गोलू
गोलू Jan 19, 2021

https://youtu.be/skTNhG03yrg॥ श्री राधे ॥

https://youtu.be/skTNhG03yrg॥ श्री राधे ॥

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👉शंख को पवित्र क्यों माना जाता है, जबकि यह एक जीव के शरीर का अवशेष होता है? हिन्दू धर्म में पूजा स्थल पर शंख रखने की परंपरा है क्योंकि शंख को सनातन का प्रतीक माना जाता है। शंख निधि तथा प्रतिनिधि का प्रतीक है। संख बेशक इक समुद्री जीव घोंघा का बाहरी खोल से प्राप्त कीया जाता है जिसे वह जीव अपनी सुरक्षा के लिए धारण करता है परंतु शख को श्री हरी विष्णु ने धारण किया यह उनके दायें हाथ मे बिराजित होता है तथा यह समुद्र से उत्पन्न होने के कारण श्री लक्ष्मी जी के भाई हुए क्युकी लक्ष्मी जी की उत्पत्ति भी समुद्र से हुई थी इसलिए यह पवित्र माना जाता है ऐसा माना जाता है कि संख को घर के पूजास्थल में रखने से अनिष्टों का नाश होता है और सौभाग्य की वृद्धि होती है। स्वर्गलोक में अष्टसिद्धियों एवं नवनिधियों में शंख का महत्त्वपूर्ण स्थान है। शंख का महत्त्व अनादि काल से चला आ रहा है। शंख का हमारी पूजा से निकट का सम्बन्ध है। कहा जाता है कि शंख का स्पर्श पाकर जल गंगाजल के सदृश पवित्र हो जाता है। मन्दिर में शंख में जल भरकर भगवान की आरती की जाती है। आरती के बाद शंख का जल भक्तों पर छिड़का जाता है जिससे वे प्रसन्न होते हैं। जो भगवान कृष्ण को शंख में फूल जल और अक्षत रखकर उन्हें अर्ध्य देता है, उसको अनन्त पुण्य की प्राप्ति होती है। शंख में जल भरकर ऊँ नमोनारायण का उच्चारण करते हुए भगवान को स्नान कराने से पापों का नाश होता है।

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Harcharan Pahwa Feb 24, 2021

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sintu kasana Feb 22, 2021

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keshar lal Feb 23, 2021

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Ramesh Agrawal Feb 24, 2021

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Sajjan Singhal Feb 23, 2021

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Sajjan Singhal Feb 22, 2021

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