Pradeep Wadhwa
Pradeep Wadhwa Jan 26, 2018

जय मॉ भारती

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☘️💨🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏💨☘️ 🍃*नदी में गिरने से*.., *कभी भी किसी की मौत* *नहीं होती* ….. *मौत तो तब होती है*.., *जब उसे तैरना नहीं आता* ….. *ठीक उसी तरह* *परिस्थितियाँ कभी भी हमारे लिए* *समस्या नहीं बनती* *समस्या तो तब बनती हैं*.., *जब* *हमें परिस्थितियों से* *निपटना नहीं आता* *””सदा मुस्कुराते रहिये””* 🌹🙏*शुभ प्रभात् नमन*🙏🌹 ☘️💨☘️💨☘️☘️💨☘️💨☘️ *बहुत ही सुन्दर आध्यात्मिक लघुकथा*..... *एक गांव में कृष्णा बाई नाम की बुढ़िया रहती थी वह भगवान श्रीकृष्ण की परमभक्त थी। वह एक झोपड़ी में रहती थी। कृष्णा बाई का वास्तविक नाम सुखिया था पर कृष्ण भक्ति के कारण इनका नाम गांव वालों ने कृष्णा बाई रख दिया। *घर घर में झाड़ू पोछा बर्तन और खाना बनाना ही इनका काम था। कृष्णा बाई रोज फूलों का माला बनाकर दोनों समय श्री कृष्ण जी को पहनाती थी और घण्टों कान्हा से बात करती थी। गांव के लोग यहीं सोचते थे कि बुढ़िया पागल है। *एक रात श्री कृष्ण जी ने अपनी भक्त कृष्णा बाई से यह कहा कि कल बहुत बड़ा भूचाल आने वाला है तुम यह गांव छोड़ कर दूसरे गांव चली जाओ। *अब क्या था मालिक का आदेश था कृष्णा बाई ने अपना सामान इकट्ठा करना शुरू किया और गांव वालों को बताया कि कल सपने में कान्हा आए थे और कहे कि बहुत प्रलय होगा पास के गाव में चली जा। *अब लोग कहाँ उस बूढ़ी पागल का बात मानने वाले जो सुनता वहीं जोर जोर ठहाके लगाता। इतने में बाई ने एक बैलगाड़ी मंगाई और अपने कान्हा की मूर्ति ली और सामान की गठरी बांध कर गाड़ी में बैठ गई। और लोग उसकी मूर्खता पर हंसते रहे। *बाई जाने लगी बिल्कुल अपने गांव की सीमा पार कर अगले गांव में प्रवेश करने ही वाली थी कि उसे कृष्ण की आवाज आई - अरे पगली जा अपनी झोपड़ी में से वह सुई ले आ जिससे तू माला बनाकर मुझे पहनाती है। यह सुनकर बाई बेचैन हो गई तड़प गई कि मुझसे भारी भूल कैसे हो गई अब मैं कान्हा का माला कैसे बनाऊंगी? *उसने गाड़ी वाले को वहाँ रोका और बदहवास अपने झोपड़ी की तरफ भागी। गांव वाले उसके पागलपन को देखते और खूब मजाक उडाते। *बाई ने झोपड़ी में तिनकों में फंसे सुई को निकाला और फिर पागलो की तरह दौडते हुए गाड़ी के पास आई। गाड़ी वाले ने कहा कि माई तू क्यों परेशान हैं कुछ नही होना। बाई ने कहा अच्छा चल अब अपने गांव की सीमा पार कर। गाड़ी वाले ने ठीक ऐसे ही किया। *अरे यह क्या? जैसे ही सीमा पार हुई पूरा गांव ही धरती में समा गया। सब कुछ जलमग्न हो गया। *गाड़ी वाला भी अटूट कृष्ण भक्त था।येन केन प्रकरेण भगवान ने उसकी भी रक्षा करने में कोई विलम्ब नहीं किया। *इस कथा से हमें यह शिक्षा मिलती है कि प्रभु जब अपने भक्त की मात्र एक सुई तक की इतनी चिंता करते हैं तो वह भक्त की रक्षा के लिए कितना चिंतित होते होंगे। जब तक उस भक्त की एक सुई उस गांव में थी पूरा गांव बचा था *इसीलिए कहा जाता है कि.... *भरी बदरिया पाप की बरसन लगे अंगार* *संत न होते जगत में जल जाता संसार* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *वास्तव में वह सत्य जो मैंने लॉकडाऊन के दौरान सीखा*... 1. आज अमेरिका अग्रणी देश नहीं है। 2. चीन कभी विश्व कल्याण की नही सोच सकता। 3. यूरोपीय उतने शिक्षित नहीं जितना उन्हें समझा जाता था। 4. हम अपनी छुट्टियॉ बिना यूरोप या अमेरिका गये भी आनन्द के साथ बिता सकते हैं। 5. भारतीयों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विश्व के लोगों से बहुत ज्यादा है। 6. कोई पादरी, पुजारी, ग्रन्थी,मौलवी या ज्योतिषी यज्ञ ,हवन तन्त्र मंत्र से एक भी रोगी को नहीं बचा सका। 7. स्वास्थ्य कर्मी,पुलिस कर्मी, प्रशासन कर्मी ही असली हीरो हैं ना कि क्रिकेटर ,फिल्मी सितारे व फुटबाल प्लेयर । 8. बिना उपभोग के विश्व में सोना चॉदी व तेल का कोई महत्व नहीं। 9. पहली बार पशु व परिन्दों को लगा कि यह संसार उनका भी है। 10. तारे वास्तव में टिमटिमाते हैं यह विश्वास महानगरों के बच्चों को पहली बार हुआ। 11. विश्व के अधिकतर लोग अपना कार्य घर से भी कर सकते हैं। 12. हम और हमारी सन्तान बिना 'जंक फूड' के भी जिन्दा रह सकते है। 13. एक साफ सुथरा व स्वचछ जीवन जीना कोई कठिन कार्य नहीं है। 14. भोजन पकाना केवल स्त्रियां ही नहीं जानती। 15. मीडिया केवल झूठ और बकवास का पुलन्दा है। 16. अभिनेता केवल मनोरंजनकर्ता हैं जीवन में वास्तविक नायक नहीं। 17.भारतीय नारी कि वजह से ही घर मंदिर बनता है। 18. पैसे की कोई वैल्यू नही है क्योंकि आज दाल रोटी के अलावा क्या कर सकते हैं। 19. भारतीय अमीरों मे मानवता कुट-कुट कर भरीं हुईं है एक दो को छोड़कर। 20. विकट समय को सही तरीक़े से भारतीय ही संभाल सकता है। 21. सामुहिक परिवार एकल परिवार से अच्छा होता है। 🙏🙏 *एक डॉक्टर के हृदयस्पर्शी शब्द* *आप सबको घर से…... ... निकलने में डर लगता है l *जबकि हमको हमारे ..... .... घर जाने में डर लगता है। *(मेरा कर्म ही धर्म है)* ☘️🌺🙏*नमस्कार*🙏🌺☘️ *कुछ सिखाकर ये दौर भी गुजर जायेगा.. फिर एक बार हर इंसान मुस्कुराएगा...मायूस न होना भाई-बहनों ये बुरा वक़्त भी,कुछ ना कुछ जीने का नया तरीका सीखा कर जाएगा ।* 🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌹 *आप सभी भाई-बहनों का दिन मंगलमय हो* ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️

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Nilesh Chilane Apr 5, 2020

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