_*दोष-दर्शन*_ दूसरों के दोषों का न प्रचार करो न चर्चा और न ही उन्हें याद करो। तुम्हारा इसी में परम लाभ है। _*भगवान् सर्वान्तर्यामी हैं। वे किसने, किस परिस्थिति में ,किस नीयत से, कब क्या किया है, सब जानते हैं।वे ही उस फल का विधान करते हैं।*_ तुम बीच में पड़कर अपनी बुद्धि का दिवाला क्यों निकालने जाते हो। झूठी -सच्ची कल्पना करके क्यों दोषों को बटोरते हो। *श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार*

_*दोष-दर्शन*_

दूसरों के दोषों का न प्रचार करो न चर्चा और न ही उन्हें याद करो। तुम्हारा इसी में परम लाभ है।

_*भगवान् सर्वान्तर्यामी हैं। वे किसने, किस परिस्थिति में ,किस नीयत से, कब क्या किया है, सब जानते हैं।वे ही उस फल का विधान करते हैं।*_

 तुम बीच में पड़कर अपनी बुद्धि का दिवाला क्यों निकालने जाते हो। झूठी -सच्ची कल्पना करके क्यों दोषों को बटोरते हो।

*श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्दार*

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कामेंट्स

manju garg Sep 9, 2019
जय श्री कृष्णा जी

Gulshan Kumar Sep 9, 2019
jai Shri radhey radhey 🙏 Hare Krishna 🙏 shubh Ekadshi 🙏

Meena Sharma Sep 9, 2019
Radhe Radhe 🙏Ekadshi ki hardik shubhkamnayen 🙏🙏🌷🌷

jagdish Saini Sep 9, 2019
Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe

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