Neha G
Neha G Aug 1, 2017

चिंतामन #गणेश #मंदिर का इतिहास करीब दो हजार वर्ष पुराना है। कहते हैं कि सम्राट विक्रमादित्य सीवन नदी

चिंतामन #गणेश #मंदिर का इतिहास करीब दो हजार वर्ष पुराना है। कहते हैं कि सम्राट विक्रमादित्य सीवन नदी से कमल के फूल के रूप में प्रकट हुए। और भगवान गणेश को रथ में लेकर जा रहे थे। सुबह होते ही रथ जमीन में धंस गया और रथ में रखा कमल का फूल गणेश की मूर्ति के रूप में बदलने लगा। जिसके बाद मूर्ति जमीन में धंसने लगी। बाद में इस स्थान पर मंदिर बनवाया गया। आज भी यह प्रतिमा जमीन में आधी धंसी हुई है।
कहां है मंदिर
राजधानी भोपाल के निकट बसा सीहोर जिला। जिसके मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूरी पर चिंतामन गणेश मंदिर स्थित है। चिंतामन सिध्द गणेश को लेकर पौराणिक इतिहास है। जानकार बताते हैं कि चिंतामन सिद्ध भगवान गणेश की देश में चार स्वंयभू प्रतिमाएं हैं। इनमें से एक रणथंभौर सवाई माधोपुर (राजस्थान) दूसरी उगौन स्थित अवन्तिका, तीसरी गुजरात के सिद्धपुर में और चौथी सीहोर में चिंतामन गणेश मंदिर। इन चारों जगहों पर गणेश चतुर्थी पर मेला लगता है।
पेश्वा बाजीराव ने बनावाया था देवालय
इतिहासकरों की मानें तो करीब साढ़े तीन सौ साल पहले पेश्वा युध्दकाल के दरमयान पूर्व प्रतापी मराठा पेश्वा बाजीराव प्रथम ने अपने साम्राज्य बढ़ाने की योजना को लेकर पार्वती नदी के पार पड़ाव डालने का मन बनाया। लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि बाजीराव की राज्य विस्तार की योजना अधर में चली गई। फिर पेश्वा बाजीराव नदी में उठे बहाव के थमने का इंतजार कर रहे थे इतने में पेश्वा को स्थानीय लोगों ने यहां पर विराजित भगवान गणेश के बारे में बताया। फिर यह जानकर पेश्वा बाजीराव में को रात में ही गणेश की प्रतिमा के दर्शन करने का मन हुआ। राजा मंत्री व सनिकों के साथ गणेश दर्शन के लिए रवाना हुए।

जब पेश्वा को प्रतिमा मिल गई तो उन्होंने गणेश की पूजा शुरू कर दी। इसके बाद राजा गणेश की प्रतिमा से ये मनोकामना लेकर गए कि अगर मैं साम्राज्य विस्तार कर लूंगा तो नदी के तट पर देवालय बनवाउंगा।बाद में पेश्वा बाजीराव को अभूतपूर्व सफलता मिली। और उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार पार्वती नदी पर विराजित सिध्दपुर सीहोर में सीवन नदी के तट पर सुंदर देवालय बनवाया।

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कामेंट्स

gyani gupta Aug 19, 2017
जय हो विघ्न विनाशक गणपति महाराज

Satish Batham India Sep 8, 2017
जी यह मेरे घर से 2 किलोमीटर दूर है तेरे यहां पर कोई नहीं जाता था केवल सुनसान रहता था अब पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती

Gajrajg Dec 10, 2017
सुप्रभातम

Gajrajg Jan 24, 2018
सकारात्मक सोच आपके जिवन को, सही दिशा देती है सही सोचें, सही समझे सही दिशा मे बढें, 👏शुभदिन सुप्रभात!!

deljet Nov 6, 2018
जय श्री गणेश

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