🌹🌹 शुभ संध्या 🌹🌹 मुझको अगर तू 🥀फूल 🌷बनाता वो सांवरे, मंदिर मै तेरा रोज सजाता वो सांवरे,,, जय श्री कृष्ण राधे-राधे

+9 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 12 शेयर

+103 प्रतिक्रिया 36 कॉमेंट्स • 42 शेयर
Sanjay Awasthi Feb 28, 2021

+142 प्रतिक्रिया 30 कॉमेंट्स • 14 शेयर

+100 प्रतिक्रिया 15 कॉमेंट्स • 34 शेयर
Jai Mata Di Feb 28, 2021

+87 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 46 शेयर
Anju Mishra Feb 28, 2021

💐🙏जय श्री राधे कृष्णा 🙏💐 व्यवहार की सुंदरता पर ध्यान दें: प्रेरक कहानी 👉एक सभा में गुरु जी ने प्रवचन के दौरान एक 30 वर्षीय युवक को खडा कर पूछा कि, आप मुम्बई मे जुहू चौपाटी पर चल रहे हैं और सामने से एक सुन्दर लडकी आ रही है, तो आप क्या करोगे? युवक ने कहा: उस पर नजर जायेगी, उसे देखने लगेंगे। गुरु जी ने पूछा: वह लडकी आगे बढ गयी, तो क्या पीछे मुडकर भी देखोगे? लडके ने कहा: हाँ, अगर धर्मपत्नी साथ नहीं है तो। सभा में सभी हँस पडे, गुरु जी ने फिर पूछा: जरा यह बताओ वह सुन्दर चेहरा आपको कब तक याद रहेगा? युवक ने कहा 5-10 मिनट तक, जब तक कोई दूसरा सुन्दर चेहरा सामने न आ जाए। गुरु जी ने उस युवक से कहा: अब जरा कल्पना कीजिये! आप जयपुर से मुम्बई जा रहे हैं और मैंने आपको एक पुस्तकों का पैकेट देते हुए कहा कि मुम्बई में अमुक महानुभाव के यहाँ यह पैकेट पहुँचा देना। आप पैकेट देने मुम्बई में उनके घर गए। उनका घर देखा तो आपको पता चला कि ये तो बडे अरबपति हैं। घर के बाहर 10 गाडियाँ और 5 चौकीदार खडे हैं। उन्हें आपने पैकेट की सूचना अन्दर भिजवाई, तो वे महानुभाव खुद बाहर आए। आप से पैकेट लिया। आप जाने लगे तो आपको आग्रह करके घर में ले गए। पास में बैठाकर गरम खाना खिलाया। चलते समय आप से पूछा: किसमें आए हो? आपने कहा: लोकल ट्रेन में। उन्होंने ड्राइवर को बोलकर आपको गंतव्य तक पहुँचाने के लिए कहा और आप जैसे ही अपने स्थान पर पहुँचने वाले थे कि उस अरबपति महानुभाव का फोन आया: भैया, आप आराम से पहुँच गए? अब आप बताइए कि आपको वे महानुभाव कब तक याद रहेंगे? युवक ने कहा: गुरु जी! जिंदगी में मरते दम तक उस व्यक्ति को हम भूल नहीं सकते। गुरु जी ने युवक के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा: यह है जीवन की हकीकत। सुन्दर चेहरा थोड़े समय ही याद रहता है, पर सुन्दर व्यवहार जीवन भर याद रहता है।... ...बस यही है जीवन का गुरु मंत्र! अपने चेहरे और शरीर की सुंदरता से ज़्यादा अपने व्यवहार की सुंदरता पर ध्यान दें। जीवन अपने लिए आनंददायक और दूसरों के लिए अविस्मरणीय प्रेरणादायक बन जाएगा।

+92 प्रतिक्रिया 15 कॉमेंट्स • 105 शेयर

+31 प्रतिक्रिया 18 कॉमेंट्स • 30 शेयर

+18 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 5 शेयर

+89 प्रतिक्रिया 11 कॉमेंट्स • 45 शेयर
Neha Sharma, Haryana Feb 27, 2021

🌲🌷तकदीर से कम तकदीर से ज्यादा 🌷🌲 *🌹मनुष्य के भाग्य में क्या है 🌹* *एक बार महर्षि नारद वैकुंठ की यात्रा पर जा रहे थे, नारद जी को रास्ते में एक औरत मिली और बोली।मुनिवर आप प्रायः भगवान नारायण से मिलने जाते है। मेरे घर में कोई औलाद नहीं है आप प्रभु से पूछना मेरे घर औलाद कब होगी?* *नारद जी ने कहा ठीक है, पूछ लूंगा इतना कह कर नारदजी नारायण नारायण कहते हुए यात्रा पर चल पड़े,वैकुंठ पहुंच कर नारायण जी ने नारदजी से जब कुशलता पूछी तो नारदजी बोले जब मैं आ रहा था तो रास्ते में एक औरत जिसके घर कोई औलाद नहीं है। उसने मुझे आपसे पूछने को कहा कि उसके घर पर औलाद कब होगी?नारायण बोले तुम उस औरत को जाकर बोल देना कि उसकी किस्मत में औलाद का सुख नहीं है।* *नारदजी जब वापिस लौट रहे थे तो वह औरत बड़ी बेसब्री से नारद जी का इंतज़ार कर रही थी।* *औरत ने नारद जी से पूछा कि प्रभु नारायण ने क्या जवाब दिया ?इस पर नारदजी ने कहा प्रभु ने कहा है कि आपके घर कोई औलाद नहीं होगी।यह सुन कर औरत ढाहे मार कर रोने लगी नारद जी चले गये!* *कुछ समय बीत गया।गाँव में एक योगी आया और उस साधू ने उसी औरत के घर के पास ही यह आवाज़ लगायी कि जो मुझे1रोटी देगा मैं उसको एक नेक औलाद दूंगा।यह सुन कर वो बांझ औरत जल्दी से एक रोटी बना कर ले आई और जैसा उस योगी ने कहा था वैसा ही हुआ।* *उस औरत के घर एक बेटा पैदा हुआ। उस औरत ने बेटे की ख़ुशी में गरीबो में खाना बांटा और ढोल बजवाये,कुछ वर्षों बाद जब नारदजी पुनः वहाँ से गुजरे तो वह औरत कहने लगी क्यूँ नारदजी आप तो हर समय नारायण,नारायण करते रहते हैं!* *आपने तो कहा था मेरे घर औलाद नहीं होगी।यह देखो मेरा राजकुमार बेटा।फिर उस औरत ने उस योगी के बारे में भी बताया,नारदजी को इस बात का जवाब चाहिए था कि यह कैसे हो गया?* *वह जल्दी जल्दी नारायण धाम की ओर गए और प्रभु से ये बात कही कि आपने तो कहा था कि उस औरत के घर औलाद नहीं होगी।* *क्या उस योगी में आपसे भी ज्यादा शक्ति है?नारायण भगवान बोले आज मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं है,मैं आपकी बात का जवाब बाद में दूंगा पहले आप मेरे लिए औषधि का इंतजाम कीजिए,* *नारदजी बोले आज्ञा दीजिए प्रभु,नारायण बोले नारदजी आप भूलोक जाइए और एक कटोरी रक्त लेकर आइये।नारदजी कभी इधर,कभी उधर घूमते रहे पर प्याला भर रक्त नहीं मिला।उल्टा लोग उपहास करते कि नारायण बीमार हैं,चलते चलते नारद जी किसी जंगल में पहुंचे,वहाँ पर वही साधु मिले,जिसने उस औरत को बेटे का आशीर्वाद दिया था।* *वो साधु नारदजी को पहचानते थे,उन्होंने कहा अरे नारदजी आप इस जंगल में इस वक़्त क्या कर रहे है?इस पर नारदजी ने जवाब दिया।मुझे प्रभु ने किसी इंसान का रक्त लाने को कहा है यह सुन कर साधु खड़े हो गये और बोले कि प्रभु ने किसी इंसान का रक्त माँगा है।उसने कहा आपके पास कोई छुरी या चाक़ू है।* *नारदजी ने कहा कि वह तो मैं हाथ में लेकर घूम रहा हूँ।उस साधु ने अपने शरीर से एक प्याला रक्त दे दिया।नारदजी वह रक्त लेकर नारायण जी के पास पहुंचे और कहा आपके लिए मैं औषधि ले आया हूँ।नारायण ने कहा यही आपके सवाल का जवाब भी है।* *जिस साधू ने मेरे लिए एक प्याला रक्त मांगने पर अपने शरीर से इतना रक्त भेज दिया।क्या उस साधु के दुआ करने पर मैं किसी को बेटा भी नहीं दे सकता।उस बाँझ औरत के लिए दुआ आप भी तो कर सकते थे पर आपने ऐसा नहीं किया।रक्त तो आपके शरीर में भी था पर आपने नहीं दिया* *मनुष्य का भाग्य केवल प्रारब्ध से निर्मित नहीं होताअपितु सदकर्म और आशीर्वाद से भी प्रभावित होता है..!!* *जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸🌸

+209 प्रतिक्रिया 54 कॉमेंट्स • 219 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB