प्रेरणादायी कथा ** “एक राजा था । वह दरबार में बैठकर अपनी तलवार लहराता था। इस बार उसका ध्यान थोड़ा विचलित हुआ। एक तेज तलवार उसके एक हाथ के अंगूठे को तोड़ देती है। इस बीच, प्रधानमंत्री जो उसके बगल में खड़ा है, कहता है, 'राजा, भगवान यह अच्छे के लिए करता है।' राजा क्रोधित होता है। राजा का आदेश है कि इस प्रधानमंत्री को एक काले कोठरी में रखा जाए। प्रधानमंत्री को काल कोठरी की सजा सुनाई गई। बहुत दिनों के बाद राजा को इच्छा लगी कि हमें शिकार पर जाना चाहिए। राजा शिकार करने जाता है। सरसेनापती और सैनिक थोड़ी अधिक सेना। राजा घने जंगल में चला जाता है। सेना पीछे हट गई। वहां के आदिम लोग राजा को पकड़ लेते हैं। वे उस राजा को अपने राजा के पास ले जाते हैं। उस समय वहां मानव बलि की प्रक्रिया चल रही है। उसी समय, वे युद्ध करना चाहते थे। आदिम लोगों ने अपने राजा से कहा, हम मानव बलिदान लेकर आए हैं। राजा हमेशा की तरह नहाया हुआ था। लेकिन स्नान करते समय, एक बूढ़ा आदिम आदमी नोटिस करता है कि उसके पास एक अंगूठा नहीं है। उस तरह बलिदान मत करो। जिसे देखने के बाद, आदिम लोगों का राजा उस राजा को छोड़ देता है। मुक्त हुए राजा दौड़ते हुए अपने महल में आते हैं। अपने सैनिकों को आदेश देता है। इस प्रधानमंत्री को छोड़ दें। प्रधान मंत्री बरी किया जाता है। राजा ने प्रधान मंत्री को गले लगाया राजा अपने प्रमुख को जंगल के बारे में सब कुछ बताता है। उस समय, प्रधान एक बार फिर कहता है, "राजा, मैंने तुमसे कहा था, भगवान अच्छे के लिए सब कुछ करता है।" लेकिन आपने मुझे जेल में डाल दिया। उन्होंने बहुत कुछ किया भी। अगर तुमने मुझे जेल में नहीं डाला होता, तो मैं तुम्हारे साथ जंगल में आ जाता। मैं छाया की तरह आपके साथ हूं। उन्होंने तुम्हें जाने दिया क्योंकि मानव बलि के दौरान तुम्हारा अंगूठा टूट गया था, लेकिन उन्होंने मुझे पकड़ लिया होता । इसलिए ईश्वर वही करता है जो अच्छा होता है। ” ईश्वर सत्य हैं नमस्कार शुभ संध्याकाळ 🌄 👏 🚩 ॐ नमः शिवाय जय माता महाकाली की जय हो भोलेनाथ 🌹 👏 🚩

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कामेंट्स

manish.s Feb 21, 2021
जय राधे कृष्णा जी गुड इवनिंग जी🌹🙏

Mohan Patidar Feb 21, 2021
jai shree surydev ji bhagwan suhbh sandhya vandan ji 🌷🌻🍀💐

अर्जुन वर्मा Feb 21, 2021
very very nice post,,🙏👌👌👌 🙏!! जय जय श्री राधे गोविंद!!🙏 !! श्री राधे कृष्ण की कृपा एवं आशीर्वाद आप पर आपके पूरे परिवार पर सदैव बनी रहे!!🙏🌿🌿🌿🌿🌹🌹🌹🌹 !!आपका जीवन परम सुखमय एवं परम मंगलमय बना रहे!!🙏🌺🌺🌺🌺 !! आप स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें!!😊 !! इसी मंगल कामना के साथ!!शुभ संध्या वंदन भैया जी नमस्कार!!🙏

🇪🇬 "हरि प्रिय पाठक"🇪🇬 Feb 21, 2021
🔹🔅🔸🔅🔹🔅🔸🔅🔹🔅 ।।श्री राम जय राम जय जय राम।। 💠💢शुभ संध्या वंदन जी💢💠 🏵️।।श्री हरि।।🏵️ 🌹🇪🇬🌹🇪🇬🌹🇪🇬🌹🇪🇬🌹🇪🇬

Manoj manu Feb 21, 2021
🚩🌿🏵जय श्री कृष्णा जी राधे राधे जी शुभ रात्रि मधुर मंगल जी 🌺🌿🙏

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Feb 21, 2021
Good Night My Bhai ji 🙏🙏 Very Beautiful Post ji 👌👌 Jay Shree Radhe Radhe Radhe 🙏🙏🌹 Thakur ji Aapki Har Manokamana Puri Kare ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

शामराव ठोंबरे पाटील Feb 21, 2021
@हरिप्रियपाठ नमस्कार हरिप्रिय पाठक जी धन्यवाद 👏 जय श्री लक्ष्मी नारायण 🙏 जय श्री गुरुदेव दत्त जय श्री राम 🌹 जय श्री लक्ष्मी माता की जय हो भोलेनाथ ॐ ऐं र्‍हिं ल्किं चामुण्डायै विच्चे जय माता की जय हो

शामराव ठोंबरे पाटील Feb 21, 2021
@sushilkumarsharma29 नमस्कार सुशिल जी भाई आपको धन्यवाद 👏 जय श्री लक्ष्मी नारायण 🙏 जय श्री राम जय श्री कृष्ण राधे राधे 🙏 शुभ रात्री वंदन 👣 💐 👏 जय हो भोलेनाथ ॐ ऐं र्‍हिं ल्किं चामुण्डायै विच्चे जय माता की जय हो

dhruv wadhwani Feb 22, 2021
जय श्री शिव परिवार जी की कृपा

शामराव ठोंबरे पाटील Feb 22, 2021
@dhruvwadhwani नमस्कार वाधवाणी साहब धन्यवाद आपको 👏 जय श्री महाकाल जी जय माता महाकाली की जय हो 🙏 नमस्कार शुभ रात्री वंदन धन्यवाद आपको 👏 🚩

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Sanjay Awasthi Feb 28, 2021

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Jai Mata Di Feb 28, 2021

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Anju Mishra Feb 28, 2021

💐🙏जय श्री राधे कृष्णा 🙏💐 व्यवहार की सुंदरता पर ध्यान दें: प्रेरक कहानी 👉एक सभा में गुरु जी ने प्रवचन के दौरान एक 30 वर्षीय युवक को खडा कर पूछा कि, आप मुम्बई मे जुहू चौपाटी पर चल रहे हैं और सामने से एक सुन्दर लडकी आ रही है, तो आप क्या करोगे? युवक ने कहा: उस पर नजर जायेगी, उसे देखने लगेंगे। गुरु जी ने पूछा: वह लडकी आगे बढ गयी, तो क्या पीछे मुडकर भी देखोगे? लडके ने कहा: हाँ, अगर धर्मपत्नी साथ नहीं है तो। सभा में सभी हँस पडे, गुरु जी ने फिर पूछा: जरा यह बताओ वह सुन्दर चेहरा आपको कब तक याद रहेगा? युवक ने कहा 5-10 मिनट तक, जब तक कोई दूसरा सुन्दर चेहरा सामने न आ जाए। गुरु जी ने उस युवक से कहा: अब जरा कल्पना कीजिये! आप जयपुर से मुम्बई जा रहे हैं और मैंने आपको एक पुस्तकों का पैकेट देते हुए कहा कि मुम्बई में अमुक महानुभाव के यहाँ यह पैकेट पहुँचा देना। आप पैकेट देने मुम्बई में उनके घर गए। उनका घर देखा तो आपको पता चला कि ये तो बडे अरबपति हैं। घर के बाहर 10 गाडियाँ और 5 चौकीदार खडे हैं। उन्हें आपने पैकेट की सूचना अन्दर भिजवाई, तो वे महानुभाव खुद बाहर आए। आप से पैकेट लिया। आप जाने लगे तो आपको आग्रह करके घर में ले गए। पास में बैठाकर गरम खाना खिलाया। चलते समय आप से पूछा: किसमें आए हो? आपने कहा: लोकल ट्रेन में। उन्होंने ड्राइवर को बोलकर आपको गंतव्य तक पहुँचाने के लिए कहा और आप जैसे ही अपने स्थान पर पहुँचने वाले थे कि उस अरबपति महानुभाव का फोन आया: भैया, आप आराम से पहुँच गए? अब आप बताइए कि आपको वे महानुभाव कब तक याद रहेंगे? युवक ने कहा: गुरु जी! जिंदगी में मरते दम तक उस व्यक्ति को हम भूल नहीं सकते। गुरु जी ने युवक के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा: यह है जीवन की हकीकत। सुन्दर चेहरा थोड़े समय ही याद रहता है, पर सुन्दर व्यवहार जीवन भर याद रहता है।... ...बस यही है जीवन का गुरु मंत्र! अपने चेहरे और शरीर की सुंदरता से ज़्यादा अपने व्यवहार की सुंदरता पर ध्यान दें। जीवन अपने लिए आनंददायक और दूसरों के लिए अविस्मरणीय प्रेरणादायक बन जाएगा।

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Neha Sharma, Haryana Feb 27, 2021

🌲🌷तकदीर से कम तकदीर से ज्यादा 🌷🌲 *🌹मनुष्य के भाग्य में क्या है 🌹* *एक बार महर्षि नारद वैकुंठ की यात्रा पर जा रहे थे, नारद जी को रास्ते में एक औरत मिली और बोली।मुनिवर आप प्रायः भगवान नारायण से मिलने जाते है। मेरे घर में कोई औलाद नहीं है आप प्रभु से पूछना मेरे घर औलाद कब होगी?* *नारद जी ने कहा ठीक है, पूछ लूंगा इतना कह कर नारदजी नारायण नारायण कहते हुए यात्रा पर चल पड़े,वैकुंठ पहुंच कर नारायण जी ने नारदजी से जब कुशलता पूछी तो नारदजी बोले जब मैं आ रहा था तो रास्ते में एक औरत जिसके घर कोई औलाद नहीं है। उसने मुझे आपसे पूछने को कहा कि उसके घर पर औलाद कब होगी?नारायण बोले तुम उस औरत को जाकर बोल देना कि उसकी किस्मत में औलाद का सुख नहीं है।* *नारदजी जब वापिस लौट रहे थे तो वह औरत बड़ी बेसब्री से नारद जी का इंतज़ार कर रही थी।* *औरत ने नारद जी से पूछा कि प्रभु नारायण ने क्या जवाब दिया ?इस पर नारदजी ने कहा प्रभु ने कहा है कि आपके घर कोई औलाद नहीं होगी।यह सुन कर औरत ढाहे मार कर रोने लगी नारद जी चले गये!* *कुछ समय बीत गया।गाँव में एक योगी आया और उस साधू ने उसी औरत के घर के पास ही यह आवाज़ लगायी कि जो मुझे1रोटी देगा मैं उसको एक नेक औलाद दूंगा।यह सुन कर वो बांझ औरत जल्दी से एक रोटी बना कर ले आई और जैसा उस योगी ने कहा था वैसा ही हुआ।* *उस औरत के घर एक बेटा पैदा हुआ। उस औरत ने बेटे की ख़ुशी में गरीबो में खाना बांटा और ढोल बजवाये,कुछ वर्षों बाद जब नारदजी पुनः वहाँ से गुजरे तो वह औरत कहने लगी क्यूँ नारदजी आप तो हर समय नारायण,नारायण करते रहते हैं!* *आपने तो कहा था मेरे घर औलाद नहीं होगी।यह देखो मेरा राजकुमार बेटा।फिर उस औरत ने उस योगी के बारे में भी बताया,नारदजी को इस बात का जवाब चाहिए था कि यह कैसे हो गया?* *वह जल्दी जल्दी नारायण धाम की ओर गए और प्रभु से ये बात कही कि आपने तो कहा था कि उस औरत के घर औलाद नहीं होगी।* *क्या उस योगी में आपसे भी ज्यादा शक्ति है?नारायण भगवान बोले आज मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं है,मैं आपकी बात का जवाब बाद में दूंगा पहले आप मेरे लिए औषधि का इंतजाम कीजिए,* *नारदजी बोले आज्ञा दीजिए प्रभु,नारायण बोले नारदजी आप भूलोक जाइए और एक कटोरी रक्त लेकर आइये।नारदजी कभी इधर,कभी उधर घूमते रहे पर प्याला भर रक्त नहीं मिला।उल्टा लोग उपहास करते कि नारायण बीमार हैं,चलते चलते नारद जी किसी जंगल में पहुंचे,वहाँ पर वही साधु मिले,जिसने उस औरत को बेटे का आशीर्वाद दिया था।* *वो साधु नारदजी को पहचानते थे,उन्होंने कहा अरे नारदजी आप इस जंगल में इस वक़्त क्या कर रहे है?इस पर नारदजी ने जवाब दिया।मुझे प्रभु ने किसी इंसान का रक्त लाने को कहा है यह सुन कर साधु खड़े हो गये और बोले कि प्रभु ने किसी इंसान का रक्त माँगा है।उसने कहा आपके पास कोई छुरी या चाक़ू है।* *नारदजी ने कहा कि वह तो मैं हाथ में लेकर घूम रहा हूँ।उस साधु ने अपने शरीर से एक प्याला रक्त दे दिया।नारदजी वह रक्त लेकर नारायण जी के पास पहुंचे और कहा आपके लिए मैं औषधि ले आया हूँ।नारायण ने कहा यही आपके सवाल का जवाब भी है।* *जिस साधू ने मेरे लिए एक प्याला रक्त मांगने पर अपने शरीर से इतना रक्त भेज दिया।क्या उस साधु के दुआ करने पर मैं किसी को बेटा भी नहीं दे सकता।उस बाँझ औरत के लिए दुआ आप भी तो कर सकते थे पर आपने ऐसा नहीं किया।रक्त तो आपके शरीर में भी था पर आपने नहीं दिया* *मनुष्य का भाग्य केवल प्रारब्ध से निर्मित नहीं होताअपितु सदकर्म और आशीर्वाद से भी प्रभावित होता है..!!* *जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸🌸

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