भजन के लिए

https://youtu.be/n8VqvAHVjwU

धन्यवाद!!
जय श्री राधे !! जय निताई !!
www.shriharinam.com
संतो एवं मंदिरो के दर्शन के लिये एक बार visit जरुर करें !!
जिज्ञासाओं के समाधान के लिए 9837041415 पर व्हात्सप्प करे।।

+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर
TR. Madhavan Oct 29, 2020

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Anilkumar Tailor Oct 30, 2020

+25 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 85 शेयर
RANJAN ADHIKARI Oct 28, 2020

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 20 शेयर
संकल्प Oct 27, 2020

+12 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 19 शेयर
Akhilesh Ji Oct 28, 2020

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 3 शेयर

हिन्दू १६ संस्कारो के मुहूर्त 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 अन्न प्राशन्न मुहूर्त 🔸🔸🔸🔸🔸🔸 अन्न प्राशन्न संस्कार के बाद माँ बच्चे को दूध के साथ खाना देना आरम्भ कर देती है। यह संस्कार लड़के लिए 6, 8 व 10 वें महीने में किया जाता है। और लड़की के के लिए 5 ,7 ,9 व 11वें महीने में किया जाता है। सभी स्थिर नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी उत्तराषाढ़ा एवं रोहणी इसके अतिरिक्त सभी चर नक्षत्र स्वाति पुनर्वसु श्रवण शतभिषा धनिष्ठा इन नक्षत्रो में अन्न प्रशन्न संस्कार करना चाहिए। इसके अतिरिक्त निम्न 1,2,3,5,7,10,11,13 व 15 तिथि में एवं शुभ वार भी इस संस्कार के लिए अच्छे है। कर्ण भेदन मुहूर्त 🔸🔸🔸🔸🔸 पुराने जमानो में बच्चों को महामारी होने की अधिक आशंका हुआ करती थी इन सबसे निजात पाने के लिए कान छेदन का विधान था। कान छेदन से आँख और अंडकोषों की बीमारी से बचाव हो जाता है। इस संस्कार के लिए मुहूर्त 3, 5, 7 व 8 वें वर्ष में किया जाता है। मृगशिरा रेवती चित्रा या अनुराधा अथवा हस्त अश्विनी पुष्य नक्षत्र में भी कान छेदन कर सकते है। इसके लिए निम्न तिथियाँ 1, 2, 3, 5, 7, 10, 13 व 15 एवं शुभ वार भी अच्छे होते है। चूड़ाकरण अर्थात मुण्डन मुहूर्त 🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸 इस मुहूर्त में बच्चे के बाल उतारे जाते है तथा चोला पहनाया जाता है और बीच में छोटी सी चोटी भी छोड़ दी जाती है। इसे मुण्डन संस्कार भी कहा जाता है। यह संस्कार पहले तीसरे या पाँचवे वर्ष में किया जाता है। दूसरे चौथे छठें वर्ष में नही करना चाहिए। स्वाति पुनर्वसु पुष्य श्रवण धनिष्ठा शतभिषा हस्त चित्रा अश्विनी मृगशिरा ज्येष्ठा नक्षत्र शुभ होते है। इस संस्कार के लिए जन्म राशि का लग्न और इसकी 8 वीं राशि का लग्न छोड़ दें। विद्यारम्भ करने का मुहूर्त 🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸 जब बच्चा पैदल चलने लगता है तो उसके पढ़ाई करने का समय शुरू हो जाता है। बच्चे को सूर्य उत्तरायण के समय पर ही विद्यालय में प्रवेश करवाना चाहिए। बच्चे को विद्यालय में प्रवेश के लिए द्वितीय तृतीय व पञ्चमी तिथि छठी दसवी एकादशी द्वादशी सोमवार बुधवार गुरुवार शुक्रवार शुभ होते है। 3 से 5 वर्ष के बीच बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराना चाहिए। अश्विनी रोहणी मृगशिरा आर्द्रा पुनर्वसु चित्र हस्त अनुराधा व् रेवती नक्षत्रों में प्रवेश करवा सकते है। इसके लिए शुभ तिथि 2, 3, 5, 6,10,11 व 12 होती है । 🔸〰🔸〰🔸〰🔸〰🔸〰🔸〰🔸〰🔸〰🔸〰🔸

+12 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 11 शेयर
Anita Sharma Oct 29, 2020

+19 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 5 शेयर
आशुतोष Oct 29, 2020

+7 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 8 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB