chitra kut dham.🙏👇

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मित्रो हमारी आज की ये प्रस्तुति चित्रकूट धाम को समर्पित है, अगर आप आध्यात्मिक व्यक्ति हैं, तो पण्डितजी के कहने से एक बार अगर संभव हो तो अवश्य चित्रकूट धाम की यात्रा करें,

चित्रकूट आध्यात्मिक और धार्मिक आस्था का सर्वश्रेष्ठ केंद्र है। यह वह भूमि है जहां पर ब्रह्म , विष्णु और महेश तीनों देव का निवास है। भगवान विष्णु ने श्री राम रूप में यहां वनवास काटा था, तो ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना के लिए यहां यज्ञ किया था और उस यज्ञ से प्रगट हुआ शिवलिंग धर्मनगरी चित्रकूट के क्षेत्रपाल के रूप में आज भी विराजमान है।

भगवान शिव महाराजाधिराज मत्यगेंद्रनाथ के रूप में लोगों को सुख व समृद्धि बांट रहे हैं। चित्रकूट भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में एक है।

उत्तर प्रदेश में 38.2 वर्ग किमी. में फैला यह तपोभूमि शांत और सुन्दर तो है ही आध्यात्म में भी विशिष्ट स्थान रखती है। यह धरा प्रकृति और ईश्वर की अनुपम देन है।

चारों ओर से विन्ध्य पर्वत श्रृंखलाओं और वनों से घिरे चित्रकूट को अनेक आश्चर्यो की पहाड़ी कहा जाता है। मंदाकिनी नदी के किनार बने अनेक घाट और मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

माना जाता है कि भगवान राम ने सीता और लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के चौदह वर्षो में साढ़े ग्यारह वर्ष चित्रकूट में ही बिताए थे। इसी स्थान पर ऋषि अत्रि और सती अनसुइया ने ध्यान लगाया था। चित्रकूट में ही सती अनसुइया ने ब्रह्मा, विष्णु और महेश को बालक बना दिया था।

रामचरितमानस में चित्रकूट धाम की महिमा महर्षि वाल्मीकजी के श्रीमुख से सुनें

चित्रकूट गिरि करहु निवासू। तहँ तुम्हार सब भाँति सुपासू॥
सैलु सुहावन कानन चारू। करि केहरि मृग बिहग बिहारू॥

भावार्थ:-आप चित्रकूट पर्वत पर निवास कीजिए, वहाँ आपके लिए सब प्रकार की सुविधा है। सुहावना पर्वत है और सुंदर वन है। वह हाथी, सिंह, हिरन और पक्षियों का विहार स्थल है॥

* नदी पुनीत पुरान बखानी। अत्रिप्रिया निज तप बल आनी॥
सुरसरि धार नाउँ मंदाकिनि। जो सब पातक पोतक डाकिनि॥

भावार्थ:-वहाँ पवित्र नदी है, जिसकी पुराणों ने प्रशंसा की है और जिसको अत्रि ऋषि की पत्नी अनसुयाजी अपने तपोबल से लाई थीं। वह गंगाजी की धारा है, उसका मंदाकिनी नाम है। वह सब पाप रूपी बालकों को खा डालने के लिए डाकिनी (डायन) रूप है॥

* अत्रि आदि मुनिबर बहु बसहीं। करहिं जोग जप तप तन कसहीं॥
चलहु सफल श्रम सब कर करहू। राम देहु गौरव गिरिबरहू॥

भावार्थ:-अत्रि आदि बहुत से श्रेष्ठ मुनि वहाँ निवास करते हैं, जो योग, जप और तप करते हुए शरीर को कसते हैं। हे रामजी! चलिए, सबके परिश्रम को सफल कीजिए और पर्वत श्रेष्ठ चित्रकूट को भी गौरव दीजिए॥

* चित्रकूट महिमा अमित कही महामुनि गाइ।
आइ नहाए सरित बर सिय समेत दोउ भाइ॥

भावार्थ:-महामुनि वाल्मीकिजी ने चित्रकूट की अपरिमित महिमा बखान कर कही। तब सीताजी सहित दोनों भाइयों ने आकर श्रेष्ठ नदी मंदाकिनी में स्नान किया॥

* रघुबर कहेउ लखन भल घाटू। करहु कतहुँ अब ठाहर ठाटू॥
लखन दीख पय उतर करारा। चहुँ दिसि फिरेउ धनुष जिमि नारा॥

भावार्थ:-श्री रामचन्द्रजी ने कहा- लक्ष्मण! बड़ा अच्छा घाट है। अब यहीं कहीं ठहरने की व्यवस्था करो। तब लक्ष्मणजी ने पयस्विनी नदी के उत्तर के ऊँचे किनारे को देखा (और कहा कि-) इसके चारों ओर धनुष के जैसा एक नाला फिरा हुआ है॥।

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कामेंट्स

Ajnabi Dec 17, 2017
very nice jay shree Radhe krishna veeruda

Sanjay Misra Dec 17, 2017
धन्यवाद।बहुत ही बढ़िया जानकारी प्राप्त हुई।

H.A. Patel Oct 19, 2018

Jay shri krishna Radhe Radhe Radhe

Jyot Flower Pranam +39 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 89 शेयर
Devel Dublish Oct 19, 2018

!! शुभ प्रभात वंदन.. ..जय श्री शनिदेव🚩
!! जय श्री सीताराम.. जय संकटमोचन बाला जी🚩
दशरथ कृत शनि स्तोत्र :-
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ।।१।।
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च ।
नमो विशालनेत्राय शुष्क...

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Pranam Dhoop Milk +26 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 13 शेयर

Jai sai ram 🙏🌹🌸🌴🌷🌻💐🙏🌹 🌸🌻🍀🌿🌸Mahashatabdi Utsav in Shirdi 🙏 Baba ke sundar Darbar ka najara in Shirdi 🙏 Om sai namo namah 🙏 Jai Jai sai namo namah 🙏🌴🌼🌹🌹💮🙏🌿 Happy Dussehra 🙏🌼🌲💞🌺🌸🙏🌼🍁💮🌻🍀🙏🌴🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃...

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Bell Pranam Flower +87 प्रतिक्रिया 17 कॉमेंट्स • 32 शेयर
kuldeep singh Oct 19, 2018

श्री महाकालेश्वर #ज्योतिर्लिंग का आज का #भस्मारती #श्रृंगार #दर्शन श्री महाकालेश्वर महाकाल #मंदिर परिसर उज्जैन मध्यप्रदेश से

🔱19 अक्टूबर 2018 ( शुक्रवार )🔱

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Raj Kumar Tiwari Oct 19, 2018

गोमती चक्र क्या है..????

गोमती चक्र कम कीमत वाला एक ऐसा पत्थर है जो गोमती नदी मे मिलता है। विभिन्न तांत्रिक कार्यो तथा असाध्य रोगों में इसका प्रयोग होता है।

असाध्य रोगों को दुर करने तथा मानसिक शान्ति प्राप्त करने के लिये लगभग 10 गोमती चक्र लेकर...

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anita sharma Oct 19, 2018

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Raj Kumar Tiwari Oct 19, 2018

शाबर रक्षा नारियल

आपने देखा होगा की लगभग सभी दुकानों में लाल कपडे में नारियल बांधकर लटकाया जाता है, कई घरों में भी ऐसा किया जाता है. यह स्थान देवता की पूजा और गृह रक्षा के लिए किया जाता है.

नवरात्रि पर अपने घर मे गृह शांति और रक्षा के लिए एक विध...

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anita sharma Oct 19, 2018

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