Jayshree Shah
Jayshree Shah Sep 25, 2017

Jay jinendra Jay Mahavir

Jay jinendra Jay Mahavir

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अंगूठे अमृत वसे , लब्धि तणा भण्डार ।
श्री गुरु गौतम समरिये , वांछित फल दातार ।।

🎗बोलो गुरु गौतम स्वामीजी की जय

🙏🙏🙏🙏

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कामेंट्स

ये मैसेज पूरा पढ़े, और अच्छा लगे तो सबको भेजें । 🙏 एक भक्त था वह परमात्मा को बहुत मानता था, बड़े प्रेम और भाव से उनकी सेवा किया करता था । एक दिन भगवान से कहने लगा – मैं आपकी इतनी भक्ति करता हूँ पर आज तक मुझे आपकी अनुभूति नहीं हुई । मैं चाहता हूँ कि आप भले ही मुझे दर्शन ना दे पर ऐसा कुछ कीजिये की मुझे ये अनुभव हो की आप हो। भगवान ने कहा ठीक है, तुम रोज सुबह समुद्र के किनारे सैर पर जाते हो, जब तुम रेत पर चलोगे तो तुम्हे दो पैरो की जगह चार पैर दिखाई देंगे । दो तुम्हारे पैर होंगे और दो पैरो के निशान मेरे होंगे । इस तरह तुम्हे मेरी अनुभूति होगी । अगले दिन वह सैर पर गया, जब वह रेत पर चलने लगा तो उसे अपने पैरों के साथ-साथ दो पैर और भी दिखाई दिये वह बड़ा खुश हुआ । अब रोज ऐसा होने लगा । एक बार उसे व्यापार में घाटा हुआ सब कुछ चला गया, वह रोड़ पर आ गया उसके अपनो ने उसका साथ छोड दिया । देखो यही इस दुनिया की प्रॉब्लम है, मुसीबत में सब साथ छोड़ देते है । अब वह सैर पर गया तो उसे चार पैरों की जगह दो पैर दिखाई दिये । उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि बुरे वक्त में भगवान ने भी साथ छोड दिया। धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा फिर सब लोग उसके पास वापस आने लगे । एक दिन जब वह सैर पर गया तो उसने देखा कि चार पैर वापस दिखाई देने लगे । उससे अब रहा नही गया, वह बोला- भगवान जब मेरा बुरा वक्त था तो सब ने मेरा साथ छोड़ दिया था पर मुझे इस बात का गम नहीं था क्योकि इस दुनिया में ऐसा ही होता है, पर आप ने भी उस समय मेरा साथ छोड़ दिया था, ऐसा क्यों किया? भगवान ने कहा – तुमने ये कैसे सोच लिया कि मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूँगा, तुम्हारे बुरे वक्त में जो रेत पर तुमने दो पैर के निशान देखे वे तुम्हारे पैरों के नहीं मेरे पैरों के थे, उस समय में तुम्हे अपनी गोद में उठाकर चलता था और आज जब तुम्हारा बुरा वक्त खत्म हो गया तो मैंने तुम्हे नीचे उतार दिया है । इसलिए तुम्हे फिर से चार पैर दिखाई दे रहे । So moral is never loose faith on God. U believe in him, he will look after u forever. ✔जब भी बड़ो के साथ बैठो तो परमात्मा का धन्यवाद , क्योंकि कुछ लोग इन लम्हों को तरसते हैं । ✔जब भी अपने काम पर जाओ तो परमात्मा का धन्यवाद , क्योंकि बहुत से लोग बेरोजगार हैं । ✔परमात्मा का धन्यवाद कहो कि तुम तन्दुरुस्त हो , क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं । ✔ परमात्मा का धन्यवाद कहो कि तुम जिन्दा हो , क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो जिंदगी की कीमत क्या होती है। दोस्तों की ख़ुशी के लिए तो कई मैसेज भेजते हैं । देखते हैं परमात्मा के धन्यवाद का ये मैसेज कितने लोग शेयर करते हैं । 🙏🙏🙏 जय श्री शनिदेव जय वीर हनुमान जी 🙏 🌹💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦🙏🙏🙏🌹🌹🌹🙋‍♀️🍵

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देवी की कथाएँ, श्रीधर नामक एक ब्राह्मण, श्री वैष्णो देवी के बहुत बड़े भक्त थे । वह कटरा के पास हंसाली नामक गाँव में रहते थे । एक बार माँ ने उन्हें एक सुन्दर कन्या के रूप में दर्शन दिए, और भंडारा करवाने के लिए कहा । ( भंडारा का अर्थ है भक्तों को भोजन करवाना) । श्रीधर धनवान नहीं थे, न ही उनमे भोज करवाने की आर्थिक क्षमता थी । किन्तु माँ के आदेश को सर माथे पर लेकर उन्होंने गाँव के सभी वासियों को आमंत्रित किया । उस समय वहां भैरवनाथ नामक एक तांत्रिक वास करते थे । श्रीधर जी ने उन्हें भी बुलाया, और उन्होंने चेतावनी दी कि उन्हें संतुष्ट न कर सकने का परिणाम बुरा होगा । श्रीधर के पास धन तो था नहीं , वे भोज को लेकर बड़े चिंतित थे । तब माँ उनके सामने फिर से प्रकट हुईं, और कहा कि वे चिंतित न हों, वे स्वयं सारा प्रबंध करेंगी । और ऐसा ही हुआ भी । श्रीधर जी की छोटी सी झोपडी में माँ ने 360 व्यक्तियों को बैठाया भी, और भरपेट भोजन भी परोसा । भोज में भैरवनाथ ने कहा कि वे तो तांत्रिक हैं, और निरामिष भोजन उन्हें स्वीकार्य नही। उन्हें तो मांस आदि ही चाहिए। किन्तु कन्या ने इनकार करते हुए कहा कि वैष्णव भोज में सिर्फ सात्विक भोजन ही परोसा जाएगा, तामसिक भोजन नहीं । इस पर क्रोधित होकर तांत्रिक ने अपनी चेतावनी याद दिलाते हुए श्रीधर को डराया , और उसकी रक्षक कन्या पर हमला किया । सुप्रभात 🌹🙏💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦☕☕☕👈🙏🙏🙏🌹🌹🌹

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ramkumarverma Aug 8, 2020

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