Neeru Miglani
Neeru Miglani Sep 7, 2020

*प्रेरणादायक कहानी.....✍✍✍✍✍✍ ▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪▪ 🕶️• चश्मा ☞ एक बहाना •🕶️ ┉┅━❀꧁ω❍ω꧂❀━┅┉ जल्दी-जल्दी घर के सारे काम निपटा, बेटे को स्कूल छोड़ते हुए ऑफिस जाने का सोच, घर से निकल ही रही थी, कि ... फिर पिताजी की आवाज़ आ गई. बहू ! ज़रा मेरा चश्मा तो साफ़ कर दो. और बहू झल्लाती हुई ... चश्मा साफ करने लगी. इसी चक्कर में आज फिर ऑफिस देर से पहुँची. पति की सलाह पर अब वो सुबह उठते ही पिताजी का चश्मा साफ़ करके रख देती, फिर भी घर से निकलते समय पिताजी का बहू को बुलाना बन्द नही हुआ. समय से खींचातानी के चलते अब बहू ने पिताजी की पुकार को अनसुना करना शुरू कर दिया. आज ऑफिस की छुट्टी थी, तो बहू ने सोचा ~ घर की साफ-सफाई कर लूँ. अचानक ... पिताजी की डायरी हाथ लग गई. एक पन्ने पर लिखा था ~ दिनांक ~ 23/8/15 आज की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में, घर से निकलते समय, बच्चे अक्सर बड़ों का आशीर्वाद लेना भूल जाते हैं. बस इसीलिए, जब तुम चश्मा साफ कर मुझे देने के लिए झुकतीं, तो मैं मन ही मन, अपना हाथ तुम्हारे सर पर रख देता. वैसे मेरा आशीष सदा तुम्हारे साथ है बेटा ! आज पिताजी को गुजरे 5 साल बीत चुके हैं. अब मैं रोज ... घर से बाहर निकलते समय पिताजी का चश्मा साफ़ कर, टेबल पर रख दिया करती हूँ. उनके अनदेखे हाथ से मिले आशीष की लालसा में. जीवन में हम रिश्तों का महत्व महसूस नहीं करते हैं, चाहे वो किसी से भी हों, कैसे भी हों, और ... जब तक महसूस करते हैं, तब तक वह हमसे ... बहुत दूर जा चुके होते है | 💠💠💠💠💠💠💠💠💠💠💠💠💠 ⛳||जय श्री कृष्णा ||⛳

*प्रेरणादायक कहानी.....✍✍✍✍✍✍
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   🕶️•  चश्मा ☞ एक बहाना  •🕶️
    ┉┅━❀꧁ω❍ω꧂❀━┅┉

                जल्दी-जल्दी 
           घर के सारे काम निपटा, 
          बेटे को स्कूल छोड़ते हुए 
          ऑफिस जाने का सोच, 
        घर से निकल ही रही थी, कि ...
      फिर पिताजी की आवाज़ आ गई.

  बहू ! ज़रा मेरा चश्मा तो साफ़ कर दो.

         और बहू झल्लाती हुई ... 
         चश्मा साफ करने लगी.
       इसी चक्कर में आज फिर 
          ऑफिस देर से पहुँची.

      पति की सलाह पर 
        अब वो सुबह उठते ही 
          पिताजी का चश्मा
            साफ़ करके रख देती, 
     फिर भी घर से निकलते समय 
      पिताजी का बहू को बुलाना 
             बन्द नही हुआ.

       समय से खींचातानी के चलते
     अब बहू ने पिताजी की पुकार को 
       अनसुना करना शुरू कर दिया.

    आज ऑफिस की छुट्टी थी, तो 
              बहू ने सोचा ~ 
      घर की साफ-सफाई कर लूँ.

    अचानक ...
    पिताजी की डायरी हाथ लग गई.
        एक पन्ने पर लिखा था ~

                      दिनांक ~ 23/8/15 

आज की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में,
 घर से निकलते समय, बच्चे अक्सर 
       बड़ों का आशीर्वाद लेना 
     भूल जाते हैं.   बस इसीलिए, 
       जब तुम चश्मा साफ कर 
    मुझे देने के लिए झुकतीं, तो मैं 
       मन ही मन, अपना हाथ 
        तुम्हारे सर पर रख देता.
            वैसे मेरा आशीष 
        सदा तुम्हारे साथ है बेटा !

        आज पिताजी को गुजरे 
           5 साल बीत चुके हैं.

अब मैं रोज ...
  घर से बाहर निकलते समय 
    पिताजी का चश्मा साफ़ कर, 
      टेबल पर रख दिया करती हूँ.
        उनके अनदेखे हाथ से मिले 
          आशीष की लालसा में.

         जीवन में हम रिश्तों का महत्व
               महसूस नहीं करते हैं,
               चाहे वो किसी से भी हों, 
                   कैसे भी हों,
        और ...
           जब तक महसूस करते हैं, 
              तब तक वह हमसे ...
          बहुत दूर जा चुके होते है |
💠💠💠💠💠💠💠💠💠💠💠💠💠
        ⛳||जय श्री कृष्णा ||⛳

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कामेंट्स

Anjana Gupta Sep 7, 2020
ऊँ नमः शिवाय मेरी प्यारी बहना जी महादेव की कृपा सदैव आप और आप के परिवार पर बनी रहे आप का हर पल खुशियों भरा हो शुभ दोपहर वंदन मेरी प्यारी बहना जी 🌹🙏👌👌👌👌

Radha Bansal Sep 7, 2020
Very nice post jai shri karshna ji radhe Radheji 👌 👌

Manoj manu Sep 7, 2020
🚩🙏🌺🌿जय श्री लक्ष्मी नारायण जी जय जय श्री राधे जी जय श्री कृष्णा जी शुभ रात्रि मधुर मंगल वंदन जी दीदी 🌹🌿🌹🌿🙏

Narayan Tiwari Sep 7, 2020
बहुत सुन्दर पोस्ट की गई हैं! ऊँ ह्रीं महाकालाय नमः🚩जय मृत्युंजय भोले की जय जय, शिव जी की जय जय, पार्वती पति शिव जी की जय जय, भोले की जय जय, शिव जी की जय जय,

Neeru Miglani Sep 8, 2020
@kanchi9 *🌷༺꧁ Զเधॆ Զเधॆ꧂༻🌷* *┄┅════❁♥❁════┅

Neeru Miglani Sep 8, 2020
@manojm धन्यवाद भाई जी🙏 *🌷༺꧁ Զเधॆ Զเधॆ꧂༻🌷* *┄┅════❁♥❁════┅

Neeru Miglani Sep 8, 2020
@radhabansal धन्यवाद🙏 *🌷༺꧁ Զเधॆ Զเधॆ꧂༻🌷* *┄┅════❁♥❁════┅

Narayan Tiwari Sep 8, 2020
|| जय हनुमान🚩जय सियाराम || पार ना लगोगे श्री राम के बिना, राम ना मिलेगे हनुमान के बिना। श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना।🙏

Manoj manu Sep 9, 2020
🚩🙏🌈जय श्री गणेशाय नमः राधे राधे जी प्रभु श्री जी की अनंत सुंदर सदा कल्याणी करुणामयी एवं मंगलमय कृपा दृष्टि के साथ में शुभ दिन विनम्र वंदन जी दीदी 🌹🌿🌹🙏

Narayan Tiwari Sep 9, 2020
ऊँ सुमंगलाय नमः🚩सर्व फलप्रदाय नमः भगवान श्रीगणेश अग्रपूज्य, स्वस्तिकरूप तथा प्रणव स्वरूप हैं || जय गजानन ||🙏

Manoj manu Sep 10, 2020
🚩🙏जय माँ लक्ष्मी जी आप सभी को महालक्ष्मी वृत पूजन की अनेकानेक हार्दिक शुभकामनाएँ जी माँ लक्ष्मी जी सभी को सुख,शाँति एवं समृद्धि प्रदान करें सदा मंगल करें जी ,सादर वंदन जी दीदी 🌺🌺🙏

Narayan Tiwari Sep 10, 2020
बद्रीनारायण नारायण नारायण..🚩 श्रीमन नारायण नारायण नारायण लक्ष्मी नारायण नारायण नारायण 🙏 || जय जय नारायण || 🙏

Manoj manu Sep 11, 2020
🚩🙏🌺हरि ऊँ जय श्री कृष्णा जी राधे राधे जी शुभ रात्रि मधुर मंगल वंदन जी,दीदी 🌿🌺🙏

Narayan Tiwari Sep 11, 2020
||ऊँ ह्रीं दुं दुर्गायै नम:||🚩जय मांई की माँई भय से मुक्ति का आश्वासन देते हुए, कहती है,"मुझ पर सभी कार्योंको सर्मपित करदो,मैं तुम्हे सभी मुसीबतों से बचा लुंगी। मांई दुर्गा तीन प्रकार के दुःख मिटाती है, शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक..!!

kanchi Sep 20, 2020
Jai Jai siyaram 🙏🙏

ramkumarverma Feb 26, 2021

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ramkumarverma Feb 26, 2021

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🥀🥀 Feb 26, 2021

*Bahut sunder poem hai *मैं नारी नदी सी, मेरे दो किनारे* 👩👩👩👩👩👩👩👩 मै नारी नदी सी मेरे दो किनारे। *एक किनारे ससुराल, दूजी ओर मायका* दोनों मेरे अपने फिर भी अलग दोनों का जायका। *एक तरफ मां जिसकी कोख का मैं हिस्सा ।* दूजी ओर सास जिनके लाल संग जुड़ा मेरे जीवन भर का किस्सा *एक तरफ पिता , जिनसे है अपनत्व की धाक।* दूजी ओर ससुरजी जिनकी हैं सम्मान की साख। *मायके का आँगन मेरे जन्म की किलकारी* ससुराल का आँगन मेरे बच्चों की चिलकारी *मायके में मेरी बहने , मेरी हमजोली* ससुराल में मेरी ननदे है, शक्कर सी मीठी गोली। *मायके में मामा, काका है पिता सी मुस्कान* ससुराल के देवर जेठ हैं तीखे में मिष्टान। *मायके में भाभी है* ममता के खजाने की चाबी,* ससुराल में देवरानी जेठानी हैं मेरी तरह ही बहती नदी का पानी। *मायके में मेरा भईया* एक आस जो बनेगा दुख में मेरी नय्या ससुराल में मेरे प्राणप्रिय सैया जो हैं मेरे जीवन के खेवैया।* . *ससुराल ओर मायका हैं दो नदी की धारा* जो एक नारी में समाकर नारी को बनाती है सागर सा गहरा। *नारी शक्ति को प्रणाम* 🙏👍👍

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Bharatlal Sahu Feb 26, 2021

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ramkumarverma Feb 26, 2021

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ramkumarverma Feb 25, 2021

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क्यों है सभी मंत्रों में ये मंत्रइतना दिव्य और चमत्कारी मनचाही वस्तु प्राप्ति और इच्छा पूर्ति के लिए मंत्र जप से अधिक अच्छा साधन कोई और नहीं है। सभी मंत्रों में गायत्री मंत्र सबसे दिव्य और चमत्कारी है। कुछ मंत्र जप एक ऐसा उपाय है जिससे माना जाता है कि कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। मंत्रों की शक्ति से सभी भलीभांति परिचित हैं। मनचाही वस्तु प्राप्ति और इच्छा पूर्ति के लिए मंत्र जप से अधिक अच्छा साधन कोई और नहीं है। सभी मंत्रों में गायत्री मंत्र सबसे दिव्य और चमत्कारी है। इस जप से बहुत जल्द परिणाम प्राप्त हो जाते हैं। गायत्री मंत्र विद्या का प्रयोग भगवान की भक्ति, ब्रह्मज्ञान प्राप्ति, दैवीय कृपा प्राप्त करने के साथ ही सांसारिक एवं भौतिक सुख-सुविधाओं, धन प्राप्त करने की इच्छा के लिए भी किया जा सकता है। शास्त्रों के अनुसार गायत्री मंत्र को वेदों को सर्वश्रेष्ठ मंत्र बताया गया है। इस मंत्र जप के लिए तीन समय बताए गए हैं। पहला सुबह सुर्योदय, मंत्र जप के लिए दूसरा समय है दोपहर मध्यान्ह का। तीसरा समय है शाम को सूर्यास्त के कुछ देर पहले मंत्र जप शुरू करके सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक जप करना चाहिए। इन तीन समय के अतिरिक्त यदि गायत्री मंत्र का जप करना हो तो मौन रहकर या मानसिक रूप से जप करना चाहिए। गायत्री मंत्र:- ऊँ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्। मंत्र का अर्थ: सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परामात्मा के तेज का हम ध्यान करते है, वह परमात्मा का तेज हमारी बुद्धि को सद्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करें। शास्त्रों में इसके जाप की विधि विस्तृत रूप से दी गई हैं। इस मंत्र को जाप करने के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना श्रेष्ठ होता है। इस के जप से उत्साह एवं सकारात्मकता, त्वचा में चमक आती है, तामसिकता से घृणा होती है, परमार्थ में रूचि जागती है, पूर्वाभास होने लगता है, आर्शीवाद देने की शक्ति बढ़ती है, नेत्रों में तेज आता है, स्वप्र सिद्धि प्राप्त होती है, क्रोध शांत होता है, ज्ञान की वृद्धि होती है। विद्यार्थीयों के लिए- गायत्री मंत्र का जप सभी के लिए उपयोगी है किंतु विद्यार्थियों के लिए तो यह मंत्र बहुत लाभदायक है। रोजाना इस मंत्र का एक सौ आठ बार जप करने से विद्यार्थी को सभी प्रकार की विद्या प्राप्त करने में आसानी होती है। विद्यार्थियों को पढऩे में मन नहीं लगना, याद किया हुआ भूल जाना, शीघ्रता से याद न होना आदि समस्याओं से निजात मिल जाती है। दरिद्रता के नाश के लिए- यदि किसी व्यक्ति के व्यापार, नौकरी में हानि हो रही है या कार्य में सफलता नहीं मिलती, आमदनी कम है तथा व्यय अधिक है तो उन्हें गायत्री मंत्र का जप काफी फायदा पहुंचाता है। शुक्रवार को पीले वस्त्र पहनकर हाथी पर विराजमान गायत्री माता का ध्यान कर गायत्री मंत्र के आगे और पीछे श्रीं सम्पुट लगाकर जप करने से दरिद्रता का नाश होता है। संतान संबंधी परेशानियां किसी दंपत्ति को संतान प्राप्त करने में कठिनाई आ रही हो या संतान से दुखी हो अथवा संतान रोगग्रस्त हो तो प्रात: पति-पत्नी एक साथ सफेद वस्त्र धारण कर यौं बीज मंत्र का सम्पुट लगाकर गायत्री मंत्र का जप करें। संतान संबंधी किसी भी समस्या से शीघ्र मुक्ति मिलती है। शत्रुओं पर विजय- यदि कोई व्यक्ति शत्रुओं के कारण परेशानियां झेल रहा हो तो उसे प्रतिदिन या विशेषकर मंगलवार, अमावस्या अथवा रविवार को लाल वस्त्र पहनकर माता दुर्गा का ध्यान करते हुए गायत्री मंत्र के आगे एवं पीछे क्लीं बीज मंत्र का तीन बार सम्पुट लगाकार एक सौ आठ बार जाप करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। मित्रों में सद्भाव, परिवार में एकता होती है तथा न्यायालयों आदि कार्यों में भी विजय प्राप्त होती है। विवाह कार्य में देरी- यदि किसी भी जातक के विवाह में अनावश्यक देरी हो रही हो तो सोमवार को सुबह के समय पीले वस्त्र धारण कर माता पार्वती का ध्यान करते हुए ह्रीं बीज मंत्र का सम्पुट लगाकर एक सौ आठ बार जाप करने से विवाह कार्य में आने वाली समस्त बाधाएं दूर होती हैं। यह साधना स्त्री पुरुष दोनों कर सकते हैं। रोग की परेशानियां- यदि किसी रोग से परेशान है और रोग से मुक्ति जल्दी चाहते हैं तो किसी भी शुभ मुहूर्त में एक कांसे के पात्र में स्वच्छ जल भरकर रख लें एवं उसके सामने लाल आसन पर बैठकर गायत्री मंत्र के साथ ऐं ह्रीं क्लीं का संपुट लगाकर गायत्री मंत्र का जप करें। जप के पश्चात जल से भरे पात्र का सेवन करने से गंभीर से गंभीर रोग का नाश होता है। यही जल किसी अन्य रोगी को पीने देने से उसके भी रोग का नाश होता हैं। जो भी व्यक्ति जीवन की समस्याओं से बहुत त्रस्त है यदि वह यह उपाय करें तो उसकी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी। उपाय इस प्रकार है पीपल, शमी, वट, गूलर, पाकर की समिधाएं लेकर एक पात्र में कच्चा दूध भरकर रख लें एवं उस दूध के सामने एक हजार गायत्री मंत्र का जाप करें। इसके बाद एक-एक समिधा को दूध में छुआकर गायत्री मंत्र का जप करते हुए अग्रि में होम करने से समस्त परेशानियों एवं दरिद्रता से मुक्ति मिल जाती है। किसी भी शुभ मुहूर्त में दूध, दही, घी एवं शहद को मिलाकर एक हजार गायत्री मंत्रों के साथ हवन करने से चेचक, आंखों के रोग एवं पेट के रोग समाप्त हो जाते हैं। इसमें समिधाएं पीपल की होना चाहिए। गायत्री मंत्रों के साथ नारियल का बुरा एवं घी का हवन करने से शत्रुओं का नाश हो जाता है। नारियल के बुरे मे यदि शहद का प्रयोग किया जाए तो सौभाग्य में वृद्धि होती हैं। 🌋🌻🌷🌹✍️✍️🌺🌷🌹💐

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🥀🥀 Feb 25, 2021

भोजन के प्रकार भीष्म पितामह ने अर्जुन को 4 प्रकार से भोजन न करने के लिए बताया था ... पहला भोजन .... जिस भोजन की थाली को कोई लांघ कर गया हो वह भोजन की थाली नाले में पड़े कीचड़ के समान होती है ...! दूसरा भोजन .... जिस भोजन की थाली में ठोकर लग गई,पाव लग गया वह भोजन की थाली भिष्टा के समान होता है ....! तीसरे प्रकार का भोजन .... जिस भोजन की थाली में बाल पड़ा हो, केश पड़ा हो वह दरिद्रता के समान होता है .... चौथे नंबर का भोजन .... अगर पति और पत्नी एक ही थाली में भोजन कर रहे हो तो वह मदिरा के तुल्य होता है ..... और सुनो अर्जुन अगर पत्नी,पति के भोजन करने के बाद थाली में भोजन करती है उसी थाली में भोजन करती है या पति का बचा हुआ खाती है तो उसे चारों धाम के पुण्य का फल प्राप्त होता है .. अगर दो भाई एक थाली में भोजन कर रहे हो तो वह अमृतपान कहलाता है चारों धाम के प्रसाद के तुल्य वह भोजन हो जाता है .... और सुनो अर्जुन ..... बेटी अगर कुमारी हो और अपने पिता के साथ भोजन करती है एक ही थाली में तो उस पिता की कभी अकाल मृत्यु नहीं होती .... क्योंकि बेटी पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती है ! इसीलिए बेटी जब तक कुमारी रहे तो अपने पिता के साथ बैठकर भोजन करें ! क्योंकि वह अपने पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती हैं ...! संस्कार दिये बिना सुविधायें देना, पतन का कारण है ... "सुविधाएं अगर आप ने बच्चों को नहीं दिए तो हो सकता है वह थोड़ी देर के लिए रोए ... पर संस्कार नहीं दिए तो वे जीवन भर रोएंगे ..🙏🙏

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(क्यों हैरान करता है इंसान का शरीर, वैज्ञानिकों को) 🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸 अद्भुत है इंसान का शरीर जबरदस्त फेफड़े 🔸🔸🔹🔸🔸 हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं. हमें इस बात की भनक भी नहीं लगती. फेफड़ों को अगर खींचा जाए तो यह टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढंक देंगे. ऐसी और कोई फैक्ट्री नहीं 🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸 हमारा शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है. साथ ही, हर दिन 200 अरब से ज्यादा रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है. हर वक्त शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद होती हैं. एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं. लाखों किलोमीटर की यात्रा 🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸 इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है. हमारे शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकेंड में एक बार पूरे शरीर में चक्कर काट लेता है. धड़कन 🔸🔹🔸 एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,03,680 बार धड़कता है. साल भर में यह 3 करोड़ से ज्यादा बार धड़क चुका होता है. दिल का पम्पिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि वह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है. सारे कैमरे और दूरबीनें फेल 🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸 इंसान की आंख एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती है. फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके. नाक में एंयर कंडीशनर 🔸🔸🔹🔸🔹🔸🔸 हमारी नाक में प्राकृतिक एयर कंडीशनर होता है. यह गर्म हवा को ठंडा और ठंडी हवा को गर्म कर फेफड़ों तक पहुंचाता है. 400 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार 🔸🔸🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔸 तंत्रिका तंत्र 400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शरीर के बाकी हिस्सों तक जरूरी निर्देश पहुंचाता है. इंसानी मस्तिष्क में 100 अरब से ज्यादा तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं. जबरदस्त मिश्रण 🔸🔸🔹🔸🔸 शरीर में 70 फीसदी पानी होता है. इसके अलावा बड़ी मात्रा में कार्बन, जिंक, कोबाल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, निकिल और सिलिकॉन होता है. बेजोड़ झींक 🔸🔸🔹🔹 झींकते समय बाहर निकले वाली हवा की रफ्तार 166 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है. आंखें खोलकर झींक मारना नामुमकिन है. बैक्टीरिया का गोदाम 🔸🔸🔹🔸🔹🔸🔸 इंसान के वजन का 10 फीसदी हिस्सा, शरीर में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है. एक वर्ग इंच त्वचा में 3.2 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं. ईएनटी की विचित्र दुनिया 🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸 आंखें बचपन में ही पूरी तरह विकसित हो जाती हैं. बाद में उनमें कोई विकास नहीं होता. वहीं नाक और कान पूरी जिंदगी विकसित होते रहते हैं. कान लाखों आवाजों में अंतर पहचान सकते हैं. कान 1,000 से 50,000 हर्ट्ज के बीच की ध्वनि तरंगे सुनते हैं. दांत संभाल के 🔸🔸🔹🔸🔸 इंसान के दांत चट्टान की तरह मजबूत होते हैं. लेकिन शरीर के दूसरे हिस्से अपनी मरम्मत खुद कर लेते हैं, वहीं दांत बीमार होने पर खुद को दुरुस्त नहीं कर पाते. मुंह में नमी 🔸🔹🔸 इंसान के मुंह में हर दिन 1.7 लीटर लार बनती है. लार खाने को पचाने के साथ ही जीभ में मौजूद 10,000 से ज्यादा स्वाद ग्रंथियों को नम बनाए रखती है. झपकती पलकें 🔸🔸🔹🔸🔸 वैज्ञानिकों को लगता है कि पलकें आंखों से पसीना बाहर निकालने और उनमें नमी बनाए रखने के लिए झपकती है. महिलाएं पुरुषों की तुलना में दोगुनी बार पलके झपकती हैं. नाखून भी कमाल के 🔸🔸🔹🔹🔸🔸 अंगूठे का नाखून सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ता है. वहीं मध्यमा या मिडिल फिंगर का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है. तेज रफ्तार दाढ़ी 🔸🔸🔹🔸🔸 पुरुषों में दाढ़ी के बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं. अगर कोई शख्स पूरी जिंदगी शेविंग न करे तो दाढ़ी 30 फुट लंबी हो सकती है. खाने का अंबार 🔸🔸🔹🔸🔸 एक इंसान आम तौर पर जिंदगी के पांच साल खाना खाने में गुजार देता है. हम ताउम्र अपने वजन से 7,000 गुना ज्यादा भोजन खा चुके होते हैं. बाल गिरने से परेशान 🔸🔸🔹🔹🔸🔸 एक स्वस्थ इंसान के सिर से हर दिन 80 बाल झड़ते हैं. सपनों की दुनिया 🔸🔸🔹🔸🔸 इंसान दुनिया में आने से पहले ही यानी मां के गर्भ में ही सपने देखना शुरू कर देता है. बच्चे का विकास वसंत में तेजी से होता है. नींद का महत्व 🔸🔸🔹🔸🔸 नींद के दौरान इंसान की ऊर्जा जलती है. दिमाग अहम सूचनाओं को स्टोर करता है. शरीर को आराम मिलता है और रिपेयरिंग का काम भी होता है. नींद के ही दौरान शारीरिक विकास के लिए जिम्मेदार हार्मोन्स निकलते हैं। 🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔸🔸

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ramkumarverma Feb 25, 2021

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