Hemlata Soni
Hemlata Soni Sep 4, 2017

श्रीगणेशजी विसर्जन के शुभ मुहूर्त।।

श्रीगणेशजी विसर्जन के शुभ मुहूर्त।।
श्रीगणेशजी विसर्जन के शुभ मुहूर्त।।
श्रीगणेशजी विसर्जन के शुभ मुहूर्त।।

श्री गणेश की शुभ प्रतिमा 10 दिन आपके घर में विराजित रहीं। अब बेला है उनकी बिदाई की। आइए जानें मंगल मुहूर्त और वह विशेष मंत्र जो विसर्जन के समय बोलना चाहिए...
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को गणेशोत्सव का समापन होता है और भगवान श्रीगणेश का विसर्जन किया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार श्रीगणेश का विसर्जन नदी या तालाब में किए जाने का विधान है लेकिन सिर्फ बालूरेत से निर्मित गणेश प्रतिमा का। विसर्जन के पूर्व भगवान श्रीगणेश का पूजन पहले घर पर तथा इसके बाद विसर्जन स्थल पर भी किया जाता है। इसकी विधि इस प्रकार है-
विधि
विसर्जन से पूर्व स्थापित गणेश प्रतिमा का संकल्प मंत्र के बाद षोड़शोपचार पूजन-आरती करें। गणेशजी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं। मंत्र बोलते हुए 21 दुर्वा-दल चढ़ाएं। 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू मूर्ति के पास चढ़ाएं और 5 ब्राह्मण को प्रदान कर दें। शेष लड्डू प्रसाद के रूप में बांट दें। पूजन के समय यह मंत्र बोलें-
ॐ गं गणपतये नम:
दुर्वा-दल चढ़ाते समय यह मंत्र बोलें
गणेशजी को 21 दुर्वादल चढ़ाई जाती है। दो दुर्वा-दल नीचे लिखे नाममंत्रों के साथ चढ़ाएं।
ॐ गणाधिपाय नम:
ॐ उमापुत्राय नम:
ॐ विघ्ननाशनाय नम:
ॐ विनायकाय नम:
ॐ ईशपुत्राय नम:
ॐ सर्वसिद्धप्रदाय नम:
ॐ एकदन्ताय नम:
ॐ इभवक्त्राय नम:
ॐ मूषकवाहनाय नम:
ॐ कुमारगुरवे नम:
इसके बाद श्रीगणेश की आरती उतारें और विसर्जन स्थल पर ले जाकर पुन: एक बार आरती करें व गणेश प्रतिमा जल में विसर्जित कर दें और यह मंत्र बोलें-
यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च ॥
यदि नदी या तालाब से थोड़ा जल लेकर गणेश प्रतिमा पर चढ़ा दिया जाए तो यह भी विधिवत विसर्जन ही माना जाएगा, ऐसा धर्म ग्रंथों में उल्लेख है।
श्री गणेश प्रतिमा विसर्जन के शुभ मुहूर्त
सुबह 07:50 से 09:20 बजे तक- चल
सुबह 10:50 से दोपहर 12:20 बजे तक- अमृत
दोपहर 01:50 से 03:20 बजे तक- शुभ
शाम 06:20 से 07:50 बजे तक- शुभ

+62 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 51 शेयर

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 18 सितम्बर 2020* ⛅ *दिन - शुक्रवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - शरद* ⛅ *मास - अधिक अश्विन* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - प्रतिपदा दोपहर 12:50 तक तत्पश्चात द्वितीया* ⛅ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी सुबह 07:00 तक तत्पश्चात हस्त* ⛅ *योग - शुक्ल शाम 07:43 तक तत्पश्चात ब्रह्म* ⛅ *राहुकाल - सुबह 11:01 से दोपहर 12:33 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:27* ⛅ *सूर्यास्त - 18:36* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - अधिक-षुरूषोत्तम-मल मास प्रारंभ, चन्द्र-दर्शन* 💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *अमिट पुण्य अर्जित करने का अवसर-पुरुषोत्तम मास* 🌷 ➡️ *18 सितम्बर से 16 अक्टूबर तकपुरुषोत्तम/अधिक मास* 🙏🏻 *अधिक मास में सूर्य की सक्रांति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) न होने से इसे ‘मल मास’ (मलिन मास) कहा गया है। स्वामीरहित होने से यह मास देव-पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना गया। इससे लोग इसकी घोर निंदा करने लगे।* 🙏🏻 *मल मास ने भगवान को प्रार्थना की, भगवान बोले- “मल मास नहीं, अब से इसका नाम पुरुषोत्तम मास होगा। इस महीने जो जप, सत्संग, ध्यान, पुण्य आदि करेंगे, उन्हें विशेष फायदा होगा। अंतर्यामी आत्मा के लिए जो भी कर्म करेंगे, तेरे मास में वह विशेष फलदायी हो जायेगा। तब से मल मास का नाम पड़ गया ‘पुरुषोत्तम मास’।”* 💥 *विशेष लाभकारी* 🙏🏻 *अधिक मास में आँवला और तिल के उबटन से स्नान पुण्यदायी है और स्वास्थ्य प्रसन्नता में बढ़ोतरी करने वाला है अथवा तो आँवला, जौ तिल का मिश्रण बनाकर रखो और स्नान करते समय थोड़ा मिश्रण बाल्टी में डाल दिया। इससे भी स्वास्थ्य और प्रसन्नता पाने में मदद मिलती है। इस मास में आँवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करना अधिक प्रसन्नता और स्वास्थ्य देता है।* 🙏🏻 *आँवले व पीपल के पेड़ को स्पर्श करने से स्नान करने का पुण्य होता है, सात्त्विकता और प्रसन्नता की बढ़ोतरी होती है। इन्हें स्नान करने के बाद स्पर्श करने से दुगुना पुण्य होता है। पीपल और आँवला सात्विकता के धनी हैं।* 🙏🏻 *इस मास में धरती पर (बिस्तर बिछाकर) शयन व पलाश की पत्तल पर भोजन करे और ब्रह्मचर्य व्रत पाले तो पापनाशिनी ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्तित्व में निखार आता है। इस पुरुषोत्तम मास को कई वरदान प्राप्त हैं और शुभ कर्म करने हेतु इसकी महिमा अपरम्पार है।* ❌ *अधिक मास में वर्जित* ❌ ➡️ *पुरुषोत्तम मास व चतुर्मास में नीच कर्मों का त्याग करना चाहिए। वैसे तो सदा के लिए करना चाहिए लेकिन आरम्भ वाला भक्त इन्हीं महीनों में त्याग करे तो उसका नीच कर्मों के त्याग का सामर्थ्य बढ़ जायेगा। इस मास में शादी-विवाह अथवा सकाम कर्म एवं सकाम व्रत वर्जित हैं। जैसे कुएँ, बावली, तालाब और बाग़ आदि का आरम्भ तथा प्रतिष्ठा, नवविवाहिता वधू का प्रवेश, देवताओं का स्थापन (देव-प्रतिष्ठा), यज्ञोपवीत संस्कार, नामकरण, मकान बनाना, नये वस्त्र एवं अलंकार पहनना आदि। इस मास में किये गये निष्काम कर्म कई गुना विशेष फल देते हैं।* ✅ *अधिक मास में करने योग्य* ✅ ➡️ *जप, कीर्तन, स्मरण, ध्यान, दान, स्नान आदि तथा पुत्रजन्म के कृत्य, पितृस्मरण के श्राद्ध आदि एवं गर्भाधान, पुंसवन जैसे संस्कार किये जा सकते हैं।* 🙏🏻 *देवी भागवत के अनुसार यदि आदि की सामर्थ्य न हो तो संतों-महापुरुषों की सेवा (उनके दैवी कार्य में सहभागी होना) सर्वोत्तम है। इससे तीर्थ, तप आदि के समान फल प्राप्त होता है। इस माह में दीपकों का दान करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। दुःख-शोकों का नाश होता है। वंशदीप बढ़ता है, ऊँचा सान्निध्य मिलता है, आयु बढ़ती है। इस मास में गीता के 15वें अध्याय का अर्थसहित प्रेमपूर्वक पाठ करना चाहिए। भक्तिपूर्वक सदगुरु से अध्यात्म विद्या का श्रवण करने से ब्रह्महत्याजनित पाप नष्ट हो जाते हैं तथा दिन प्रतिदिन अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है। निष्काम भाव से यदि श्रवण किया जाय तो जीव मुक्त हो जाता है।* 🌷 *व्रत विधि* 🌷 🙏🏻 *भगवान श्रीकृष्ण इस मास की व्रत विधि एवं महिमा बताते हुए कहते हैं- “इस मास में मेरे उद्देश्य से जो स्नान (ब्राह्ममुहूर्त में उठकर भगवत्स्मरण करते हुए किया गया स्नान), दान, जप, होम, गुरु-पूजन, स्वाध्याय, पितृतर्पण, देवार्चन तथा और जो भी शुभ कर्म किये जाते हैं, वे सब अक्षय हो जाते हैं। जो प्रमाद से इस मास को खाली बिता देते हैं, उनका जीवन मनुष्यलोक में दारिद्र्य पुत्रशोक तथा पाप के कीचड़ से निंदित हो जाता है, इसमें संदेह नहीं।* 🙏🏻 *शंख की ध्वनि के साथ कपूर से आरती करें। ये न हों तो रूई की बाती से ही आरती कर लें। इससे अनंत फल की प्राप्ति होती है। चंदन, अक्षत और पुष्पों के साथ ताँबे के पात्र में पानी रखकर भक्ति से प्रातःपूजन के पहले या बाद में अर्घ्य दें।* 🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास का व्रत दारिद्र्य, पुत्रशोक और वैधव्य का नाशक है। इसके व्रत से ब्रह्महत्या आदि सब पाप नष्ट हो जाते हैं।* 🌷 *विधिवत सेवते यस्तु पुरुषोत्तममादरात्।* *कुलं स्वकीयमुद्धृत्य मामेवैष्यत्यसंशयम्।।* 🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास के आगमन पर जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति के साथ व्रत, उपवास, पूजा आदि शुभ कर्म करता है, वह निःसंदेह अपने समस्त परिवार के साथ मेरे लोक में पहुँचकर मेरा सान्निध्य प्राप्त कर लेता है।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

+61 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 53 शेयर
Ramesh Agrawal Sep 18, 2020

+11 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 8 शेयर
devilakshmi Sep 17, 2020

+197 प्रतिक्रिया 39 कॉमेंट्स • 111 शेयर
dev sharma Sep 17, 2020

गुरुवार को घर में क्यों नहीं लगाएँ पोंछा? 🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃 किसी भी जन्मकुंडली में दूसरा और ग्यारहवां भाव धन के स्थान होते हैं। गुरु ग्रह इन दोनों ही स्थानों का कारक ग्रह होता है। गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है। धन लाभ की जो भी स्थितियां बन रही हों। उन सभी में रुकावट आने लगती है। सिर धोना, भारी कपड़े धोना, बाल कटवाना तथा शेविंग करवाना, शरीर के बालों को साफ करना, फेशियल करना, नाखून काटना, घर से मकड़ी के जाले साफ करना, घर के उन कोनों की सफाई करना जिन कोनों की रोज सफाई नहीं की जा सकती हो या पोंछा लगाना ये सभी काम गुरुवार को करना धन हानि का संकेत हैं। तरक्की को कम करने का संकेत हैं।गुरुवार धर्म का दिन होता है तथा ब्रह्मांड में स्थित नौ ग्रहों में से गुरु वजन में सबसे भारी ग्रह है। यही कारण है कि इस दिन हर वो काम जिससे कि शरीर या घर में हल्कापन आता हो। ऐसे कामों को करने से मना किया जाता है क्योंकि ऐसा करने से गुरु ग्रह हल्का होता है। यानी कि गुरु के प्रभाव में आने वाले कारक तत्वों का प्रभाव हल्का हो जाता है। गुरु धर्म व शिक्षा का कारक ग्रह है। गुरु ग्रह को कमजोर करने से शिक्षा में असफलता मिलती है। साथ ही धार्मिक कार्यों में झुकाव कम होता चला जाता है। शास्त्रों में गुरुवार को महिलाओं को बाल धोने से इसलिए मनाही की गई है। क्योंकि महिलाओं की जन्मकुंडली में बृहस्पति पति का कारक होता है। साथ ही बृहस्पति ही संतान का कारक होता है। इस प्रकार अकेला बृहस्पति ग्रह संतान और पति दोनों के जीवन को बहुत प्रभावित करता है। बृहस्पतिवार को सिर धोना बृहस्पति को कमजोर बनाता है जिससे कि बृहस्पति के शुभ प्रभाव में कमी होती है। इसी कारण से इस दिन बाल भी नहीं कटवाना चाहिए जिसका असर संतान और पति के जीवन पर पड़ता है। उनकी उन्नति बाधित होती है।जिस प्रकार से बृहस्पति का प्रभाव शरीर पर रहता है। उसी प्रकार से घर पर भी बृहस्पति का प्रभाव उतना ही अधिक गहरा होता है। वास्तु अनुसार घर में ईशान कोण का स्वामी गुरु होता है। ईशान कोण का संबंध परिवार के नन्हे सदस्यों यानी कि बच्चों से होता है। साथ ही घर के पुत्र संतान का संबंध भी इसी कोण से होता है। ईशान कोण धर्म और शिक्षा की दिशा है। घर में अधिक वजन वाले कपड़ों को धोना, पुराना कबाड़ घर से बाहर निकालना, घर को धोना या पोछा लगाना। घर के ईशान कोण को कमजोर करता है। उससे घर के बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर शुभ प्रभाव में कमी आती है। जन्मकुंडली में गुरु ग्रह के प्रबल होने से उन्नति के रास्ते आसानी से खुलते हैं। यदि गुरु ग्रह को कमजोर करने वाले कार्य किए जाए तो प्रमोशन होने में रुकावटें आती है।गुरुवार को नहीं करना चाहिए नेल कटिंग और शेविंग भी। शास्त्रों में गुरु ग्रह को जीव कहा गया है। जीव मतलब जीवन। जीवन मतलब आयु। गुरुवार को नेल कटिंग और शेविंग करना आदि गुरु ग्रह को कमजोर करता है और जिससे जीवन शक्ति काफ़ी दुष्प्रभावित होती है। उम्र में से भी दिन कम करती है। 🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃💦🍃

+24 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 52 शेयर

🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻शुक्रवार, 18 सितंबर 2020🌻 सूर्योदय: 🌄 06:20 सूर्यास्त: 🌅 06:02 चन्द्रोदय: 🌝 06:43 चन्द्रास्त: 🌜19:16 अयन 🌕 दक्षिणायने (उत्तरगोलीय) ऋतु: ❄️ शरद शक सम्वत: 👉 1942 (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 2077 (प्रमादी) मास 👉 आश्विन पक्ष 👉 शुक्ल तिथि👉 प्रतिपदा 👉 12:50 तक नक्षत्र 👉 उत्तराफाल्गुनी 07:00 तक योग 👉 शुक्ल 11:53 तक करण 👉 बव 12:50 तक बालव 10:59 तक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कन्या चंद्र 🌟 कन्या मंगल 🌟 मेष (उदित, पूर्व, वक्री) बुध 🌟 कन्या (अस्त, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 धनु (उदित, पश्चिम, मार्गी) शुक्र 🌟 कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 11:46 से 12:35 अमृत काल 👉 10:50 से 12:15 विजय मुहूर्त 👉 14:13 से 15:02 गोधूलि मुहूर्त 👉 06:06 से 06:30 निशिता मुहूर्तरात्रि 👉 11:47 से 12:34 राहुकाल 👉 10:39 से 12:11 राहुवास 👉 दक्षिण-पूर्व यमगण्ड 👉 15:14 से 16:46 दुर्मुहूर्त 👉 08:30 से 09:19 , 12:35 से 15:48 होमाहुति 👉 सूर्य दिशा शूल 👉 पश्चिम नक्षत्र शूल 👉 उत्तर से 07:00 तक अग्निवास 👉 पृथ्वी 12:50 तक चन्द्र वास 👉 दक्षिण 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - चर २ - लाभ ३ - अमृत ४ - काल ५ - शुभ ६ - रोग ७ - उद्वेग ८ - चर ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - रोग २ - काल ३ - लाभ ४ - उद्वेग ५ - शुभ ६ - अमृत ७ - चर ८ - रोग नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (दही का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ पुरुषोत्तम मास आरम्भ, चंद्रदर्शन आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज 07:00 तक जन्मे शिशुओ का नाम उत्तराफाल्गुनी चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (पी) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम हस्त नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमश (पू, ष, ण, ठ) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय लग्न मुहूर्त सिंह 03:49 से 06:07 कन्या 06:07 से 08:25 तुला 08:25 से 10:46 वृश्चिक 10:46 से 13:06 धनु 13:06 से 15:09 मकर 15:09 से 16:50 कुम्भ 16:50 से 18:16 मीन 18:16 से 19:40 मेष 19:40 से 21:13 वृषभ 21:13 से 23:08 मिथुन 23:08 से 01:23 कर्क 01:23 से 03:45 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पंचक रहित मुहूर्त शुभ - शुभ 06:03 से 07:00 रोग - अमंगल 07:00 से 08:17 शुभ - शुभ 08:17 से 10:38 मृत्यु - विपत्ति 10:38 से 12:50 अग्नि - संकट 12:50 से 12:58 शुभ - शुभ 12:58 से 03:01 रज - अशुभ 03:01 से 04:42 शुभ - शुभ 04:42 से 06:08 चोर - अनिष्ट 06:08 से 07:32 रज - अशुभ 07:32 से 09:05 शुभ - शुभ 09:05 से 11:00 चोर - अनिष्ट 11:00 से 01:15 शुभ - शुभ 01:15 से 03:37 शुभ - शुभ 03:37 से 04:07 रोग - अमंगल 04:07 से 05:56 शुभ - शुभ 05:56 से 06:04 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन भी आपके लिये शुभ फलदायी रहेगा दिन घरेलू सुख-शांति दायक रहेगा। दिन भर शारीरिक व मानसिक रूप से चुस्त रहेंगे पुराने रोग में सुधार आने से राहत मिलेगी। कार्य क्षेत्र पर कम समय देंगे इसमे भी नए प्रयोगों में रूचि दिखाएंगे। सहयोगात्मक वातावरण रहने से आवश्यक कार्य समय पर पूरा कर लेंगे सीधे की अपेक्षा अनैतिक मार्ग से लाभ होने की संभावना रहेगी कम समय में अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मध्यान पश्चात मित्र-परिजनों के साथ मनोरंजन के अवसर मिलेंगे धार्मिक कार्यो में भी उपस्थिति देंगे। उत्तम भोजन वाहन सुख मिलेगा। सार्वजनिक जीवन अधिक बेहतर बनेगा उधारी वाले परेशान कर सकते है। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज का दिन आपको मिश्रित फल देगा। बुद्धि विवेक रहने पर भी मन में राग-द्वेष की भावना रहने से किसी प्रिय से दूरी बन सकती है। प्रातः काल से ही बाहर घूमने-फिरने का मन बनेगा मध्यान बाद का अधिकांश समय मनोरंजन में व्यतीत करेंगे कार्य क्षेत्र पर आवेश में आकार किसी से झगड़ा मोल लेंगे। क्रय-विक्रय के व्यापार से लाभ होगा विदेशी वस्तुओ के व्यापार में निवेश आगे के लिये लाभदायक रहेगा। प्रेम प्रसंगों में आपसी सम्बन्ध बिगड़ेंगे। संध्या बाद असंयमित दिनचर्या से थकान रहेगी गैस-कब्ज-पित्त के रोग से परेशानी होगी। संध्या के समय आकस्मिक खर्च के साथ लाभ के योग भी है। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन आपके लिए अधिक परिश्रम वाला रहेगा। परिश्रम के बाद भी कार्यो में विलम्ब होने से हताशा बढ़ेगी। दिन का अधिकांश समय अशान्त रहेगा। छोटी सी बात पर घरेलु कलह विकराल रूप ले सकती है। मन में नकारात्मकता हावी रहने से कई बार दुविधा की स्थिति बनेगी। नए कार्यो को आज आरम्भ न करें प्रलोभन में पड़ने से हानि हो सकती है। आकस्मिक यात्रा के योग बनेंगे यात्रा में चोटादि का भय है सावधान रहें। सरकारी दस्तावेजो को संभाल कर रखें। संतान के कारण हानि हो सकती है। किसी विदेशी अथवा दूर रहने वाले व्यक्ति से लाभ हो सकता है। क्रोध पर संयम रखें। सेहत ठीक रहेगी लेकिन मन पर संयम नही रहेगा। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज का दिन भी आपके लिए शुभफलदायी रहेगा। दिन के आरंभ में थोड़ी सुस्ती दिखाएंगे काम की अपेक्षा आराम का मन रहेगा लेकिन मध्यान के समय आज आप अपने कार्यो को उत्साह से निर्धारित समय पर पूर्ण कर पाएंगे। नए कार्यो का आरम्भ अथवा व्यापार में निवेश लाभदायक सिद्ध होगा लेकिन विदेशी वस्तुओ के व्यापार में आज निवेश ना करें। कार्य क्षेत्र या घर में परिवर्तन अथवा साज सज्जा में बदलाव भी कर सकते है समाज के प्रतिष्ठित लोगो से सम्मान मिलेगा लेकिन आर्थिक लाभ थोड़ा विलम्ब से होगा। दाम्पत्य सुख उत्तम रहेगा सुख सुविधा जुटाने पर खर्च करेंगे आकस्मिक यात्रा से लाभ होगा। संध्या के समय पेट सम्बंधित परेशानी हो सकती है। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन आपको मिश्रित फल प्रदान करेगा। प्रातःकाल से ही शारीरिक थकान व कमजोरी अनुभव होने से आलस्य बढ़ेगा। कार्य क्षेत्र पर भी आज का दिन सामान्य रहेगा। लाभ के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ेगा। मन में यात्रा पर्यटन के विचार बनेंगे। धार्मिक स्थान की यात्रा हो सकती है। सामाजिक कार्यो में रूचि रहने से प्रशंशा मिलेगी। आप अपनी व्यवहार कुशलता और संतोषि स्वभाव से सम्मानित होंगे। आज उधारी वसूलने में परेशानी आ सकती है। घर में मेहमानों के आने से वातावरण आनंदित होगा। पारिवारिक खर्च बढ़ने से परेशानी भी होगी। संध्या का समय अत्यन्त थकान वाला रहेगा। बाहर का खाना पेट खराब करेगा संयम बरते। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन आपके लिए सुख-शांति वाला रहेगा। मित्र-परिजन के साथ मनोरंजन के लिए पर्यटक स्थल पर जाने का अवसर मिलेगा। खर्च अधिक रहने से धन सम्बंधित समस्याएं भी बनेंगी। पारिवारिक सदस्यों का आज कार्य क्षेत्र पर सहयोग मिलेने से थोड़े परिश्रम के बाद आशा से अधिक लाभ प्राप्त करेंगे। परिवार में उल्लास का वातावरण रहेगा आज आप मित्र परिजनों के साथ ज्यादा समय बिताना पसंद करेंगे। फिजूल खर्ची से बचें। महिलाओ का शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहने से अधूरे कार्यो को उत्साह से पूर्ण करेंगी लेकिन मिजाज का पता नही रहेगा रंग में भंग भी डाल सकती है। संताने जिद कर बजट से अधिक खर्च करवाएंगी। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन आपके लिए प्रतिकूल परिस्थितियों वाला रहेगा जहां से लाभ की उम्मीद रहेगी वहां से निराशा मिलेगी। मध्यान तक मन में किसी अरिष्ट की आशंका से भयभीत रहेंगे। क्रोध भी आज अधिक रहने से व्यर्थ विवाद की संभावना अधिक रहेगी। किसी ग़लतफ़हमी के कारण स्वजनों से मनमुटाव होगा कार्य क्षेत्र पर भी हानि के योग है। संतान से पुराने मतभेद उभरने से पारिवारिक वातावरण अशान्त होगा। आर्थिक स्थिति बिगड़ने से कर्ज लेना पड़ सकता है। कार्य क्षेत्र पर आरंभिक बिक्री के बाद आज उदासीनता छायी रहेगी। बीमारी पर खर्च होगा। बुजुर्गो के साथ समय बिताएं मार्गदर्शन मिलेगा। यात्रा से लाभ कम थकान ज्यादा होगी। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन भी आपके अनुकूल रहेगा। आज दिन भर शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति रहेगी। आपका सामाजिक व्यवहार बढ़ेगा दिन के पूर्वार्ध में आपके समस्त कार्य सरलता से बनते चले जायेंगे लेकिन लाभ के लिए इन्तजार करना पड़ेगा धन को लेकर किसी से बहस भी होगी। नौकरी पेशाओ को अतिरिक्त कार्य मिलने से असुविधा होगी काम लापरवाही से करेंगे। मध्यान के बाद का समय मनोरंजन में बिताएंगे। मित्रो के साथ बाहर घूमने का अवसर मिलेगा। ससुराल से लाभ होगा। पारिवारिक दायित्व बढ़ने से व्यस्तता रहेगी। स्वभाव में भावुकता एवं कामुकता अधिक रहने से अन्य व्यक्ति इसका गलत फायदा उठा सकता है। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज का दिन आपके अनुकूल रहेगा। आज कार्यो में मनचाही सफलता मिलने से प्रसन्न रहेंगे। लेकिन सरकारी कार्य करने के लिए आज का दिन ठीक नही उलझने बढ़ेंगी अधूरे रहेंगे। आज घर एवं बाहर क्लेश मुक्त वातावरण बनने से राहत मिलेगी रिश्तेदारो से लाभ के अवसर मिलेंगे। नौकरीपेशा जातको को मेहनत का उचित फल मिलेगा विरोधियो पर विजय प्राप्त करेंगे कोई शुभ समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकारों के लिए आज का दिन विशेष लाभदायक रहेगा। मित्र परिजनों के साथ संध्या का समय आनंद से बितायेंगे। महिला मित्र से मधुर मुलाकात होगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज का दिन आपके लिये पहले की तुलना में शांति दायक रहेगा आज आध्यत्म में विशेष रूचि रहेगी पूजन-सत्संग का आयोजन करेंगे शुभ धार्मिक यात्रा पर भी जा सकते है। अधूरे कार्यो के पूर्ण होने में विलम्ब होने से हताश होंगे परंतु प्रयास करते रहे थोड़े परिश्रम के बाद सफलता मिल सकती है। पूँजी निवेश के लिए आज का दिन शुभ नहीं है। उगाही से लाभ होगा कार्य क्षेत्र पर स्त्री का सहयोग मिलेगा। परिजनों के साथ मित्रवत व्यवहार रहेगा। पारिवारिक दायित्वों की पूर्ति के कारण खर्च बढ़ने से असहज अनुभव करेंगे। आज किसी भी प्रकार के उधार व्यवहार से बचे। सेहत ठीक रहेगी लेकिन अपने कामो को छोड़ अन्य का काम करने में आलस्य दिखाएंगे। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज का दिन विपरीत फलदायी रहने से आप शारीरिक अस्वस्थ्यता अनुभव करेंगे। रक्तविकार अथवा सर्दी लगने से परेशानी होगी। कार्य क्षेत्र पर अतिरिक्त कार्य भार रहने से थकान अनुभव होगी असंयमित एवं क्रोधी व्यवहार के कारण बने हुए कार्य विवाद की भेंट चढ़ सकते है। नए कार्यो का आरंभ आज ना करें ना ही किसी को उधार दें। मध्यान बाद तक अपने आपको अकेला अनुभव करेंगे। इसके बाद परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलने लगेगा लेकिन घरेलू आवश्यकताओं को नजरअंदाज करने से अशांति बढ़ेगी। संध्या के समय सेहत प्रतिकूल रहने पर भी मनोरंजन के अवसर तलाशेंगे। आज फिजूल खर्च से बचे ऐसे ही खर्च अधिक रहेंगे। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज का दिन आपके लिए व्यस्तता से भरा रहेगा। दिन आप के लिए लाभदायक रहेगा। आज स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा।बीते दिनों की तुलना में आज कार्यो में आसानी से सफलता मिलने से आत्मविश्वाश बढ़ेगा। घर एवं कार्य क्षेत्र पर व्यवस्थाएं सुधारने में अधिक समय देंगे बदलाव लाने के लिए खर्च भी कर सकते है। आर्थिक लाभ के लिए अधिक प्रयत्न करना पड़ेगा मध्यान के समय किसी मनोकामना की पूर्ति होने से प्रसन्न रहेंगे। परिवार के साथ मिलकर किसी शुभ आयोजन या पर्यटन के अवसर मिलेंगे ननिहाल पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। लेकिन सरकार की तरफ से अशुभ समाचार भी मिल सकते है। यात्रा से थकान होगी। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️

+29 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 7 शेयर

*** 2077 - आज का हिंदू पंचांग -1942*** ( 18.09.2020) श्री ज्योतिष सेवाश्रम भीलवाड़ा (राजस्थान) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 उद्देश्य ज्योतिष विद्या संरक्षण प्रसार प्रशिक्षण शुभ शुक्रवार - शुभ प्रभात् _________________________________ __विभिन्न शहरों के लिये समयांतर संस्कार __ (लगभग-वास्तविकता के समीप) दिल्ली +10मिनट--------- -जोधपुर --6 मिनट जयपुर +5 मिनट-------अहमदाबाद--8 मिनट कोटा +5 मिनट--------------मुंबई --7 मिनट लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर--5 मिनट ---------------------------------------------------------- --------------------आज विशेष----------------- -गायत्री मंत्र आराधना के विविध संपुट प्रयोग-- --------------------------------------------------------- दिनांक..............................18.09.2020 कलियुग संवत्..............................5122 विक्रम संवत.................................2077 शक संवत...................................1942 संवत्सर..................................श्री प्रमादी अयन.........................................दक्षिण गोल............................................ उत्तर ऋतु.............................................शरद मास.........................................आश्विन पक्ष........................................... शुक्ला तिथि....प्रतिपदा.अपरा. 12.50 तक / द्वितीया वार..........................................शुक्रवार नक्षत्र....... ..उ.फाल्गु. प्रातः 6.59 तक / हस्त चंद्र राशि............... .कन्या. संपूर्ण (अहोरात्र) योग..............शुक्ल. रात्रि. 7.41 तक / ब्रह्मा करण....................बव. अपरा. 12.50 तक करण........बालव. रात्रि. 10.59 तक / कौलव ---------------------------------------------------------- सूर्योदय...............................6.19.42 पर सूर्यास्त................................6.30.50 पर दिनमान.................................12.11.08 रात्रिमान................................11.49.14 सूर्य राशि.............. ..(कन्या) 05.01.26.47 चंद्रमा.....................(कन्या) 05.09.35.16 चंद्रोदय.................प्रातः. 6.59.18 AM पर चंद्रास्त..................रात्रि. 7.30.44 PM पर राहुकाल....पूर्वाह्न. 10.54 से 12.25 (अशुभ) यमघंट..........अपरा. 3.28 से 4.59 (अशुभ) अभिजित...... (मध्या.)12.01 से 12.50 तक पंचक................................. आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)............ ..आज है दिशाशूल............................. पश्चिम दिशा दोष निवारण........जौ का सेवन कर यात्रा करें ___________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)......(केवल शुभ कारक) चंचल..................प्रातः 6.20 से 7.51 तक लाभ...................प्रातः 7.51 से 9.22 तक अमृत................प्रातः 9.22 से 10.54 तक शुभ................अपरा. 12.25 से 1.57 तक चंचल................. सायं. 4.59 से 6.31 तक लाभ...............रात्रि. 9.28. से 10.57 तक शुभ.....रात्रि. 12.25 AM से 1.54 AM तक अमृत.....रात्रि. 1.54 AM से 3.23 AM तक चंचल.....रात्रि. 3.23 AM से 4.51 AM तक __________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ___________________________________ आज जन्मे शिशुओं का नक्षत्र चरण के अनुसार नामकरण हेतु नामाक्षर. 06.56 AM तक-----उ.फाल्गु---4------(पी) 12.16 PM तक----------हस्त--1-------(पू) 05.32 PM तक----------हस्त--2-------(ष) 10.49 PM तक----------हस्त--3-------(ण) 04.06 AMतक-----------हस्त--4-------(ठ) उपरांत रात्रि तक----------चित्रा--1-------(पे) (पाया - चांदी) _______सभी की राशि कन्या रहेगी________ ___________________________________ ____________आज का दिन____________ व्रत विशेष.......................................नहीं दिन विशेष.................. चंद्र दर्शन सायंकाल दिन विशेष................ पुरुषोत्तम मास प्रारंभ सर्वा.सिद्ध योग................................ नहीं सिद्धरवियोग....................................नहीं ___________________________________ _____________कल का दिन___________ दिनांक............................. .19.09.2020 तिथि.. आश्विन शुक्ला द्वितीया शनिवार/तृतीया व्रत विशेष.......................................नहीं दिन विशेष......................................नहीं दिन विशेष................. पुरुषोत्तम मास जारी सर्वा.सिद्ध योग...... रात्रि. 1.19 से रात्रि पर्यंत सिद्धरवियोग....................................नहीं _________________________________ गायत्री मन्त्र के साथ कौन सा सम्पुट लगाने पर क्या फल मिलता है!! ॐ भूर्भुव: स्व : ॐ ह्रीं तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ श्रीं भर्गो देवस्य धीमहि ॐ क्लीं धियो यो न: प्रचोदयात ॐ नम:! ॐ भूर्भुव: स्व : ॐ ह्रीं तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ श्रीं भर्गो देवस्य धीमहि ॐ क्लीं धियो यो न: प्रचोदयात ॐ नम:! ॐ भूर्भुव: स्व : ॐ ऐं तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ क्लीं भर्गो देवस्य धीमहि ॐ सौ: धियो यो न: प्रचोदयात ॐ नम:! ॐ श्रीं ह्रीं ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ ऐं ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं ॐ क्लीं ॐ भर्गोदेवस्य धीमहि ॐ सौ: ॐ धियो यो न: प्रचोदयात ॐ ह्रीं श्रीं ॐ!! गायत्री जपने का अधिकार जिसे नहीं है वे नीचे लिखे मन्त्र का जप करें! ह्रीं यो देव: सविताSस्माकं मन: प्राणेन्द्रियक्रिया:! प्रचोदयति तदभर्गं वरेण्यं समुपास्महे !! सम्पुट प्रयोग गायत्री मन्त्र के आसपास कुछ बीज मन्त्रों का सम्पुट लगाने का भी विधान है जिनसे विशिष्ट कार्यों की सिद्धि होती है ! बीज मन्त्र इस प्रकार हैं। 1-ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ~ का सम्पुट लगाने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है! 2-ॐ ऐं क्लीं सौ:~ का सम्पुट लगाने से विद्या प्राप्ति होती है! 3-ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ~ का सम्पुट लगाने से संतान प्राप्ति, वशीकरण और मोहन होता है! 4-ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ~ का सम्पुट के प्रयोग से शत्रु उपद्रव, समस्त विघ्न बाधाएं और संकट दूर होकर भाग्योदय होता है! 5-ॐ ह्रीं ~ इस सम्पुट के प्रयोग से रोग नाश होकर सब प्रकार के ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है! 6-ॐ आँ ह्रीं क्लीं ~ इस सम्पुट के प्रयोग से पास के द्रव्य की रक्षा होकर उसकी वृद्धि होती है तथा इच्छित वस्तु की प्राप्ति होती है! इसी प्रकार किसी भी मन्त्र की सिद्धि और विशिष्ट कार्य की शीघ्र सिद्धि के लिए भी दुर्गा सप्तशती के मन्त्रों के साथ सम्पुट देने का भी विधान है! गायत्री मन्त्र समस्त मन्त्रों का मूल है तथा यह आध्यात्मिक शान्ति देने वाले हैं!! गायत्री शताक्षरी मन्त्र " ॐ भूर्भुव: स्व : तत्सवितुर्वरेण्यं, भर्गो देवस्य धीमहि! धियो यो न: प्रचोदयात! ॐ जातवेदसे सुनवाम सोममराती यतो निदहाति वेद:! स न: पर्षदतिदुर्गाणि विश्वानावेव सिंधु दुरितात्यग्नि:! ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धि पुष्टिवर्धनम! उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात !!" शास्त्र में कहा गया है कि गायत्री मन्त्र जपने से पहले गायत्री शताक्षरी मन्त्र की एक माला अवश्य कर लेनी चाहीये! माला करने पर मन्त्र में चेतना आ जाती है. जय जय श्री राधे जय जय श्री कृष्णा. हरि ॐ. संकलन-श्री ज्योतिष सेवाश्रम भीलवाड़ा(राज) ___________________________________ आज का राशिफल... मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो आज आपका ग़ुस्सा राई का पहाड़ बना सकता है, जो आपके परिवार को नाराज़ कर सकता है। वे लोग ख़ुशक़िस्मत हैं जो अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रख सकते हैं। इससे पहले कि आपका ग़ुस्सा आपको ख़त्म करे, आप उसे ख़त्म कर दें। आज के दिन आपको अपने उन दोस्तों से बचकर रहने की जरुरत है जो आपसे उधार मांगते हैं और फिर उसे लौटाते नहीं हैं। अपने बच्चों के साथ एक दोस्ताना रिश्ता विकसित करें। पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे आने वाले अच्छे वक़्त की ओर देखें। आपकी कोशिशें फलदायी रहेंगी। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। व्यवसाय के लिए अचानक की गयी कोई यात्रा सकारात्मक परिणाम देगी। अपने काम से आराम लेकर आज आप कुछ समय अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं। आज से पहले शादीशुदा ज़िन्दगी इतनी अच्छी कभी नहीं रही। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) सेहत से जुड़ी समस्याएँ आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं। आज आपके ऑफिस का कोई सहकर्मी आपकी कीमती वस्तु चुरा सकता है इसलिए आज आपको अपना सामान ध्यान से रखने की जरुरत है। लोग आपको आशाएँ और सपने देंगे, लेकिन असल में सारा दारोमदार आपके प्रयासों पर रहेगा। हालाँकि प्यार में निराशा हाथ लग सकती है लेकिन हिम्मत मत हारिए क्योंकि आखिर में जीत सच्चे प्यार की ही होती है। संयम और साहस का दामन थामे रखें। ख़ास तौर पर तब जब दूसरे आपका विरोध करें, जिसकी कामकाज के दौरान संभावना है। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ आज समय गुजारेंगे लेकिन किसी पुरानी बात के फिर से सामने आने की वजह से आप दोनों के बीच कहासुनी होने की आशंका है। जीवनसाथी के साथ कुछ तनातनी मुमकिन है, लेकिन शाम के खाने के साथ चीज़ें भी सुलझ जाएंगी। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज दोस्त से मिली ख़ास तारीफ़ ख़ुशी का ज़रिया बनेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने अपनी ज़िंदगी को पेड़ की तरह बना लिया है, जो ख़ुद तपती धूप में खड़ा होकर और उसे सहकर भी राहगीरों को छांव देता है। आज के दिन निवेश करने से बचना चाहिए। अपने मित्रों या संबंधियों को अपना आर्थिक काम-काज और रुपये-पैसे का प्रबंधन न करने दें, नहीं तो जल्दी ही आप आपने तयशुदा बजट से कहीं आगे निकल जाएंगे। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। सहकर्मियों के साथ काम करते वक़्त युक्ति और चतुरता की ज़रूरत होगी। आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा। आपको और आपके जीवनसाथी को कोई बहुत सुखद ख़बर सुनने को मिल सकती है। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज आप भाग्य पर निर्भर न रहें और अपनी सेहत को सुधारने की कोशिश करें, क्योंकि क़िस्मत ख़ुद बहुत आलसी होती है। व्यापाार में मुनाफा आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। अपने दोस्त से बहुत लम्बे समय बाद मिलने का ख़याल आपके दिल की धड़कन को बढ़ा सकता है। यह उन उम्दा दिनों में से एक दिन है जब कार्यक्षेत्र में आप अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपका बॉस भी आपके काम से खुश होगा। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। एक नज़दीकी रिश्तेदार ख़ुद के लिए आपका ज़्यादा ध्यान चाहेगा, हालाँकि वह काफ़ी मददगार और ख़याल रखने वाला होगा। शाम ढलते-ढलते कोई आकस्मिक रुमानी झुकाव आपके दिलोदिमाग़ पर छा सकता है। आपकी क़ामयाबी में महिलाएँ अहम किरदार अदा करेंगी, चाहे आप किसी भी क्षेत्र में क्यों न हों। अपने बच्चों को आज समय का सदुपयोग करने की सलाह दे सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपको इतना बेहतरीन पहले कभी महसूस नहीं हुआ। आपको उनसे कोई बढ़िया सरप्राइज़ मिल सकता है। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आलस्य और कम ऊर्जा-स्तर आपके शरीर के लिए ज़हर काम करेंगे। किसी सृजनात्मक काम में ख़ुद को व्यस्त रखना बेहतर रहेगा। साथ ही बीमारी से जूझने के लिए ख़ुद को उत्साहित करते रहें। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। कोई दोस्त अपनी निजी समस्याओं के समाधान के लिए आपसे मश्वरा मांग सकता है। आपका होना इस दुनिया को आपके प्रिय के लिए रहने के क़ाबिल बनाता है। आज कार्यालय में आपको कुछ अच्छा समाचार सुनने को मिल सकता है। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते आज अच्छी सेहत के चलते आप किसी खेल-कूद की प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकते हैं। अगर आप छात्र हैं और विदेशों में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं तो घर की आर्थिक तंगी आज आपके माथे पर शिकन ला सकती है। दूसरों के मामलों में दख़ल देने से आज बचें। आज हो सकता है कि पहली नज़र में ही आपको कोई पसंद कर ले। आप महसूस करेंगे कि आपकी रचनात्मकता कहीं खो गयी है और फ़ैसले करने में आपको ख़ासी दिक़्क़त का सामना करना पड़ेगा। जो लोग घर सेे बाहर रहते हैं आज वो अपने सारे काम पूरे करके शाम के समय किसी पार्क या एकांत जगह पर समय बिताना पसंद करेंगे। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ बहुत ख़ास करने वाला है। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आप बेकार के ख़यालों में अपनी ऊर्जा बर्बाद न करें, बल्कि इसे सही दिशा में लगाएँ। माली सुधार की वजह से ज़रूरी ख़रीदारी करना आसान रहेगा। घर में मरम्मत का काम या सामाजिक मेल-मिलाप आपको व्यस्त रखेगा। शाम को प्रिय के साथ रोमांटिक मुलाक़ात और साथ में कहीं लज़ीज़ खाना खाने के लिहाज़ से बढ़िया दिन है। तब तक कोई वादा न करें, जब तक आप ख़ुद यह न जानते हों कि आप उसे हर क़ीमत पर पूरा करेंगे। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। यह शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक है। आपको प्रेम की गहराई का अनुभव करेंगे। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज स्वास्थ्य के लिहाज़ से बहुत अच्छा दिन है। आपकी ख़ुशमिज़ाजी ही आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी करेगी। जिन लोगों नेे अतीत में अपना धन निवेश किया था आज उस धन से लाभ होने की संभावना बन रही है। रिश्तेदारों के यहाँ छोटी यात्रा आपके भागदौड़ भरे दिन में आराम और सुकून देने वाली साबित होगी। सावधान रहें, क्योंकि प्यार में पड़ना आज के दिन आपके लिए दूसरी कठिनाइयाँ खड़ी कर सकता है। रचनात्मक काम में लगे लोगों के लिए सफलता से भरा दिन है, उन्हें वह शौहरत और पहचान मिलेगी जिसकी उन्हें एक अरसे से तलाश थी। चंंद्रमा की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि आज आपके पास काफी खाली वक्त होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप वो काम नहीं कर पाएंगे जो आपको करना था। आपके और आपके जीवनसाथी के बीच कोई बाहरी व्यक्ति दूरी पैदा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आप दोनों चीज़ें संभाल लेंगे। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज अगर आप पर्याप्त आराम नहीं कर रहें है तो आप बहुत ज़्यादा थकान महसूस करेंगे और आपको अतिरिक्त आराम की ज़रूरत होगी। आर्थिक तौर पर सुधार के चलते आप आसानी से काफ़ी वक़्त से लंबित बिल और उधार चुका सकेंगे। ऐसे कामों में सहभागिता करने के लिए अच्छा समय है, जिसमें युवा लोग जुड़े हों। आज आपके दिल की धड़कनें अपने प्रिय के साथ ताल-से-ताल मिलाती मालूम होंगी। जी हाँ, यह प्यार का ही ख़ुमार है। भागीदार आपकी योजनाओं और व्यावसायिक ख़यालों के प्रति उत्साही होंगे। खाली समय का पूरा आनंद उठाने के लिए आपको लोगों से दूर होकर अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। ऐसा करके आपमें सकारात्मक बदलाव भी आएंगे। यूँ तो जीवन हमेशा कुछ नया और चौंकाने वाली चीज़ आपके सामने लाता है। लेकिन आज आप अपने जीवनसाथी का एक अनोखा पहलू देखकर ख़ुशी से चौंक जाएंगे। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज हँसी की चमक के साथ उजला दिन है, जब ज़्यादातर चीज़ें आपके मन के मुताबिक़ होंगी। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ आराम के पल बिताएँ। आज अचानक किसी से रोमांटिक मुलाक़ात हो सकती है। आज ऑफिस में आपको अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे। आपका कोई खास ही आज आपके साथ विश्वासघात कर सकता है। जिसकी वजह से आप दिनभर परेशान रह सकते हैं। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने का कोशिश संतोषजनक साबित होगी। रोज़मर्रा की शादीशुदा ज़िन्दगी में आज का दिन लज़ीज़ मिठाई जैसा है। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज दोस्तों का रुख़ सहयोगी रहेगा और वे आपको ख़ुश रखेंगे। जल्दबाज़ी में फ़ैसले न लें- ख़ासतौर पर अहम आर्थिक सौदों में मोलभाव करते वक़्त। कुछ लोग जितना कर सकते हैं, उससे कई ज़्यादा करने का वादा कर देते हैं। ऐसे लोगों को भूल जाएँ जो सिर्फ़ गाल बजाना जानते हैं और कोई परिणाम नहीं देते। आपकी आँखें चमकने लगेंगी और धड़कनें तेज़ हो जाएंगी, आज जब आप अपनी सपनों की राजकुमारी से मिलेंगे। आज आपने जो नई जानकारी हासिल की है, वह आपको अपने प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिलाएगी। इस राशि के जातक आज खाली वक्त में रचनात्मक काम करने का प्लान तो बनाएंगे लेकिन उनका यह प्लान पूरा नहीं हो पाएगा। वैवाहिक जीवन के लिए विशेष दिन है। अपने जीवनसाथी को बताएँ कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। __________________________________ पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवाश्रम भीलवाड़ा (राजस्थान) __________________________________

+9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 9 शेयर
Renu Singh Sep 16, 2020

+1077 प्रतिक्रिया 226 कॉमेंट्स • 179 शेयर
Renu Singh Sep 16, 2020

+1478 प्रतिक्रिया 251 कॉमेंट्स • 779 शेयर

पाप कर्म व फल --------------------- धार्मिक मान्यता अनुसार नरक वह स्थान है जहां पापियों की आत्मा दंड भोगने के लिए भेजी जाती है। दंड के बाद कर्मानुसार उनका दूसरी योनियों में जन्म होता है। कहते हैं कि स्वर्ग धरती के ऊपर है तो नरक धरती के नीचे यानी पाताल भूमि में हैं। इसे अधोलोक भी कहते हैं। अधोलोक यानी नीचे का लोक है। ऊर्ध्व लोक का अर्थ ऊपर का लोक अर्थात् स्वर्ग। मध्य लोक में हमारा ब्रह्मांड है। सामान्यत: 1.उर्ध्व गति, 2.स्थिर गति और 3.अधोगति होती है जोकि अगति और गति के अंतर्गत आती हैं। कुछ लोग स्वर्ग या नरक की बातों को कल्पना मानते हैं तो कुछ लोग सत्य। जो सत्य मानते हैं उनके अनुसार मति से ही गति तय होती है कि आप अधोलोक में गिरेंगे या की ऊर्ध्व लोक में। हिन्दू धर्म शास्त्रों में उल्लेख है कि गति दो प्रकार की होती है 1.अगति और 2. गति। अगति के चार प्रकार है- 1.क्षिणोदर्क, 2.भूमोदर्क, 3. अगति और 4.दुर्गति।... और गति में जीव को चार में से किसी एक लोक में जाना पड़ता है। गति के अंतर्गत चार लोक दिए गए हैं: 1.ब्रह्मलोक, 2.देवलोक, 3.पितृलोक और 4.नर्कलोक। जीव अपने कर्मों के अनुसार उक्त लोकों में जाता है। जब मरता है व्यक्ति तो चलता है इस मार्ग पर... पुराणों के अनुसार जब भी कोई मनुष्य मरता है या आत्मा शरीर को त्यागकर यात्रा प्रारंभ करती है तो इस दौरान उसे तीन प्रकार के मार्ग मिलते हैं। ऐसा कहते हैं कि उस आत्मा को किस मार्ग पर चलाया जाएगा यह केवल उसके कर्मों पर निर्भर करता है। ये तीन मार्ग हैं- अर्चि मार्ग, धूम मार्ग और उत्पत्ति-विनाश मार्ग। अर्चि मार्ग ब्रह्मलोक और देवलोक की यात्रा के लिए होता है, वहीं धूममार्ग पितृलोक की यात्रा पर ले जाता है और उत्पत्ति-विनाश मार्ग नर्क की यात्रा के लिए है।

+18 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 13 शेयर
Anilkumar Tailor Sep 17, 2020

+8 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 14 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB