ओम नम: शिवाय ।

सुप्रभात । भजन 🌲🌳🌴🌾🌺🍃🌼🌿🌹

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Anilkumar Tailor Feb 24, 2021

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Anilkumar Tailor Feb 24, 2021

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रुकिए कई हम जीवन काट तो नहीं रहे हैं? असल में हजारों-लाखों लोग अवसाद के एक ऐसे दौर से गुज़र रहे है जहां उन्हें पता ही नहीं चलता कि वो अवसाद में है दिन भर सारा समय ऐसे विचारों में खोए रहना जिनका ज़िन्दगी से कोई वास्ता ही नहीं और अंत में कहीं न पहुँचना। जीवन हमारी सोच से बहुत ज्यादा बड़ा है लेकिन हम व्यर्थ ही बस जी रहे है।  इस लॉक डाउन ने बहुत कुछ सिखाया है और बहुत कुछ सीखना बाकी है। मेरे अपने अनुभव से मैं आपसे ये साझा करना चाहता हूं। क्या आप जानते है कि अवसाद का एक बड़ा कारण हमारे हाथ में मौजूद ये फोन भी है। पहले जब फोन अस्तित्व में आया था तब फोन हमारे कंट्रोल में था लेकिन अब हमारा जीवन फोन के कंट्रोल में आ चुका है। तरह-तरह की एप्प और विज्ञापन हमारी ज़िंदगी में बहुत बुरा असर डाल रहे है। मैंने देखा है आसपास के लोगों को जो दिनभर गेम और फोन में व्यस्त रहकर चिड़चिड़े हो चुके है, उनकी सहन करने की क्षमता दिन ब दिन खत्म होती जा रही है, उनका गुस्सा उनका अहंकार उनको दीमक की तरह खोखला किए जा रहा है।  इन दिनों अध्यात्म का महत्व समझ आया है। प्रकृति से जुड़े हुए तो पहले ही थे। प्रकृति और अध्यात्म परस्पर एक दूसरे से जुड़े हुए है। हर किसी को अपने जीवन में कुछ-कुछ मात्रा में आध्यात्मिक होना ही चाहिए। हमारे समाज में एक भ्रांति फैली हुई है कि व्यक्ति को अपनी उम्र के अंतिम वक़्त या बूढ़े होने पर ही अध्यात्म की तरफ जाना चाहिए जो बिल्कुल बेतुकी और बकवास बात है। असल में मौजूदा वक़्त में सिर्फ अध्यात्म ही एक ऐसा रास्ता है जो आपको जीवन जीना सीखा सकता है। अध्यात्म का मतलब कतई किसी धर्म से नहीं है। अध्यात्म अपने आप में एक खूबसूरत सा रास्ता है, जिसपर चलकर आप जीवन को समझते है जीवन के मूल्यों को समझते है।  आप ही सोचिए आपने आखिरी दफ़ा सुकून से बैठे हुए ढलते हुए सूरज को कब देखा था? बारिश की बूंदों को आखिरी दफ़ा कब महसूस किया था? हम जिन साँसों के सहारे अपना जीवन जी रहे है वो महज़ सांसे नहीं है बल्कि जीवन की नदी का पानी है। पानी बिन नदी का भला क्या अस्तित्व होगा? आँख बंद करके सांसों को ध्यान से सुने हुए और महसूस करे हुए भी आपको अरसा बीत गया होगा न? मुझे लगता है हम जिस रास्ते पर चल रहे है हमें एक दफ़ा ठहरना चाहिए। ठहरकर सोचना चाहिए कि क्या यही वो रास्ता है जहां जिसपर मैं चलना चाहता हूं।  मंज़िल जैसी कोई चीज असल में होती ही नहीं है। हमें जीवनभर रास्तों पर ही चलना होता है। जिन रास्तों पर हम चलते है उनपर चलने का निर्णय भी हमारा स्वयं का होता है, फिर अगर ज़िन्दगी से हम नाखुश होते है तो इसमें दोष कतई ज़िन्दगी का नहीं है। हम अगर ठहरकर झांककर देखे, तो पाएंगे कि सत्य असल में कुछ और है ये जो मैं जी रहा हूँ वो ज़िन्दगी नहीं कुछ और है। ज़िन्दगी तो इस सृष्टि का सबसे खूबसूरत तोहफा है। बातों का अर्थ इतना ही है कि हम जब कह रहे होते है कि जीवन कट रहा है तो असल में ये खतरनाक ख़याल को जन्म दे रहे होते है। हमें जीवन जीने के लिए मिला। जीवन जीने और काटने में फर्क होता है। ख़ुद से जरूर सवाल कीजियेगा कहीं हम जीवन काट तो नहीं रहे? जय श्री सुर्य नारायण 🌅 जय श्री गुरुदेव दत्त जय श्री स्वामी समर्थ जय श्री गजानन महाराज जय श्री साई नाथ महाराज 👑 नमस्कार शुभ प्रभात वंदन 🌹👏शुभ गुरुवार जय श्री लक्ष्मी नारायण 🙏 🐚 🌹 💐 नमस्कार 🙏 🚩 आप सभी मित्रों को 🙏 🚩

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जय श्री लक्ष्मी नारायण जय श्री कुबेर देव महाराज 👑 👏 🚩 समुद्र मंथन से जब मां लक्ष्मी प्रकट हुई तब उनके हाथ में स्वर्ण से भरा कलश था, जिसमें से वह धन की वर्षा करती हैं। वहीं, माता लक्ष्मी के 8 रूप धनलक्ष्मी, आदिलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी माने जाते हैं। "दुर्भाग्य की देवी" माता अलक्ष्मी माता लक्ष्मी के बारे में तो पूरा संसार जानता है लेकिन उनकी एक बड़ी बहन भी थी देवी अलक्ष्मी। भागवत महापुराण के अनुसार, देवी अलक्ष्मी समुद्र मंथन के दौरान 14 रत्न के साथ बाहर निकली थी लेकिन आसुरी शक्तियों की शरण में जाने की वजह से उन्हें 14 रत्नों में नहीं गिना जाता। मां लक्ष्मी धन की देवी है जबकि माता अलक्ष्मी को गरीबी व दरिद्रता और दुर्भाग्य की देवी कहा जाता है। मां लक्ष्मी के माने जाते हैं दो रूप मान्यता है कि जहां भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना होती हैं वहां मां लक्ष्मी जरूर वास करती है। लक्ष्मीजी को श्रीरूप और लक्ष्मी रूप को देमें देखा जाता है। श्रीरूप में वह कमल और लक्ष्मी रूप में वह भगवान विष्णु के साथ विराजमान होती हैं। महाभारत में लक्ष्मी के 'विष्णुपत्नी लक्ष्मी' एवं 'राज्यलक्ष्मी' दो प्रकार बताए गए हैं। अन्न का रूप भी है देवी लक्ष्मी माता लक्ष्मी का एक रूप अन्न भी है। जो लोग जरा-सा गुस्सा आने पर भोजन की थाली फेंक देते हैं या अन्न का अपमान करते हैं उनके घर धन, वैभव एवं पारिवारिक सुख नहीं टिकता। ॐ गं गणपतये नमः 👏 जय श्री गुरुदेव 👣 💐 👏 जय श्री लक्ष्मी नारायण जय श्री लक्ष्मी माता की जय हो भोलेनाथ जय श्री पार्वती माता की जय हो ब्रम्ह देव जय श्री सरस्वती माता की जय श्री राम जय श्री सिता माता की जय श्री कृष्ण जय श्री राधे माता की जय श्री अन्न पूर्णा माता की 💐 👏 नमस्कार शुभ प्रभात वंदन 🌅 शुभ गुरुवार जय श्री गुरुदेव दत्त 👣 💐 👏 🚩 🐚 🌹 नमस्कार 🙏 🚩

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Ajay Awasthi Feb 24, 2021

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक-: 25/02/2021,गुरुवार* त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष माघ """""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि -------त्रयोदशी 17:18:09 तक पक्ष ---------------------------शुक्ल नक्षत्र ------------पुष्य 13:16:16 योग ------------शोभन 25:06:18 करण -----------तैतुल 17:18:09 करण --------------गर 28:38:30 वार -------------------------गुरूवार माह -----------------------------माघ चन्द्र राशि -------------------- कर्क सूर्य राशि ------------------- कुम्भ रितु --------------------------शिशिर आयन ---------------------उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक) ----2077 शाका संवत ----------------1942 वृन्दावन सूर्योदय -----------------06:48:44 सूर्यास्त -----------------18:16:00 दिन काल ------------11:27:14 रात्री काल -------------12:31:48 चंद्रोदय ----------------16:15:37 चंद्रास्त -----------------30:13:41 लग्न ---- कुम्भ 12°30' , 312°30' सूर्य नक्षत्र ---------------शतभिषा चन्द्र नक्षत्र ---------------------पुष्य नक्षत्र पाया --------------------रजत *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* हो ----पुष्य 07:20:26 ड ----पुष्य 13:16:16 डी ----आश्लेषा 19:09:26 डू ----आश्लेषा 25:00:03 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य= कुम्भ 12°52 ' शतभिषा, 2 सा चन्द्र = कर्क 29°23 ' पुष्य , 3 हो बुध = मकर 17°37' श्रवण ' 3 खे शुक्र= कुम्भ 05 ° 55, धनिष्ठा ' 4 गे मंगल=वृषभ 01°30 ' कृतिका ' 2 ई गुरु=मकर 21°22 ' श्रवण , 4 खो शनि=मकर 13°43 ' श्रवण ' 2 खू राहू=(व)वृषभ 21°50 'मृगशिरा , 4 वु केतु=(व)वृश्चिक 21°50 ज्येष्ठा , 2 या *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 13:58 - 15:24 अशुभ यम घंटा 06:49 - 08:15 अशुभ गुली काल 09:41 - 11:06 अभिजित 12:09 -12:55 शुभ दूर मुहूर्त 10:38 - 11:24 अशुभ दूर मुहूर्त 15:13 - 15:59 अशुभ 🚩गंड मूल 13:16 - अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन शुभ 06:49 - 08:15 शुभ रोग 08:15 - 09:41 अशुभ उद्वेग 09:41 - 11:06 अशुभ चर 11:06 - 12:32 शुभ लाभ 12:32 - 13:58 शुभ अमृत 13:58 - 15:24 शुभ काल 15:24 - 16:50 अशुभ शुभ 16:50 - 18:16 शुभ 🚩चोघडिया, रात अमृत 18:16 - 19:50 शुभ चर 19:50 - 21:24 शुभ रोग 21:24 - 22:58 अशुभ काल 22:58 - 24:32* अशुभ लाभ 24:32* - 26:06* शुभ उद्वेग 26:06* - 27:40* अशुभ शुभ 27:40* - 29:14* शुभ अमृत 29:14* - 30:48* शुभ 💮होरा, दिन बृहस्पति 06:49 - 07:46 मंगल 07:46 - 08:43 सूर्य 08:43 - 09:41 शुक्र 09:41 - 10:38 बुध 10:38 - 11:35 चन्द्र 11:35 - 12:32 शनि 12:32 - 13:30 बृहस्पति 13:30 - 14:27 मंगल 14:27 - 15:24 सूर्य 15:24 - 16:21 शुक्र 16:21 - 17:19 बुध 17:19 - 18:16 🚩होरा, रात चन्द्र 18:16 - 19:19 शनि 19:19 - 20:21 बृहस्पति 20:21 - 21:24 मंगल 21:24 - 22:27 सूर्य 22:27 - 23:29 शुक्र 23:29 - 24:32 बुध 24:32* - 25:35 चन्द्र 25:35* - 26:37 शनि 26:37* - 27:40 बृहस्पति 27:40* - 28:43 मंगल 28:43* - 29:45 सूर्य 29:45* - 30:48 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------दक्षिण* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 13 + 5 + 1 = 19 ÷ 4 = 3 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष वृषभारूढ़ = शुभ कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * सर्वार्थसिद्धि एवं अमृत सिद्धि योग13:16 तक * गुरुपुष्य योग 13:16 तक * श्री गुरु गोरखनाथ जयन्ती * विश्वकर्मा जयन्ती *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* वृध्द्काले मृता भार्या बन्धुहस्ते गतं धनम् । भाजनं च पराधीनं स्त्रिः पुँसां विडम्बनाः ।। ।।चा o नी o।। वह आदमी अभागा है जो अपने बुढ़ापे में पत्नी की मृत्यु देखता है. वह भी अभागा है जो अपनी सम्पदा संबंधियों को सौप देता है. वह भी अभागा है जो खाने के लिए दुसरो पर निर्भर है. *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: कर्मसंन्यासयोग अo-04 अज्ञश्चश्रद्दधानश्च संशयात्मा विनश्यति ।, नायं लोकोऽस्ति न परो न सुखं संशयात्मनः ॥, विवेकहीन और श्रद्धारहित संशययुक्त मनुष्य परमार्थ से अवश्य भ्रष्ट हो जाता है।, ऐसे संशययुक्त मनुष्य के लिए न यह लोक है, न परलोक है और न सुख ही है॥,40॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष मेहनत रंग लाएगी। कार्य की प्रशंसा होगी। यात्रा सफल रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। लाभ होगा। वाहन क्रय करने के योग बनेंगे। इच्छाशक्ति का लाभ मिलेगा। पारिवारिक वातावरण से आशान्वित रहेंगे। स्थायी संपत्ति, क्रय-विक्रय से लाभ की संभावना है। 🐂वृष पुराना रोग उभर सकता है। शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। मेहनत अधिक होगी। थकान रहेगी। व्यर्थ खींचतान में नुकसान संभव है। आर्थिक मामलों में विश्वास, भरोसे में नहीं रहें। दिन प्रतिकूल रहेगा। स्वभावगत चंचलता में कमी करना होगी। 👫मिथुन विवेक से कार्य करें। लाभ होगा। सतर्कता एवं सावधानीपूर्वक व्यापारिक योजनाओं को अंजाम दें। विद्यार्थी शिक्षा में उल्लेखनीय सफलता अर्जित करेंगे। यात्रा न करें। पुराना रोग उभर सकता है। कार्य में लापरवाही व जल्दबाजी न करें। कुसंगति से बचें। 🦀कर्क विवेक से कार्य करें। दूसरों पर विश्वास न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापारिक प्रतिष्ठा, लेन-देन अन्य कानूनी परेशानी संभव है। परिवार में किसी से विवाद होने की आशंका है। अनिश्चितता का वातावरण रहेगा। अपने कार्य-निर्णय गुप्त रखें। व्ययवृद्धि होगी। 🐅सिंह उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। बड़े एवं प्रतिष्ठित लोगों से संबंधों का लाभ मिल सकेगा। जोखिम, जवाबदारी के कामों में सावधानी आवश्यक है। पारिवारिक वातावरण खुशनुमा रहेगा। 🙍‍♀️कन्या पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। उत्तेजित न हों। लाभ होगा। रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेंगी। महत्व के मामले सुलझेंगे। घर में मूल्यवान वस्तुओं को संभालना होगा। विरोधी, शत्रु शांत रहेंगे। ⚖️तुला स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। आशानुरूप आमदनी होगी। व्यापार-व्यवसाय में अनुभव, निवेश में सफलता मिलेगी। समय का सदुपयोग होगा। 🦂वृश्चिक बेरोजगारी दूर होगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। नौकरी, रोजगार में उन्नति, सहयोग संभव है। आवश्यक मार्गदर्शन मिलेगा। संतान पक्ष के स्थायित्व की बात बनेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखना होगा। 🏹धनु परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। कानूनी बाधा दूर होगी। अपरिचित व्यक्तियों के सहयोग से आत्मविश्वास का संचार होगा। खर्चों में कमी का प्रयास करना होगा। लाभकारी निवेश बढ़ेगा। 🐊मकर रुका हुआ धन प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। थकान रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में पद, स्थिति से लाभान्वित हो पाएँगे। परिश्रम की अधिकता रहेगी। आर्थिक मामलों में लोभ, प्रलोभन से बचें। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। 🍯कुंभ कार्यस्‍थल पर सुधार होगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। मान-सम्मान बढ़ेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। कार्य में प्रगति, उत्साह रहेगा। दूसरों की दखलंदाजी पसंद नहीं आएगी। कर्ज, लेन-देन कम होगा। भेंट, उपहार की प्राप्ति होगी। 🐟मीन धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। महत्वपूर्ण व्यक्ति सहायता को आगे आएंगे। कार्यसिद्धि होगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। उत्साहपूर्वक व्यावसायिक योजनाओं को पूरा करेंगे। अचानक धन की प्राप्ति संभव है। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। अनुज सहयोग करेंगे। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

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🔥Raju Rai.🔥 Feb 24, 2021

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