🙏 जय श्री कृष्ण मित्रों *सदैव सकारात्मक रहें* महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे...पर ऐसे समय में उनको एक ही बात से हौंसला मिलता था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था... और वह था श्रवण के पिता का श्राप.... दशरथ जब-जब दुःखी होते थे तो उन्हें श्रवण के पिता का दिया श्राप याद आ जाता था... (कालिदास ने रघुवंशम में इसका वर्णन किया है) श्रवण के पिता ने ये श्राप दिया था कि ''जैसे मैं पुत्र वियोग में तड़प-तड़प के मर रहा हूँ वैसे ही तू भी तड़प-तड़प कर मरेगा.....'' दशरथ को पता था कि ये श्राप अवश्य फलीभूत होगा और इसका मतलब है कि मुझे इस जन्म में तो जरूर पुत्र प्राप्त होगा.... (तभी तो उसके शोक में मैं तड़प के मरूँगा) यानि यह श्राप दशरथ के लिए संतान प्राप्ति का सौभाग्य लेकर आया.... ऐसी ही एक घटना सुग्रीव के साथ भी हुई.... वाल्मीकि रामायण में वर्णन है कि सुग्रीव जब माता सीता की खोज में वानर वीरों को पृथ्वी की अलग - अलग दिशाओं में भेज रहे थे.... तो उसके साथ-साथ उन्हें ये भी बता रहे थे कि किस दिशा में तुम्हें कौन सा स्थान या देश मिलेगा और किस दिशा में तुम्हें जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिये.... प्रभु श्रीराम सुग्रीव का ये भगौलिक ज्ञान देखकर हतप्रभ थे... उन्होंने सुग्रीव से पूछा कि सुग्रीव तुमको ये सब कैसे पता...? तो सुग्रीव ने उनसे कहा कि... ''मैं बाली के भय से जब मारा-मारा फिर रहा था तब पूरी पृथ्वी पर कहीं शरण न मिली... और इस चक्कर में मैंने पूरी पृथ्वी छान मारी और इसी दौरान मुझे सारे भूगोल का ज्ञान हो गया....'' अब अगर सुग्रीव पर ये संकट न आया होता तो उन्हें भूगोल का ज्ञान नहीं होता और माता जानकी को खोजना कितना कठिन हो जाता... इसीलिए किसी ने बड़ा सुंदर कहा है :- "अनुकूलता भोजन है, प्रतिकूलता विटामिन है और चुनौतियाँ वरदान है और जो उनके अनुसार व्यवहार करें.... वही पुरुषार्थी है...." ईश्वर की तरफ से मिलने वाला हर एक पुष्प अगर वरदान है.......तो हर एक काँटा भी वरदान ही समझें.... मतलब.....अगर आज मिले सुख से आप खुश हो...तो कभी अगर कोई दुख,विपदा,अड़चन आजाये.....तो घबरायें नहीं.... क्या पता वो अगले किसी सुख की तैयारी हो.... *इसलिए हर परिस्थिति में सदैव सकारात्मक रहें !* हमेशा याद रहे -- *दुनिया बनाने वाला ईश्वर सदैव आपके साथ हैं..!!

🙏 जय श्री कृष्ण मित्रों 
*सदैव सकारात्मक रहें*

महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे...पर ऐसे समय में उनको एक ही बात से हौंसला मिलता था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था...

और वह था श्रवण के पिता का श्राप....

दशरथ जब-जब दुःखी होते थे तो उन्हें श्रवण के पिता का दिया श्राप याद आ जाता था... (कालिदास ने रघुवंशम में इसका वर्णन किया है)

श्रवण के पिता ने ये श्राप दिया था कि ''जैसे मैं पुत्र वियोग में तड़प-तड़प के मर रहा हूँ वैसे ही तू भी तड़प-तड़प कर मरेगा.....''

दशरथ को पता था कि ये श्राप अवश्य फलीभूत होगा और इसका मतलब है कि मुझे इस जन्म में तो जरूर पुत्र प्राप्त होगा.... (तभी तो उसके शोक में मैं तड़प के मरूँगा)

यानि यह श्राप दशरथ के लिए संतान प्राप्ति का सौभाग्य लेकर आया....

ऐसी ही एक घटना सुग्रीव के साथ भी हुई....

वाल्मीकि रामायण में वर्णन है कि सुग्रीव जब माता सीता की खोज में वानर वीरों को पृथ्वी की अलग - अलग दिशाओं में भेज रहे थे.... तो उसके साथ-साथ उन्हें ये भी बता रहे थे कि किस दिशा में तुम्हें कौन सा स्थान या देश  मिलेगा और किस दिशा में तुम्हें जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिये.... 

प्रभु श्रीराम सुग्रीव का ये भगौलिक ज्ञान देखकर हतप्रभ थे...

उन्होंने सुग्रीव से पूछा कि सुग्रीव तुमको ये सब कैसे पता...?

तो सुग्रीव ने उनसे कहा कि... ''मैं बाली के भय से जब मारा-मारा फिर रहा था तब पूरी पृथ्वी पर कहीं शरण न मिली... और इस चक्कर में मैंने पूरी पृथ्वी छान मारी और इसी दौरान मुझे सारे भूगोल का ज्ञान हो गया....''

अब अगर सुग्रीव पर ये संकट न आया होता तो उन्हें भूगोल का ज्ञान नहीं होता और माता जानकी को खोजना कितना कठिन हो  जाता...

इसीलिए किसी ने बड़ा सुंदर कहा है :-

"अनुकूलता भोजन है, प्रतिकूलता विटामिन है और चुनौतियाँ वरदान है और जो उनके अनुसार व्यवहार करें.... वही पुरुषार्थी है...."

ईश्वर की तरफ से मिलने वाला हर एक पुष्प अगर वरदान है.......तो हर एक काँटा भी वरदान ही समझें....

मतलब.....अगर आज मिले सुख से आप खुश हो...तो कभी अगर कोई दुख,विपदा,अड़चन आजाये.....तो घबरायें नहीं.... क्या पता वो अगले किसी सुख की तैयारी हो....

     *इसलिए हर परिस्थिति में सदैव सकारात्मक रहें !*

हमेशा याद रहे --

*दुनिया बनाने वाला ईश्वर सदैव आपके साथ हैं..!!

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कामेंट्स

🔴 Suresh Kumar 🔴 May 5, 2021
Om gan ganpataye namah Shubh prabhat vandan meri behan 🌼🌼🌼🌼 Ganpati Bappa Ji ki Kripa app par v aapke parivar par sada bani rahe 🌹🌹 🌳🌳🌳🌳🙏🌳🌳🌳🌳

🔴 Suresh Kumar 🔴 May 5, 2021
very sweet good morning to my sweet sister 🔵🔴 always be happy and healthy 🌷🌷🌷🌷 have a great day 🔴🌕🔵

🔴 Suresh Kumar 🔴 May 5, 2021
प्रीति जैन 🙏 मेरी लाडली बहन जय जिनेन्द्र 🙏 ओम् शांति 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀

Sanjay parashar May 5, 2021
Happy Wednesday 🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒 Ganesh ji Maharaj Or maa Laxmi ka Ashirwad hamesha Aap per Or aapke parivar per banaa Rahe 🍁🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄 Radhe Radhe 🌻🌻 good morning my lovely sister 👌👋👋

🇮🇳🇮🇳GEETA DEVI🇮🇳🇮🇳 May 5, 2021
🌹🙏OM SHREE GANESHAY NAMAH JI 🙏🌹 🍃🎉SUPRABHATAM 🎉🍃 🍃🌹🍇🤗🍹🍹🤗🍇🌹🍃 🌸🌸🙏GANPATI BAPPA APKO OR APKE SAMPURN PARIWAR KO DHIRGHAYU PARDAN KARE OR APKO SAMST DUKHO SE DUR RAKHE MERI PYARI BEHANA JI🙏🌸🌸 💐🙏APKA HAR PAL SUBH OR MANGALMAY HO MERI PYARI BEHANA JI🙏💐

Sanjay Rastogi May 5, 2021
Ombshri ganeshay Namah subh prabhat vandan didi Radhe Radhe

Nitin Sharma May 5, 2021
*. 🌺ॐ🌺 🌹ॐ गं गंणपतये नमो नमः 🌹 🐚🌴सुप्रभात🌴🐚 🌹 जय श्री राम 🙏🌹

Vinay Mishra May 5, 2021
jai shri ganeshay namo namah vighnharta bhagwan Shri Ganesh ji ki kripa sadaiv aap V aapke family par bani rahe good morning ji 💥 ॐ 🙏

Naresh Rawat May 5, 2021
ॐ卐गणपतये नमःॐ🚩卐गणेशाय नमः🕉 जय श्रीकृष्ण जय राधे राधे जी🙏🌷 शुभ बुधवार शुभ प्रभात स्नेह वंदन सिस्टर जी🙏🌞आप सदा स्वस्थ💪 और खुश रहो🙂 विध्नहर्ता,सुखकर्ता, दुखहर्ता श्री गणपति महाराज जी की कृपा दृष्टि आशीर्वाद आप और आपके परिवार पर सदैव बना रहे सिस्टर जी🙏🌷 गणपति बप्पा मौर्य मंगल मूर्ति मौर्य 🙏🚩🚩

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 May 5, 2021
Good Morning My Sweet Sister ji 🙏🙏 Om Shree Ganeshay Namah 🙏🙏🌹💐🌷🌹🌹 Ganpati Bappa Morya 🙏🙏🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

EXICOM May 5, 2021
🌹🙏🌹 ऊँ 🌹🙏🌹 🌹🙏🌹शाँतिं🌹🙏🌹 🌹🙏🌹दीदी🌹🙏🌹 🌹🙏🌹 जी 🌹🙏🌹

r h Bhatt May 5, 2021
Om gam ganpatay namah aapka Den magalmay our Shubh Ho ji Vandana ji ganpatay Bappa morya

MOHAN PATIDAR May 5, 2021
jai shree ganesh ji bhagwan ji ki kripa aap v aapke pariwar par hamesha barsti Rahe ji aap ka har pal har din har mahinA HAR SAL SUHBH V MAGNLMAY HO JI AAP HAMESHA KHUSS V SAVSTH MUSKRATI RAHO JI GOOD AFTERNOON JI THANKS FOR THE 🍧🍹🧃👈🕉👌👌🌹⚘👈

Raj bhadauria May 5, 2021
nice line jii 🌹🌷🌺 radhey radhey jii subh dopahar jii 🌹🌹🌹

Ranju Kumari May 5, 2021
Jai Shri Ganesh🌹🌹🙏🙏🌹🌹 Good evening bahan

RAKESH SHARMA May 5, 2021
OM SHANTI 🙏🙏🌹🙏🌹LIKE IS VERY SIMPLE BUT FEELING AND THINKING MAKES IT COMPLICATED SO ALWAYS KEEP SMILING BECAUSE URGESTMENT IS NOT IMPORTANT BUT UNDERSTANDING IS MOST IMPORTANT 🙏🙏JAI JINENDRA 🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹

*भाग्य* यात्रियों से भरी बस चली जा रहा थी, जब अचानक मौसम बदला और भारी बारिश चालू हो गयी और बिजली भी चारों तरफ चमकने लगी सभी देख रहे थे कि बिजली कभी भी बस को चपेट में ले सकती है । रोशनी से बचने के 2 या 3 कठिन प्रयास के बाद, चालक ने पेड़ से पचास फुट की दूरी पर बस बंद कर कहा - "हमारे पास बस में कोई है जिसकी मृत्यु आज निश्चित है।" उस व्यक्ति की वजह से बाकी सब लोग भी मारे जाएंगे। अब ध्यान से सुनिये जो मैं कह रहा हूं ..मैं चाहता हूं कि प्रत्येक व्यक्ति बस से उतर एक एक कर बाहर जाकर पेड़ के तने को स्पर्श करे और वापस आ जाए। "जिसकी मौत निश्चित है वह बिजली से पकड़ा जाएगा और मर जाएगा और बाकी सभी को बचा लिया जाएगा "। उसने पहले व्यक्ति को जाने और पेड़ को छूने और वापस आने के लिये कहा वह अनिच्छा से बस से उतर गया और पेड़ को छुआ। उसका दिल प्रसन्न हो गया जब कुछ भी नहीं हुआ और वह अभी भी जीवित था। यही क्रम बाकी यात्रियों के लिए जारी रहा और उन सभी को राहत मिली जब वे पेड़ को छु कर लौटे और कुछ भी नहीं हुआ। लेकिन जब आखिरी यात्री की बारी आई, तो सभी उसे आँखों से घूरने लगे। वह यात्री बहुत डर गया और अनिच्छुक था क्योंकि वही केवल अकेला बचा था।सभी ने उसे नीचे उतरने और जाने और पेड़ को छूने के लिए मजबूर किया। मृत्यु के 100% भय के साथ, अंतिम यात्री पेड़ के पास गया और उसे छुआ। उसी समय वहाँ गड़गड़ाहट की एक बड़ी आवाज़ गूँजी और बिजली ने बस को चपेट में ले लिया - हां, बिजली के चपेट में आने से बस के अंदर सभी मारे गये। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया (मानना पडेगा) कि पूरी बस इस आखिरी यात्री की उपस्थिति के कारण सुरक्षित थी। कई बार, हम अपनी वर्तमान उपलब्धियों के लिए स्वयं श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि यह हमारे साथ जूडे एक व्यक्ति के कारण है। शायद उस व्यक्ति की वजह से हम अपनी वर्तमान खुशी, सम्मान, प्रेम, नाम, प्रसिद्धि, वित्तीय सहायता, शक्ति, स्थिति और क्या नहीं आनंद ले रहे हैं अपने चारों ओर देखिए - शायद आपके माता-पिता, आपके पति या पत्नी, आपके बच्चे, आपके भाई-बहन, आपके मित्र आदि के रूप में आपके आस-पास कोई है, जो आपको नुकसान से बचा रहे हैं ..! इसके बारे में सोचिये .. और उस आत्मा को धन्यवाद दें..। *🌹

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Mamta Chauhan May 5, 2021

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Neeta Trivedi May 5, 2021

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