Amar Nath Pandey ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में यह पोस्ट की।

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Geeta sahu. Oct 28, 2020

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Shanti Pathak Oct 28, 2020

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*🔸🔅 खुद को पहचानो 🔅🔸* 🌹 तुम भी परमात्मा को पा सकते हो 🌹 _💕एक बार की बात है कि एक बाज का अंडा मुर्गी के अण्डों के बीच आ गया कुछ दिनों बाद उन अण्डों में से चूजे निकले बाज का बच्चा भी उनमे से एक था वो उन्ही के बीच बड़ा होने लगा वो भी वही करता जो बाकी चूजे करते मिटटी में इधर-उधर खेलता दाना चुगता और दिन भर उन्ही की तरह चूँ-चूँ करता बाकी चूजों की तरह वो भी बस थोडा सा ही ऊपर उड़ पाता और पंख फड़-फडाते हुए नीचे आ जाता फिर एक दिन उसने एक बाज को खुले आकाश में उड़ते हुए देखा बाज बड़े शान से बेधड़क उड़ रहा था तब उसने बाकी चूजों से पूछा कि इतनी उचाई पर उड़ने वाला वो शानदार पक्षी कौन है..?_ _🔅तब चूजों ने कहा-” अरे वो बाज है पक्षियों का राजा, वो बहुत ही ताकतवर और विशाल है लेकिन तुम उसकी तरह नहीं उड़ सकते क्योंकि तुम तो एक चूजे हो!_ _🔅बाज के बच्चे ने इसे सच मान लिया और कभी वैसा बनने की कोशिश नहीं की वो बिना अपनी ताकत जाने ही चूजों की तरह रह कर अपनी ज़िन्दगी बिताने लगा_ _🔅एक दिन ऊपर उड़ने वाले बाज की नज़र उन चूजों के झुण्ड में पड़ी और देखा इन चूजों के झुण्ड में एक बाज जो चूजों की तरह ही हरकते कर रहा है थोड़ा ही ऊपर उड़ कर फड़फड़ाकर नीचे गिर जा रहा है._ _🔅बाज को उस पर तरस आ गया और उसके पास जा कर उसे कहने लगा तू तो बाज है तू इस चूजों के बीच रहकर क्या कर रहा है तू भी तो मेरी तरह ऊपर ऊँची उड़ान भर सकता है_ _🔅लेकिन चूजों के बीच बैठा बाज का वो जवान बच्चा इस बात को मानने को तैयार ही नही था वो कह रहा था नहीं मैं तो चूजा हूँ और मुझमे इतनी काबिलियत नहीं कि मैं तुम्हारी तरह ऊँची ऊँची उड़ान भर सकूँ_ _🔅तब बाज़ से रहा नही गया और उसने उस चूजे के बीच रहने वाले बाज के बच्चे को उसकी काबिलियत दिखाने के लिए उसे समझाने की कोशिश की, कि देख तेरे पंख भी मेरी तरह फैलते हैं चल तू मेरे साथ उड़ना शुरू कर लेकिन वो बाज का बच्चा फिर भी नही माना तो बाज ने चूजों के झुण्ड के बीच उस बाज़ के बच्चे को अपने पैर और चोंच से उठा कर ऊपर आसमान की उचाईयों में ले गया और उस ऊंचाई से ही उस जवान बाज के बच्चे को छोड़ दिया छूटते ही जवान बाज चिल्लाते हुए नीचे की और गिरने लगा ।_ _🔅तभी बाज़ ऊपर से जोर से चिल्ला चिल्ला कर कहने लगा तू बाज़ है तू बाज़ है तू अपने पँखों को फैला कर तो देख तू नीचे गिरते जा रहा है और निचे गिरते तेरी मौत निश्चित है इसलिए तू अपने आप को पहचान तू अपनी ताकत पहचान तेरा उड़ने का दायरा चूजों से कहीँ ज्यादा है._ _🔅उस बाज की आवाज़ सुनकर और खुद को ज़मीन की और गिरता देखकर बाज़ के बच्चे ने जैसे ही अपने पंख फैलने की कोशिश की उसके पँख पूरी तरह से फ़ैल गए और जैसे ही पंखों को हिलाया ऊपर की ओर उड़ने लगा और आखिर आसमान की उचाईयों पर अपनी उड़ान भरने लगा और तब उसे अपनी काबिलियत का अहसास हुआ।_ _🔅हम जीव आत्माओं को भी परमात्मा ने मालिक तक पहुचने की ने ऐसी उड़ान, ऐसी ताकत बक्शी हुई है कि अपनी उड़ान से अपनी आत्मा को रूहानी मण्डलों की ऊंचाई पर ले जा सकें । लेकिन हमने अपना दायरा उस चूजे के जैसा कर दिया है एक बार अगर हमने अपनी ताकत को, अपनी प्रतिभा को, अपनी क्षमताओं को पहचान लिया तो फिर हमको उन रूहानी बुलंदियों तक पहुँचने से कोई नहीं रोक सकता सो हमें चाहिये चूजा समझ कर खुद को छोटे छोटे दायरों में ना सिमटे रहें, बल्कि बाज़ की तरह अपनी ताकत और अपने दायरे को बड़ा करें और खुद को पहचाने, खुद की ताकत को पहचाने._ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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Pooja Oct 28, 2020

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भगवान गणेश की पूजा से घर में आती सुख और समृद्धि, जानिए गणेश जी का परिवार गणेश उत्सव घर में सुख-शांति लाने और घर से विघ्नों को दूर करने का उत्सव है। माना जाता है, जब घर में गणपति आते हैं तो वे अपने साथ सुख, शांति और आनंद लेकर आते हैं। जब वे घर से जाते हैं तो सारे विघ्न, दुःख और कष्टों को अपने साथ लेकर जाते हैं। गणेश के परिवार में उनकी दो पत्नियां रिद्धि-सिद्धि और दो पुत्र क्षेम और लाभ हैं। कुछ मान्यताओं में गणेशजी की एक पुत्री संतोषी भी बताई गई हैं। इन सभी की पूजा एक साथ करना ज्यादा शुभ रहता है। ऐसा है शिवजी का परिवार शिवजी के परिवार में माता पार्वती, कार्तिकेय स्वामी, गणेशजी हैं। शिवजी के वाहन नंदी, माता का शेर, कार्तिकेय का वाहन मयूर, गणेशजी का वाहन मूषक है। कार्तिकेय स्वामी ब्रह्मचारी माने गए हैं। गणेशजी की दो पत्नियां रिद्धि और सिद्धि हैं। इनके दो पुत्र क्षेम और लाभ हैं। मान्यता है कि जो लोग इन सभी की पूजा एक साथ करते हैं, उनके घर में सभी सुखों का आगमन होता है। ये है गणेशजी का जीवन प्रबंधन घर के मुखिया का स्वभाव गंभीर होना चाहिए। गणेशजी का सिर हाथी का और धड़ मनुष्य की तरह है यानी व्यक्ति की बुद्धि हाथी की तरह गंभीर होनी चाहिए। घर-परिवार से जुड़ी सभी बातों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। हाथी खूब सोच-विचार कर ही काम करता है। हाथी को जल्दी क्रोध भी नहीं आता। हाथी की तरह हमेशा धैर्य रखें और शांति से काम करना चाहिए। गणेशजी बुद्धि के देवता है। जब बुद्धि का उपयोग करते हुए धैर्य और शांति के साथ गंभीर होकर काम किया जाता है, तब रिद्धि-सिद्धि यानी सुख-समृद्धि, शुभ-लाभ की प्राप्त होती है। जब ये सब जीवन में आ जाते हैं, तब हमें संतोष मिलता है।🙋‍♀️🙋‍♀️🙋‍♀️🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌿🌿🌿🌿🌿🌿🍎🍎

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Asha Shrivastava Oct 28, 2020

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