Manoj Prasadh
Manoj Prasadh Mar 6, 2021

महावीर जैन की आरती

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जितेन्द्र दुबे Mar 7, 2021
🚩🌹🥀जय श्री मंगलमूर्ति गणेशाय नमः 🌺🌹💐🚩🌹🌺 शुभ प्रभात वंदन🌺🌹 राम राम जी 🌺🚩🌹मंदिर के सभी भाई बहनों को राम राम जी परब्रह्म परमात्मा आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें 🙏 🚩🔱🚩प्रभु भक्तो को सादर प्रणाम 🙏 🚩🔱🚩 🕉️ सूर्यदेवाय नमः🌹 ऊँ भास्कराय नमः🌹 🌹ऊँ दिवाकराय नमः 🌹ऊँ आदित्याय नमः 🌹🚩🌺🌹जय सूर्यदेव भगवान🚩🌻🚩ऊँ रामेश्वराय नमः🌺🚩 ऊँ उमामहेश्वराभ्यां नमः🌺 ऊँ राम रामाय नमः 🌻🌹ऊँ सीतारामचंद्राय नमः🌹 ॐ राम रामाय नमः🌹🌺🌹 ॐ हं हनुमते नमः 🌻ॐ हं हनुमते नमः🌹🥀🌻🌺🌹ॐ शं शनिश्चराय नमः 🚩🌹🚩ऊँ नमः शिवाय 🚩🌻 जय श्री राधे कृष्णा जी🌹 श्री सूर्यदेव भगवान की कृपा दृष्टि आप सभी पर हमेशा बनी रहे 🌹 आप का हर पल मंगलमय हो 🚩जय श्री राम 🚩🌺हर हर महादेव🚩राम राम जी 🥀शुभ प्रभात स्नेह वंदन💐🌹🌺 शुभ रविवार🌺 हर हर नर्मदे हर हर नर्मदे 🌺🙏🌻🙏🌻🥀🌹🚩

Guria Thakur Apr 19, 2021

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Rekha Apr 17, 2021

सुख और ऐश्वर्यदायक हैं देवी स्कंदमाता, इस श्लोक—स्तुति से प्राप्त होती है मां की कृपा स्कंदमाता की पूजा से हर इच्छा पूरी होती है। मां स्कंदमाता को जहां अग्नि देवी के रूप में भी पूजा जाता है वहीं वे ममता की भी प्रतीक हैं। देवी स्कंदमाता की चार भुजा हैं। मां के दो हाथों में कमल पुष्प हैं और एक हाथ में बालरूप में भगवान कार्तिकेय हैं। मां का एक हाथ वरमुद्रा में है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। स्कंद का मतलब होता है शिव—पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय अथवा मुरुगन। इस प्रकार मां स्कंदमाता का शाब्दिक अर्थ है — स्कंद की माता। मां स्कंदमाता की पूजा से हर इच्छा पूरी होती है। मां स्कंदमाता को जहां अग्नि देवी के रूप में भी पूजा जाता है वहीं वे ममता की भी प्रतीक हैं। देवी स्कंदमाता की चार भुजा हैं। मां के दो हाथों में कमल पुष्प हैं और एक हाथ में बालरूप में भगवान कार्तिकेय हैं। मां का एक हाथ वरमुद्रा में है। स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार यही कारण है कि इनका प्रभामंडल सूर्य के समान अलौकिक तेजोमय दिखाई देता है। मां स्कंदमाता कमल पर विराजमान हैं। स्कंदमाता की विश्वासपूर्वक पूजा करने पर मोक्ष मिल जाता है। इनकी उपासना सुख, ऐश्वर्यदायक है। श्लोक—स्तुति 1. सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया | शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी || 2. या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। हिंदी भावार्थ : हे मां! आप सर्वत्र विराजमान हैं. स्कंदमाता के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बारंबार प्रणाम है या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूं।

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