Kailash Chandra vyas
Kailash Chandra vyas Apr 4, 2020

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P. Tiwari May 9, 2020

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Shuchi Singhal May 10, 2020

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Shuchi Singhal May 10, 2020

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Shree Radhey May 9, 2020

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शाकाहार उत्तम आहार 🍋 🌿🍑🍎🍏🍒🍅🍐🍊🍋🍍🌿 (1)-केला: ब्लडप्रेशर नियंत्रित करता है,हड्डियों को मजबूत बनाता है,हृदय की सुरक्षा करता है,अतिसार में लाभदायक है, खांसी में हितकारी है। (2)-जामुन: केन्सर की रोक थाम,हृदय की सुरक्षा,कब्ज मिटाता है,स्मरण शक्ति बढाता है,रक्त शर्करा नियंत्रित करता है।डायबीटीज में अति लाभदायक। (3)-सेवफ़ल: हृदय की सुरक्षा करता है, दस्त रोकता है,कब्ज में फ़ायदेमंद है,फ़ेफ़डे की शक्ति बढाता है. (4)-चुकंदर:- वजन घटाता है,ब्लडप्रेशर नियंत्रित करता है,अस्थिक्छरण रोकता है,केंसर के विरुद्ध लडता है,हृदय की सुरक्षा करता है। (5)-पत्ता गोभी: बवासीर में हितकारी है,हृदय रोगों में लाभदायक है,कब्ज मिटाता है,वजन घटाने में सहायक है। केंसर में फ़ायदेमंद है। (6)-गाजर:- नेत्र ज्योति वर्धक है, केंसर प्रतिरोधक है, वजन घटाने मेँ सहायक है, कब्ज मिटाता है, हृदय की सुरक्षा करता है। (7)- फ़ूल गोभी:- हड्डियों को मजबूत बनाता है, स्तन केंसर से बचाव करता है, प्रोस्टेट ग्रंथि के केंसर में भी उपयोगी है, चोंट,खरोंच ठीक करता है। (8)-लहसुन:- कोलेस्टरोल घटाती है, रक्त चाप घटाती है, कीटाणुनाशक है,केंसर से लडती है (9)-नींबू:- त्वचा को मुलायम बनाता है,केंसर अवरोधक है, हृदय की सुरक्षा करता है,,ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है, स्कर्वी रोग नाशक है। (10)-अंगूर: रक्त प्रवाह वर्धक है, हृदय की सुरक्षा करता है, केंसर से लडता है, गुर्दे की पथरी नष्ट करता है, नेत्र ज्योति वर्धक है। (11)-आम:🍋 केंसर से बचाव करता है,थायराईड रोग में हितकारी है, पाचन शक्ति बढाता है, याददाश्त की कमजोरी में हितकर है। (12)-प्याज: - फ़ंगस रोधी गुण हैं, हार्ट अटेक की रिस्क को कम करता है। जीवाणु नाशक है,केंसर विरोधी है खराब कोलेस्टरोल को घटाता है। (14)-अलसी के बीज:- मानसिक शक्ति वर्धक है, रोग प्रतिकारक शक्ति को ताकत देता है, डायबीटीज में उपकारी है, हृदय की सुरक्षा करता है, पाचन शक्ति को ठीक करता है। (15)-संतरा: हृदय की सुरक्षा करता है, रोग प्रतिकारक शक्ति उन्नत करता है,, श्वसन पथ के विकारों में लाभकारी है, केंसर में हितकारी है (16)-टमाटर: कोलेस्टरोल कम करता है, प्रोस्टेट ग्रंथि के स्वास्थ्य के लिये उपकारी है,केंसर से बचाव करता है, हृदय की सुरक्षा । (17)-पानी: ☔ गुर्दे की पथरी नाशक है, वजन घटाने में सहायक है, केसर के विरुद्ध लडता है, त्वचा के चमक बढाता है। (18)-अखरोट: मूड उन्नत करन में सहायक है, मेमोरी पावर बढाता है,केंसर से लड सकता है, हृदय रोगों से बचाव करता है, कोलेस्टरोल घटाने मं मददगार है। (19)-तरबूज: स्ट्रोक रोकने में उपयोगी है, प्रोस्टेट के स्वास्थ्य के लियेओ हितकारी है, रक्तचाप घटाता है, वजन कम करने में सहायक है। (20)-अंकुरित गेहूं: बडी आंत की केंसर से लडता है, कब्ज प्रतिकारक है, स्ट्रोक से रक्षा करता है, कोलेस्टरोल कम करता है, पाचन सुधारता है। (21)-चावल: किडनी स्टोन में हितकारी है, डायबीटीज में लाभदायक है,स्ट्रोक से बचाव करता है, केंसर से लडता है, हृदय की सुरक्षा करता है। (22)-आलू बुखारा: हृदय रोगों से बचाव करता है, बुढापा जल्द आने से रोकता है, याददाश्त बढाता है, कोलेस्टरोल घटाता है, कब्ज प्रतिकारक है। (23)-पाईनएपल: अतिसार(दस्त) रोकता है, वार्ट्स(मस्से) ठीक करता है, सर्दी,ठंड से बचाव करता है, अस्थि क्छरण रोकता है। पाचन सुधारता है। (24)-जौ,जई:- कोलेस्टरोल घटाता है,केंसर से लडता है, डायबीटीज में उपकारी है,,कब्ज प्रतिकारक् है ,त्वचा पर शाईनिंग लाता है। (25)-अंजीर:- रक्त चाप नियंत्रित करता है, स्ट्रोक्स से बचाता है, कोलेस्टरोल कम करता है, केंसर से लडता है,वजन घटाने में सहायक है। (26)-शकरकंद:- आंखों की रोशनी बढाता है,मूड उन्नत करता है, हड्डिया बलवान बनाता है, केंसर से लडता है । जीवन में शाकाहार अपनाएं और जीव हिंसा से बचें , रोगों से दूर और स्वस्थ रहें । 🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌷🌹🌷🌷🌷

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पीलिया के प्रकार और उपचार 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ दोस्तों पिछले दो माह से मैंने सबसे ज्यादा केसेस अगर देखे है तो वह है पीलिया के। यह बीमारी शरीर पे धीरे धीरे अपना कब्ज़ा जमाती है। हमारे शरीर में रक्त के लाल कण अगर कम हो जाते है तो पीलिया हो जाता है। हमारे रक्त में बिलीरुबिन नाम का एक पिला पदार्थ होता है जो लाल कणो के नष्ट होने पर निकलता है तो शरीर में पीलापन आने लगता है। दूसरा कारन यह है की हमारा जिगर ठीक से कार्य नहीं करता एक यह भी पीलिया होने का संकेत है। कुछ दिनों तक जी मिचलाता है, शरीर सुस्त बेजान सा लगता है, आँखे और त्वचा जैसे नाख़ून पिले हो जाते है, बुखार रहता है, पेशाब पिला और मल बदबूदार होता है। पीलिया के रोग प्रकार 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ 🔹वातज : इस पीलिया में आँखे और पेशाब में रुक्षता, कालापन तथा लाली दिखाई देती है, शरीर में सुई चुभने जैसी पीड़ा तथा कम्प, भ्रम के लक्षण दिखाई देते है। 🔹पित्तज : इस पीलिया में मलमूत्र और आँखों का रंग पिला हो जाता है। शरीर की कांति भी पिली हो जाती है। मल पतला होता है एवं जलन, प्यास और बुखार के लक्षण भी दिखाई पड़ते है। 🔹कफज : इस पीलिया में रोगी के मुख से कफ गिरता है, आलस्य, शरीर में भारीपन, सूजन और आँख, मुंह, त्वचा एवं पेशाब में सफेदी के लक्षण दिखते है। 🔹सन्निपतज : इस पीलिया में ऊपर के तीनो लक्षण दिखाई देते है और यह अत्यन्त कष्टदायक भी होता है। नाभि, मुंह और पाँव सूज जाते है। पेट के कीड़े, कफ तथा रकयुक्त मल निकलता है। आँखों पे, गालो पे और भोवो पे सूजन आती है। 🔋क्यों होता है पीलिया? खटाई, गर्म चटपटे और पित्त बढ़ाने वाले पदार्थ अधिक खाना, शराब अधिक पीना, दिन में ज्यादा सोना, खून की कमी तथा संक्रमण के कारन, खट्टे पदार्थो का अधिक सेवन, वात, कफ और पित्त कुपित होने से भी पीलिया होता है। 🍒भोजन तथा परहेज🍶 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ आराम करना, फलाहार, रसाहार, जूस का सेवन, चोकर के साथ आटे की रोटी, पुराने चावल, निम्बू पानी, ताजे एवं पके फल, अंजीर, किशमिश, गन्ने का रस, जौ चना का सत्तू, छाछ, मूंग की दाल, बैगन की सब्जी, मूली, खीरा आदि खाना चाहिए। पेट भर खाना, मैदे से बने पदार्थ, खटाई, उड़द की दाल, ठन्डे पानी से नहाना, लालमिर्च, मसाले, ताली हुयी चीजे, घी, मछली, मांस आदि से दुर रहे और रोगी को पूर्ण रूप से आराम करने दे तथा मानसिक कष्ट ना हो इस बात का ध्यान रखे। 🌿आयुर्वेद से उपचार🌿 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ 🔘3 चम्मच नीम के ताजे पत्तो का रस, आधा चम्मच सोंठ का पावडर और 4 चम्मच शहद इन सब को साथ में मिलाकर सुबह खली पेट 5 दिन तक लेने से कैसा भी पीलिया हो ठीक हो जाता है है। 🔘गिलोय का 5 ग्राम चूर्ण शहद में मिलाकर देने से पीलिया रोग मीट जाता है। अगर गिलोय ना हो तो कालीमिर्च या त्रिफला का चूर्ण भी आप रोगी को दे सकते है। 🔘 100 ग्राम बड़ी हरड़ के छिलके और 100 ग्राम मिश्री को मिलकर चूर्ण बनकर 6-6 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम खाली पेट ताजे पानी के साथ खाने से पीलिया रोग मीट जाता है। 🔘 20 मिली तजा निम्बू का रस सुबह शाम रोगी को पिलाने से और 2-3 बुँदे आँखों में डालने से पीलिया रोग जड़ से खत्म हो जाता है। 🔘पुनर्नवा की जड़ को साफ करके छोटे छोटे टुकड़े काटकर गले में 21 टुकड़ो की माला बनाकर रोगी के गले में पहना दे और जब पीलिया का प्रकोप चला उतर जाये तब माला को उतार कर किसी पेड़ पे लटका कर रख दे। 🔘मूली में विटामिन सी, लोह, कैल्सियम, सोडियम, म्याग्नेसियम और क्लोरीन आदि खनिज होते है जो जिगर की क्रिया को ठीक करते है इसलिए पीलिया के रोगी को 100 मिली मूली के रस को गुड मिलाकर दिन में 3-4 बार देने से बहोत लाभ मिलाता है। 🔘 4 कलि लसुन को पीसकर आधा कप गर्म दूध में मिलाकर पिने से ऊपर से दूध पि ले। यह प्रयोग 4 दिन तक करने से पीलिया रोग ठीक हो जाता है। ✏नोट : यह बीमारी साधारण बीमारी नहीं है। आप इसे जितना नजरअंदाज करोगे उतना ये आप के लिए घातक होगा। इस का जल्द से जल्द इलाज करे और रोगी को इस बीमारी से बचाए।

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