Manjeet Sobti
Manjeet Sobti Jun 4, 2018

*God is one 🙏sabka maliek ek* *Jai shri radhey krishna ji* * Krishna blessnig all devotees* *Shubh ratri ji* Hari hari bol

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*Jai shri radhey krishna ji*
*राधे राधे श्याम*
*हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे*
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🙏जय श्री राधे राधे🙏
श्री कृष्णा
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जय श्री राधे कृष्णा
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चोरी चोरी माखन खाइ गयो रे
चोरी चोरी माखन खाइ गयो रे वो तो छोरो ग्वाल को।
😊🌷🌷😊
मैंने उसे पूछा के नाम तेरा क्या है,
कृष्णा कन्हैया बताई गयो रे, वो तो छोरो ग्वाल को।
😊🌷🌷😊
मैंने उसे पूछा के गाँव तेरा क्या है,
गोकुल मथुरा बताए गयो रे, वो तो छोरो ग्वाल को।
😊🌷🌷😊
मैंने उसे पूछा माँ बाप तेरा कौन है,
नन्द यशोदा बताए गयो रे, वो तो छोरो ग्वाल को।
😊🌷🌷😊
मैंने उसे पूछा के खाना तेरा क्या है,
माखन मिश्री बताए गयो रे, वो तो छोरो ग्वाल को।
😊🌷🌷😊
मैंने उसे पूछा श्रृंगार तेरा क्या है,
मोतियन की माला बताए गयो रे, वो तो छोरो ग्वाल को।
😊🌷🌷😊
मैंने उसे पूछा के काम तेरा क्या है,
गैया चराना बताई गयो रे, वो तो छोरो ग्वाल को।
😊🌷🌷😊
मैंने उसे पूछा के प्यारी तेरी कौन है,
राधा रानी जी बताई गयो रे, वो तो छोरो ग्वाल को।
😊🌷🌷😊
*जय श्री राधे कृष्णा जी*
*शुभ रात्रि जी*
*कृष्णा जी सबका कल्याण करें*
*हरि हरि बोल*
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कामेंट्स

Shuchi Singhal Jun 1, 2020

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kailashtibrewalla Jun 1, 2020

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Shuchi Singhal Jun 1, 2020

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meena sharma Jun 1, 2020

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Ram niwas Agroya Jun 1, 2020

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🙏शुभ मंगलवार🙏 🌺🌺🌺सुप्रभात वंदन जी🌺🌺🌺 🌹ॐ हनुमते नमः🌹 जय श्री राम🌹 गायत्री जयंती और निर्जला एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं!! 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 ॐ भूर् भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्… 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 महाभारत, स्कंद और पद्म पुराण के अनुसार निर्जला एकादशी व्रत करने वाले की उम्र बढ़ती है निर्जला एकादशी व्रत 2 जून को किया जाएगा। महाभारत, स्कंद और पद्म पुराण के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष की ग्यारहवीं तिथि को किया जाता है। इस व्रत के दौरान सूर्योदय से लेकर अगले दिन यानी द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक जल नहीं पीने का विधान है। इस कारण इसे निर्जला एकादशी कहते हैं। इस व्रत को विधि-विधान से करने वालों की उम्र बढ़ती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। काशी के ज्योतिषाचार्य और धर्मशास्त्रों के जानकार पं. गणेश मिश्र का कहना है कि निर्जला एकादशी व्रत में जल के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया है। ज्येष्ठ के महीने में जल की पूजा और दान का महत्व काफी बढ़ जाता है। एक दिन के अंतर में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। महर्षि वेदव्यास के अनुसार भीमसेन ने इसे धारण किया था। निर्जला एकादशी पर दान का महत्व पं. गणेश मिश्र ने बताया कि निर्जला एकादशी पर जल का महत्व बताया गया है। इस दिन जल पिलाने और जल दान करने की परंपरा है। इस एकादशी पर अन्न, जल, कपड़े, आसन, जूता, छतरी, पंखा और फलों का दान करना चाहिए। इस दिन जल से भरे घड़े या कलश का दान करने वाले के हर पाप खत्म हो जाते हैं। इस दान से व्रत करने वाले के पितर भी तृप्त हो जाते हैं। इस व्रत से अन्य एकादशियों पर अन्न खाने का दोष भी खत्म हो जाता है और हर एकादशियों के पुण्य का फायदा भी मिलता है। श्रद्धा से जो इस पवित्र एकादशी का व्रत करता है, वह हर तरह के पापों से मुक्त होता है। निर्जला एकादशी व्रत की पूजा विधि पं. मिश्र के अनुसार इस व्रत में एकादशी तिथि के सूर्योदय से अगले दिन द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक जल नहीं पिया जाता और भोजन भी नहीं किया जाता है। एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर तीर्थ स्नान करना चाहिए। संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर नहाना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा, दान और दिनभर व्रत रखने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। पीले कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए। पूजा में पीले फूल और पीली मिठाई जरूरी शामिल करनी चाहिए। इसके बाद ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। फिर श्रद्धा और भक्ति से कथा सुननी चाहिए। जल से कलश भरे और उसे सफेद वस्त्र से ढककर रखें। उस पर चीनी तथा दक्षिणा रखकर ब्राह्मण को दान दें। देवव्रत भी कहा जाता है निर्जला एकादशी को एकादशी स्वयं विष्णु प्रिया हैं। भगवान विष्णु को ये तिथि प्रिय होने से इस दिन जप-तप, पूजा और दाना करने वाले भगवान विष्णु को प्राप्त करते हैं। जीवन-मरण के बन्धन से मुक्त हो जाते हैं। इस व्रत को देवव्रत भी कहा जाता है क्योंकि सभी देवता, दानव, नाग, यक्ष, गन्धर्व, किन्नर, नवग्रह आदि अपनी रक्षा और श्रीविष्णु की कृपा पाने के लिए एकादशी का व्रत करते हैं। 🌹🌹🌹🙏🙏🙏🌹🌹🌹

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santosh Kumar Jun 1, 2020

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D.Y.Bhoite Jun 1, 2020

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