Kamala Maheshwari
Kamala Maheshwari Mar 30, 2020

जय श्री कृष्णाजी ,जय माँ.शुभ मगलमय प्रभात वंदनजी 🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏

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कामेंट्स

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@nkm 🚩🙏very sweet good evening ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@darshanjrupani 🚩🙏very sweet good evening ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@neetatrivedi 🚩🙏very sweet good evening ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@neetatrivedi 🚩🙏very sweet good evening ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@rhbhatt 🚩🙏very sweet good evening ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Neha Sharma, Haryana Mar 30, 2020
*या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यानी रूपेण संस्थिता, *नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः!!🙏🌹🚩🌷*शुभ सोमवार*🌷🏵*माता रानी 👣 की असीम कृपा ✋आप और आपके परिवार 🎎 पर सदैव बनी रहे जी*🏵*आप सभी भाई-बहनों का हर पल शुभ व मंगलमय 🔯 हो जी*🙏🌹🙋

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@jaishriradhekishna 🚩🙏very sweet good evening ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
🚩🙏very sweet good night ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Pawan Saini Mar 30, 2020
jai Mata di ji 🚩 very happy sweet good evening ji 🙏💐 Mata Rani blass you and your family ji 🙏💐 A aap ka har ak pal manyalmay ho ji 🙏

Dr.ratan Singh Mar 30, 2020
😷🌹ॐ नमः शिवाय🌹😷 🎪जय माता दी वंदन दीदी🎪 या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।🚩 👣आप और आपके पूरे परिवार पर माँ कात्यायनी देवीऔर देवों के देव महादेव जी की आशिर्वाद निरंतर बनी रहे जी🎎 🍑 सोमवार नवरात्रि का छठवां दिन शुभ शांतिमय और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Sanjay Sharma Mar 30, 2020
जय श्री राधे श्याम जय श्री सीताराम जय शिव शंकर ओम् नमः शिवाय हर हर महादेव शुभ संध्या जी मेरी बहन आप कैसे हैं बहन आप सदा खुश रहिए और सदा तरक्की की राह पर अग्रसर रहे मां कात्यायनी मेरी बहन के जीवन में सदैव खुशियों का भंडार भरा रहे

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@sanjaysharma167 🚩🙏very sweet good night ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@drratansingh 🚩🙏very sweet good night ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@vineetatripathi2 🚩🙏very sweet good night ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@maheshmalhotra3 🚩🙏very sweet good night ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

Kamala Maheshwari Mar 30, 2020
@पवनसैनी 🚩🙏very sweet good night ji🙏🚩 thank you so much all of you and🚩 🚩god bless you and your family 🚩 always be very happy to you ji 🙏🚩 🙏🚩🙏Radhe Radhe🙏🚩🙏🌷♨️

ओम .... Mar 30, 2020
जय माता दी जी कमला जी 🙏🙏

Vanita Kale Mar 31, 2020
🙏🔱🌺शुभ मंगलवार 🌺🔱🔱👣माँ दुर्गा की सातवी शक्ति है 🔱माँ कालरात्रि 🔱काल से रक्षा करने वाले सातवीं शक्ति👣माँ कालरात्रि 👣🔱🔱कालरात्रि मां काेराेना काे पापियाे के जैसे पांव तले दबा दे पुरे देश काे काेराेना से मुक्त कर दे 🌺👣मां 👣🌺👏🙏🔱🌺🔱आप सभी को 🐾🐾🐾🐾महा सप्तमी की हार्दिक शुभकामना🌺जय माँ कालरात्रि 🔔जगत की पालनहार है माँ 🔔 मुक्ति का धाम हैं माँ हमारे 🔔भक्ति का आधार है मां सब🔔 की रक्षा की अवतार हैं माँ 🙏आप सभी को महा सप्तमी की हार्दिक शुभकामनाएं मेरे आदरणीय भाईयाे और मेरी प्यारी प्यारी बहना जी 🌹माँ कालरात्रि की कृपा से आपकी सभी मुश्किलें आसान हाे जाएगी आप के जीवन में फिर से पहले जैसे सुख शांति और स्वस्थ जीवन लंबी उम्र देगी 🍁🔱सबकुछ माँ कालरात्रि की कृपा से आपकी सभी मुश्किलें आसान हाे जाएगी माता रानी आपके जीवन ढेर सारी खुशियाे से भर देगी 🔱मेरे सभी भाइयों आैर मेरी प्यारी बहना जी की झोली खुशियाे से भर देगी 👏🙏🔱🔱👣🌺 जय मां काली जय माता दी🌺👣🌺👏🙏(आज भाेग गुड) 🌺जय श्री राम जय हनुमान 🌺👏👏👏👏यही दुआ मांगती मेरे सभी भाइयों आैर बहनाे पर अपना आशिैवाद बनाये रखना मेरी माँ को 🙇 नमन 🙏🔔🔔🔔🔔🔱🔱🔔🔔🔔

🌼🌺पाण्डव निर्जला एकादशी व्रत कथा!🌺🌼 निर्जला एकादशी का महत्त्व: एकादशी व्रत हिन्दुओ में सबसे अधिक प्रचलित व्रत माना जाता है। वर्ष में चौबीस एकादशियाँ आती हैं, किन्तु इन सब एकादशियों में ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी सबसे बढ़कर फल देने वाली समझी जाती है क्योंकि इस एक एकादशी का व्रत रखने से वर्ष भर की एकादशियों के व्रत का फल प्राप्त होता है। निर्जला एकादशी का व्रत अत्यन्त संयम साध्य है। इस युग में यह व्रत सम्पूर्ण सुख़ भोग और अन्त में मोक्ष कहा गया है। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों पक्षों की एकादशी में अन्न खाना वर्जित है। निर्जला एकादशी व्रत कथा! निर्जला एकादशी व्रत का पौराणिक महत्त्व और व्याख्यान भी कम रोचक नहीं है। जब सर्वज्ञ वेदव्यास ने पांडवों को चारों पुरुषार्थ: धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष देने वाले एकादशी व्रत का संकल्प कराया था। युधिष्ठिर ने कहा: जनार्दन! ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष में जो एकादशी पड़ती हो, कृपया उसका वर्णन कीजिये। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा हे राजन्! इसका वर्णन परम धर्मात्मा सत्यवती नन्दन व्यासजी करेंगे, क्योंकि ये सम्पूर्ण शास्त्रों के तत्त्वज्ञ और वेद वेदांगों के पारंगत विद्वान हैं| तब वेदव्यासजी कहने लगे: कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों पक्षों की एकादशी में अन्न खाना वर्जित है। द्वादशी के दिन स्नान करके पवित्र हो और फूलों से भगवान केशव की पूजा करे। फिर नित्य कर्म समाप्त होने के पश्चात् पहले ब्राह्मणों को भोजन देकर अन्त में स्वयं भोजन करे। यह सुनकर भीमसेन बोले: परम बुद्धिमान पितामह! मेरी उत्तम बात सुनिये। राजा युधिष्ठिर, माता कुन्ती, द्रौपदी, अर्जुन, नकुल और सहदेव, ये एकादशी को कभी भोजन नहीं करते तथा मुझसे भी हमेशा यही कहते हैं कि भीमसेन एकादशी को तुम भी न खाया करो परन्तु मैं उन लोगों से यही कहता हूँ कि मुझसे भूख नहीं सही जायेगी। भीमसेन की बात सुनकर व्यासजी ने कहा: यदि तुम नरक को दूषित समझते हो और तुम्हें स्वर्गलोक की प्राप्ति अभीष्ट है और तो दोनों पक्षों की एकादशियों के दिन भोजन नहीं करना। भीमसेन बोले महाबुद्धिमान पितामह! मैं आपके सामने सच कहता हूँ। मुझसे एक बार भोजन करके भी व्रत नहीं किया जा सकता, तो फिर उपवास करके मैं कैसे रह सकता हूँ। मेरे उदर में वृक नामक अग्नि सदा प्रज्वलित रहती है, अत: जब मैं बहुत अधिक खाता हूँ, तभी यह शांत होती है। इसलिए महामुनि! मैं पूरे वर्षभर में केवल एक ही उपवास कर सकता हूँ। जिससे स्वर्ग की प्राप्ति सुलभ हो तथा जिसके करने से मैं कल्याण का भागी हो सकूँ, ऐसा कोई एक व्रत निश्चय करके बताइये। मैं उसका यथोचित रूप से पालन करुँगा। व्यासजी ने कहा: भीम! ज्येष्ठ मास में सूर्य वृष राशि पर हो या मिथुन राशि पर, शुक्लपक्ष में जो एकादशी हो, उसका यत्नपूर्वक निर्जल व्रत करो। केवल कुल्ला या आचमन करने के लिए मुख में जल डाल सकते हो, उसको छोड़कर किसी प्रकार का जल विद्वान पुरुष मुख में न डाले, अन्यथा व्रत भंग हो जाता है। एकादशी को सूर्योदय से लेकर दूसरे दिन के सूर्योदय तक मनुष्य जल का त्याग करे तो यह व्रत पूर्ण होता है। तदनन्तर द्वादशी को प्रभातकाल में स्नान करके ब्राह्मणों को विधिपूर्वक जल और सुवर्ण का दान करें। इस प्रकार सब कार्य पूरा करके जितेन्द्रिय पुरुष ब्राह्मणों के साथ भोजन करे। वर्षभर में जितनी एकादशियाँ होती हैं, उन सबका फल निर्जला एकादशी के सेवन से मनुष्य प्राप्त कर लेता है, इसमें तनिक भी सन्देह नहीं है। शंख, चक्र और गदा धारण करनेवाले भगवान केशव ने मुझसे कहा था कि यदि मानव सबको छोड़कर एकमात्र मेरी शरण में आ जाय और एकादशी को निराहार रहे तो वह सब पापों से छूट जाता है। एकादशी व्रत करने वाले पुरुष के पास विशालकाय, विकराल आकृति और काले रंगवाले दण्ड पाशधारी भयंकर यमदूत नहीं जाते। अंतकाल में पीताम्बरधारी, सौम्य स्वभाव वाले, हाथ में सुदर्शन धारण करने वाले और मन के समान वेगशाली विष्णुदूत आख़िर इस वैष्णव पुरुष को भगवान विष्णु के धाम में ले जाते हैं। अत: निर्जला एकादशी को पूर्ण यत्न करके उपवास और श्रीहरि का पूजन करो। स्त्री हो या पुरुष, यदि उसने मेरु पर्वत के बराबर भी महान पाप किया हो तो वह सब इस एकादशी व्रत के प्रभाव से भस्म हो जाता है। जो मनुष्य उस दिन जल के नियम का पालन करता है, वह पुण्य का भागी होता है। उसे एक-एक प्रहर में कोटि-कोटि स्वर्णमुद्रा दान करने का फल प्राप्त होता सुना गया है। मनुष्य निर्जला एकादशी के दिन स्नान, दान, जप, होम आदि जो कुछ भी करता है, वह सब अक्षय होता है, यह भगवान श्रीकृष्ण का कथन है। निर्जला एकादशी को विधिपूर्वक उत्तम रीति से उपवास करके मानव वैष्णवपद को प्राप्त कर लेता है। जो मनुष्य एकादशी के दिन अन्न खाता है, वह पाप का भोजन करता है। इस लोक में वह चाण्डाल के समान है और मरने पर दुर्गति को प्राप्त होता है। जो ज्येष्ठ के शुक्लपक्ष में एकादशी को उपवास करके दान करेंगे, वे परम पद को प्राप्त होंगे। जिन्होंने एकादशी को उपवास किया है, वे ब्रह्महत्यारे, शराबी, चोर तथा गुरुद्रोही होने पर भी सब पातकों से मुक्त हो जाते हैं। कुन्तीनन्दन! निर्जला एकादशी के दिन श्रद्धालु स्त्री पुरुषों के लिए जो विशेष दान और कर्त्तव्य विहित हैं, उन्हें सुनो: उस दिन जल में शयन करने वाले भगवान विष्णु का पूजन और जलमयी धेनु का दान करना चाहिए अथवा प्रत्यक्ष धेनु या घृतमयी धेनु का दान उचित है।... पर्याप्त दक्षिणा और भाँति-भाँति के मिष्ठानों द्वारा यत्नपूर्वक ब्राह्मणों को सन्तुष्ट करना चाहिए। ऐसा करने से ब्राह्मण अवश्य संतुष्ट होते हैं और उनके संतुष्ट होने पर श्रीहरि मोक्ष प्रदान करते हैं। जिन्होंने शम, दम, और दान में प्रवृत हो श्रीहरि की पूजा और रात्रि में जागरण करते हुए इस निर्जला एकादशी का व्रत किया है, उन्होंने अपने साथ ही बीती हुई सौ पीढ़ियों को और आने वाली सौ पीढ़ियों को भगवान वासुदेव के परम धाम में पहुँचा दिया है। निर्जला एकादशी के दिन अन्न, वस्त्र, गौ, जल, शैय्या, सुन्दर आसन, कमण्डलु तथा छाता दान करने चाहिए। जो श्रेष्ठ तथा सुपात्र ब्राह्मण को जूता दान करता है, वह सोने के विमान पर बैठकर स्वर्गलोक में प्रतिष्ठित होता है। जो इस एकादशी की महिमा को भक्तिपूर्वक सुनता अथवा उसका वर्णन करता है, वह स्वर्गलोक में जाता है। चतुर्दशीयुक्त अमावस्या को सूर्यग्रहण के समय श्राद्ध करके मनुष्य जिस फल को प्राप्त करता है, वही फल इसके श्रवण से भी प्राप्त होता है। पहले दन्तधावन करके यह नियम लेना चाहिए कि मैं भगवान केशव की प्रसन्नता के लिए एकादशी को निराहार रहकर आचमन के सिवा दूसरे जल का भी त्याग करुँगा। द्वादशी को देवेश्वर भगवान विष्णु का पूजन करना चाहिए। गन्ध, धूप, पुष्प और सुन्दर वस्त्र से विधिपूर्वक पूजन करके जल के घड़े के दान का संकल्प करते हुए निम्नांकित मंत्र का उच्चारण करे। संसारसागर से तारने वाले हे देव ह्रषीकेश! इस जल के घड़े का दान करने से आप मुझे परम गति की प्राप्ति कराइये। भीमसेन! ज्येष्ठ मास में शुक्लपक्ष की जो शुभ एकादशी होती है, उसका निर्जल व्रत करना चाहिए। उस दिन श्रेष्ठ ब्राह्मणों को शक्कर के साथ जल के घड़े दान करने चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य भगवान विष्णु के समीप पहुँचकर आनन्द का अनुभव करता है।... तत्पश्चात् द्वादशी को ब्राह्मण भोजन कराने के बाद स्वयं भोजन करे। जो इस प्रकार पूर्ण रूप से पापनाशिनी एकादशी का व्रत करता है, वह सब पापों से मुक्त हो आनंदमय पद को प्राप्त होता है। यह सुनकर भीमसेन ने भी इस शुभ एकादशी का व्रत आरम्भ कर दिया। तबसे यह लोक में पाण्डव द्वादशी के नाम से विख्यात हुई। निर्जला एकादशी के बाद कृष्ण पक्ष में आने वाली अगली एकादशी योगिनी एकादशी है।

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rekha sharma May 31, 2020

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JaneviSingh May 31, 2020

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uma prem singh verma May 31, 2020

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uma prem singh verma May 31, 2020

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Molay Adhikari May 31, 2020

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uma prem singh verma May 31, 2020

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Shyam Amarnani May 31, 2020

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Molay Adhikari May 31, 2020

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