Hemanthsingh
Hemanthsingh Mar 27, 2020

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Aishwarya Munshi May 25, 2020

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Sudhir Sharma May 25, 2020

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!! ॐ नमः शिवाय !! ॐ नमः शिवाय !! !! ॐ नमः शिवाय !! ॐ नमः शिवाय !! !! ॐ नमः शिवाय !! ॐ नमः शिवाय !! !! ॐ नमः शिवाय !! ॐ नमः शिवाय !! !! ॐ नमः शिवाय !! ॐ नमः शिवाय !!🙏 🌹 जय श्री भोले बाबा 🌹 🙏 क्यूँ ढूंढें तुझे !! हम 'तुझे' क्यूँ ढूंढें ? तू तो हरदम हमारे पास है ! ढूंढनी तो है वो नज़र,जो तुझे देख सके, वो मिलेगी ज़रूर, ऐसा हमारा विश्वास है ! तू ही तो ये कहता है कि, विश्वास का ही ये सारा खेल है, उसी में तो छुपा, भक्त और भगवान् का मेल है ! तो बस, इतनी कृपा बनाए रखना , मेरे मन में, विश्वास का दीपक जलाए रखना ! तेरी मर्ज़ी हुई, तो तुझको पा के भी दिखा दूंगा मैं, भक्त भगवान् से कुछ कम नहीं, सब देखेंगे और दिखा दूंगा मैं ! ये भी जानता हूँ मैं, कि कर्ता भी तू कारण भी तू, और हर कारण का निवारण भी तू ! इसलिए यह विनती है, हमारे विश्वास को न लजाना, जब भी पुकारें हम तुम्हें, बस तुम दौड़े चले आना !!🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹Rules 👍🙏 लॉकडाउन 1.0- न आप ये कर सकते हैं न वो कर सकते हैं। लॉकडाउन 2.0- आप ये कर सकते हैं पर वो नहीं कर सकते । लॉकडाउन 3.0- आप वो कर सकते हैं पर ये नहीं कर सकते । लॉकडाउन 4.0- आप ये-वो कर सकते हैं पर वो-ये नहीं कर सकते । लॉकडाउन 5.0- आपको जो करना है करो, हम कुछ नहीं कर सकते...!! *अपनी सुरक्षा खुद करें* 👍👍👍👍👍👍👍ॐ काली-महाकाली कालिके परमेश्वरी ! सर्वानन्दकरी देवी-नारायणी नमोस्तुते !! या देवी-सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण सँस्तिथा: ! नमतस्यै-नमतस्यै-नमतस्यै नमो: नमः !! !!गंगा गीता गायत्री हरिद्वार 🌹🌹🌹🌹सेवक भरत व्यास बांगा

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Rajpal Chhoker🙏 May 25, 2020

कन्याकुमारी मंदिर...कन्याकुमारी ऋषि-मुनियों और अवतारों की भूमि 'भारत' एक रहस्यमय देश है। धरती के 70.8% प्रतिशत भाग पर समुद्र है जिसमें से 14% भाग पर बसा है विराट हिन्द महासागर। भारत तीन ओर से समुद्र से घिरा है और जिसके 13 राज्यों की सीमा से समुद्र लगा हुआ है ।। चारों धाम की यात्रा में सभी तरह के नजारों के दर्शन हो जाते हैं । अगर घूमने का मन करे तो एक बार कन्याकुमारी जरूर जाएं । 1.कन्याकुमारी :  कन्याकुमारी हिन्दुओं का प्रमुख तीर्थस्थल के साथ साथ तमिलनाडु राज्य का एक शहर है। कन्याकुमारी दक्षिण भारत के महान शासकों चोल, चेर, पांड्य के अधीन रहा है। यह मध्यकाल में विजयानगरम् साम्राज्य का भी हिस्सा रहा है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने असुर बाणासुर को वरदान दिया था कि कुंवारी कन्या के अलावा किसी के हाथों उसका वध नहीं होगा। प्राचीनकाल में भारत पर शासन करने वाले राजा भरत को 8 पुत्री और 1 पुत्र था। भरत ने अपने साम्राज्य को 9 बराबर हिस्सों में बांटकर अपनी संतानों को दे दिया। दक्षिण का हिस्सा उनकी पुत्री कुमारी को मिला। कुमारी शिव की भक्त थीं और भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं। विवाह की तैयारियां होने लगीं लेकिन नारद मुनि चाहते थे कि बाणासुर का कुमारी के हाथों वध हो जाए। इस कारण शिव और देवी कुमारी का विवाह नहीं हो पाया। कुमारी को शक्ति देवी का अवतार माना जाने लगा और बाणासुर  के वध के बाद कुमारी की याद में ही दक्षिण भारत के इस स्थान को 'कन्याकुमारी' कहा जाने लगा। यहां के समुद्री तट पर ही कुमारी देवी का मंदिर है, जहां देवी पार्वती के कन्या रूप को पूजा जाता है। मंदिर में प्रवेश के लिए पुरुषों को कमर से ऊपर के वस्त्र उतारने पड़ते हैं। प्रचलित कथा के अनुसार देवी का विवाह संपन्न न हो पाने के कारण बच गए दाल-चावल बाद में कंकर बन गए। आश्चर्यजनक रूप से कन्याकुमारी के समुद्र तट की रेत में दाल और चावल के आकार और रंग-रूप के कंकर बड़ी मात्रा में देखे जा सकते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त : कन्याकुमारी अपने सूर्योदय के दृश्य के लिए काफी प्रसिद्ध है। सुबह हर होटल की छत पर पर्यटकों की भारी भीड़ सूरज की अगवानी के लिए जमा हो जाती है। शाम को सागर में डूबते सूरज को देखना भी यादगार होता है। उत्तर की ओर करीब 2-3 किलोमीटर दूर एक सनसेट प्वॉइंट भी है। घूमने जाए तो यहां का आनन्द जरूर लें विवेकानंद रॉक मेमोरियल – Vivekananda Rock Memorial कन्याकुमारी में प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक, विवेकानंद रॉक मेमोरियल तट से 100 मीटर की दूरी पर स्थित है । और कन्याकुमारी में प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। छोटे रॉक द्वीप को नौका द्वारा पहुंचा जा सकता है और इसमें दो मुख्य संरचनाएं शामिल हैं। स्वामी विवेकानंद मंडपम और श्रीपद मंडपम स्मारक के दो मुख्य परिसर हैं और लाखों पर्यटकों द्वारा यह अक्सर दौरा किया जाता है। 4. सुविन्द्रम – Suchindram एक मंदिर शहर, सुचितंदम कन्याकुमारी शहर से 11 किलोमीटर दूर स्थित है।यहां के मंदिर विशिष्ट द्रविड़ शैली में बने हैं और बड़े पैमाने पर गोपुरों के साथ सजे हुए हैं जो सभी द्रविड़ मंदिरों की एक सामान्य विशेषता हैं। उच्चतम गोपुरम 134 फीट ऊंचा है और मंदिरों के अंदर कई अति सुंदर रॉक कट स्तंभ और गेटवे खेल रहे हैं।एक प्राचीन मंदिर शहर होने के नाते यह प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों द्वारा अक्सर जाता है। 5. गांधी स्मारक – Gandhi Smarak यह स्मारक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित है। यही पर महात्मा गांधी की चिता की अस्थियाँ रखी हुई है। इस स्मारक की स्थापना 1956 में हुई थी। महात्मा गांधी 1937 में यहां आए थे। उनकी मृत्यु के बाद 1948 में कन्याकुमारी में ही उनकी अस्थियां विसर्जित की गई थी। स्मारक को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि महात्मा गांधी के जन्म दिवस पर सूर्य की प्रथम किरणें उस स्थान पर पड़ती हैं जहां महात्मा की राख रखी हुई है। 6. तिरुवल्लुवर प्रतिमा – Thiruvalluvar Statue विशाल 133 फीट की विशाल प्रतिमा सेंट काव्य तिरुवल्लुवर का है, जिसे भारत में सबसे बड़ी तमिल कवियों में से एक माना जाता था। तिरुवल्लुवर प्रतिमा एशिया में सबसे बड़ी है और 1 जनवरी 2000 को इसका अनावरण किया गया था। मूर्ति का मस्तूल कलात्मक रूप से डिज़ाइन किया गया है और इसे 10 हाथियों से सजाया गया है जो विभिन्न दिशाओं को दर्शाता है। https://youtu.be/awJs-Qdk7lk

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Pawan Saini May 25, 2020

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gopal May 25, 2020

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