⛳🙏🕉️🙏🥀🌹🙌जय श्री राधे कृष्णा राधे राधे श्याम जी राधे राधे शुभरात्रि वंदन जी सबको राम राम जी राम राम शुभ नमस्कार जी।जय माता दी जय माता दी🙌🙏🙏🙏🙏🕉️🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 राधेश्याम 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

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कामेंट्स

Anjana Gupta Mar 29, 2020
जय श्री राधे कृष्णा मेरी प्यारी बहना जी आप और आप के परिवार पर ठाकुर जी की कृपा सदैव बनी रहे आप सदा खुश सुखी और स्वस्थ रहे शुभ रात्रि वंदन मेरी प्यारी बहना जी 🙏🌹🍎🍎

कुसुम।सेन Mar 29, 2020
@anjanagupta4 जय श्री राधे कृष्णा राधे राधे प्यारी बहना जी शुभ रात्रि विश्राम जी धन्यवाद प्यारी बहना जी नमस्कार प्यारी बहना जी आपका हर दिन हर पल शुभ मंगलमय हो शुभकामनाएं जी प्यारी दीदी जी🙏🍇🍎🍒🍓🍑🍊🌹🕉️🌹🌷🌷⛳⛳⛳

कुसुम।सेन Mar 29, 2020
@एमिश्रा जय श्री राधे कृष्णा राधे राधे भाई जी राम-राम राम भाई जी शुभ रात्रि वंदनभाई जी आपका हर दिन हर पल शुभ मंगलमय हो शुभकामनाएं भाई जी जय माता दी 🙏🌹🕉️🌹⛳⛳⛳

कुसुम।सेन Mar 29, 2020
@एमिश्रा जय श्री राधे कृष्णा राधे राधे भाई जी राम-राम राम भाई जी शुभ रात्रि वंदनभाई जी आपका हर दिन हर पल शुभ मंगलमय हो शुभकामनाएं भाई जी जय माता दी 🙏🌹🕉️🌹⛳⛳⛳

कुसुम।सेन Mar 29, 2020
@एमिश्रा जय श्री राधे कृष्णा राधे राधे भाई जी राम-राम राम भाई जी शुभ रात्रि वंदनभाई जी आपका हर दिन हर पल शुभ मंगलमय हो शुभकामनाएं भाई जी जय माता दी 🙏🌹🕉️🌹⛳⛳⛳

कुसुम।सेन Mar 29, 2020
@donmir राम राम भाई जी शुभ रात्रि वंदन भाई जी जय माता दीआपका हर दिन हर पल शुभ मंगलमय हो शुभकामना भाई जी जय माता दी🙏🌹🕉️🌹⛳⛳⛳

🌹 लड्डू🌹 Mar 29, 2020
@कुसुम2 🙏🌹🙏 अति सुंदर वीडियो मेरी प्यारी सखी जी कैसी हो🌹 जय श्री राधे कृष्णा शुभ रात्रि जी माता रानी आप हमेशा खुश और स्वस्थ रखें अपना ध्यान रखना🌹🍵🌹🙏🙏😷👈🙏🙏

कुसुम।सेन Mar 29, 2020
@sanjayawasthi7 जय श्री राधे कृष्णा राधे-राधे श्याम जी राधे राधे जी शुभ रात्रि 😴😇😇विश्राम जी जय माता दी🌹🕉️🌹 इंग्लिश मे thankyou वेरी मच🙏⛳⛳⛳

कुसुम।सेन Mar 29, 2020
@लड्डू3 🙏🕉️🙏🥀🌹 जय श्री राधे कृष्ण राधे राधे प्यारी सखी जी शुभ रात्रि विश्राम😴😴😇 जी धन्यवाद जी पोस्ट पर चाय 🤓😁दिखाने के लिए हम ठीक हूं प्यारी सखी जी आप कैसी हो अपना ध्यान से कोरोना🗾👹🐛 वाइरस।से 😷👈बचकर रहनाजी🍵☕🍫👈🌹🕉️🌹⛳⛳⛳

AMishraji Mar 29, 2020
@कुसुम2 जय माता दी आप को स्वस्थ मस्त ररवे राधे राधे राधे जी सुभ मंगलमय रात्री जी

AMishraji Mar 30, 2020
@कुसुम2 शुभ मंगलमय सुप्रभात जी जय राधे राधे राधे राधे जी ओम् नमह शिवा़य ॐनमह शिवा़य ॐनमह हर हर महादेव जी आपकी हर मनोकामनाये पुरी करे अतिसुन्दर सकुशल रवुसियॉ सुरव शान्ति प्रदान करे सदा प्रसंन्न ररवे राधे राधे जी मंगलमय शुभ दिवस कि मंगलमय शुभकामनाये

कुसुम।सेन Mar 30, 2020
@एमिश्रा जय श्री राधे कृष्ण राधे राधे भाई जी शुभ दोपहर की राम राम भाई जी जय माता दी आपका दिन शुभ हो धंयवाद भाई जी🙏🌹🕉️🌹⛳⛳⛳

कुसुम।सेन Mar 30, 2020
@umeshsharma48 जय श्री राधे कृष्णा राधे राधे भाई जी दोपहर की राम राम भाई जी जय माता दी🙏🌹🕉️🌹⛳⛳⛳

AMishraji Mar 30, 2020
@कुसुम2 जय राम जी,शुभ दिवस कि मंगलमय शुभकामनाये सदा रवुसियॉ प्रदान करे

*प्राचीनकाल में गोदावरी नदी के किनारे वेदधर्म मुनि का आश्रम था। एक दिन गुरुजी ने अपने शिष्यों से कहा की- शिष्यों! अब मुझे कोढ़ निकलेगा और मैं अंधा भी हो जाऊँगा, इसिलिए काशी में जाकर रहूँगा। है कोई शिष्य जो मेरे साथ रह कर सेवा करने के लिए तैयार हो ? सब चुप हो गये। उनमें संदीपनी ने कहा- गुरुदेव! मैं आपकी सेवा में रहूँगा। गुरुदेव ने कहा इक्कीस वर्ष तक सेवा के लिए रहना होगा। संदीपनी बोले इक्कीस वर्ष तो क्या मेरा पूरा जीवन ही अर्पित है आपको। वेदधर्म मुनि एवं संदीपन काशी में रहने लगे । कुछ दिन बाद गुरु के पूरे शरीर में कोढ़ निकला और अंधत्व भी आ गया । शरीर कुरूप और स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया । संदीपनी के मन में लेशमात्र भी क्षोभ नहीं हुआ । वह दिन रात गुरु जी की सेवा में तत्पर रहने लगा । गुरु को नहलाता, कपड़े धोता, भिक्षा माँगकर लाता और गुरुजी को भोजन कराता । गुरुजी डाँटते, तमाचा मार देते... किंतु संदीपनी की गुरुसेवा में तत्परता व गुरु के प्रति भक्तिभाव और प्रगाढ़ होता गया।* *गुरु निष्ठा देख काशी के अधिष्ठाता देव विश्वनाथ संदीपनी के समक्ष प्रकट होकर बोले- तेरी गुरुभक्ति देख कर हम प्रसन्न हैं । कुछ भी वर माँग लो । संदीपनी गुरु से आज्ञा लेने गया और बोला भगवान शिवजी वरदान देना चाहते हैं, आप आज्ञा दें तो आपका रोग एवं अंधेपन ठीक होने का वरदान मांग लूँ ? गुरुजी ने डाँटा,बोले- मैं अच्छा हो जाऊँ और मेरी सेवा से तेरी जान छूटे यही चाहता है तु ? अरे मूर्ख ! मेरा कर्म कभी-न-कभी तो मुझे भोगना ही पड़ेगा । संदीपनी ने भगवान शिवजी को वरदान के लिए मना कर दिया। शिवजी आश्चर्यचकित हो गये और गोलोकधाम पहुंच के श्रीकृष्ण से पूरा वृत्तान्त कहा। श्रीकृष्ण भी संदीपनी के पास वर देने आये। संदीपनी ने कहा- प्रभु! मुझे कुछ नहीं चाहिए। आप मुझे यही वर दें कि गुरुसेवा में मेरी अटल श्रद्धा बनी रहे।* *एक दिन गुरुजी ने संदीपनी को कहा कि- मेरा अंत समय आ गया है। सभी शिष्यों से मिलने की इच्छा है । संदीपनी ने सब शिष्यों को सन्देश भेज दिया। सारे शिष्य उनके दर्शन के लिए आये। गुरुजी ने सभी शिष्यों कुछ न कुछ दिया । किसी को पंचपात्र, किसी को आचमनी , किसी को आसन किसी को माला दे दी । जब संदीपनी का आये तो सभी वस्तुएं समाप्त हो चुकी थी । गुरुजी चुप हो गए,फिर बोले कि मैं तुम्हे क्या दूँ ? तुम्हारी गुरूभक्ति के समान मेरे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है । मैं तुम्हें यह वर देता हूँ कि- त्रिलोकी नाथ का अवतार होने वाला है, वह तुम्हारे शिष्य बनेंगे । संदीपनी के लिए इससे बड़ी भेंट और क्या होती । उन्होंने गुरूजी की अंत समय तक सेवा की। जब श्रीकृष्ण अवतार हुआ तो गुरुजी के दिए उस वरदान को फलीभूत करने के लिए स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने दूर उज्जैन में स्थित संदीपनी ऋषि के आश्रम में भ्राता बलराम जी के साथ आए और संदीपनी ऋषि के शिष्य बने... ऐसी है गुरुभक्ति की शक्ति। इसिलिए गुरुभक्ति ही सार है... राधे राधे...संगृहीत कथा*🙏🚩

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Sanjay Singh May 10, 2020

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Meena Dubey May 10, 2020

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Sanjay Singh May 9, 2020

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Sanjay Singh May 9, 2020

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Radhe Chouhan May 9, 2020

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Sanjay Singh May 8, 2020

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Radhe Chouhan May 8, 2020

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Meena Dubey May 8, 2020

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