arvind sharma
arvind sharma Aug 14, 2017

स्वत्रंत्रता दिवस

आप सभी को 15 अगस्त 2017 व जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

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Dr. Seema Soni Apr 8, 2020

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itishri Apr 8, 2020

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PRABHAT KUMAR Apr 8, 2020

🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🕉️🕉️🕉️🕉️ । *#जय_वीर_हनुमान* । 🕉️🕉️🕉️🕉️ 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#सभी_आदरणीय_साथियों_को_हनुमान_जयंती_की_हार्दिक_शुभकामनाएं* 🙏🙏🙏🙏🙏 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 पंचांग अनुसार हनुमान जयंती चैत्र शुक्ल पूर्णिमा तिथि को होती है। इस दिन श्रीराम भक्त हनुमान का जन्म हुआ था। इस बार ये शुभ पर्व 08 अप्रैल को यानि आज मनाया जायेगा। हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार माना जाता है। हनुमान जी को संकटमोचन भी कहा जाता है। 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🕉️🕉️🕉️ ।। *#हनुमान_जयंती_मुहूर्त* ।। 🕉️🕉️🕉️ 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#पूर्णिमा_तिथि_प्रारम्भ – अप्रैल 07, 2020 को 12:01 पी एम बजे* *#पूर्णिमा_तिथि_समाप्त – अप्रैल 08, 2020 को 08:04 ए एम बजे* *#पूजा_का_मुहूर्त- सुबह 8 बजे तक* *#सर्वार्थ_सिद्धि_योग- 05:46 ए एम से 06:07 ए एम* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🕉️🕉️ ।। *#हनुमान_जी_की_पूजा_विधि* ।। 🕉️🕉️ 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 इस दिन व्रत रखने वाले लोग एक दिन पहले से ब्रह्मचर्य का पालन करें। संभव हो तो जमीन पर सोयें। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर प्रभू श्री राम, माता सीता व श्री हनुमान का स्मरण करें। इसके बाद नित्य क्रिया से निवृत होकर स्नान कर हनुमान जी की पूजा आरंभ करें। इसके लिए हनुमान जी की मूर्ति को स्थापित करें। हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें। फिर हनुमान जी की आरती उतारें। प्रसाद के रूप में गुड़, भीगे या भुने चने व बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। पूजन सामग्री में सिंदूर, केसर युक्त चंदन, धूप, अगरबती, दीपक के लिए शुद्ध घी या चमेली के तेल का उपयोग करें। भगवान को गैंदा, गुलाब, कनेर, सूरजमुखी आदि पुष्प अर्पित करें। इस दिन हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाना काफी शुभ माना जाता है। 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🕉️🕉️ *।। #हनुमान_जी_की_जन्म_कथा ।।* 🕉️🕉️ 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार माने जाते हैं| उनके जन्म के बारे में पुराणों में जो उल्लेख मिलता है उसके अनुसार अमरत्व की प्राप्ति के लिये जब देवताओं व असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया को उससे निकले अमृत को असुरों ने छीन लिया और आपस में ही लड़ने लगे। तब भगवान विष्णु मोहिनी के भेष अवतरित हुए। मोहनी रूप देख देवता व असुर तो क्या स्वयं भगवान शिवजी कामातुर हो गए। इस समय भगवान शिव ने जो वीर्य त्याग किया उसे पवनदेव ने वानरराज केसरी की पत्नी अंजना के गर्भ में प्रविष्ट कर दिया| जिसके फलस्वरूप माता अंजना के गर्भ से केसरी नंदन मारुती संकट मोचन रामभक्त श्री हनुमान का जन्म हुआ| 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🕉️🕉️🕉️ *#हनुमान_जयंती_का_महत्व* 🕉️🕉️🕉️ 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 भक्‍तों के लिए हनुमान जयंती का खास महत्‍व है। संकटमोचन हनुमान को प्रसन्‍न करने के लिए भक्‍त पूरे दिन व्रत रखते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। मान्‍यता है कि इस दिन पांच या ग्यारह बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से पवन पुत्र हनुमान प्रसन्‍न होकर भक्‍तों पर कृपा बरसाते हैं। इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ का आयोजन होता है। घरों और मंदिरों में भजन-कीर्तन होते हैं। हनुमान जी को प्रसन्‍न करने के लिए सिंदूर चढ़ाया जाता है और सुंदर कांड का पाठ करने का भी प्रावधान है। शाम की आरती के बाद भक्‍तों में प्रसाद वितरित करते हुए सभी के लिए मंगल कामना की जाती है। श्री हनुमान जयंती में कई जगहों पर मेला भी लगता है। 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अहीसा।। जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते।। तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।। तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना।। जुग सहस्र जोजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू।। प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।। दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।। राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।। सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रक्षक काहू को डर ना।। आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै।। भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।। नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।। संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।। सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा। और मनोरथ जो कोई लावै। सोइ अमित जीवन फल पावै।। चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा।। साधु-संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे।। अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।। राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा।। तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम-जनम के दुख बिसरावै।। अन्तकाल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।। और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।। संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।। जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।। जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई।। जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।। तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।। *#दोहा* पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।। 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🕉️🕉️🕉️ । *#हनुमान_जी_की_आरती* । 🕉️🕉️🕉️ 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनिपुत्र महा बलदायी, संतन के प्रभु सदा सहाई॥ दे बीरा रघुनाथ पठाये, लंका जारि सिया सुधि लाये॥ लंका-सो कोट समुद्र-सी खाई, जात पवनसुत बार न लाई॥ लंका जारि असुर संहारे, सियारामजी के काज संवारे॥ लक्ष्मण मूर्छित परे सकारे, आनि संजीवन प्रान उबारे॥ पैठि पताल तोरि जम-कारे, अहिरावन की भुजा उखारे॥ बाएं भुजा असुरदल मारे, दहिने भुजा सन्तजन तारे॥ सुर नर मुनि आरती उतारे, जय जय जय हनुमान उचारे॥ कंचन थार कपूर लौ छाई, आरति करत अंजना माई॥ जो हनुमानजी की आरति गावै, बसि बैकुण्ठ परम पद पावै॥ 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#नोट : उक्त जानकारी Google के माध्यम से प्राप्त किया गया है।* 📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰 *( इस आलेख में दी गई जानकारियाँ धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित है, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )* 🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔

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Sanjay Singh Apr 8, 2020

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Rajkishor Tripathi Apr 8, 2020

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