मोहन
मोहन Aug 22, 2017

गणेशजी को चढ़ाते हैं दूर्वा, लेकिन क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी

गणेशजी को चढ़ाते हैं दूर्वा, लेकिन क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी
गणेशजी को चढ़ाते हैं दूर्वा, लेकिन क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी
गणेशजी को चढ़ाते हैं दूर्वा, लेकिन क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी
गणेशजी को चढ़ाते हैं दूर्वा, लेकिन क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी

#गणेशजी को चढ़ाते हैं दूर्वा, लेकिन क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी

जीवन मंत्र:-
कुछ ही दिनों बाद 25 अगस्त से गणेश उत्सव शुरू हो रहा है। इन दिनों में गणेशजी की विशेष पूजा की जाती है। गणेशजी को पूजा में कई चीजें चढ़ाई जाती हैं जैसे दूर्वा का काफी महत्व है। इसके बिना गणेश पूजा पूरी नहीं होती है। विष्णु पुराण के अनुसार तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इतनी प्रिय की भगवान विष्णु के ही एक रूप शालिग्राम का विवाह तुलसी से होता है, लेकिन भगवान गणेश को तुलसी अप्रिय है। इसीलिए गणेश पूजन में इसका प्रयोग वर्जित है।

यहां जानिए गणेशजी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं और तुलसी क्यों नहीं चढ़ाते हैं...

गणेशजी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं प्रचलित कथा के अनुसार पुराने समय में अनलासुर नाम का एक असुर था। इसकी वजह से स्वर्ग और धरती पर सभी त्रस्त थे। अनलासुर ऋषि-मुनियों और आम लोगों को जिंदा निगल जाता था। असुर से त्रस्त होकर देवराज इंद्र सहित सभी देवी-देवता और प्रमुख ऋषि-मुनि महादेव से प्रार्थना करने पहुंचे। सभी ने शिवजी से प्रार्थना की कि वे अनलासुर का नाश करें। शिवजी ने सभी देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों की प्रार्थना सुनकर कहा कि अनलासुर का अंत केवल गणेश ही कर सकते हैं। जब गणेश ने अनलासुर को निगला तो उनके पेट में बहुत जलन होने लगी। कई प्रकार के उपाय किए गए, लेकिन गणेशजी के पेट की जलन शांत नहीं हो रही थी। तब कश्यप ऋषि ने दूर्वा की 21 गांठ बनाकर श्रीगणेश को खाने को दी। जब गणेशजी ने दूर्वा ग्रहण की तो उनके पेट की जलन शांत हो गई। तभी से श्रीगणेश को दूर्वा चढ़ाने की परंपरा प्रारंभ हुई।

गणेशजी को तुलसी क्यों नहीं चढ़ाना चाहिए शास्त्रों में दी गई कथाओं के अनुसार पुराने समय में तुलसी ने गणेशजी से विवाह करने की प्रार्थना की थी, लेकिन गणेशजी ने तुलसी से विवाह करने से इंकार कर दिया था। इस बात से तुलसी क्रोधित हो गई थीं। तब उसने गणेशजी को दो विवाह होने का शाप दे दिया था। इस पर गणेशजी ने भी तुलसी को शाप दे दिया कि तुम्हारा विवाह एक असुर से होगा। एक राक्षस से विवाह होने का शाप सुनकर तुलसी ने गणेशजी से माफी मांगी। तब गणेश ने कहा तुम्हारा विवाह शंखचूर्ण से होगा, लेकिन तुम भगवान विष्णु को प्रिय होने के साथ ही कलयुग में मोक्ष देने वाली होगी, परंतु मेरी पूजा में तुलसी चढ़ाना शुभ नहीं माना जाएगा।

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कामेंट्स

जयश्री सिद्धिविनायक देव
शुभ पभात
सर्वे हरी भक्त जनो को प्रातः वंदन

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Rakesh Dubey Aug 21, 2018

Flower Pranam Bell +65 प्रतिक्रिया 28 कॉमेंट्स • 518 शेयर

ऊँ गंगःगणपतय नमौःनमः श्री सिद्ध विनायक नमौः नमः ।
अष्ट विनायक नमौः नमः। गणपति बाबा मोरया। जय श्री गणेश।

Pranam Fruits Jyot +50 प्रतिक्रिया 11 कॉमेंट्स • 302 शेयर

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Jyot Milk Tulsi +15 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 148 शेयर
Vikash Vikram Aug 21, 2018

🌺Good Morning🌺
🙏Have a Blessed Day🙏

Pranam Dhoop +6 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 84 शेयर

Good morning to all friend

Fruits Pranam Sindoor +47 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 755 शेयर
Guddi Chaudhary Aug 21, 2018

🙏🌻Jai Shri Radhe Krishna ji 🌻🙏

Pranam Like Flower +29 प्रतिक्रिया 14 कॉमेंट्स • 49 शेयर
Alka Devgan Aug 21, 2018

Shubh Sandhya 🙏🍀🌺🌹🌿💮🙏🏵🌸🌾🙏Siya ver Ram Chander ji ki jai 🙏🌹 Bajrang Bali ji ki jai 🙏 Ganesh Deva sabka kalyan karna 🙏 sabki manokamna puri karna 🙏 sabki rakhsha karna Bajrang bali ji 🙏🍀🌹🌳🌼🍀🌲🌻💮🍀💐🌱🍁🌴🍂🌿☘🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀...

(पूरा पढ़ें)
Bell Pranam Jyot +570 प्रतिक्रिया 82 कॉमेंट्स • 452 शेयर
pooja yadav Aug 22, 2018

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