meena Pathak
meena Pathak Apr 19, 2019

जय जय जय हनुमान जी राम राम संध्या कीर्तन 🙏🙏

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कामेंट्स

Jai Matadi Apr 19, 2019
Jai shri ram Jai Hanuman didi Ji subh sandya vandan🙏🙏🌹🌹

meena Pathak Apr 19, 2019
@sanjayawasthi2 जय श्री राम शुभ संध्या वंदन जी भाई 🌸🌸🙏🙏🌸🌸

meena Pathak Apr 19, 2019
@jagdishbijarnia जय श्री राम जय वीर हनुमान जी शुभ संध्या वंदन 🌼🏵🙏🙏🌺🌺

,OP JAIN (RAJ) Apr 19, 2019
जय श्री हनुमान जी आपका हर एक पल शुभ और मंगलमय हो शुभ sandya दीदी आप और आपके पूरे परिवार को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

meena Pathak Apr 19, 2019
@opjainj जय श्री राम जय वीर हनुमान जी शुभ संध्या वंदन जी भाई 🌼🌼🙏🙏🌼🌼

Brajesh Sharma Apr 19, 2019
श्री राम जय राम जय जय राम पवनपुत्र हनुमान जी की जय शुभ संध्या वंदन जी

meena Pathak Apr 19, 2019
@brajeshsharma1 जय श्री राम जय जय श्री राम जय वीर हनुमान जी शुभ संध्या वंदन जी भाई,🌸🌸🙏🙏🌸🌸

Akash Kumar Apr 19, 2019
🙏🕉🌹Jai Jai Shree Ram Ji V V Very Nice Post Ji Aap Aur Aap Ke Parvar Ka Har Pal Shubh Ho Ji Shubh Ratri Ji Jai Mata Rani Ji 🙏🕉🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Rajendra Prajapati Apr 19, 2019
Jai Bajrang Bali ki Veer Bajrang Bali ki kripa drashti sadaiv aap par bani rahe ji Shubh Ratri ji

meena Pathak Apr 19, 2019
@akashkumar81 जय श्री राम जय वीर हनुमान जी शुभ रात्रि वंदन जी भाई 🌼🌼🙏🙏🌼🌼

meena Pathak Apr 19, 2019
@rrathod जय माता दी जय श्री राम जय वीर हनुमान जी शुभ रात्रि वंदन जी भाई 🌸🌸🙏🙏🌸🌸

Anjana Gupta Apr 19, 2019
Ram Ram dear sister ji aapki har mnokamna ram ji puri Kare aapka har pal khusshiyo bara Ho Shubh ratri Vandan ji 🌹🙏🚩🚩

meena Pathak Apr 19, 2019
@anjanagupta4 जय श्री राम जय जय श्री हनुमान जी शुभ रात्रि वंदन जी बहना 🙏🙏🌸🌸🌸🌸🌸🙏🙏

जयंत भाइ 🚩🌹🙏 Apr 19, 2019
पुंजिकस्थली यानी माता अंजनी पुंजिकस्थली देवराज इन्द्र की सभा में एक अप्सरा थीं। एक बार जब दुर्वासा ऋषि इन्द्र की सभा में उपस्थित थे, तब अप्सरा पुंजिकस्थली बार-बार अंदर-बाहर आ-जा रही थीं। इससे गुस्सा होकर ऋषि दुर्वासा ने उन्हें वानरी हो जाने का शाप दे दिया। पुंजिकस्थली ने क्षमा मांगी, तो ऋषि ने इच्छानुसार रूप धारण करने का वर भी दिया। कुछ वर्षों बाद पुंजिकस्थली ने वानर श्रेष्ठ विरज की पत्नी के गर्भ से वानरी रूप में जन्म लिया। उनका नाम अंजनी रखा गया। विवाह योग्य होने पर पिता ने अपनी सुंदर पुत्री का विवाह महान पराक्रमी कपि शिरोमणी वानरराज केसरी से कर दिया। इस रूप में पुंजिकस्थली माता अंजनी कहलाईं। जब वानरराज को दिया ऋर्षियों ने वर एक बार घूमते हुए वानरराज केसरी प्रभास तीर्थ के निकट पहुंचे। उन्होंने देखा कि बहुत-से ऋषि वहां आए हुए हैं। कुछ साधु किनारे पर आसन लगाकर पूजा अर्चना कर रहे थे। उसी समय वहां एक विशाल हाथी आ गया और उसने ऋषियों को मारना प्रारंभ कर दिया। ऋषि भारद्वाज आसन पर शांत होकर बैठे थे, तभी वह दुष्ट हाथी उनकी ओर भी झपटा। पास के पर्वत शिखर से केसरी ने हाथी को यूं उत्पात मचाते देखा तो उन्होंने बलपूर्वक उसके बड़े-बड़े दांत उखाड़ दिए और उसे मार डाला। हाथी के मारे जाने पर प्रसन्न होकर ऋर्षियों ने कहा, 'वर मांगो वानरराज।' केसरी ने वरदान मांगा, ' प्रभु , इच्छानुसार रूप धारण करने वाला, पवन के समान पराक्रमी तथा रुद्र के समान पुत्र आप मुझे प्रदान करें।' ऋषियों ने 'तथास्तु' कहा और वो चले गए। इसके बाद वानरराज केसरी के क्षेत्र में भगवान रुद्र ने स्वयं अवतार धारण किया। इस तरह श्रीरामदूत हनुमानजी ने वानरराज केसरी के यहां जन्म

meena Pathak Apr 19, 2019
@जयंतभाइपुरोहित जय श्री राम जय वीर हनुमान जी शुभ रात्रि वंदन जी भाई हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं 🌼🏵🙏🙏🌺🌺

meena Pathak Apr 19, 2019
@bhagwansingh138 जय श्री राम जय वीर हनुमान जी जय श्री राधे कृष्णा जी भाई शुभ रात्रि वंदन 🙏🌸🌸🙏

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aditi sharma May 21, 2019

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jpshrivastava May 21, 2019

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umaGopal Mishra May 21, 2019

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Vandana Singh May 21, 2019

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Rajendra Gahlot May 21, 2019

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