Mamta Chauhan
Mamta Chauhan Mar 31, 2020

Aaja Maa Aaja Maa Ek Baar Mere Ghar Aaja Maa🌿🌿🌿🌿🌷Jai Mata Di 🌷🌿🌿🌿🌿

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कामेंट्स

Subhash Nagar Mar 31, 2020
ममता चौहान जी ओम जय श्री सतगुरु देव महाराज की जय बोलो बाबा मोहन राम की जय जय जय श्री राधे कृष्ण बोलो राधे राधे जी राधे राधे जी राधे राधे जी राधे राधे जी जय श्री कृष्णा राधे राधे राधे राधे

Amit Bhai Mar 31, 2020
Good Evening Meri Didi Aap Hmesha Khushi Rho Ji Aap Ki Har Mnokamna Puri Kare Mata Rani Didi 💠🎄💠

JAGDISH BIJARNIA Mar 31, 2020
Jai mata di sister ji subh sandhya vandan apka din mangalmay ho 🌹🌹🙏🙏

seema soni Mar 31, 2020
Good evening pyari bhna ji jai mata de🙏🙏🌹🌹👣🕉️🕉️💖💖💖🍫🍫

Manoj manu Mar 31, 2020
🚩🙏जय माता दी राधे राधे जी🏵 माँ भगवती की अनंत सुंदर,सदा कल्याणी,करुणामयी,ममतामयी ,सदा कल्याणी कृपा एवं हर पल की मंगल कामनाओं के साथ में शुभ रात्रि वंदन जी दीदी 🏵🙏

Narayan Tiwari Mar 31, 2020
कष्टों को काटने के लिए प्रार्थना ही एक ऐसा ब्रह्मास्त्र है,जिसका वार कभी खाली नहीं जाता हैं..!!🧘‍♂️🧘‍♂️🧘‍♂🧘‍♂️ 🚩|| जय मांई की||🚩

Asha Bakshi Apr 1, 2020
जय माता दी शुभ दोपहर स्नेह वंदन आप सदा खुश रहो प्यारी बहना जी नमस्कार ईश्वर की असीम कृपा आप ओर आपके पुरे परिवार पर हमेशा बनी रहे प्यारी बहना माता रानी आपकी हर मनोकामना पूर्ण करें प्यारी बहना 🙏🌹🙏🌹🙏

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Rameshanand Guruji May 8, 2020

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Rameshanand Guruji May 8, 2020

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Susheel Verma May 8, 2020

Main Category ~> Goddess Gaytrima Sub Category ~> Aarti ---------------------- जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। आदि शक्ति तुम अलख निरंजन जग पालन कर्त्री। दुःख शोक भय क्लेश कलह दारिद्र्य दैन्य हर्त्री॥१॥ ब्रह्मरूपिणी, प्रणत पालिनी, जगत धातृ अम्बे। भव-भय हारी, जन हितकारी, सुखदा जगदम्बे॥२॥ भयहारिणि, भवतारिणि, अनघे अज आनन्द राशी। अविकारी, अघहरी, अविचलित, अमले, अविनाशी॥३॥ कामधेनु सत-चित-आनन्दा जय गंगा गीता। सविता की शाश्वती, शक्ति तुम सावित्री सीता॥४॥ ऋग्, यजु, साम, अथर्व, प्रणयिनी, प्रणव महामहिमे। कुण्डलिनी सहस्रार सुषुम्रा शोभा गुण गरिमे॥५॥ स्वाहा, स्वधा, शची, ब्रह्माणी, राधा, रुद्राणी। जय सतरूपा वाणी, विद्या, कमला, कल्याणी॥६॥ जननी हम हैं दीन, हीन, दुःख दारिद के घेरे। यदपि कुटिल, कपटी कपूत तऊ बालक हैं तेरे॥७॥ स्नेह सनी करुणामयि माता चरण शरण दीजै। बिलख रहे हम शिशु सुत तेरे दया दृष्टि कीजै॥८॥ काम, क्रोध, मद, लोभ, दम्भ, दुर्भाव द्वेष हरिये। शुद्ध, बुद्धि, निष्पाप हृदय, मन को पवित्र करिये॥९॥ तुम समर्थ सब भाँति तारिणी, तुष्टि, पुष्टि त्राता। सत मारग पर हमें चलाओ जो है सुखदाता॥१०॥ जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता॥ ---------------------- For more, Download Bhakti App Now : http://bit.ly/BhaktiApp

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Susheel Verma May 8, 2020

Main Category ~> Goddess Ambe Maa Sub Category ~> Stuti ---------------------- विश्वंभरी अखिल विश्व तनी जनेता विद्या धरी वदनमा वसजो विधाता दुर्बुद्धिने दूर करी सदबुद्धि आपो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो भूलो पड़ी भवरने भटकू भवानी सूझे नहीं लगिर कोई दिशा जवानी भासे भयंकर वाली मन ना उतापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो आ रंकने उगरावा नथी कोई आरो जन्मांड छू जननी हु ग्रही बाल तारो ना शु सुनो भगवती शिशु ना विलापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो माँ कर्म जन्मा कथनी करता विचारू आ स्रुष्टिमा तुज विना नथी कोई मारू कोने कहू कथन योग तनो बलापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो हूँ काम क्रोध मद मोह थकी छकेलो आदम्बरे अति घनो मदथी बकेलो दोषों थकी दूषित ना करी माफ़ पापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो ना शाश्त्रना श्रवण नु पयपान किधू ना मंत्र के स्तुति कथा नथी काई किधू श्रद्धा धरी नथी करा तव नाम जापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो रे रे भवानी बहु भूल थई छे मारी आ ज़िन्दगी थई मने अतिशे अकारि दोषों प्रजाली सगला तवा छाप छापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो खाली न कोई स्थल छे विण आप धारो ब्रह्माण्डमा अणु अणु महि वास तारो शक्तिन माप गणवा अगणीत मापों माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो पापे प्रपंच करवा बधी वाते पुरो खोटो खरो भगवती पण हूँ तमारो जद्यान्धकार दूर सदबुध्ही आपो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो शीखे सुने रसिक चंदज एक चित्ते तेना थकी विविधः ताप तळेक चिते वाधे विशेष वली अंबा तना प्रतापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो श्री सदगुरु शरणमा रहीने भजु छू रात्री दिने भगवती तुजने भजु छू सदभक्त सेवक तना परिताप छापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो अंतर विशे अधिक उर्मी तता भवानी गाऊँ स्तुति तव बले नमिने मृगानी संसारना सकळ रोग समूळ कापो माम पाहि ॐ भगवती भव दुःख कापो ---------------------- For more, Download Bhakti App Now : http://bit.ly/BhaktiApp

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