Neeru Miglani
Neeru Miglani Sep 13, 2020

*मैंने ईश्वर से कहा.... ✍✍✍ ● *मैंने ईश्वर से कहा -"मेरी सारी बुराइयाँ दूर कर दो !"* *ईश्वर ने कहा -"नहीं !* *वह इसलिये वहाँ नहीं हैं कि मैं उन्हें हटा दूँ। वह इसलिये वहाँ हैं कि तुम स्वयं उनका प्रतिरोध करो।"* ● *मैंने ईश्वर से कहा -"मेरा शरीर पूर्ण कर दो !"* *ईश्वर ने कहा - "नहीं !* *तुम्हारी आत्मा पूर्ण है ; तुम्हारा शरीर तो अस्थायी है , उसे मर जाना है , जल जाना है।"* ● *मैंने ईश्वर से कहा - "मुझे धैर्य दो !"* *ईश्वर ने कहा - "नहीं !* *धैर्य कठिनाइयों का परिणाम होता है। वह दिया नहीं जाता , सीखा जाता है।"* ● *मैंने ईश्वर से कहा -"मुझे ख़ुशी दे दो !"* *ईश्वर ने कहा - "नहीं !* *मैं आशीर्वाद देता हूँ , ख़ुशी स्वयं तुम पर निर्भर करती है।"* ● *मैंने ईश्वर से कहा - "मुझे दुःख - दर्द से छुटकारा दिला दो !"* *ईश्वर ने कहा - "नहीं !* *दुःख तुम्हें संसार से दूर ले जाते हैं और मेरे निकट लाते हैं।"* ● *मैंने ईश्वर से कहा - "मेरी आत्मा का विकास करो !"* *ईश्वर ने कहा - "नहीं !* *तुम्हें स्वयं विकसित होना है क्योंकि मैं उसी की मदद करता हूँ , जो स्वयं अपनी मदद करते हैं।"* ● *मैंने ईश्वर से कहा - "मुझे ऐसी चीज़ दो कि मुझे ज़िंदगी से प्यार हो जाये !"* *ईश्वर ने कहा - "नहीं !* *तुम मुझमें दिल लगाओ , ताकि तुम सत, , चित्त और आनंद की अनुभूति कर सको !"* *"प्रार्थना भीख माँगना नहीं है।"* साधना प्रारंभ करने के साथ जब हृदय में 'विवेक' जागता है , तब उपरोक्त ☝️प्रार्थना धीरे - धीरे यह 👇स्वरूप लेने लगती हैं....* ● *मैंने ईश्वर से कहा - "मुझे बिल्कुल अपने जैसा बना दो , ताकि मैं भी औरों से वैसे ही प्रेम कर सकूँ , जैसा आप सबसे करते हैं !"* *ईश्वर ने कहा -"ओह !* *तो आख़िर तुम्हारे अंदर यह 'विवेक' पैदा हो ही गया कि यदि तुम मेरी भाँति पूर्ण बनते हो तो तुम भी औरों से वैसे ही प्रेम कर सकोगे , जैसा मैं सबसे करता हूँ।"* ● *अंततः मैंने ईश्वर से कहा- "हे नाथ !* *तू ही मनुष्य जीवन का वास्तविक ध्येय है।* *हम अपनी इच्छाओं के गुलाम हैं ,* *जो हमारी उन्नति में बाधक है।* *तू ही एकमात्र ईश्वर एवं शक्ति है ,* *जो हमें उस लक्ष्य तक ले चल सकता है।* *ईश्वर ने गदगद होकर कहा -"हाँ , यह मैं अव श्य करूँगा मेरे बच्चे !* *क्योंकि मुझसे ऐसी निः स्वार्थ अपेक्षा रखना तुम्हारा जन्म- सिद्ध अधिकार है और उसे पूरा करना मेरा परम् कर्तव्य !" ⛳||जय श्री कृष्णा ||⛳

*मैंने ईश्वर से कहा.... ✍✍✍


● *मैंने ईश्वर से कहा -"मेरी सारी बुराइयाँ दूर कर दो !"*

*ईश्वर ने कहा -"नहीं !* 
*वह इसलिये वहाँ नहीं हैं कि मैं उन्हें हटा दूँ। वह इसलिये वहाँ हैं कि तुम स्वयं उनका प्रतिरोध करो।"*

● *मैंने ईश्वर से कहा -"मेरा शरीर पूर्ण कर दो !"*

*ईश्वर ने कहा - "नहीं !* 
*तुम्हारी आत्मा पूर्ण है ; तुम्हारा शरीर तो अस्थायी है , उसे मर जाना है , जल जाना है।"*

● *मैंने ईश्वर से कहा - "मुझे धैर्य दो !"*

*ईश्वर ने कहा - "नहीं !*  
*धैर्य कठिनाइयों का परिणाम होता है। वह दिया नहीं जाता , सीखा जाता है।"*

● *मैंने ईश्वर से कहा -"मुझे ख़ुशी दे दो !"*

*ईश्वर ने कहा - "नहीं !*
*मैं आशीर्वाद देता हूँ , ख़ुशी स्वयं तुम पर निर्भर करती है।"*

● *मैंने ईश्वर से कहा - "मुझे दुःख - दर्द से छुटकारा दिला दो !"*

*ईश्वर ने कहा - "नहीं !*
*दुःख तुम्हें संसार से दूर ले जाते हैं और मेरे निकट लाते हैं।"*

● *मैंने ईश्वर से कहा - "मेरी आत्मा का विकास करो !"*

*ईश्वर ने कहा - "नहीं !*
*तुम्हें स्वयं विकसित होना है क्योंकि मैं उसी की मदद करता हूँ , जो स्वयं अपनी मदद करते हैं।"*

● *मैंने ईश्वर से कहा - "मुझे ऐसी चीज़ दो कि मुझे ज़िंदगी से प्यार हो जाये !"*

*ईश्वर ने कहा - "नहीं !*
*तुम मुझमें दिल लगाओ , ताकि तुम सत, , चित्त और आनंद की अनुभूति कर सको !"*

               *"प्रार्थना भीख माँगना नहीं है।"*

साधना प्रारंभ करने के साथ जब हृदय में 'विवेक' जागता है , तब उपरोक्त ☝️प्रार्थना धीरे - धीरे यह 👇स्वरूप लेने लगती हैं....*

● *मैंने ईश्वर से कहा - "मुझे बिल्कुल अपने जैसा बना दो , ताकि मैं भी औरों से वैसे ही प्रेम कर सकूँ , जैसा आप सबसे करते हैं !"*

*ईश्वर ने कहा -"ओह !*
*तो आख़िर तुम्हारे अंदर यह 'विवेक' पैदा हो ही गया कि यदि तुम मेरी भाँति पूर्ण बनते हो तो तुम भी औरों से वैसे ही प्रेम कर सकोगे , जैसा मैं सबसे करता हूँ।"*

● *अंततः मैंने ईश्वर से कहा- "हे नाथ !*
*तू ही मनुष्य जीवन का वास्तविक ध्येय है।*
*हम अपनी इच्छाओं के गुलाम हैं ,*
*जो हमारी उन्नति में बाधक है।*
*तू ही एकमात्र ईश्वर एवं शक्ति है ,*
*जो हमें उस लक्ष्य तक ले चल सकता है।*

*ईश्वर ने गदगद होकर कहा -"हाँ ,  यह मैं अव
  श्य करूँगा मेरे बच्चे !*
*क्योंकि मुझसे ऐसी निः स्वार्थ अपेक्षा रखना तुम्हारा जन्म- सिद्ध अधिकार है और उसे पूरा करना मेरा परम् कर्तव्य !"
      ⛳||जय श्री कृष्णा ||⛳

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कामेंट्स

RAJ RATHOD Sep 13, 2020
*।। जय सुर्यदेव ।।* 🎠👁🔱👁🎠 🌺🌺🌞🌺🌙🌺🌺 🙏शुभ दिन रविवार की 🌺🌺🌞🌺🌙🌺🌺 दोपहर का सभी को प्यार भरा प्रणाम 🙏 🌺🌺🌞🌺🌙🌺🌺 *।। आपका हर पल शुभ हो ।।* 🎠👁🔱👁🎠

R.K.SONI(Ganesh Mandir) Sep 13, 2020
शुभ रविवार जी🌹🌹 🙏ॐ सूर्याय नमः🙏 सूर्यदेव आप व आपके परिवार का जीवन खुशियों से भरा २खे जी👌🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏

GOVIND CHOUHAN Sep 13, 2020
Jaisree Radhey Radhey krishna 🌷 good afternoon ji 🙏 bahut hi sundar post 👌 👌 🙏

Babita Sharma Sep 13, 2020
राधे राधे बहना 🙏ॐ विष्णवे नमः इंदिरा एकादशी आपके लिए शुभ हो 🙏 आपके पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो।श्री हरि की कृपा आप पर सदा बनी रहे।शुभ एकादशी

S.P Sharma Sep 13, 2020
🌷🌷beautiful neeru ji good afternoon radhey radhey always be happy and healthy🌷🌷

INDRESH KUMAR SHARMA Sep 13, 2020
राधे-राधे.. जय श्री राधे बहन⚘🙇‍♂️

Kavitaom Sep 13, 2020
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹Nice🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Annu Sep 13, 2020
🌿🍃🍂🙏🍂🌹🍂🍃🌿 *मन की संतुष्टी के लिए* *अच्छे काम करते रहना चाहिए* *लोग चाहें तारीफ करें न करें* *कमियां* *तो लोग भगवान में भी* *तलाशते रहते हैं।* ---------------- शुभ दोपहर आदरणीय मेरी प्यारी बहनाजी🙏🙏🏵️🏵️☘️☘️☘️😇😇 ----------------

सुभद्र कुमार Sep 13, 2020
🌺🌺🌺🙏🏻ऊँ🙏🏻🌺🌺🌺 🌺🌺🙏🏻शाँतिं 🙏🏻🌺🌺🌺 🌺🌺🌺🙏🏻 दीदी जी 🙏🏻🌺🌺🌺

रमेश भाई ठककर Sep 13, 2020
🍒ओम सूर्य देवाय नमः ओम आदित्य नमः 🙏इंदिरा एकादशी की आपको हार्दिक शुभकामनाएं आपका दिन मंगलमय हो आदरणीय बहेन🙏 🌺 🌱झूठ कि रफ्तार चाहे कितनी भी तेज 🌴 🌺 हो लेकिन.. आखिर में मंजिल तक 🌱 🌱 केवल सच ही पहोंचता है! 🌷🌱 ऊँ सूर्य देवाय नमः🙏 🌱 शुभ रविवार🌞 🎊🎊🎊🎊🙏🙏🎊🎊🎊🎊

🔱🛕काशी विश्वनाथ धाम🛕🔱 Sep 13, 2020
🌞🌹जय सूर्यदेव नमः🌹🌞 🌀🙏शुभ संध्या वंदन दीदी🙏🌀 🙏आप सभी को इंदिरा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 🙏आप और आपके पूरे परिवार पर श्री हरि विष्णु और सूर्यदेव जी की कृपा सदा बनी रहे जी🌹 🎭आपका कासंध्याशुभऔर मंगलमय हो💐

Manoj manu Sep 13, 2020
🚩🙏🌺हरि ऊँ जय श्री कृष्णा जी राधे राधे जी शुभ रात्रि मधुर मंगल वंदन जी दीदी 🌿🌺बहुत सुंदर पोस्ट जी दीदी 🙏🌿🙏

Narayan Tiwari Sep 13, 2020
सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े..!! 🚩 || जय मांई की ||🚩

Manoj manu Sep 14, 2020
🚩🙏ऊँ नमःशिवाय राधे राधे जी देवाधिदेव महादेव जी की अनंत सुंदर एवं मंगलमय कृपा दृष्टि के साथ में शुभ दिन विनम्र वंदन जी दीदी 🌿🌺

एम एन एस एस Nov 6, 2020
jai mata di shubh prabhat ji very nice post and beautiful words. aapka hr pl shubh sukhd manglmia anandmia shantimia or bhaktimia ho. mata Rani bless you everytmoments everyday everytime everywhere.

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raadhe krishna Feb 25, 2021

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neelam sharma Feb 25, 2021

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Gajendrasingh kaviya Feb 25, 2021

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