Pokardas Vaishnav
Pokardas Vaishnav Nov 8, 2018

नदिया में श्रेष्ठ मां नर्मदा। (भाग 2)

नदिया में श्रेष्ठ मां नर्मदा।    (भाग 2)

१ नर्मदा तट के शिवलिंग ही देश के समस्त शिव मंदिरों में स्थापित है
२ नर्मदा स्नान से मनुष्य का मानसिक वाचिक और कर्म से होने वाला शारीरिक पाप भी नष्ट हो जाते
३ नर्मदा का हर कंकर शंकर होता है
४ नर्मदा जी ग्राम अथवा वन में सर्वत्र ही पुण्य दायिनी
५ जो मनुष्य जितेंद्रीय और एकागर चित होकर स्नान कर दान देता है भगवान शंकर को पूजता है वह पुरुष तीन ऋण देव पितृऔर ऋषि ऋण से मुक्त हो जाता है
६ नर्मदा का क्षेत्र ऐसा पुण्य र्क्षेत्र है जिसमें थोड़ा सा भी पुण्य करने पर सहस्त्र गुना हो जाता है
७ नर्मदा जी के दोनों तटों के अलावा भी वृक्षों पर अंतरिक्ष में जल में भी लाखों करोड़ तीर्थ विद्वमान है
८ नर्मदा जी के सिमरन से एक जन्म का दर्शन से तीन जन्म का और स्नान से सात जन्म का पाप नष्ट हो जाता है
९ ओमकारेश्वर तीर्थ से समुंदर पर्यंत पापों के विनाशक नदियों में 35 संगम है उत्तर तट पर 11 और दक्षिण तट पर तेईस ‌पैतीसवा नर्मदा समुद्र संगम परम श्रेष्ठ है
१० नर्मदा तट पर दाह संस्कार के बाद गंगा तट पर इसलिए नहीं जाते क्योंकि नर्मदा जी से मिलने गंगा जी स्वयं आती है
११ नर्मदा पर ही नर्मदा पुराण है अन्य नदियों के पुरान नहीं है
१२ नर्मदा अपने उद्गम स्थान से लेकर समुंद्र तक उत्तर और दक्षिण तटो में 7 किलोमीटर तक पृथ्वी के अंदर ही अंदर प्रवाहित होती है पृथ्वी के ऊपर तो मात्र दर्शनाथं ही प्रवाहीत होती है
१३ नर्मदा जी से अधिक प्रवाह वेग किसी अन्य नदी में नहीं है
१४ नर्मदा जी से प्राप्त पाषाण घर पर लाकर प्रतिदिन जल चढ़ाने से बढ़ते हैं
१५ नर्मदा के किनारे ही नागमणि वाले मणी नागेश्वर सर्प रहते हैं
१६ वर्ष में एक बार गंगा आदि समस्त नदिया स्वय ही नर्मदा जी से मिलने आती है
१७ नर्मदा जी के किनारे वे समस्त तीर्थ स्थापित है जिसका वर्णन किसी भी पुराण धर्म शास्त्र और कथाओं में आया है
१८ नर्मदा पुराण के अनुसार नर्मदा ही एक ऐसी देवी है जो सदा हास्य मुर्दा में रहते हैं
१९ नर्मदा तट पर ही सिद्धि प्राप्त होती है ब्रह्मांड के सभी देव ऋषि मुनि मानव सिद्धी प्राप्त करने हेतु नर्मदा तट पर अवश्य ही आए हैं नर्मदा तट से सिद्धि प्राप्त करके वे विश्व प्रसिद्ध हुए हैं
२० नर्मदा स्नान से समस्त ग्रहों की शांति होती है
२१ नर्मदा जी अपने भक्तों को जीवनकाल में दर्शन अवश्य देती है
२२ नर्मदा जी की कृपा से भक्त जीवन काल में उन्नति के शिखर पर अवश्य चढ़ता है
२३ नर्मदा जी कभी भी मर्यादा भंग नहीं करती वे वर्षा काल में भी पूर्व से पश्चिम की ओर प्रभावित होती है जबकि अन्य नदियां अपना तट बंधन तोड़कर अन्य दिशाओं में प्रवाहित होती है
२४ नर्मदा जी का प्राकट्य शिव पार्वती की हास्य परिहास य के मध्य श्वेत बिंदुओं से द्वारा हुआ था अतः नर्मदा जी शिव शक्ति की क्रिया शक्ति
२५ एकमात्र नर्मदा जी की ही परिक्रमा का विधान है
२६ नर्मदा जी का ऐक नाम दक्षिण गंगा भी है
२७ नर्मदा जी के उत्तर तट पर बसने वाले शिवलोक तक एवं दक्षिण तट पर बसने वाले पितृ लोग में जाते हैं
२८ परलय काल में जब सभी नदियां समुद्र में विलीन हो जाती है तब नर्मदा ही स्थिर रहती है
२९ शंकर जी के अस्तित्व से प्रकट होने के कारण संकरी प्रवाह मान होने से रेवा मेकल पर्वत पर तप करने से मेकलसूता एवं सभी कल्पो में अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए नर्मदा नाम पड़ा
२९ नर्मदा मनुष्य को देवत्व प्रदान कर अजर अमर करती है
३० नर्मदा में 60 करोड़ 60 हजार तीर्थ है अग्नि पुराण में तो इससे भी अधिक ज्यादा बताए हैं
३१ नर्मदा सभी स्थानों पर पवित्र है जबकि गंगा कनखल एवं सरस्वती कुरुक्षेत्र में ही अधिक पवित्र मानी जाती
३२ नर्मदा जी दर्शन मात्र से ही प्राणी को पवित्र करती है जबकि सरस्वती 3 दिनों के स्नान से यमुना 7 दिन के स्नान से और गंगा 1 दिन के स्नान से प्राणी को पवित्र करती है
३२ नर्मदा आनंद तत्व ज्ञान तत्व सिद्ध तत्व ए व मोक्ष तथा प्रदान कर सास्वत शांति प्रदान करती है
३३ नर्मदा जी का रहस्य कोई भी ज्ञानी विज्ञानी नहीं जान सकता वह अपने भक्तों पर कृपा कर स्वय दिव्य दृष्टि प्रदान करती है
३४ नर्मदा स्वय भक्तों पर कृपा कर उन्हें बुलाती है
३५ नर्मदा वह अमृत तत्व है जिसे पाकर मनुष्य पूर्ण तृप्त हो जाता है यह देव एवं पितृ दोनों कार्यों के लिए अत्यंत पवित्र मानी गई
३६ नर्मदा जी के किनारे सारी औषधियां मिलती है
३८ सारे देश में सत्यनारायण व्रत कथा के रूप में नर्मदा का सिमरन होता है कथा के प्रत्येक अध्याय के अंत में ईती श्री रेवा खंडे कहा जाता है नर्मदा जी का एक नाम रेवा भी है
अधिक जानकारी ली जानकारी के लिए 976 5290 522

मां श्री नर्मदे हर

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कामेंट्स

Prabhu Prasad Shrivastava Nov 9, 2018
माता नर्मदा जी से सम्बन्धित पोस्ट ज्ञानवर्धक, पुण्यवर्धक है । आज दिनांक :- 09. 11. 2018 ईस्वी का भाई दूज की शुभ पावन पर्व पर आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाओ सहित जय माता दी

Dinesh Vaishnav Nov 9, 2018
जय श्री माता रानी की शुप्रभात राधे राधे जी

sanjna Nov 9, 2018
jai mata di good morning

Gayatri Pandey Nov 9, 2018
जय मां नर्मदा सुप्रभात

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