Alka Devgan
Alka Devgan Jan 8, 2021

Jai Mata Di 🌸🌿 Jai Mahalakshmi Maa 🍁🌴 Jai Mahakali Maa 💮🌳 Jai Jai Ambey 🌷Jai Jai Jagdambay 🌷 Prem se bolo Jai Mata Di 🌷sare bolo Jai Mata Di 🌷 Maa Bhavani aap sabhi ko kushiyan pradhan karein 🌷aap sabhi ki manokamna puri karein 🌷 sabka kalyan karo maa Bhavani 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏🙏🙏🙏🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃

Jai Mata Di 🌸🌿
    Jai Mahalakshmi Maa 🍁🌴
          Jai Mahakali Maa 💮🌳
 Jai Jai Ambey 🌷Jai Jai Jagdambay 🌷
Prem se bolo Jai Mata Di 🌷sare bolo Jai Mata Di 🌷
Maa Bhavani aap sabhi ko kushiyan pradhan karein 🌷aap sabhi ki manokamna puri karein 🌷 sabka kalyan karo maa Bhavani 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏🙏🙏🙏🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃
Jai Mata Di 🌸🌿
    Jai Mahalakshmi Maa 🍁🌴
          Jai Mahakali Maa 💮🌳
 Jai Jai Ambey 🌷Jai Jai Jagdambay 🌷
Prem se bolo Jai Mata Di 🌷sare bolo Jai Mata Di 🌷
Maa Bhavani aap sabhi ko kushiyan pradhan karein 🌷aap sabhi ki manokamna puri karein 🌷 sabka kalyan karo maa Bhavani 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏🙏🙏🙏🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃
Jai Mata Di 🌸🌿
    Jai Mahalakshmi Maa 🍁🌴
          Jai Mahakali Maa 💮🌳
 Jai Jai Ambey 🌷Jai Jai Jagdambay 🌷
Prem se bolo Jai Mata Di 🌷sare bolo Jai Mata Di 🌷
Maa Bhavani aap sabhi ko kushiyan pradhan karein 🌷aap sabhi ki manokamna puri karein 🌷 sabka kalyan karo maa Bhavani 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏🙏🙏🙏🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃
Jai Mata Di 🌸🌿
    Jai Mahalakshmi Maa 🍁🌴
          Jai Mahakali Maa 💮🌳
 Jai Jai Ambey 🌷Jai Jai Jagdambay 🌷
Prem se bolo Jai Mata Di 🌷sare bolo Jai Mata Di 🌷
Maa Bhavani aap sabhi ko kushiyan pradhan karein 🌷aap sabhi ki manokamna puri karein 🌷 sabka kalyan karo maa Bhavani 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌷Jai Mata Di 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏🙏🙏🙏🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃

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कामेंट्स

आशुतोष Jan 8, 2021
या देवी सर्वभुतेषु मातृरूपेण संस्थिता । या देवी सर्वभुतेषु शांति रूपेण संस्थिता । या देवी सर्वभुतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता । या देवी सर्वभुतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥ ।। जय माता दी ।। शुभरात्रि वंदन जी...

Sonu Pathak (Jai Mata Di) Jan 8, 2021
Radhe Radhe ji Jai shri Radhe krishna🌹🙏 🙏🌹Jai Mata rani di Good night sister god bless u and your family🥀🌿🙏

rakesh dubey Jan 8, 2021
Jai mata di 🚩🚩 Jai shri radhe krishna ji🌷 GOOD night ji💐💐💐

JAI MAA VAISHNO Jan 8, 2021
बोलिए लक्ष्मी माता की जय वीर लक्ष्मी विजय लक्ष्मी रानी लक्ष्मी ऐश्वर्या लक्ष्मी आधी लक्ष्मी गजलक्ष्मी धन लक्ष्मी संतान लक्ष्मी पुत्र लक्ष्मी रिद्धि सिद्धि लक्ष्मी बोलो अष्ट लक्ष्मी की जय बोल सच्चे दरबार की जय वैभव लक्ष्मी की जय मां सच्चियां जोता वाली माता आपकी सदा ही जय श्री वैष्णो देवी माता की जय

Renu Singh Jan 8, 2021
🙏🌸 Jai Mata Di 🌸🙏 Shubh Ratri Meri Pyari Bahena ji 🙏 Mata Rani ki kripa Aap aur Aàpki Family pr Sadaiv Bni rhe Aàpka Aane Wala Har Pal Shubh V Mangalmay ho Bahena Ji 🙏🌹🙏

Naresh Rawat Jan 8, 2021
जय माता दी 🙏🚩 शुभ रात्रि स्नेह वंदन सिस्टर जी🙏🌙आप सदा स्वस्थ💪 और खुश रहो 🙂जय श्रीकृष्ण जय राधे राधे जी🙏🌷 जगत जननी माँ भगवती कष्ट हारनि एंव करूणामयी ममतामयी जी की कृपा आप सपरिवार पर हमेशा बनी रहे सिस्टर जी🙏🌹 जय माता दी 🙏🚩🚩

Jawahar lal bhargava Jan 8, 2021
🚩 Jai Shree Radhe Krishna ji 🌹🌹 🙏🙏 🌹🌹 Shubh Ratri Sister ji Aapka har pal Shubh v Mangalmaye ho 🙏🙏 Sister ji

Anilkumar Marathe Jan 8, 2021
जय श्री कृष्णा नमस्कार खुशियोकी सदाबहार आदरणीय प्यारी अल्का जी !! 🌹भगवान हर बुरी नज़र से बचाये आपको, दुनिया की तमाम खुशियों से सजाये आपको, दुःख क्या होता है यह कभी पता न चले, कदम कदम पर मिले ख़ुशी और कामयाबी की बहार आपको, गम और परेशानी आपको छू भी ना सके और हर तरफ आपका आदर सन्मान हो !! 🙏शुभरात्री स्नेह वदंन जी !!

Babita Sharma Jan 9, 2021
राधे राधे बहना 🙏जय श्री शनिदेव जय श्री बाला जी🙏 आपका दिन शुभ हो। जीवन में सदा सुख शांति बनी रहे।शुभ एकादशी⚘⚘

Manoj Gupta AGRA Jan 9, 2021
jai shree radhe krishna behan 🙏🙏🌷🌸💐🌀 shubh prabhat vandan ji 🙏🙏🌷

brijmohan kaseara Jan 9, 2021
जय माता दी सुन्दर प्रस्तुति के लिए धन्यवाद आदरणीय सिस्टर जी

Ⓜ️@nisha Jan 9, 2021
🌹🙏जय श्री कृष्ण 🙏🌹 🚩🏹#जय_श्री_राम🏹🚩 🚩#जय_हनुमान🚩 🚩🚩🏹🏹🙏🏹🏹🚩🚩 *"वाणी और विचार* *ये दोनों प्रोडक्ट हमारी* *खुद की कंपनी के हैं* *जितनी क्वालिटी और* *गुणवत्ता अच्छी रखेंगे* *उतनी कीमत ज्यादा मिलेगी"* 🌹🌹🌹🏹🙏🏹🌹🌹🌹

Manoj manu Jan 9, 2021
🚩🙏जय श्री कृष्णा जी राधे राधे जी शुभ एकादशी प्रभु श्री जी की अनंत सुंदर कृपा के साथ में शुभ संध्या मधुर मंगल जी दीदी 🌹🏵🙏

sanjay choudhary Jan 9, 2021
।।।।जय श्री कृष्णा।।।। जय श्री राम 🙏🙏🙏 आपकी रात्रि शुभ रहे।।।

r h Bhatt Jan 14, 2021
Jai matage Shubh dophar ji Vandana ji

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Durgeshgiri Apr 12, 2021

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pandey ji Apr 12, 2021

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ANITA Apr 12, 2021

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. दिनांक 13. 04. 2021 दिन मंगलवार तदनुसार संवत् २०७८ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरम्भ होने जा रहे हैं :- "चैत्र नवरात्रे 2021" नवरात्री के नौ दिनों तक देवी माँ के एक स्वरुप की पूजा की जाती है। जो इस प्रकार है :- 01. 13 अप्रैल, 2021 (मंगलवार)- प्रतिपदा तिथि- घटस्थापना, श्री शैलपुत्री पूजा 02. 14 अप्रैल, 2021 (बुधवार)- द्वितीया तिथि- श्री ब्रह्मचारिणी पूजा 03. 15 अप्रैल, 2021 (गुरुवार)- तृतीय तिथि- श्री चंद्रघंटा पूजा 04. 16 अप्रैल, 2021 (शुक्रवार)- चतुर्थी तिथि- श्री कुष्मांडा पूजा 05. 17 अप्रैल, 2021 (शनिवार)- पंचमी तिथि- श्री स्कन्दमाता पूजा 06. 18 अप्रैल, 2021 (रविवार)- षष्ठी तिथि- श्री कात्यायनि पूजा 07. 19 अप्रैल, 2021 (सोमवार)- सप्तमी तिथि- श्री कालरात्रि पूजा 08. 20 अप्रैल, 2021 (मंगलवार)- अष्टमी तिथि श्री महागौरी पूजा, महाअष्टमी पूजा 09. 21 अप्रैल, 2021 (बुधवार)- नवमी तिथि- सिद्धिदात्री पूजा, नवमी पूजा "घट स्थापना" नवरात्री में घट स्थापना का बहुत महत्त्व है। नवरात्री की शुरुआत घट स्थापना से की जाती है। कलश को सुख समृद्धि, ऐश्वर्य देने वाला तथा मंगलकारी माना जाता है। कलश के मुख में भगवान विष्णु गले में रूद्र, मूल में ब्रह्मा तथा मध्य में देवी शक्ति का निवास माना जाता है। नवरात्री के समय ब्रह्माण्ड में उपस्थित शक्तियों का घट में आह्वान करके उसे कार्यरत किया जाता है। इससे घर की सभी विपदा दायक तरंगें नष्ट हो जाती है तथा घर में सुख शांति तथा समृद्धि बनी रहती है। "सामग्री" जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र, जौ बोने के लिए शुद्ध साफ की हुई मिटटी जिसमे कंकर आदि ना हो, पात्र में बोने के लिए जौ (गेहूं भी ले सकते है), घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश या फिर तांबे का कलश भी लें सकते हैं, कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल, रोली, मौली, पूजा में काम आने वाली साबुत सुपारी, कलश में रखने के लिए सिक्का (किसी भी प्रकार का कुछ लोग चांदी या सोने का सिक्का भी रखते हैं), आम के पत्ते, कलश ढकने के लिए ढक्कन (मिट्टी का या तांबे का), ढक्कन में रखने के लिए साबुत चावल, नारियल, लाल कपडा, फूल माला, फल तथा मिठाई, दीपक, धूप, अगरबत्ती। "घट स्थापना की विधि" सबसे पहले जौ बोने के लिए एक ऐसा पात्र लें जिसमे कलश रखने के बाद भी आस पास जगह रहे। यह पात्र मिट्टी की थाली जैसा कुछ हो तो श्रेष्ठ होता है। इस पात्र में जौ उगाने के लिए मिट्टी की एक परत बिछा दें। मिट्टी शुद्ध होनी चाहिए। पात्र के बीच में कलश रखने की जगह छोड़कर बीज डाल दें। फिर एक परत मिटटी की बिछा दें। एक बार फिर जौ डालें। फिर से मिट्टी की परत बिछाएँ। अब इस पर जल का छिड़काव करें। कलश तैयार करें। कलश पर स्वस्तिक बनायें। कलश के गले में मौली बाँधें। अब कलश को थोड़े गंगा जल और शुद्ध जल से पूरा भर दें। कलश में साबुत सुपारी, फूल डालें। कलश में सिक्का डालें। अब कलश में पत्ते डालें। कुछ पत्ते थोड़े बाहर दिखाई दें इस प्रकार लगाएँ। चारों तरफ पत्ते लगाकर ढ़क्कन लगा दें। इस ढ़क्कन में अक्षत यानि साबुत चावल भर दें। नारियल तैयार करें। नारियल को लाल कपड़े में लपेट कर मौली बाँध दें। इस नारियल को कलश पर रखें। नारियल का मुँह आपकी तरफ होना चाहिए। यदि नारियल का मुँह ऊपर की तरफ हो तो उसे रोग बढ़ाने वाला माना जाता है। नीचे की तरफ हो तो शत्रु बढ़ाने वाला मानते है, पूर्व की ओर हो तो धन को नष्ट करने वाला मानते हैं। नारियल का मुँह वह होता है जहाँ से वह पेड़ से जुड़ा होता है।अब यह कलश जौ उगाने के लिए तैयार किये गये पात्र के बीच में रख दें। "चौकी स्थापना और पूजा विधि" लकड़ी की एक चौकी को गंगाजल और शुद्ध जल से धोकर पवित्र करें। साफ कपड़े से पोंछ कर उस पर लाल कपड़ा बिछा दें। इसे कलश के दांयी तरफ रखें। चौकी पर माँ दुर्गा की मूर्ति अथवा फ्रेम युक्त फोटो रखें। माँ को चुनरी ओढ़ाएँ और फूल माला चढ़ायें। धूप, दीपक आदि जलाएँ। नौ दिन तक जलने वाली माता की अखंड-जोत जलाएँ। न हो सके तो आप सिर्फ पूजा के समय ही दीपक जला सकते हैं। देवी माँ को तिलक लगाएँ। माँ दुर्गा को वस्त्र, चंदन, सुहाग के सामान यानि हल्दी, कुमकुम, सिंदूर, अष्टगंध आदि अर्पित करें, काजल लगाएँ। मंगलसूत्र, हरी चूडियाँ, फूल माला, इत्र, फल, मिठाई आदि अर्पित करें। श्रद्धानुसार दुर्गा सप्तशती के पाठ, देवी माँ के स्रोत, दुर्गा चालीसा का पाठ, सहस्रनाम आदि का पाठ करें। फिर अग्यारी तैयार कीजिये अब एक मिटटी का पात्र और लीजिये उसमे आप गोबर के उपले को जलाकर अग्यारी जलाये घर में जितने सदस्य हैं उन सदस्यो के हिसाब से लॉग के जोड़े बनाये, लॉग के जोड़े बनाने के लिए आप बताशों में लॉग लगाएं यानि की एक बताशे में दो लॉग, ये एक जोड़ा माना जाता है और जो लॉग के जोड़े बनाये है फिर उसमे कपूर और सामग्री चढ़ाये और अग्यारी प्रज्वलित करें। देवी माँ की आरती करें। पूजन के उपरांत वेदी पर बोए अनाज पर जल छिड़कें। प्रतिदिन देवी माँ का पूजन करें तथा जौं वाले पात्र में जल का हल्का छिड़काव करें। जल बहुत अधिक या कम ना छिड़कें। जल इतना हो की जौ अंकुरित हो सकें। ये अंकुरित जौ शुभ माने जाते हैं। यदि इनमें से किसी अंकुर का रंग सफेद हो तो उसे बहुत अच्छा माना जाता है। "नवरात्री के व्रत की विधि" नवरात्रि के दिनों में बहुत से लोग आठ दिनों के लिए व्रत रखते हैं, (पड़वा से अष्टमी), और केवल फलाहार पर ही आठों दिन रहते हैं। फलाहार का अर्थ है, फल एवं और कुछ अन्य विशिष्ट सब्जियों से बने हुए खाने। फलाहार में सेंधा नमक का इस्तेमाल होता है। नवरात्रि के नौवें दिन भगवान राम के जन्म की रस्म और पूजा (रामनवमी) के बाद ही उपवास खोला जाता है। जो लोग आठ दिनों तक व्रत नहीं रखते, वे पहले और आख़िरी दिन उपवास रख लेते हैं, (यानी कि पड़वा और अष्टमी को)। व्रत रखने वालों को जमीन पर सोना चाहिए। नवरात्री के व्रत में अन्न नहीं खाना चाहिये। सिंघाडे के आटे की लप्सी, सूखे मेवे, कुटु के आटे की पूरी, समां के चावल की खीर, आलू, आलू का हलवा भी ले सकते हैं, दूध, दही, घीया, इन सब चीजों का फलाहार करना चाहिए और सेंधा नमक तथा काली मिर्च का प्रयोग करना चाहिये। दोपहर को आप चाहें तो फल भी ले सकते हैं। "नवरात्री में कन्या पूजन" महाअष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। कुछ लोग अष्टमी के दिन और कुछ नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं। परिवार की रीति के अनुसार किसी भी दिन कन्या पूजन किया जा सकता है। तीन साल से नौ साल तक आयु की कन्याओं को तथा साथ ही एक लांगुरिया (छोटा लड़का) को खीर, पूरी, हलवा, चने की सब्जी आदि खिलाये जाते हैं। कन्याओं को तिलक करके, हाथ में मौली बाँधकर, गिफ्ट दक्षिणा आदि देकर आशीर्वाद लिया जाता है, फिर उन्हें विदा किया जाता है। ----------:::×:::---------- "जय माता दी" ********************************************

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