Narayan Giri
Narayan Giri Oct 28, 2017

राधा कृष्ण गोशाला धौलाना हापुड़ उत्तर प्रदेश

राधा कृष्ण गोशाला धौलाना हापुड़ उत्तर प्रदेश
राधा कृष्ण गोशाला धौलाना हापुड़ उत्तर प्रदेश
राधा कृष्ण गोशाला धौलाना हापुड़ उत्तर प्रदेश
राधा कृष्ण गोशाला धौलाना हापुड़ उत्तर प्रदेश

!! पुण्य की अष्टमी - गो अष्टमी,दूधेश्वर पीठाधीश्वर ने की गो माता की पूजा!!

कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी को गौ मां को पूजने के लिए वर्षों से गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन राधा-कृष्ण गोशाला, काशी का नगला, धौलाना जिला हापुड़ उत्तर प्रदेश में होता आ रहा है। इसी क्रम में आज मुनीश परमार, यशवीर शिशौदिया एवं मुख्य अतिथि अंतराष्ट्रीय मंत्री श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा व दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महराज सहित दर्जनों की संख्या में उपस्थित गौ सेवकों द्वारा पूरे विधिविधान से गौ माता का श्रृंगार कर पूरे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन अर्चन व महाआरती की गई जिसमें अधिक संख्या में बाहर से आये श्रद्धालुओं भी शामिल हुए।
इस बाबत दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महराज से बात करने पर उन्होंने कहा कि
यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।
तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥
 अर्थात- जिसने समस्त चराचर जगत् को व्याप्त कर रखा है, उस भूत और भविष्य की जननी गौ माता को मैं मस्तक झुका कर प्रणाम करता हूं।
कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी को इस गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। पुराणों के अनुसार भगवान कृष्ण ने पहली बार माता यशोदा से गाय चराने की इच्छा जाहिर की थी जिस पर यशोदा संत शांडिल्य के पास जाकर उन्हें कृष्ण की इच्छा के बारे में बताया। शांडिल्य ने उन्हें कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी का दिन इस कार्य को करने के लिए शुभ बताया और तभी से इस पूजन का आयोजन आज के दिन होता चला आ रहा है। इस दिन गाय दान का महत्व बहुत है। आज के दिन गाय का पूजन करके उनके संरक्षण करने से मनुष्य को पुण्य फल की प्राप्ति होती‍ है। जिस घर में गौ-पालन किया जाता है उस घर के लोग संस्कारी और सुखी होते हैं। इसके अलावा जीवन-मरण से मोक्ष भी गौमाता ही दिलाती है। मरने से पहले गाय की पूँछ छूते हैं ताकि जीवन में किए गए पाप से मुक्ति मिले।लोग पूजा-पाठ करके धन पाने की इच्छा रखते हैं लेकिन भाग्य बदलने वाली तो गौ-माता है। उसके दूध से जीवन मिलता है। रोज पंचगव्य का सेवन करने वाले पर तो जहर का भी असर नहीं होता और वह सभी व्याधियों से मुक्त रहता है। गाय के दूध में वे सारे तत्व मौजूद हैं जो जीवन के लिए जरूरी हैं। वैज्ञानिक भी मानते हैं कि गाय के दूध में सारे पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। मीरा जहर पीकर जीवित बच गई क्योंकि वे पंचगव्य का सेवन करती थीं। लेकिन कृष्ण को पाने के लिए आज लोगों में मीरा जैसी भावना नहीं बची।
गौ माता की महिमा अपरंपार है। मनुष्य अगर जीवन में गौ माता को स्थान देने का संकल्प कर ले तो वह संकट से बच सकता है। मनुष्य को चाहिए कि वह गाय को मंदिरों और घरों में स्थान दे, क्योंकि गौमाता मोक्ष दिलाती है। पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है कि गाय की पूँछ छूने मात्र से मुक्ति का मार्ग खुल जाता है।गाय की महिमा को शब्दों में नहीं बाँधा जा सकता। मनुष्य अगर गौमाता को महत्व देना सीख ले तो गौ माता उनके दुख दूर कर देती है। गाय हमारे जीवन से जु़ड़ी है। उसके दूध से लेकर मूत्र तक का उपयोग किया जा रहा है। गौमूत्र से बनने वाली दवाएँ बीमारियों को दूर करने के लिए रामबाण मानी जाती है।रोज सुबह गौ दर्शन हो जाए तो समझ लें कि दिन सुधर गया, क्योंकि गौ-दर्शन के बाद और किसी के दर्शन की आवश्यकता नहीं रह जाती। लोग अपने लिए आलीशान इमारतें बना रहे हैं यदि इतना धन कमाने वाले अपनी कमाई का एक हिस्सा भी गौ सेवा और उसकी रक्षा के लिए खर्च करें तो गौमाता उनकी रक्षा करेगी। इसलिए गौ दर्शन सबसे सर्वोत्तम माना जाता है। इस कार्यक्रम से पूर्व महराज श्री ने प्रातःकाल ही श्री दूधेश्वर गौशाला में प्रतिदिन से भिन्न आज गौ माता की पूर्ण विधि-विधान से पूजन अर्चन किया।
देश में हो रहे गौ हत्या को रोकने के लिए वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से गुहार लगाते हुए दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महराज ने कहा कि स्वतंत्र भारत में आज भी गौ हत्या हो रही है जो बहुत ही निंदनीय कुकृत्य है जिसे रोकने के लिए हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से यह अपील करते है कि इस पर पूरी तरह से रोक लगाया जाये।

    
निवेदक
                     धीरज कुमार 
                   सह मीडिया प्रभारी
दुधेश्वर नाथ मन्दिर गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश

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manoj jain Aug 4, 2020

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Gopal Jalan Aug 4, 2020

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