Raj Rani Bansal
Raj Rani Bansal Jun 10, 2018

जय श्री कृष्णा 56भोग देखे होंगे आप ने आज देखो 6056 भोग बिहारी जी के चरणों में

जयश्री राधे राधे

+4 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 17 शेयर

0 कॉमेंट्स • 10 शेयर
🔴RAMA🔴 May 13, 2021

+458 प्रतिक्रिया 156 कॉमेंट्स • 71 शेयर

0 कॉमेंट्स • 2 शेयर

+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 3 शेयर
Soni Mishra May 13, 2021

+47 प्रतिक्रिया 11 कॉमेंट्स • 211 शेयर
Gopal Jalan May 11, 2021

+8 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 2 शेयर
PRABHAT KUMAR May 13, 2021

🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢 🏵️🏵️🏵️🏵️ *#जय__श्री__कृष्णा* 🏵️🏵️🏵️🏵️ 🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢 *#सभी_आदरणीय_साथियों_को_शुभ_प्रभात* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *#सच्चा_प्रेम_कैसा_होता_है ? #कहाँ_मिलता_है ?* 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 *प्रेम किसी का अहित नहीं करता। जो स्तनों में जहर लगाकर आयी उस पूतना को भी श्रीकृष्ण ने स्वधाम पहुँचा दिया। पूतना कौन थी ? पूतना कोई साधारण नहीं थी।* *पूर्वकाल में राजा बलि की बेटी थी, राजकन्या थी। भगवान वामन आये तो उनका रूप सौन्दर्य देखकर उस राजकन्या को हुआ कि 'मेरी सगाई हो गयी है। मुझे ऐसा बेटा हो तो मैं गले लगाऊँ और उसको दूध पिलाऊँ।' परंतु जब नन्हा मुन्ना वामन विराट हो गया और बलिराजा का सर्वस्व छीन लिया तो उसने सोचा किः "मैं इसको दूध पिलाऊँ ?इसको तो जहर पिलाऊँ, जहर!'* *वही राजकन्या पूतना हुई। दूध भी पिलाया और जहर भी। उसे भी भगवान ने अपने स्वधाम भेज दिया। प्रेमास्पद जो ठहरे....!* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *#प्रेम_कभी_फरियाद_नहीं_करता_उलाहना_देता_है।* 🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁 *गोपियाँ उलाहना देती हैं यशोदा को : "यशोदा ! हम तुम्हारा गाँव छोड़कर जा रही हैं।"* यशोदाः "तुम्हारा कन्हैया हमारी मटकी फोड़ देता है।"* *"एक के बदले दस-दस मटकियाँ ले लो"* *"ऊँ हूँ... तुम्हारा ही लाला है क्या ! हमारा नहीं है क्या ? मटकी फोड़ी तो क्या हुआ ?"* *"अभी तो फरियाद कर रही थी, गाँव छोड़ने की बात कर रही थी ?"* *"वह तो ऐसे ही कर दी। तुम्हारा लाला कहाँ है ? दिखा दो तो जरा।"* *उलाहना देने के बहाने भी दीदार करने आई हैं, गोपियाँ ! प्रेम में परेशानी नहीं,* *झंझट नहीं केवल त्याग होता है, सेवा होती है। प्रेम की दुनिया ही निराली है।* 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ *#प्रेम_न_खेतों_उपजे_प्रेम_न_हाट_बिकाय।* *#राजा_चहौं_प्रजा_चहौं_शीश_दिये_ले_जाय।।* 🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮🔮 *प्रेम खेत में पैदा नहीं होता, बाजार में भी नहीं मिलता। जो प्रेम चाहे वह अपना शीश, अपना अभिमान दे दे ईश्वर के चरणों में, गुरूचरणों में* *एक बार यशोदा मैया मटकी फोड़ने वाले लाला के पीछे पड़ी कि 'कभी प्रभावती, कभी कोई, कभी कोई.... रोज-रोज तेरी फरियाद सुनकर मैं तो थक गयी। तू खड़ा रह।'* *यशोदा ने उठायी लकड़ी। यशोदा के हाथ में लकड़ी देखकर श्रीकृष्ण भागे। श्रीकृष्ण आगे, यशोदा पीछे.... श्री कृष्ण ऐसी चाल से चलते कि माँ को तकलीफ भी न हो और माँ वापस भी न जाये ! थोड़ा दौड़ते, थोड़ा रूकते। ऐसा करते-करते देखा कि 'अब माँ थक गयी है और माँ हार जाय तो उसको आनंद नहीं आयेगा।' प्रेमदाता श्रीकृष्ण ने अपने को पकड़वा दिया। पकड़वा लिया तो माँ रस्सी लायी बाँधने के लिए। रस्सी है माया, मायातीत श्रीकृष्ण को कैसे बाँधे ? हर बार रस्सी छोटी पड़ जाय। थोड़ी देर बाद देखा कि माँ कहीं निराश न हो जाये तो प्रेम के वशीभूत मायातीत भी बँध गये। माँ बाँधकर चली गयी और इधर ओखली को घसीटते-घसीटते ये तो पहुँचे यमलार्जुन (नल-कूबर) का उद्धार करने... नल कूबर को शाप से मुक्ति दिलाने... धड़ाक-धूम वृक्ष गिरे, नल-कूबर प्रणाम करके चले गये.... अपने को बँधवाया भी तो किसी पर करूणा हेतु, अन्यथा उस मायातीत को कौन बाँधे ?* 💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢💢 *एक बार किसी गोपी ने कहाः "देख तू ऐसा मत कर। माँ ने ओखली से बाँधा तो रस्सी छोटी पड़ गयी किंतु मेरी रस्सी देख। चार-चार गायें बँध सकें इतनी बड़ी रस्सी है। तुझे तो ऐसा बाँधूँगी कि तू भी याद रखेगा, हाँ।"* *कृष्णः "अच्छा बाँध।"* *वह गोपी कोमल-कोमल हाथों में रस्सी बाँधनी है, यह सोचकर धीरे धीरे बाँधने लगी।* *कृष्णः "तुझे रस्सी बाँधना आता ही नहीं है।"* *गोपीः "मेरे बाप ! रस्सी कैसे बाँधी जाती है ?"* "कृष्णः "ला, मैं तुझे बताता हूँ।" ऐसा करके गोपी के दोनों हाथ पीछे करके रस्सीसे बाँधकर फिर खँभे से बाँध दिया और दूर जाकर बोले* *"ले-ले, बाँधने वाली खुद बँध गयी। तू मुझे बाँधने आयी थी किंतु तू ही बँध गयी।* "ऐसे ही माया जीव को बाँधने आये, उसकी जगह जीव ही माया को बाँध दे। मैं यही सिखाने आया हूँ।"* *कैसा रहा होगा वह नटखटिया ! कैसा रहा होगा उसका दिव्य प्रेम ! अपनी एक-एक लीला से जीव की उन्नति का संदेश देता है वह प्रेमस्वरूप परमात्मा !* *आनंद प्रकट तो हो जाता है जेल में परंतु बढ़ाता है यशोदा के यहाँ, प्रेम से* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *#नोट : उक्त जानकारी सोशल मीडिया से प्राप्त किया गया है।* 📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰 *( इस आलेख में दी गई जानकारियाँ धार्मिक आस्था और लौकिक मान्यताओं पर आधारित है जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )* 🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢🍁💢

+37 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 52 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB