madanpal singh
madanpal singh Apr 3, 2020

🌹🕉️🙏🏼 Jai shree radhe radhe Jiii 🙏🏻 🌹🕉️🙏🏼 Jai shree Karisana Jiiii 🙏🏻🕉️🌹🕉️🙏🏼 Shubh sandaya Jiiii 🙏🏼🕉️🌹🌹🕉️🙏🏼 AAL my mandir family jiiii ♥️🌲 🌲🌲 🌲🌲 🌲🌲 🌲🌲 🌲🌲 🌲🌲

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कामेंट्स

Neha Sharma, Haryana Apr 3, 2020
🌹👣🙏*जय माता की*🙏👣🌹 🌸🙏🌸*शुभ शुक्रवार*🌸🙏🌸 *माता रानी 👣🚩🐚 की असीम कृपा ✋ आप और आपके परिवार 👨‍👩‍👧‍👦 पर सदैव बनी रहे जी*🙏🌹*आप सभी भाई-बहनों का हर पल शुभ व मंगलमय 🔯 हो जी*🙏🌹🙋 🌺🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌺

MADHUBEN PATEL Apr 3, 2020
JAY SHREE KRISHNA JII GOOD EVENING BHAIYA JII HAVE A BEAUTIFUL DAY BHAIYA JIII

Mamta Chauhan Apr 3, 2020
Radhe radhe ji shubh sandhya vandan bhai ji aapka har pal khushion bhra ho 👌🙏🙏

Mamta Chauhan Apr 3, 2020
Radhe radhe ji shubh ratri vabdan bhai ji aapka har pal mangalmay ho 🙏🌷🌷

seema soni Apr 3, 2020
Good night ji jai mata de🙏🙏🌹🌹🕉️🕉️🍮🍰👈☺️☺️🕉️🕉️🕉️👣👣

Anjana Gupta Apr 3, 2020
जय श्री राधे कृष्णा भाई जी आप और आप के परिवार पर ठाकुर जी की कृपा सदैव बनी रहे आप का हर पल खुशियों भरा हो शुभ रात्रि वंदन भाई जी 🌹🙏

राजेश अग्रवाल Apr 3, 2020
ॐ श्री संतोषी महामाया गजानंदम दायिनी शुक्रवार प्रिये देवी नारायणी नमोस्तुते || मां संतोषी की असीम कृपा आप पर सदैव बनी रहे मंगल कामना के साथ राजेश भाई का सादर नमन वंदन🙏🌹

Vijay Pandey Apr 3, 2020
जय श्री राधे कृष्ण ‌🌷🙏 शुभ रात्रि की शुभ मंगल कामनाएं भाई ठाकुर जी का आशीर्वाद आप और आपके परिवार पर सदैव बना रहे, आप और आपका परिवार सदा स्वस्थ एवं सुखी रहे भाई ‌🌷🙌

Renu Singh Apr 3, 2020
Jai Mata Di Bhai ji 🙏🌹🙏 Shubh Ratri Vandan Ji 🙏🌹 Mata Rani ki kripa Se Aàpka Aane Wala pl Shubh V Mangalmay ho Bhai Ji 🙏🌹

Poonam Aggarwal Apr 3, 2020
🚩 JAY MATA DI 🚩🙏 mata rani ki kripa se aap ka hr pal shubh mangalmay ho 💐 Happy friday's Good Night Bhai ji Radhe Krishna ji ‼️👏🌹🌹🍫🍫🌟🙋

*प्राचीनकाल में गोदावरी नदी के किनारे वेदधर्म मुनि का आश्रम था। एक दिन गुरुजी ने अपने शिष्यों से कहा की- शिष्यों! अब मुझे कोढ़ निकलेगा और मैं अंधा भी हो जाऊँगा, इसिलिए काशी में जाकर रहूँगा। है कोई शिष्य जो मेरे साथ रह कर सेवा करने के लिए तैयार हो ? सब चुप हो गये। उनमें संदीपनी ने कहा- गुरुदेव! मैं आपकी सेवा में रहूँगा। गुरुदेव ने कहा इक्कीस वर्ष तक सेवा के लिए रहना होगा। संदीपनी बोले इक्कीस वर्ष तो क्या मेरा पूरा जीवन ही अर्पित है आपको। वेदधर्म मुनि एवं संदीपन काशी में रहने लगे । कुछ दिन बाद गुरु के पूरे शरीर में कोढ़ निकला और अंधत्व भी आ गया । शरीर कुरूप और स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया । संदीपनी के मन में लेशमात्र भी क्षोभ नहीं हुआ । वह दिन रात गुरु जी की सेवा में तत्पर रहने लगा । गुरु को नहलाता, कपड़े धोता, भिक्षा माँगकर लाता और गुरुजी को भोजन कराता । गुरुजी डाँटते, तमाचा मार देते... किंतु संदीपनी की गुरुसेवा में तत्परता व गुरु के प्रति भक्तिभाव और प्रगाढ़ होता गया।* *गुरु निष्ठा देख काशी के अधिष्ठाता देव विश्वनाथ संदीपनी के समक्ष प्रकट होकर बोले- तेरी गुरुभक्ति देख कर हम प्रसन्न हैं । कुछ भी वर माँग लो । संदीपनी गुरु से आज्ञा लेने गया और बोला भगवान शिवजी वरदान देना चाहते हैं, आप आज्ञा दें तो आपका रोग एवं अंधेपन ठीक होने का वरदान मांग लूँ ? गुरुजी ने डाँटा,बोले- मैं अच्छा हो जाऊँ और मेरी सेवा से तेरी जान छूटे यही चाहता है तु ? अरे मूर्ख ! मेरा कर्म कभी-न-कभी तो मुझे भोगना ही पड़ेगा । संदीपनी ने भगवान शिवजी को वरदान के लिए मना कर दिया। शिवजी आश्चर्यचकित हो गये और गोलोकधाम पहुंच के श्रीकृष्ण से पूरा वृत्तान्त कहा। श्रीकृष्ण भी संदीपनी के पास वर देने आये। संदीपनी ने कहा- प्रभु! मुझे कुछ नहीं चाहिए। आप मुझे यही वर दें कि गुरुसेवा में मेरी अटल श्रद्धा बनी रहे।* *एक दिन गुरुजी ने संदीपनी को कहा कि- मेरा अंत समय आ गया है। सभी शिष्यों से मिलने की इच्छा है । संदीपनी ने सब शिष्यों को सन्देश भेज दिया। सारे शिष्य उनके दर्शन के लिए आये। गुरुजी ने सभी शिष्यों कुछ न कुछ दिया । किसी को पंचपात्र, किसी को आचमनी , किसी को आसन किसी को माला दे दी । जब संदीपनी का आये तो सभी वस्तुएं समाप्त हो चुकी थी । गुरुजी चुप हो गए,फिर बोले कि मैं तुम्हे क्या दूँ ? तुम्हारी गुरूभक्ति के समान मेरे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है । मैं तुम्हें यह वर देता हूँ कि- त्रिलोकी नाथ का अवतार होने वाला है, वह तुम्हारे शिष्य बनेंगे । संदीपनी के लिए इससे बड़ी भेंट और क्या होती । उन्होंने गुरूजी की अंत समय तक सेवा की। जब श्रीकृष्ण अवतार हुआ तो गुरुजी के दिए उस वरदान को फलीभूत करने के लिए स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने दूर उज्जैन में स्थित संदीपनी ऋषि के आश्रम में भ्राता बलराम जी के साथ आए और संदीपनी ऋषि के शिष्य बने... ऐसी है गुरुभक्ति की शक्ति। इसिलिए गुरुभक्ति ही सार है... राधे राधे...संगृहीत कथा*🙏🚩

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rekha sunny May 10, 2020

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rekha sunny May 10, 2020

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Sanjay Singh May 10, 2020

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Sanjay Singh May 10, 2020

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BIJAY PANDAY May 10, 2020

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rekha sunny May 10, 2020

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Sharma May 10, 2020

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Meena Dubey May 10, 2020

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