saidas
saidas Mar 27, 2020

अहंकार और अभिमान त्याग दो... सदैव उदार ह्रदय से दंडवत करके गुरु के चरणों में अपना शीश नवाओ... दृढ़ और स्थिर मन से यह शब्द कहो... मैं आपका दासानुदास हूँ और मुझे आपमें और केवल आपमें ही पूर्ण विश्वास है !" और तब उनका चमत्कार देखो... करुणा और प्रेम के सागर, गुरु तुमपर दया करेंगे और तुम्हें ऊपर उठाकर अपनी तरंगो के आसन पर विराजमान कर देंगे ! सिर पर वे अपना अभयहस्त रखेंगे, सभी दुखों और कष्टों को ध्वस्त करेंगे और समस्त पापों के भंडार को जलाकर राख़ करेंगे ! वे तुम्हारे मस्तक पर उदी लगाएंगे !"

अहंकार और अभिमान त्याग दो...
सदैव उदार ह्रदय से दंडवत करके गुरु के चरणों में अपना शीश नवाओ... 

दृढ़ और स्थिर मन से यह शब्द कहो...
 
मैं आपका दासानुदास हूँ और मुझे आपमें और केवल आपमें ही पूर्ण विश्वास है !"

और तब उनका चमत्कार देखो... 

करुणा और प्रेम के सागर, 
गुरु तुमपर दया करेंगे और 
तुम्हें ऊपर उठाकर अपनी तरंगो के आसन पर विराजमान कर देंगे !
सिर पर वे अपना अभयहस्त रखेंगे, 
सभी दुखों और कष्टों को ध्वस्त करेंगे और
 समस्त पापों के भंडार को जलाकर राख़ करेंगे ! 
वे तुम्हारे मस्तक पर उदी लगाएंगे !"

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Alka Devgan May 10, 2020

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Aakash Kumar May 10, 2020

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Vicky Babbar May 10, 2020

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Rajeev Thapar May 10, 2020

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🕉sai shyam May 9, 2020

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Rajeev Thapar May 9, 2020

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