राधारानी-श्याम भजन

Audio - राधारानी-श्याम भजन

होकर श्याम की दिवानी राधारानी नाचे

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Pritam Kumar Sharma Dec 13, 2019

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Neha Sharma,Haryana Dec 15, 2019

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champalal m kadela Dec 14, 2019

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mahakal vedic Kendra Dec 14, 2019

भगवान प्रतिदिन बृजगोपियों के यहाँ माखन चुराने पधारते है। लेकिन आज भगवान का मन खेलने में नहीं है। आज भगवान ने मिट्टी उठा कर मुँह में रख ली। भगवान को मिट्टी खाते हुए श्रीदामा ने देख लिए और बोले की क्यों रे कनवा तूने मिट्टी खाई? भगवान के मुँह में मिट्टी थी, बोल तो सकते नही थे, तो भगवान ने गर्दन हिला कर ना में जवाब दिया। श्रीदामा बोले, ये ऐसे नही बतावेगो। श्रीदामा ने बलराम जी को बुला लिए और बलराम ने पूछा- क्यों रे लाला, तेने माटी खाई? भगवान ने फिर से ना में गर्दन हिलाकर जवाब दिया। बलराम ने कहा इसे मैया के पास ले चलो। पहले ये माखन चुरा के खाता था और अब मिट्टी भी खाने लगा है। तो दो सखाओ ने भगवान के हस्त कमल पकडे और दो सखाओ ने चरण कमल पकडे। और डंडा डोली(झूला झुलाते हुए) करते हुए लेके माँ के पास गए। और मैया के पास जाकर बोले- माता! तेरे लाला ने माटी खाई है। *माटी को नाम सुनते ही ब्रजरानी दौड़ी आई , और पकड़ हरि को हाथ, कैसे तूने माटी खाई। तुनक तुनक तुतलाय के हूँ बोले श्याम। मैंने नाही माटी खाई नाहक लगायो नाम।।* भगवान कहते है मैया मैंने माटी नहीं खाई? ये सब सखा झूठ बोल रहे है। माँ बोली ,लाला एक संसार में तू ही सत्यवादी पैदा हुआ है ,बाकि सब झूठे है? आज मैं तेरे को सीधो कर दूंगी। तो माँ हाथ में एक लकड़ी लेकर आई और भगवान को डराने लगी। जब भगवान ने माँ के हाथो में लकड़ी देखि तो भगवान की आँखों से आंसू टपकने लगे। माँ पूछ रही है तेने माटी खाई? भगवान कहते है नही खाई मैया , मैंने माटी नाही खाई। हाथ में लकड़ी लेके माँ डरा रही है। भगवान ने कहा यदि मैया तेरे को मो पर विश्वास नही है तो मेरा मुख देख ले। तो छोटो सो मुखारविंद कृष्ण हूँ ने खोल दियो। भगवान ने अपना छोटा सा मुँह खोला। *(माँ यशोदा को सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का दर्शन)* और माँ मुँह में झांक-कर देखती है तो आज सारे ब्रह्माण्ड का दर्शन माँ को हो रहा है। केवल ब्रह्माण्ड ही नही गोकुल और नन्द भवन का दर्शन कर रही है। और नन्द भवन में कृष्ण और स्वयं का दर्शन भी माँ को हो रहा है। अब माँ बोली की मेरे लाला के मुँह में अलाय-बलाय कहाँ से आ गई? थर थर डर के माँ कांपने लगी। भगवान समझ गए आज माँ ने मेरे ऐश्वर्ये का दर्शन कर लिया है कहीं ऐसा ना हो की माँ के अंदर से मेरे लिए प्रेम समाप्त ना हो जाये। और मैं तो ब्रजवासियों के बीच प्रेम लीला करने आया हूँ। क्योंकि जहाँ ऐश्वर्ये है वहां प्रेम नही है। ऐसा सोचकर भगवान मंद मंद मुस्कराने लगे। भगवान कृष्ण ने माया का माँ पर प्रभाव डाला और जब थोड़ी देर में माँ ने आँखे खोली। तो भगवान माँ यशोदा से पूछने लगे मैया तेने हमारे मुख में माटी देखि? माँ बोली की सब जग झूठो केवल मेरो लाला सांचो। भगवान की मुस्कराहट से माँ सब कुछ भूल गई। श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारे हे नाथ नारायण वासुदेवा। *जय श्री कृष्ण*

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sukhadev awari Dec 14, 2019

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