Jagdish Kumar
Jagdish Kumar Sep 18, 2017

नवरात्रि कलश स्थापना।

नवरात्रि कलश स्थापना।

आपने देखा होगा कि लोग कोई भी शुभ काम करते हैं तो उसमें कलश जरुर बैठाते हैं चाहे वह शुभ काम शादी विवाह हो या भगवान की पूजा। गृह प्रवेश हो नए कारोबार की शुरुआत करनी हो कलश बैठाए बिना काम आरंभ नहीं होता है।

कलश धातु के बर्तन का या मिट्टी के बर्तन का हो सकता है। लेकिन हर कलश के ऊपर एक कच्चा नारियल जरुर होता है जो लाल रंग के कपड़े में लिपटा होता है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कलश के ऊपर नारियल क्यों रखा जाता है और नारियल रखने के फायदे हैं या नुकसान। नुकसान की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि कलश पर रखा नारियल कई बार एक छोटी सी गलती से आपके लिए धन, स्वास्थ्य की हानि के साथ दुःख का कारण भी हो सकता है।

लेकिन कलश पर नारियल रखने के नियम का ध्यान रखेंगे तो यह आपके लिए हर तरह से शुभ और लाभदायक रहेगा। कलश पर इस तरह नारियल रखना हानिकारक होता है।

शास्त्रों में कलश पर नारियल रखने के विषय में बताया गया है कि "अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय, ऊर्धवस्य वस्त्रं बहुरोग वृध्यै। प्राचीमुखं वित विनाशनाय, तस्तमात‍् शुभं संमुख्यं नारीलेलंष्।"

यानी कलश पर नरियल रखते समय इस बा का ध्यान रखना चाहिए कि नारियल का मुख नीचे की तरफ नहीं हो।

नारियल का मुख नीचे होने से शत्रुओं की वृद्घि होती है। नारियल खड़ा करके रखते हैं और उसका मुंह ऊपर की ओर होता है तब रोग बढ़ता है, यानी घर में रहने वाले लोग अधिक बीमार होते हैं।

कलश पर नारियल रखते समय अगर नारियल का मुख पूर्व दिशा की ओर होता है तो आर्थिक हानि होती है यानी धन की हानि के योग बनते रहते हैं।

लाभ और उन्नति के लिए इस तरह कलश पर रखें नारियल?

शास्त्रों के अनुसार कलश स्थापना किसी भी शुभ काम को मंगलमय तरीके से पूर्ण होने के लिए किया जाता है। इसलिए कलश में सभी तीर्थों को आमंत्रित किया जाता है।

नारियल लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए कलश के ऊपर नारियल रखते हैं। इसका उद्देश्य यह होता है कि कलश में स्थित देवता और तीर्थ मंगलकारी हों और देवी लक्ष्मी की कृपा से उन्नति बनी रहे।

लेकिन कलश स्थापन का यह उद्देश्य तभी सफल होता है जब कलश पर रखा हुआ नारियल का मुख पूजन करने वाले व्यक्ति की ओर हो।

छिले हुए नारियल को आपने देखा होगा तो पाया होगा कि इसके सिरे पर तीन काले बिंदू होते हैं। माना जाता है कि यह नारियल के आंख और मुख हैं। नारियल का मुख उस दिशा में होता है जिधर से वह पेड़ से लगा होता है। इसलिए अब से कलश बैठाते समय इन बातों का ध्यान रखना लाभप्रद होगा।

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कामेंट्स

Ramdevsinh Zala Sep 18, 2017
navratri pujavidhi bataye please puja me kya kya Lena he konsa mantra jap karna he ye bataye sir ji

Dinesh Kumar Dixit Dixit Sep 18, 2017
जानकारी देंने के लिए धन्यवाद आप का सदैव मङ्गल हो

🍃🌿के पी एस🌿🍃 Sep 18, 2017
शुभसँध्या जी भगवान आपकी मनोकामना पूर्ण करें आप स्वस्थ रहें खुश रहे । जयश्रीकृष्ण

shiv prakash soni Jan 25, 2020

गुप्त नवरात्र के अवसर पर बाधा निवारण के लिए आप दुर्गा मां की साधना कर सकते हैं सबसे अच्छा है आप यह यंत्र भोजपत्र पर बना ले केसर से बना लें या अष्टगंध से बना ले और सबसे अच्छा यंत्र बनता है काम्या सिंदूर से यह यंत्र बनाकर के प्राण प्रतिष्ठा कर ले इस यंत्र की चेतना के लिए दुर्गा जी का मंत्र जप कर ले एवं संकल्प लेकर के आपको जिस भी प्रकार की बाधा है उस प्रकार का संकल्प ले ले उस बाधा निवारण के लिए संकल्प लेकर आप दुर्गा कवच जोकि दुर्गा सप्तशती में संस्कृत और हिंदी में दिया हुआ होता है उसके 108 पाठ पूरे करें 9 दिन में 108 पाठ पूरे हो जाएं या आप रोज भी 108 पाठ कर सकते हैं जैसा आपके पास समय हो और जितना आप साधना में बैठ सकें ज्यादा से ज्यादा दुर्गा कवच आप पाठ कर सकते नित्य 2121 भी कर सकते हैं 5151 भी कर सकते हैं 108 पाठ भी नित्य कर सकते हैं दुर्गा कवच पाठ के प्रभाव से आपके बहुत सी बाधाएं स्वता ही आपसे दूर होंगी✍🏻

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