RAVI KUMAR
RAVI KUMAR Nov 3, 2017

गुरू नानक ने यज्ञोपवीत संस्कार के लिए क्यों किया मना

गुरू नानक ने यज्ञोपवीत संस्कार के लिए क्यों किया मना

अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत के सब बंदे एक नूर ते सब जग उपज्या, कौन भले को मंदे। समानता और प्रेम का संदेश जन जन तक पहुंचाने वाले महान संत कवि गुरू नानक देव जी सिक्ख धर्म के संस्थापक थे। वे जन सामान्य की आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान करने वाले महान दार्शनिक और विचारक थे। कहा जाता है कि उन्होंने बचपन में उपनयन यानि यज्ञोपवीत संस्कार के समय हिंदू आचार्य से जनेउ पहनने से इंकार कर दिया था। एक कथा के अनुसार बालक नानक के पिता कल्याणराय ने उनका यज्ञोपवीत कराने के लिए अपने इष्ट संबंधियों एवं परिचितों को निमंत्रित किया। बालक नानक को आसन पर बिठाकर जब पुरोहितों ने उन्हें कुछ मंत्र पढ़ने को कहा, तो उन्होंने उसका प्रयोजन पूछा।
पुरोहित समझाते हुए बोले, तुम्हारा यज्ञोपवीत संस्कार हो रहा है। धर्म की मर्यादा के अनुसार यह पवित्र सूत का डोरा प्रत्येक हिंदू को इस संस्कार में धारण कराया जाता है। धर्म के अनुसार यज्ञोपवीत संस्कार पूर्ण होने के बाद तुम्हारा दूसरा जन्म होगा। इसीलिए तुम्हें भी इसी धर्म में दीक्षित कराया जा रहा है।
मगर यह तो सूत का है, क्या यह गंदा न होगा? बालक ने प्रश्न किया।
हां, पर साफ भी तो हो सकता है।
और टूट भी सकता है न?
हां, पर नया भी तो धारण किया जा सकता है।
नानक फिर कुछ सोचकर बोले,-अच्छा, मगर मृत्यु के उपरांत यह भी तो शरीर के साथ जलता होगा? यदि इसे धारण करने से भी मन, आत्मा, शरीर तथा स्वयं यज्ञोपवीत में पवित्रता नहीं रहती, तो इसे धारण करने से क्या लाभ?श्
पुरोहित और अन्य लोग इस तर्क का उत्तर न दे पाए।
तब बालक नानक बोले,-यदि यज्ञोपवीत ही पहनाना है तो ऐसा पहनाओ कि जो न टूटे, न गंदा हो और न बदला जा सके। जो ईश्वरीय हो, जिसमें दया का कपास हो, संतोष का सूत हो। ऐसा यज्ञोपवीत ही सच्चा यज्ञोपवीत है। पुरोहित जी! क्या आपके पास ऐसा यज्ञोपवीत है?
यह सुन सब अवाक् रह गए, उनसे कोई उत्तर न देते बना।
उनके व्यवहार और गतिविधियों से बचपन से ही आध्यात्मिकता के संकेत नज़र आने लगे थे। चारों और प्रकाश फैलाने वाले गुरू नानक देव जी ने हमेशा एकता, प्रेम और धर्म का संदेश दिया।

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कामेंट्स

Ravi pandey Nov 3, 2017
jai guru Nanak je jai shree Krishna radhe Radhe

Manoj manu Nov 3, 2017
🌸🌸sunder post 🌸🌸jai guru Nanak dev jee 🙏🙏🙏

shivani Oct 20, 2018

jai shree ram

Pranam Jyot Flower +150 प्रतिक्रिया 67 कॉमेंट्स • 805 शेयर
Dhanraj Maurya Oct 20, 2018

Om Jai Jai Om

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harshita malhotra Oct 20, 2018

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Aechana Mishra Oct 20, 2018

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Sunil Jhunjhunwala Oct 20, 2018

Sunil Jhunjhunwala
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^

Jyot Pranam Flower +14 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 236 शेयर

*🌷🙏तलाश जिंदगी की थी*
*दूर तक निकल पड़े,,,,*

*जिंदगी मिली नही*
*तज़ुर्बे बहुत मिले,;;*

*किसी ने मुझसे कहा कि...*
*तुम इतना *ख़ुश* *कैसे रह लेते हो?*
*तो मैंने कहा कि...*.
*मैंने जिंदगी की गाड़ी से...*
*वो साइड ग्लास ही हटा दिये...*
*जिसमेँ पीछे...

(पूरा पढ़ें)
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Krishna Rai Oct 21, 2018

Pranam Jyot Tulsi +37 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 233 शेयर
shivani Oct 20, 2018

radhe radhe

Pranam Like Bell +100 प्रतिक्रिया 36 कॉमेंट्स • 250 शेयर

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