Radha krishna
Radha krishna Sep 24, 2017

यहां पर है भगवान राम की सरकार, रानी के एक सपने ने बदल दी थी रियासत।

यहां पर है भगवान राम की सरकार, रानी के एक सपने ने बदल दी थी रियासत।

झांसी से 20 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश की सीमा पर बेतवा नदी किनारे स्थित ओरछा में भगवान राम का मंदिर है। इसे राम राजा सरकार के नाम से जाना जाता है। ओरछा विदेशी सैलानियों के लिए बड़ा पर्यटन स्थल है। लाखों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।


यहां रोजाना एक पुलिसकर्मी भगवान राम को सलामी देता है। ओरछा के हृदेश तिवारी बताते हैं कि चारों पहर सलामी दी जाती है। मंदिर के अन्दर किसी को भी फोटो लेने की अनुमति नहीं है। राम बरात के दौरान 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और एक पुलिस अधिकारी भगवान राम को सलामी देता है।

कहा जाता है कि भगवान राम खुद ही यहां के राजा बनना चाहते थे। करीब 400 साल पहले साल 1554 से 1594 तक राजा मधुकर शाह ओरछा राज्य के राजा थे। उनकी पत्नी रानी कुंवर गणेशी के सपने में आकर भगवान राम ने खुद को भगवान की बजाय राजा कहलवाने की इच्छा जाहिर की थी।

राजा मधुकर शाह कृष्ण भक्त थे। एक बार उन्होंने रानी कुंवर गणेशी से वृंदावन चलने को कहा, लेकिन रानी ने जाने से मना कर दिया। इसे लेकर दोनों में बहस हो गई। इतिहास के अनुसार, राजा ने रानी को चुनौती दी कि अगर राम भगवान हैं, तो उन्हें ओरछा लाकर दिखाओ। इस पर रानी अवधपुरी अयोध्या चली गईं और सरयू नदी किनारे लक्ष्मण किला के पास कड़ी तपस्या की।

एक महीने तपस्या करने के बाद रानी ने थककर सरयू नदी में छलांग लगा दी, लेकिन चमत्कारिक रूप से वह नदी से बाहर पहुंच गईं। इसे राम का ही चमत्कार माना गया। कहा जाता है कि बेहोश स्थिति में रही रानी ने जब आंखें खोली तो भगवान राम उन्हें गोद में बैठे प्रतीत हुए। रानी ने भगवान से प्रार्थना की कि वह ओरछा चलें।

श्रीराम ने रानी के सामने ओरछा आने के लिए तीन शर्तें रखीं। पहली यह कि वह पुख्य नक्षत्र में ही ओरछा के लिए प्रस्थान करेंगे। दूसरा, जहां एक बार बैठेंगे वहीं स्थापित हो जाएंगे। तीसरा, वह ओरछा के राजा कहलाएंगे, जहां उनका राजशाही फरमान चलेगा।

रानी ने राम को ओरछा लाने की तैयारी की। राम को यहां प्रतिमा के रूप में लाने में उन्हें 8 माह का समय लग गया। इस बीच राजा मधुकर शाह ने एक चतुर्भुज मंदिर का निर्माण कराया। इसी मंदिर में भगवान राम को स्थापित करने की तैयारी थी। मंदिर में स्थापना से पहले राम राजा को मंदिर के गर्भगृह में रखा गया। जब उन्हें गर्भगृह से चतुर्भुज मंदिर ले जाने की कोश‍िश की गई, तो शर्ता के अनुसार वह पहले स्थान पर ही स्थापित हो गए। उन्हें कोई उठा ही नहीं पाया। भगवान राम की इच्छा के अनुसार इस मंदिर को राम राजा सरकार का नाम दिया गया और तभी से श्रीराम को ओरछा का राजा घोषित कर दिया गया।

Pranam Belpatra Jyot +190 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 91 शेयर

कामेंट्स

Shailendra Sen Sep 24, 2017
हमने गए थे घूमने बहुत ही सुंदर जगह हैं

Shri Banke Bihari Aug 19, 2018

Pranam Like Bell +12 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 105 शेयर
Aechana Mishra Aug 17, 2018

Like Pranam Belpatra +277 प्रतिक्रिया 93 कॉमेंट्स • 758 शेयर
Shri Banke Bihari Aug 17, 2018

Pranam Flower Bell +10 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 132 शेयर
Aechana Mishra Aug 16, 2018

Pranam Like Jyot +83 प्रतिक्रिया 18 कॉमेंट्स • 245 शेयर
Laxman Choudhary Aug 17, 2018

Flower Pranam Like +24 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 85 शेयर

🍃☘🌿🍃☘🌿🍃☘🌿🍃☘🌿🍃☘🌿

भक्ति नाचता हुआ धर्म है। यदि धर्म उत्सव या नृत्य न हो तो वह धर्म ही नहीं है। जिस दिन भक्ति खो जाती है, उस दिन धर्म भी खो जाता है। भक्ति है, तो भगवान हैं और उनका भक्त भी।

भक्ति के हटने पर धर्म कट्टर सिद्धांत के संपुट में...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Like Flower +6 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 4 शेयर
Shri Banke Bihari Aug 16, 2018

Like Flower Milk +12 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 235 शेयर
Aechana Mishra Aug 16, 2018

🕉🔯🕉🔯🕉🔯🕉🔯🕉
*💐❤💐 💐❤💐*

*उड़ने दो मिट्टी को आखिर कहाँ तक उड़ेगी,*
*हवाओं ने जब साथ छोड़ा तो, आखिर जमीन पर ही गिरेगी !!*
*माना कि औरों की मुकाबले, कुछ ज्यादा पाया नहीं मैंने*....
*लेकीन..खुश हूं कि....खुद गिरता संभलता रहा...*
*किसी को गि...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Bell Flower +82 प्रतिक्रिया 21 कॉमेंट्स • 190 शेयर
Shri Banke Bihari Aug 17, 2018

Pranam Like +2 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 22 शेयर
Narayan Tiwari Aug 16, 2018

🚩🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🚩
परमेश्वर श्री सदाशिव (श्री शिव, श्री शंकर, श्री रुद्र या महेश नहीं) के तीन प्रकट रूपों में से प्रथम भगवान श्री विष्णु के 24 अवतार माने गए हैं, उनमें से ही दो अवतार हैं-श्री नर और नारायण। हम जिन्हें नारायण कहते हैं वे...

(पूरा पढ़ें)
Flower Jyot Pranam +174 प्रतिक्रिया 28 कॉमेंट्स • 17 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB