जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

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Ramesh Agrawal Apr 17, 2021

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