प्रभु की प्राप्ति किसे होती है..?

#ज्ञानवर्षा
एक सुन्दर कहानी है :--
एक राजा था। वह बहुत न्याय प्रिय तथा प्रजा वत्सल एवं धार्मिक स्वभाव का था। वह नित्य अपने इष्ट देव की बडी श्रद्धा से पूजा-पाठ और याद करता था।
एक दिन इष्ट देव ने प्रसन्न होकर उसे दर्शन दिये तथा कहा -- "राजन् मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हैं। बोलो तुम्हारी कोई इछा हॆ?"
प्रजा को चाहने वाला राजा बोला -- "भगवन् मेरे पास आपका दिया सब कुछ हैं आपकी कृपा से राज्य मे सब प्रकार सुख-शान्ति है। फिर भी मेरी एक ही ईच्छा हैं कि जैसे आपने मुझे दर्शन देकर धन्य किया, वैसे ही मेरी सारी प्रजा को भी कृपा कर दर्शन दीजिये।"
"यह तो सम्भव नहीं है" -- ऐसा कहते हुए भगवान ने राजा को समझाया। परन्तु प्रजा को चाहने वाला राजा भगवान् से जिद्द् करने लगा।
आखिर भगवान को अपने साधक के सामने झुकना पडा ओर वे बोले -- "ठीक है, कल अपनी सारी प्रजा को उस पहाड़ी के पास ले आना और मैं पहाडी के ऊपर से सभी को दर्शन दूँगा ।"
ये सुन कर राजा अत्यन्त प्रसन्न हुअा और भगवान को धन्यवाद दिया। अगले दिन सारे नगर मे ढिंढोरा पिटवा दिया कि कल सभी पहाड़ के नीचे मेरे साथ पहुँचे, वहाँ भगवान् आप सबको दर्शन देगें। दूसरे दिन राजा अपने समस्त प्रजा और स्वजनों को साथ लेकर पहाडी की ओर चलने लगा।
चलते-चलते रास्ते मे एक स्थान पर तांबे कि सिक्कों का पहाड देखा। प्रजा में से कुछ एक लोग उस ओर भागने लगे। तभी ज्ञानी राजा ने सबको सर्तक किया कि कोई उस ओर ध्यान न दे, क्योकि तुम सब भगवान से मिलने जा रहे हो, इन तांबे के सिक्कों के पीछे अपने भाग्य को लात मत मारो ।
परन्तु लोभ-लालच मे वशीभूत प्रजा के कुछ एक लोग तो तांबे की सिक्कों वाली पहाड़ी की ओर भाग ही गयी और सिक्कों कि गठरी बनाकर अपने घर कि ओर चलने लगे। वे मन ही मन सोच रहे थे, पहले ये सिक्कों को समेट ले, भगवान से तो फिर कभी मिल ही लेगे ।
राजा खिन्न मन से आगे बढे। कुछ दूर चलने पर चांदी कि सिक्कों का चमचमाता पहाड़ दिखाई दिया । इस वार भी बचे हुये प्रजा में से कुछ लोग, उस ओर भागने लगे ओर चांदी के सिक्कों को गठरी बनाकर अपनी घर की ओर चलने लगे। उनके मन मे विचार चल रहा था कि ऐसा मौका बार-बार नहीं मिलता है। चांदी के इतने सारे सिक्के फिर मिले न मिले, भगवान तो फिर कभी मिल ही जायेगें. इसी प्रकार कुछ दूर और चलने पर सोने के सिक्कों का पहाड़ नजर आया। अब तो प्रजा जनो में बचे हुये सारे लोग तथा राजा के स्वजन भी उस ओर भागने लगे।
वे भी दूसरों की तरह सिक्कों कि गठरीयां लाद-लाद कर अपने-अपने घरों की
ओर चल दिये। अब केवल राजा ओर रानी ही शेष रह गये थे। राजा रानी से कहने लगे --
"देखो कितने लोभी ये लोग। भगवान से मिलने का महत्व ही नहीं जानते हैं। भगवान के सामने सारी दुनियां की दौलत क्या चीज हैं..?"
सही बात है -- रानी ने राजा कि बात का समर्थन किया और वह आगे बढने लगे कुछ दुर चलने पर राजा ओर रानी ने देखा कि सप्तरंगि आभा बिखरता हीरों का पहाड़ हैं । अब तो रानी से भी रहा नहीं गया, हीरों के आर्कषण से वह भी दौड पड़ी और हीरों कि गठरी बनाने लगी । फिर भी उसका मन नहीं भरा तो साड़ी के पल्लू मेँ भी बांधने लगी । वजन के कारण रानी के वस्त्र देह से अलग हो गये, परंतु हीरों का तृष्णा अभी भी नहीं मिटी। यह देख राजा को अत्यन्त ही ग्लानि ओर विरक्ति हुई । बड़े दुःखद मन से राजा अकेले ही आगे बढते गये ।
वहाँ सचमुच भगवान खड़े उसका इन्तजार कर रहे थे । राजा को देखते ही भगवान मुसकुराये ओर पुछा -- "कहाँ है तुम्हारी प्रजा और तुम्हारे प्रियजन । मैं तो कब से उनसे मिलने के लिये बेकरारी से उनका इन्तजार कर रहा हूॅ ।" राजा ने शर्म और आत्म-ग्लानि से अपना सर झुका दिया ।
तब भगवान ने राजा को समझाया --
"राजन, जो लोग अपने जीवन में भौतिक सांसारिक प्राप्ति को मुझसे अधिक मानते हैं, उन्हें कदाचित मेरी प्राप्ति नहीं होती और वह मेरे स्नेह तथा कृपा से भी वंचित रह जाते हैं..!!"
:
सार..
जो जीव अपनी मन, बुद्धि और आत्मा से भगवान की शरण में जाते हैं, और
सर्व लौकिक सम्बधों को छोडके प्रभु को ही अपना मानते हैं वो ही भगवान के प्रिय बनते हैं 😊 आेम शान्ति !! 🙏

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Uma Vyas Aug 6, 2017
एकदम सही बात है 👍👍

भारतीय आयुर्वेद और योग विज्ञान पर विश्वास करने वालों के लिए - कोरोना वायरस से बचाव के लिए Respiratory system को मजबूत करना आवश्यक है। उसके उपाय- 1. भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम प्राणायाम नियमित रूप से करें। 2. Lungs की strengh को जानने के लिए गहरी श्वास ले कर कुम्भक लगाएं अर्थात रोके और कितने seconds रोक सकते हैं check करें। यदि 35 से 45 seconds रोक सकते हैं तो यह फेफड़ों की मजबूत स्थिति बताता है। लेकिन यदि यह कम है तो कोरोना वायरस के attack से बचने के लिए निम्न उपाय करें- 1. प्राणायाम दिन में दो बार करें खाली पेट या भोजन के 3 - 4 घंटे बाद। 2. गहरी सांस ले कर रोके अपनी क्षमता के अनुसार और श्वास निकलने के बाद भी इसी प्रकार रोकें। 3. गर्म पानी में हल्दी और फिटकरी डाल कर दिन में कई बार गरारे /gargle करें। 4. प्रत्येक एक डेढ़ घंटे के बाद चाहे थोड़ा सा ही लें गर्म पानी पी लें। 5. पानी को उबाल लें और उबलने के बाद उसमें नीलगिरी तेल/ eucalyptus oil की कुछ बूंदे डाल कर स्टीम लें। स्थिति के अनुसार यह एक से चार समय तक लें सकते हैं। 6. घर मे दोनो समय थोड़ी सी लकड़ी/ गाय के गोबर के उपले को गाय के घी से जला कर उस पर थोड़ा सा गुड़ या शक्कर डाले, कुछ दाने किशमिश के, दो तीन लोंग डालें। जब यह पूरा जल जाय और कुछ अँगारे रहें तो उस पर कपूर तथा गुग्गल के कुछ टुकड़े डाल कर उसके धुएं/ खुशबू को पूरे घर में फैल जाने दें। 7. भोजन हल्का लें और फलों की तथा पानी की मात्रा बढ़ा दें। 8. एकांतवास जरूरी है बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। 9. पानी मे गिलोय, तुलसी, अदरख का छोटा टुकड़ा , एक दो लोंग, एक दो काली मिर्च, कुछ नीम के पत्ते डाल कर काढ़ा बनाये और सुबह शाम लें। 10. दिन में कई बार दोनों नासिकाओं/ nostrils में सरसों का तेल लगाएं। घर से बाहर जाते समय जरूर लगाएं। 11. Mobile फ़ोन का प्रयोग कम करें। 12. ताली बजाने या शंख ध्वनि को व्यर्थ न समझे। करने पर लाभ ही होगा। सामान्य लोग भी कुछ समय तक, जब तक वायरस के संक्रमण का खतरा टलता नही है, ऊपर दिए उपायों को करें चाहे कम मात्रा में तो लाभकारी होगा। क्योंकि कोरोना वायरस का attack हो जाने के बाद चार पांच दिन तक तो पता भी नही चलता। हां, कुछ लोग सरकार के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। यह स्वभावगत है। शायद अपने शरीर की मजबूती को बताना चाह रहे

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Rudra sharma Mar 27, 2020

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🌹🌹जय हो मां भवानी🚩🚩 नवार्ण मंत्र' दुर्गा दुखों का नाश करने वाली देवी दुर्गा की नौ शक्तियों को जागृत करने के लिए दुर्गा के 'नवार्ण मंत्र' का जाप किया जाता है। इसलिए नवरात्रि में जब उनकी पूजा आस्था, श्रद्धा से की जाती है तो उनकी नौ शक्तियां जागृत होकर नौ ग्रहों को नियंत्रित कर देती हैं। फलस्वरूप प्राणियों का कोई अनिष्ट नहीं हो पाता। दुर्गा की इन नौ शक्तियों को जागृत करने के लिए दुर्गा के 'नवार्ण मंत्र' का जाप किया जाता है। नव का अर्थ 'नौ' तथा अर्ण का अर्थ 'अक्षर' होता है। अतः नवार्ण नौ अक्षरों वाला वह मंत्र है । नवार्ण मंत्र- 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चै ।' नौ अक्षरों वाले इस नवार्ण मंत्र के एक-एक अक्षर का संबंध दुर्गा की एक-एक शक्ति से है और उस एक-एक शक्ति का संबंध एक-एक ग्रह से है। नवार्ण मंत्र के नौ अक्षरों में पहला अक्षर ' ऐं ' है, जो सूर्य ग्रह को नियंत्रित करता है। ऐं का संबंध दुर्गा की पहली शक्ति शैलपुत्री से है, जिसकी उपासना 'प्रथम नवरात्रि' को की जाती है। दूसरा अक्षर ' ह्रीं ' है, जो चंद्रमा ग्रह को नियंत्रित करता है। इसका संबंध दुर्गा की दूसरी शक्ति ब्रह्मचारिणी से है, जिसकी पूजा दूसरे नवरात्रि को होती है। तीसरा अक्षर ' क्लीं ' है, जो मंगल ग्रह को नियंत्रित करता है।इसका संबंध दुर्गा की तीसरी शक्ति चंद्रघंटा से है, जिसकी पूजा तीसरे नवरात्रि को होती है। चौथा अक्षर 'चा' है जो बुध को नियंत्रित करता है। इनकी देवी कुष्माण्डा है जिनकी पूजा चौथे नवरात्री को होती है। पांचवां अक्षर 'मुं' है जो गुरु ग्रह को नियंत्रित करता है। इनकी देवी स्कंदमाता है पांचवे नवरात्रि को इनकी पूजा की जाती है। छठा अक्षर 'डा' है जो शुक्र ग्रह को नियंत्रित करता है। छठे नवरात्री को माँ कात्यायिनी की पूजा की जाती है। सातवां अक्षर 'यै' है जो शनि ग्रह को नियंत्रित करता है। इस दिन माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। आठवां अक्षर 'वि' है जो राहू को नियंत्रित करता है । नवरात्री के इस दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है। नौवा अक्षर 'च्चै ' है। जो केतु ग्रह को नियंत्रित करता है। नवरात्री के इस दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है,, जय माता दी अज्ञात

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Swami Lokeshanand Mar 27, 2020

गजब बात है, भगवान गर्भ में आए, भीतर उतर आए तो ज्ञान, भक्ति और कर्म तीनों पुष्ट हो गए। दशरथजी के चेहरे पर तो तेज आ ही गया, बाहर भी सब ओर मंगल ही मंगल छा गया, अमंगल रहा ही नहीं। देखो, जड़ को पानी देने से फूल पत्ते अपने आप छा जाते हैं, जलपात्र में नमक डाल दें तो सब जलकणों में नमक आ जाता है, यों भगवान को मना लें तो सब अनुकूल हो जाते हैं। वर्ना भीतर पढ़ाई न हो तो लाख चश्मा बदलो, पढ़ा कैसे जाए? विवेकानन्द जी कहते थे, ये दुनिया कुत्ते की दुम है, संत पकड़े रहे तो सीधी रहे, छोड़ते ही फिर टेढ़ी। ध्यान दो, दुनिया बार बार बनती है, बार बार मिटती है, पर ठीक नहीं होती, दुनिया बदलते बदलते कितने दुनिया से चले गए, दुनिया है कि आज तक नहीं बदली। जिन्हें भ्रम हो कि दुनिया आज ही बिगड़ी है, पहले तो ठीक थी, वे विचार करें कि हिरण्याक्ष कब हुआ? हिरण्यकशिपु, तारकासुर, त्रिपुरासुर, भस्मासुर कब हुए? देवासुर संग्राम कब हुआ? दुनिया तो ऐसी थी, ऐसी है, और रहेगी भी ऐसी ही। आप इसे बदलने के चक्कर में पड़ो ही मत, आप इसे यूं बदल नहीं पाओगे। आप स्वयं बदल जाओ, तो सब बदल जाए। जो स्वयं काँटों में उलझा है, जबतक उसके स्वयं के फूल न खिल जाएँ, वह क्या खाक किसी दूसरे के जीवन में सुगंध भरेगा? हाँ, उसे छील भले ही दे। जबतक भगवान आपके भीतर न उतर आएँ, अपना साधन करते चलो, दूसरे पर ध्यान मत दो। आप दूसरे को ठीक नहीं कर सकते, दूसरा आपको भले ही बिगाड़ डाले। लाख समस्याओं का एक ही हल है, भगवान को भीतर उतार लाओ। अब विडियो देखें- मंगल भवन अमंगल हारी https://youtu.be/_BF-H0AmPK4

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💎💎💎 ⚜🕉⚜ 💎💎💎 *🙏ॐ श्रीगणेशाय नम:🙏* *🙏शुभप्रभातम् जी🙏* *इतिहास की मुख्य घटनाओं सहित पञ्चांग-मुख्यांश ..* *📝आज दिनांक 👉* *📜 27 मार्च 2020* *शुक्रवार* *🏚नई दिल्ली अनुसार🏚* *🇮🇳शक सम्वत-* 1941 *🇮🇳विक्रम सम्वत-* 2077 *🇮🇳मास-* चैत्र *🌓पक्ष-* शुक्लपक्ष *🗒तिथि-* तृतीया-22:14 तक *🗒पश्चात्-* चतुर्थी *🌠नक्षत्र-* अश्विनी-10:10 तक *🌠पश्चात्-* भरणी *💫करण-* तैतिल-09:06 तक *💫पश्चात्-* गर *✨योग-* वैधृति-17:15 तक *✨पश्चात्-* विश्कुम्भ *🌅सूर्योदय-* 06:16 *🌄सूर्यास्त-* 18:36 *🌙चन्द्रोदय-* 08:01 *🌛चन्द्रराशि-* मेष-दिनरात *🌞सूर्यायण-* उत्तरायन *🌞गोल-* उत्तरगोल *💡अभिजित-* 12:01 से 12:51 *🤖राहुकाल-* 10:54 से 12:26 *🎑ऋतु-* वसन्त *⏳दिशाशूल-* पश्चिम *✍विशेष👉* *_🔅आज शुक्रवार को 👉 चैत्र सुदी तृतीया 22:14 तक पश्चात् चतुर्थी शुरु , मनोरथ तृतीया व्रत , अरुन्धती व्रत पूजन , गणगौरी तीज , गणगौर व्रत पूजन (राज.) , सौभाग्य शयन तृतीया , सरहुल ( बिहार ) , माँ चंद्रघंटा व्रत , पूजन , साँय दोलारूढ शिवगौरी पूजन , मन्वादि 3 , वैधृति पुण्यं , सर्वार्थसिद्धियोग / कार्यसिद्धियोग 10:09 तक , सर्वदोषनाशक रवि योग 10:09 से , मूल संज्ञक नक्षत्र 10:10 तक , दसलक्षण (1/3) प्रारम्भ (जैन , चैत्र शुक्ल 3 से 12 तक ) , मेवाड़ उत्सव प्रारम्भ 3 दिन , श्री मतस्य जयन्ती , छत्रपति शिवाजी महाराज जयन्ती (तिथि अनुसार , कन्फर्म नहीं ) , पंडित कांशीराम स्मृति दिवस , सर सैयद अहमद खान स्मृति दिवस व विश्व रंगमंच / नाटक (स्टेज कलाकार ) / विश्व थियेटर दिवस।_* *_🔅कल शनिवार को 👉 चैत्र सुदी चतुर्थी 24:19 तक पश्चात् पंचमी शुरु , वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत ( मासिक ) , दमनक / वरद चतुर्थी व्रत , माँ कुष्मांडा व्रत / पूजन , शुक्र वृष राशि में 15:39 पर , सर्वदोषनाशक रवि योग 12:52 तक , विघ्नकारक भद्रा 11:18 से 24:18 तक , मेला गणगौर ( दूसरा दिन ) , गुरु अंगद देव ज्योति ज्योत / स्मृति दिवस (परम्परानुसार ) , श्री गोरखप्रसाद गणितज्ञ जयन्ती , चौ. बंसीलाल स्मृति दिवस व राष्ट्रीय नौवहन दिवस।_* *🎯आज की वाणी👉* 🌹 *पिण्डजप्रवरारूढा* *चण्डकोपास्त्रकैर्युता।* *प्रसादं तनुते मह्यं* *चन्द्रघण्टेति विश्रुता ॥* *भावार्थ👉* _पिंडज प्राणियों में श्रेष्ठ अर्थात् सिंह पर सवार, भयानक व शत्रुओं के संहार के लिए सन्नद्ध अस्त्रों से सुसज्जित विख्यात चंद्रघंटा देवी की कृपा मुझ पर छाई रहे ।_ 🌹 *27 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ👉* 1668 – इंग्लैंड के शासक चार्ल्स द्वितीय ने बंबई को ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपा। 1721 – फ्रांस और स्पेन ने मैड्रिड समझौते पर हस्ताक्षर किये। 1794 – अमेरिकी कांग्रेस ने देश में नौसेना की स्थापना की स्वीकृति दी। 1841 – पहले स्टीम फायर इंजन का सफल परीक्षण न्यूयार्क में किया गया। 1855 – अब्राहम गेस्नर ने केरोसिन (मिट्टी के तेल) का पेटेंट कराया। 1871 – पहला अंतरराष्ट्रीय रग्बी मैच स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के बीच खेला गया, जिसे स्काॅटलैंड ने जीता। 1884 – बोस्टन से न्यूयार्क के बीच पहली बार फोन पर लंबी दूरी की बातचीत हुयी। 1899 – इंग्लैंड और फ्रांस के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय रेडियो प्रसारण इतालवी आविष्कारक जी मारकोनी द्वारा किया गया। 1901 – अमेरिका ने फिलीपीन्स के विद्रोही नेता एमिलियो एग्विनाल्डो को अपने कब्जे में लिया। 1933 – जापान ने लीग अाॅफ नेशंस से खुद को अलग कर लिया। 1944 – लिथुआनिया में दो हजार यहूदियों की हत्या कर दी गयी। 1953 – ओहियो के कोन्निओट में ट्रेन हादसे में 21 लोग मारे गये। 1956 – अमेरिकी सरकार ने कम्युनिस्ट अखबार डेली वर्कर को जब्त कर लिया। 1961 – पहला विश्व रंगमंच दिवस मनाने की शुरुआत हुई। 1964 – अलास्का में 8.4 की तीव्रता वाले भूकंप से 118 लोगों की मौत। 1975 – ट्रांस-अलास्का पाइपलाइन सिस्टम का निर्माण शुरू किया गया। 1977 – टेनेरीफ़ में दो जंबो विमान हवाई पट्टी पर टकराने से दुनिया की सबसे भयानक विमान दुर्घटना हुई थी, जिसमें 583 लोग मारे गए। 1977 – यूरोपियन फ़ाइटर एअरक्राफ़्ट यूरोफाइटर ने पहली उड़ान भरी। यूरोफाइटर को भविष्य का लड़ाकू विमान कहा गया था। 1982 – ए.एफ़.एम. अहसानुद्दीन चौधरी बांग्लादेश के नौवें राष्ट्रपति नियुक्त किए गए। 1989 – रूस में पहली बार स्वतंत्र चुनाव हुए थे। इन चुनावों में कई दिग्गज कम्यूनिस्ट नेता हार गए। 2000 - रूस में 52.52 प्रतिशत मत प्राप्त कर रूस के कार्यवाहक राष्ट्रपति ब्लादीमीर ब्लादीमिरोविच पुतिन ने राष्ट्रपति चुनाव जीता। 2002 – इजरायल के नेतन्या में आत्मघाती हमले में 29 लोग मारे गये। 2003 - रूस ने घातक टोपोल आर एस-12 एम बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। 2003 - मान्टो कार्लो में 12वीं अम्बर शतरंज प्रतियोगिता के फ़ाइनल राउंड में 1.5 अंक की जीत से विश्वनाथन आनंद ने तीसरा ख़िताब जीता। 2006 - यासीन मलिक ने कश्मीर में जनमत संग्रह कराये जाने की मांग की। 2008 - केन्द्र सरकार ने अल्पसंख्यक बहुल 90 ज़िलों में आधारभूत ढ़ाचे के विकास और जीवन स्तर में व्यापक सुधार के लिए 3,780 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी। 2008 - उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियन्त्रण विधेयक 'यूपीकोका' को राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने मंजूरी प्रदान की। 2008 - अंतरिक्ष यान एंडेवर पृथ्वी पर सफलतापूर्वक सुरक्षित लौटा। 2010 - भारत ने उड़ीसा के चांदीपुर में बालसोरा जिले में परमाणु तकनीक से लैस धनुष और पृथ्वी 2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। 2011 - जापान के भूकम्प प्रभावित इलाके फुकुशिमा में स्थित क्षतिग्रस्त परमाणु ऊर्जा संयंत्र के एक इकाई में रेडियोधर्मी विकिरण सामान्य से एक करोड़ गुना अधिक पाये जाने के बाद वहाँ से कर्मचारियों को हटा लिया गया। 2011 - फ्रांस के विमानों ने लीबियाइ राष्ट्रपति मुअम्मर गद्दाफी की समर्थक सेना के पाच विमानों और दो हेलीकाप्टरों को नष्ट कर दिया। 2019 - भारत पृथ्‍वी की निचली कक्षा में उपग्रहभेदी प्रक्षेपास्‍त्र ए-सैट का सफल परीक्षण करके अंतरिक्ष महाशक्ति बना । 2019 - कश्मीर को अलग देश बताने की फेसबुक ने सुधारी गलती, मांगी माफी। 2019 - हरियाणा की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने जीती रिंगबॉल नेशनल चैंपियनशिप की ट्राॅफी। *27 मार्च को जन्मे व्यक्ति👉* 1915 - पुष्पलता दास - भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता , सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी। 1923 - लीला दुबे - एक प्रसिद्ध मानव विज्ञानी और नारीवादी विद्वान। 1936 - बनवारी लाल जोशी, भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो दिल्ली के उपराज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश, मेघालय और उत्तराखंड के राज्यपाल रह चुके । *27 मार्च को हुए निधन👉* 1898 – भारत के मुसलमानों के लिए आधुनिक शिक्षा की शुरूआत करने वाले सर सैयद अहमद खान का निधन। इन्होंने मुहम्मदन एंग्लो-ओरिएण्टल कॉलेज की स्थापना की जो आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नाम से प्रसिद्ध है। 1915 - पंडित कांशीराम, ग़दर पार्टी के प्रमुख नेता और देश की स्वाधीनता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये थे। 1968 - यूरी गागरीन, भूतपूर्व सोवियत संघ के विमान चालक और अंतरिक्षयात्री। 2000 - प्रिया राजवंश - भारतीय हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री। *27 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉* 🔅 मेवाड़ उत्सव प्रारम्भ 3 दिन । 🔅 श्री मतस्य जयन्ती । 🔅 छत्रपति शिवाजी महाराज जयन्ती (तिथि अनुसार , कन्फर्म नहीं ) । 🔅 पंडित कांशीराम स्मृति दिवस । 🔅 सर सैयद अहमद खान स्मृति दिवस । 🔅 विश्व रंगमंच / नाटक (स्टेज कलाकार ) / विश्व थियेटर दिवस। *कृपया ध्यान दें जी👉* *यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है ।* 🌻आपका दिन *_मंगलमय_* हो जी ।🌻 ⚜⚜ 🌴 💎 🌴⚜⚜

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