Poonam Aggarwal
Poonam Aggarwal Nov 21, 2020

🙏🌹* जय श्री राधे गोविंद *🌹🙏 🌹 श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव 🌹🙏 आप सभी को गोपाष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌹 ठाकुर जी सदैव आपका मंगल करे शुभ मंगलमय शुभकामनाओं सहित सुप्रभात वंदन राधे राधे जी 🌹🌹🙏🌄🌄🪔🪔🪔📿📿📿🐚🐚🐚*हे कृष्ण* तेरा मेरा रिश्ता इतना खास हो जाए सांवरे, कि तू दूर रहकर भी मेरे पास हो जाए सांवरे। मन से मन का तार जुड़े कुछ इस तरह कि, दर्द हमें हो और एहसास तुम्हे हो जाए सांवरे। घुंघराले बाल श्याम के मुखड़ा प्यारा-प्यारा है, हर प्रेमी का दिल यही बोले बस कृष्ण प्रभु हमारा है। जब तक आयु प्रसंग पर लगे ना पूर्ण विराम, श्याम श्याम अविरल कहो कृष्ण कृष्ण अविराम। जीवन नैया ले चलो कृष्ण नाम के आसरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। *जय श्री राधे कृष्ण 🙏

🙏🌹* जय श्री राधे गोविंद *🌹🙏
    🌹 श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव 🌹🙏 आप सभी को गोपाष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌹 ठाकुर जी सदैव आपका मंगल करे शुभ मंगलमय शुभकामनाओं सहित सुप्रभात वंदन राधे राधे जी 🌹🌹🙏🌄🌄🪔🪔🪔📿📿📿🐚🐚🐚*हे कृष्ण*

तेरा मेरा रिश्ता इतना खास हो जाए सांवरे,
कि तू दूर रहकर भी मेरे पास हो जाए सांवरे।

मन से मन का तार जुड़े कुछ इस तरह कि,
 दर्द हमें हो और एहसास तुम्हे हो जाए सांवरे।

घुंघराले बाल श्याम के मुखड़ा प्यारा-प्यारा है,
हर प्रेमी का दिल यही बोले बस कृष्ण प्रभु हमारा है।

जब तक आयु प्रसंग पर लगे ना पूर्ण विराम,
श्याम श्याम अविरल कहो कृष्ण कृष्ण अविराम।

जीवन नैया ले चलो कृष्ण नाम के आसरे,
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।

*जय श्री राधे कृष्ण 🙏

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कामेंट्स

JIGAR Nov 22, 2020
Jay Shree Radhe Krishna Ji Shree Radhe Radhe ji

ಗಿರಿಜಾ ನೂಯಿ Nov 22, 2020
🙏 🙏Good Evening Ji🌹🌹 🚩Jai Shri Radhe Krishna Ji💐 🕉️🕉️🕉️Om Shri Surya Devaya Namo Namah🙏☀️🙏 Super Post Ji👌👌👌👌👌 🙏🙏🙏🙏 Gopashtami Ki Hardik Shubhakamnayein Ji🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 Have a blessed Sunday, Radhe Radhe,Surya Dev ji , bless you & your family always be happy, healthy & wealthy dear sister ji🙏🙏🙏🙏🌷🌷🌷🌷🌸🌸🌸🌸💐💐💐💐🌻🌻🌻🌻

r h Bhatt Nov 22, 2020
Jai Shri Radhe Krishna Shubh Sandhya ji Vandana ji

🌸🌿 preeti Jain 🌿🌸 Nov 22, 2020
om Surya devaya namaha Surya dev ji ka Kirpa sada aap aur aap ke family pe bani rahe aap ka har pal Shubh aur mangalmay Ho shubh sandhya my sweet sister ji go ashtami ki hardik shubhkamnaen ji☕☕👈😊😊🙋‍♀️🙏🚩🚩🌹❤️

S K Pandey 🌺🙏🏻🌺 Nov 22, 2020
🌹जय श्री कृष्ण🌹 शुभ रविवार🌹 आपका समय शुभ व मंगलमय हो🙏

Babita Sharma Nov 22, 2020
श्री सुरभ्ये नमः 🙏सभी देवी देवताओं को समाहित करने वाली गौमाता के आराधना के पर्व गोपाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं बहना 🙏🌹 कान्हा जी का आशीर्वाद सदा आपके साथ बना रहे।

keerti Ballabh Nov 22, 2020
जय श्री राधे कृष्णा जी 🌺🙏 शुभ संध्या वंदन जी 🌺🙏 गोपाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी बहना जी 🌺🙏 भगवान आप को सदैव स्वस्थ और खुश रखें

k l तिवारी Nov 22, 2020
जय श्री कृष्णा बहना, सादर प्रणाम करता हूँ बहना, शुभसँध्या वंदन बहना🌹🌹🙏🙏🌹🌹

शान्ति पाठक Nov 22, 2020
🌷🙏 जय श्री राधे कृष्णा 🙏शुभ संध्या प्यारी बहना जी 🌷आपका हर पल शुभ एवं मंगलमय हो🌷आप एवं आपके परिवार को गोपाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई जी🌷श्री राधे गोविंद आपकी हर मनोरथ पूर्ण करें बहना जी🌷🙏🌷

Brajesh Sharma Nov 22, 2020
जय श्री राधे कृष्णा जी... ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव

Suman Lata Nov 22, 2020
🌻🙏🙏Jai Shri Radhe krishna ji shubh ratri vandan meri piyari behena ji aap ka harpal shubh v mangalmai ho Thakur ji ki kirpa aap v aapki family par sda bani rahe 🙏🙏🌻

Ajit sinh Parmar Nov 22, 2020
🌹गुड न।इट🌹🌹🌹 🌹र।धेकृषण 🌹🌹 🌹🌹🌹🙏🌹🌹

Ajit sinh Parmar Nov 22, 2020
पुनम जी कयु आपक। कोमेट नही आत। र।धेकृषण नमस्ते गुड न।इट र।धेकृषण 🌹🙏🌹

Sagar ji🙏 Nov 22, 2020
🌷🙌जय श्री राधे कृष्णा🙌🌷 🎆शुभ रात्रि वंदन दीदी जी🌹🙏 🌷 भगवान् श्री कृष्ण जी आपके सभी मनोकामनाएं पूर्ण करे🙏🌷राधे राधे🌷

🌹 मंदाकिनी🌹 Nov 22, 2020
🙏🙏 राधे राधे जय श्री कृष्णा शुभ रात्रि प्यारी बहना जी🌿🕉️🌿🙏🙏🌹

Anilkumar Marathe Nov 22, 2020
जय श्रीकृष्ण नमस्कार खुशियों की सदाबहार आदरणीय प्यारी पुनम जी !! 🌹आप जहाँ रहे वहाँ दुआओं की छाँव हो आपकी आँखों में कभी कोई गम ना हो और आपकी खुशियां कभी कम ना हों, जिंदगी आपकी सदा खुशियो भरी रहे आपके घर आंगन में सुख, समृद्धि और धन की अविरत बरसात हो !! 🌹शुभरात्री स्नेह वंदन जी !!

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Nov 22, 2020
Good Night My Sister ji 🙏🙏 Jay Shree Radhe Radhe Radhe ji 🙏🙏🌹🌹💐🌷🌹God Bless you And your Family Always Be Happy My Sister ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

ललन कुमार Nov 22, 2020
अटूट है वह सम्बन्ध जहाँ दो या दो से अधिक लोगो का विचार मिलता है जी।शुभ रात्रि जी ।जय श्री राधे राधे जी।

BARCELONA SPAIN🇪🇦INDIA 🇮🇳 Nov 22, 2020
Radhe Radhe🙏 Jai Shree krishna 🙏Ji Gopashtmi kI Hardik Shubhkamnye Aap Or Apki Family Pr Krishna Ji Di Kripa Bna Rhe Good Night Vandan Dear Sister Ji 🙏🙏🌹🌹

Poonam Aggarwal Nov 26, 2020

🙏🌷* ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः*🌷🙏 🌷🐚🌷🐚🌷🐚🌷🐚🌷🐚🌷🐚 एक बूढ़ी माता मन्दिर के सामने भीख माँगती थी। एक संत ने पूछा - आपका बेटा लायक है, फिर यहाँ क्यों? बूढ़ी माता बोली - बाबा, मेरे पति का देहान्त हो गया है। मेरा पुत्र परदेस नौकरी के लिए चला गया। जाते समय मेरे खर्चे के लिए कुछ रुपए देकर गया था, वे खर्च हो गये इसीलिए भीख माँग रही हूँ। सन्त ने पूछा - क्या तेरा बेटा तुझे कुछ नहीं भेजता? बूढ़ी माता बोलीं - मेरा बेटा हर महीने एक रंग-बिरंगा कागज भेजता है जिसे मैं दीवार पर चिपका देती हूँ। सन्त ने उसके घर जाकर देखा कि दीवार पर 60 bank drafts चिपकाकर रखे थे। प्रत्येक draft ₹50,000 राशि का था। पढ़ी-लिखी न होने के कारण वह नहीं जानती थी कि उसके पास कितनी सम्पत्ति है। संत ने उसे draft का मूल्य समझाया। उन माता की ही भाँति हमारी स्थिति भी है। *हमारे पास धर्मग्रन्थ तो हैं पर माथे से लगाकर अपने घर में सुसज्जित करके रखते हैं जबकि हम उनका वास्तविक लाभ तभी उठा पाएगें जब हम उनका अध्ययन, चिन्तन, मनन करके उन्हें अपने जीवन में उतारेगें*। *हम हमारे ग्रन्थों की वैज्ञानिकता को समझे , हमारे त्यौहारो की वैज्ञानिकता को समझे और अनुसरण करे | 🙏🙏🙏🙏🙏 आप सभी को देवउठनी एकादशी एवं तुलसी विवाह की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान विष्णु से प्रार्थना करता हूं कि वे आप सभी के जीवन में खुशहाली, सुख-शांति एवं समृद्धि का संचार करें। ‼️ जय श्री हरि नारायण ‼️🙏

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ramkumarverma Nov 25, 2020

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. 🌿देव उठनी एकादशी-तुलसी विवाह.. ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ कार्तिक मास शुक्ल पक्ष एकादशी तदनुसार दिनांक 25 नवम्बर 2020 बुधवार . 🌺 धार्मिक मान्यता के अनुसार देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु निंद्रा से जागते हैं। इसी दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत भी होती है। देवउठनी एकादशी से जुड़ी कई परम्परायें हैं। ऐसी ही एक परंपरा है तुलसी-शालिग्राम विवाह की। शालिग्राम को भगवान विष्णु का ही एक स्वरुप माना जाता है। तुलसी शालिग्राम का विवाह क्यों होता है इसकी शिव पुराण में एक कथा है, जो इस प्रकार है। 🌷तुलसी-शालिग्राम विवाह कथा... ====================== शिवमहापुराण के अनुसार पुरातन समय में दैत्यों का राजा दंभ था। वह विष्णुभक्त था। बहुत समय तक जब उसके यहां पुत्र नहीं हुआ तो उसने दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य को गुरु बनाकर उनसे मंत्र प्राप्त किया और पुष्कर में जाकर घोर तप किया। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे पुत्र होने का वरदान दिया। भगवान विष्णु के वरदान स्वरूप दंभ के यहां पुत्र का जन्म हुआ। (वास्तव में वह श्रीकृष्ण के पार्षदों का अग्रणी सुदामा नामक गोप था, जिसे राधाजी ने असुर योनी में जन्म लेने का श्राप दे दिया था) इसका नाम शंखचूड़ रखा गया। जब शंखचूड़ बड़ा हुआ तो उसने पुष्कर में जाकर ब्रह्माजी को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की। शंखचूड़ की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी प्रकट हुए और वर मांगने के लिए कहा। तब शंखचूड़ ने वरदान मांगा कि मैं देवताओं के लिए अजेय हो जाऊं। ब्रह्माजी ने उसे वरदान दे दिया और कहा कि तुम बदरीवन जाओ। वहां धर्मध्वज की पुत्री तुलसी तपस्या कर रही है, तुम उसके साथ विवाह कर लो। ब्रह्माजी के कहने पर शंखचूड़ बदरीवन गया। वहां तपस्या कर रही तुलसी को देखकर वह भी आकर्षित हो गया। तब भगवान ब्रह्मा वहां आए और उन्होंने शंखचूड़ को गांधर्व विधि से तुलसी से विवाह करने के लिए कहा। शंखचूड़ ने ऐसा ही किया। इस प्रकार शंखचूड़ व तुलसी सुख पूर्वक विहार करने लगे। शंखचूड़ बहुत वीर था। उसे वरदान था कि देवता भी उसे हरा नहीं पाएंगे। उसने अपने बल से देवताओं, असुरों, दानवों, राक्षसों, गंधर्वों, नागों, किन्नरों, मनुष्यों तथा त्रिलोकी के सभी प्राणियों पर विजय प्राप्त कर ली। उसके राज्य में सभी सुखी थे। वह सदैव भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहता था। स्वर्ग के हाथ से निकल जाने पर देवता ब्रह्माजी के पास गए और ब्रह्माजी उन्हें लेकर भगवान विष्णु के पास गए। देवताओं की बात सुनकर भगवान विष्णु ने कहा कि शंखचूड़ की मृत्यु भगवान शिव के त्रिशूल से निर्धारित है। यह जानकर सभी देवता भगवान शिव के पास आए। देवताओं की बात सुनकर भगवान शिव ने चित्ररथ नामक गण को अपना दूत बनाकर शंखचूड़ के पास भेजा। चित्ररथ ने शंखचूड़ को समझाया कि वह देवताओं को उनका राज्य लौटा दे, लेकिन शंखचूड़ ने कहा कि महादेव के साथ युद्ध किए बिना मैं देवताओं को राज्य नहीं लौटाऊंगा। भगवान शिव को जब यह बात पता चली तो वे युद्ध के लिए अपनी सेना लेकर निकल पड़े। शंखचूड़ भी युद्ध के लिए तैयार होकर रणभूमि में आ गया। देखते ही देखते देवता व दानवों में घमासान युद्ध होने लगा। वरदान के कारण शंखचूड़ को देवता हरा नहीं पा रहे थे। शंखचूड़ और देवताओं का युद्ध सैकड़ों सालों तक चलता रहा। अंत में भगवान शिव ने शंखचूड़ का वध करने के लिए जैसे ही अपना त्रिशूल उठाया, तभी आकाशवाणी हुई कि जब तक शंखचूड़ के हाथ में श्रीहरि का कवच है और इसकी पत्नी का सतीत्व अखंडित है, तब तक इसका वध संभव नहीं होगा। आकाशवाणी सुनकर भगवान विष्णु वृद्ध ब्राह्मण का रूप धारण कर शंखचूड़ के पास गए और उससे श्रीहरि कवच दान में मांग लिया। शंखचूड़ ने वह कवच बिना किसी संकोच के दान कर दिया। इसके बाद भगवान विष्णु शंखचूड़ का रूप बनाकर तुलसी के पास गए। वहां जाकर शंखचूड़ रूपी भगवान विष्णु ने तुलसी के महल के द्वार पर जाकर अपनी विजय होने की सूचना दी। यह सुनकर तुलसी बहुत प्रसन्न हुई और पति रूप में आए भगवान का पूजन किया व रमण किया। तुलसी का सतीत्व भंग होते ही भगवान शिव ने युद्ध में अपने त्रिशूल से शंखचूड़ का वध कर दिया। कुछ समय बाद तुलसी को ज्ञात हुआ कि यह मेरे स्वामी नहीं है, तब भगवान अपने मूल स्वरूप में आ गए। अपने साथ छल हुआ जानकर शंखचूड़ की पत्नी रोने लगी। उसने कहा आज आपने छलपूर्वक मेरा धर्म नष्ट किया है और मेरे स्वामी को मार डाला। आप अवश्य ही पाषाण ह्रदय हैं, अत: आप मेरे श्राप से अब पाषाण (पत्थर) होकर पृथ्वी पर रहें। तब भगवान विष्णु ने कहा ~ " देवी, तुम मेरे लिए भारत वर्ष में रहकर बहुत दिनों तक तपस्या कर चुकी हो। अब तुम इस शरीर का त्याग करके दिव्य देह धारणकर मेरे साथ आन्नद से रहो। तुम्हारा यह शरीर नदी रूप में बदलकर गंडकी नामक नदी के रूप में प्रसिद्ध होगा। तुम पुष्पों में श्रेष्ठ तुलसी का वृक्ष बन जाओगी और सदा मेरे साथ रहोगी।" तुम्हारे श्राप को सत्य करने के लिए मैं पाषाण (शालिग्राम) बनकर रहूँगा। गंडकी नदी के तट पर मेरा वास होगा। नदी में रहने वाले करोड़ों कीड़े अपने तीखे दांतों से कुतर-कुतर कर उस पाषाण में मेरे चक्र का चिह्न बनाएंगे। धर्मालुजन तुलसी के पौधे व शालिग्राम शिला का विवाह कर पुण्य अर्जन करेंगे। केवल नेपाल स्तिथ गण्डकी नदी में ही मिलते है शालिग्राम... परंपरा अनुसार देवप्रबोधिनी एकादशी के दिन भगवान शालिग्राम व तुलसी का विवाह संपन्न कर मांगलिक कार्यों का प्रारंभ किया जाता है। मान्यता है कि तुलसी-शालिग्राम विवाह करवाने से मनुष्य को अतुल्य पुण्य की प्राप्ति होती है। जय श्री विष्णुप्रिया

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Poonam Aggarwal Nov 25, 2020

🌿🌷🌿 जय श्री कृष्णा जय तुलसी माता 🌿🌷🌿 🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷 कार्तिक महीने में एक बुढिया माई तुलसीजी को सींचती और कहती कि, हे तुलसी माता! सत् की दाता मैं तेरा बिडला सीचती हूँ, मुझे बहु दे, पीताम्बर की धोती दे, मीठा मीठा गास दे, बैकुंठा में वास दे, चटक की चाल दे, पटक की मौत दे, चंदन का काठ दे, रानी सा राज दे, दाल भात का भोजन दे, ग्यारस की मौत दे, कृष्ण जी का कन्धा दे। तुलसी माता यह सुनकर सूखने लगी तो भगवान ने पूछा कि, हे तुलसी! तुम क्यों सूख़ रही हो? तुलसी माता ने कहा कि एक बुढिया रोज आती है और यही बात कह जाती है। मैं सब बात तो पूरा कर दूँगी लेकिन कृष्ण का कन्धा कहां से लाऊंगी? भगवान बोले - जब वो मरेगी तो मैं अपने आप कंधा दे आऊंगा। तू बुढिया माई से कह देना। बाद में बुढिया माई मर गई। सब लोग आ गये। जब माई को ले जाने लगे तो वह किसी से न उठी। तब भगवान एक बारह बरस के बालक का रूप धारण करके आये। बालक ने कहा, मैं कान में एक बात कहूँगा तो बुढिया माई उठ जाएगी। बालक ने कान में कहा, बुढिया माई मन की निकाल ले, पीताम्बर की धोती ले, मीठा मीठा गास ले, बैंकुंठा का वास ले, चटक की चल ले, पटक की मौत ले, कृष्ण जी का कन्धा ले! यह सुनकर बुढिया माई हल्की हो गई। भगवान ने कन्धा दिया और बुढिया माई को मुक्ति मिल गयी। हे तुलसी माता! जैसे बुढिया माई को मुक्ति दी वैसे सबको देना🙌🏻🙌🏻🙏🙏 🌹जय मां तुलसी।🌹🙏 कॉपी पेस्ट by बाँके बिहारी वृन्दावन श्रीजी दास🙏🙇‍♂️🙇‍♀️🙏 ‼️ जय हो तुलसी मैया की ‼️🙏

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Adhikari Molay Nov 25, 2020

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ramkumarverma Nov 24, 2020

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Poonam Aggarwal Nov 25, 2020

🙏🌷*ॐ नमो नारायण जय तुलसी मैया *🌷🙏 🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷 कार्तिक महीने में एक बुढिया माई तुलसीजी को सींचती और कहती कि, हे तुलसी माता! सत् की दाता मैं तेरा बिडला सीचती हूँ, मुझे बहु दे, पीताम्बर की धोती दे, मीठा मीठा गास दे, बैकुंठा में वास दे, चटक की चाल दे, पटक की मौत दे, चंदन का काठ दे, रानी सा राज दे, दाल भात का भोजन दे, ग्यारस की मौत दे, कृष्ण जी का कन्धा दे। तुलसी माता यह सुनकर सूखने लगी तो भगवान ने पूछा कि, हे तुलसी! तुम क्यों सूख़ रही हो? तुलसी माता ने कहा कि एक बुढिया रोज आती है और यही बात कह जाती है। मैं सब बात तो पूरा कर दूँगी लेकिन कृष्ण का कन्धा कहां से लाऊंगी? भगवान बोले - जब वो मरेगी तो मैं अपने आप कंधा दे आऊंगा। तू बुढिया माई से कह देना। बाद में बुढिया माई मर गई। सब लोग आ गये। जब माई को ले जाने लगे तो वह किसी से न उठी। तब भगवान एक बारह बरस के बालक का रूप धारण करके आये। बालक ने कहा, मैं कान में एक बात कहूँगा तो बुढिया माई उठ जाएगी। बालक ने कान में कहा, बुढिया माई मन की निकाल ले, पीताम्बर की धोती ले, मीठा मीठा गास ले, बैंकुंठा का वास ले, चटक की चल ले, पटक की मौत ले, कृष्ण जी का कन्धा ले! यह सुनकर बुढिया माई हल्की हो गई। भगवान ने कन्धा दिया और बुढिया माई को मुक्ति मिल गयी। हे तुलसी माता! जैसे बुढिया माई को मुक्ति दी वैसे सबको देना🙌🏻🙌🏻🙏🙏 🌹जय मां तुलसी।🌹🙏 कॉपी पेस्ट by बाँके बिहारी वृन्दावन श्रीजी दास🙏🙇‍♂️🙇‍♀️🙏

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