.....कृष्ण छठी की हार्दिक शुभ कामनाये........

.....कृष्ण छठी की हार्दिक शुभ कामनाये...........
बात कन्हैया की जन्म पश्चात की है,, बडा ही मनोरम समय था हर तरफ संगीत और बधाई के गीत बज रहे थे,, सारा नन्द ग्राम फूलों से सजा हुआ था,, हो भी क्यों न ,, आज कान्हा का छठा दिन जो था,, परन्तु ये क्या ,कानहा तो जोर जोर से रोये जा रहा था,,, हर कोई लल्ला को चुप करा ने का प्रयास कर रहा था,, मगर सब विफल... देव गण भी प्रभू की ये लीला देख अचंभित थे,, देवों ने ब्रह्मा जी से निराकरण के लिए कहा तो ब्रह्मा जी ने,, शक्ति स्वरूपणी महामाया को भेज दिया ,,, कान्हा को चुप कराने के लिए,, ये सुनके
महामाया आनंदित हो गई इस कार्य को पाकर ,,,, और भांति भांति के रूप बदल कर लल्ला को चुप करने की प्रयास करने लगी ,,, कभी फूल बनती तो कभी पक्षी ,,,, कभी इधर जाती तो कभी उधर जाती,,,, लल्ला चुप ,, सबको शांति मिली,,, लेकिन लल्ला अपनी सर को कभी इधर तो कभी उधर क्यों कर रहा है,,, फिर खुद ही मुस्कुरा रहा है,,, दरअसल माया की माया सिर्फ प्रभू देख रहे थे और कोई नहीं,,, और फिर लल्ला रोने लगे,,, तो माया ने कहा की हे ब्रह्मा जी प्रभू को भूख लगी है,,, और मैया को दूध नहीं आ रहा,, यही है प्रभु की रोने का कारन,। फिर ब्रह्मा जी के आशीर्वाद से यसोदा को छाती में दर्द महसूस हुआ,,, देखा तो दूध टपक रहा है,,, मैया ने झट से कान्हा को गोद में उठाई और छाती से लगा ली ,, दूध मुह में जाते ही लल्ला चुप हो गए,,, देव मानव सब हर्षित हो गए,,, परन्तु माया गुमसुम हो गई.. ब्रह्मा जी से ये छुपा ना रहा ,,, पूछा की क्या बात है?,, महामाया ने कहा की मुझे इसमें बड़ा आनंद आ रहा था,, ब्रह्मा जी ने मुस्कुराते हुए कहा ये बात है,,, आज से तुम छठी के रूप में हर बच्चे के छठे दिन पूजी जाओगी,,, साज सजावट और गीत संगीत से तुम्हारा स्वागत होगा,,और बिना किसी को दिखाई दिए हर बच्चे के साथ तुम आनंद कर पाओगी ,,, माया ने कहा की आपका बहुत बहुत धन्वाद प्रभु चुकी आपके आशीर्वाद से यशोदा को दूध आया ,,, इसीलिए छठी के दिन माँ के दूध पिने से बच्चे को वो दूध अमृत के सामान उपकारी हो और हर तरह के कष्ट को दूर करने वाली हो, ऐसा वर दें ,,,, तथास्तु ,, कह के ब्रह्मा जी अलक्षित हो गए,,, और तब से छठी पूजन (छठिहार)का प्रचलन है,,, और छठी के दूध का एक अलग महत्व है,
....,,,,......,,,,,......आओ सखी आओ रे गीत छठी के गाओ रे....
......,,,,......,,,,..... नन्द के लाला की छठी धूम धाम से मनाओ रे .....
.....,,,,,.......,,,,,......माखन मिश्री का भोग लगाया .....
.........,,,,.......,,,,,.....अब कढ़ी चावल बनाओ रे आओ सही आओ रे......
....,,,,,......,,,,,....जशोदा माई प्रेम करे हम सब भी स्नेह करे प्रेम से ले ले बलिया कामना लल्ला की दीर्घायु की करे.....
......आओ सखी आओ रे गीत छठी के गाओ रे....
.....कृष्ण छठी की हार्दिक शुभ कामनाये...........

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NEha sharma 💞💞 Mar 31, 2020

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SHRI KRISAN RATHI Mar 31, 2020

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Rameshanand Guruji Mar 31, 2020

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LAXMAN DAS Mar 31, 2020

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champalal m kadela Mar 31, 2020

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Prem singh Mar 31, 2020

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Anant Shukla Mar 31, 2020

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