Rk Soni(Ganesh Mandir)
Rk Soni(Ganesh Mandir) Mar 26, 2020

jai ganesh deva ji🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

jai ganesh deva ji🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

+10 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 24 शेयर

कामेंट्स

Neha Sharma, Haryana Mar 27, 2020

☘️🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा"🙏🌹☘️ "एक पल के लिये मान लेते हैं कि, *किस्मत में लिखे फैसले बदला नहीं करते. *लेकिन... *आप फैसले तो लीजिये *क्या पता, *किस्मत ही बदल जाए.! 🍃🌹🎑 *शुभ रात्रि नमन* 🎑🌹🍃 आप सभी भाई-बहनों को रात्रि शुभ व मंगलमय हो! ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ पांच सकारात्मक बदलाव जो कोरोना संकट की वजह से देखने को मिल रहे हैं कोरोना वायरस के चलते कई बड़े संकट हमारे सामने हैं लेकिन इसने हमें कुछ फौरी राहतें भी दी हैं। 1. धर्म और नस्ल का भेद – राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दुनिया के ग्लोबल विलेज बनने के साथ ही राष्ट्रवाद की भावना ने जोर पकड़ा है. लगभग हर देश के लोग, किसी न किसी समुदाय से खतरा महसूस करते हैं या अपने आप को उनसे श्रेष्ठ समझते हैं. बीते कुछ समय के भारत को देखें तो यहां सांप्रदायिक समीकरणों की वजह से लगातार सामाजिक समीकरणों को बिगड़ते देखा जाता रहा है. अब जब दुनिया भर में कोरोना वायरस का प्रकोप फैल गया है तो इन सब बातों के बारे में सोचने की फुर्सत ज्यादातर लोगों को नहीं है. अभी समाज, देश और दुनिया बंटे हुये तो हैं लेकिन यह बिलकुल अलग तरह और वजह से हुआ है. इस समय अपने परिवार को छोड़कर लोग पड़ोसी से भी बात नहीं कर रहे हैं तो यह मजबूरी की वजह से है. यही बात देशों के एक-दूसरे से कटने के बारे में भी कही जा सकती है. 2. श्रम की पहचान – सवा अरब की जनसंख्या वाले भारत में मानव संसाधन की कोई कमी नहीं है. शायद यही वजह है कि य़हां पर न तो इंसान की मेहनत की उचित कीमत लगाई जाती है और न ही उसे पर्याप्त महत्व दिया जाता है. कथित छोटे काम करने वालों को अक्सर ही यहां हेय दृष्टि से देखा जाता है. फिर चाहे वह घर में काम करने वाली बाई हो या कचरा उठाने वाला कर्मचारी या घर तक सामान पहुंचाने वाला डिलीवरी बॉय. लेकिन कोरोना वायरस के हमले के बाद ज्यादातर लोगों को (सबको नहीं) इनका महत्व समझ में आने लगा है. हममें कई लोगों ने पिछले दिनों इस बारे में जरूर सोचा होगा कि वह व्यक्ति होगा जो सुबह-शाम हमारे नल की सप्लाई शुरू करता करता है अगर वह ऐसा करना बंद कर दें तो क्या होगा? या फिर कूड़े वाला अगले 21 दिन कूड़ा ना उठाये तो? कहीं लॉकडाउन खत्म होने से पहले वॉटर प्यूरीफायर खराब हो गया तो? या फिर डिलीवरी करने वाले ऐसा करना बंद कर दें तो? कोरोना संकट के इस वक्त में बड़े फैसले और ‘महत्वपूर्ण’ काम करने वाले ज्यादातर लोग घरों में बंद हैं और बहुत मूलभूत काम पहले की तरह जमीन पर ही हो रहे हैं. यह अहसास इस वक्त ज्यादातर लोगों को है लेकिन यह कितना स्थायी है यह कुछ समय बाद पता चल पाएगा. 3. प्रदूषण का कम होना – दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों समेत लगभग पूरे देश में इस वक्त लॉकडाउनहै. इसके कारण फैक्ट्रियां, ऑपिस यहां तक कि रेल-बस सुविधाएं भी बंद हैं. इन सबके बंद होने से अर्थव्यवस्था को तो खासा नुकसान हो रहा है लेकिन पर्यावरण की हालत थोड़ी सुधरती लग रही है. अगर दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो यहां फर्क साफ महसूस किया जा सकता है और आंकड़े भी कुछ ऐसी ही बात करते हैं. 26 मार्च, 2020 को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 77 का आंकड़ा दिखा रहा था. जबकि इसी तारीख को 2019 में यह आंकड़ा 156 यानी इसके दुगने से भी ज्यादा था. फिलहाल हर बढ़ते दिन के साथ एक्यूआई कम हो रहा है. साफ है कि लॉकडाउन के चलते हवा की गुणवत्ता बढ़ गई है. यह देखना थोड़ा खुशी देता है कि दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में भी आजकल चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई देने लगी है. 4. परिवार के साथ समय – हाल ही में फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने वीडियो कॉल पर दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि कोई काम न होने के चलते एक दिन उन्होंने अपनी बेटी के साथ बैठकर करीब छह घंटे तक गप्पें मारीं. उनके मुताबिक बीते 15 सालों में ऐसा पहली बार हुआ था. हालांकि कश्यप एक व्यस्त फिल्मकार हैं और उनकी बेटी भी भारत में नहीं रहती है, इसलिए उनके साथ ऐसा होना स्वाभाविक है. लेकिन जीवन की भागदौड़ में कई बार बेहद आम लोग भी अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं. यह लॉकडाउन परिवार के साथ वक्त बिताने का भी मौका बन गया है. इसके अलावा, इस वक्त को पुराने दोस्तों और छूट चुके रिश्तेदारों को याद करने और उनसे फोन या मैसेजिंग के जरिये संपर्क करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है. 5. आर्थिक समीकरण – यह तय है कि कोरोना वायरस के चलते दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति डांवाडोल होने वाली है. हो सकता है कि इसके असर को पूरी तरह खत्म होने में अगले कई सालों का वक्त लगे. लेकिन इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत आधी से भी कम हो गई है. तेल के दाम कम हैं इसलिए भारत सरकार इसकी बाज़ार कीमत बढ़ाए बगैर, इस पर ज्यादा एक्साइज ड्यूटी वसूल कर रही है. जानकारों का मानना है कि तेल के दाम अब एक लंबे समय तक नहीं बढ़ने वाले. कोरोना की मुसीबत से छुटकारा पाने के बाद भी. ऐसे में इससे न केवल सरकार को ज्यादा राजस्व मिल सकता है बल्कि देश का चालू खाते का घाटा भी थोड़ा कम हो सकता है और महंगाई भी नियंत्रण में रखी जा सकती है. यह और बात है कि कोरोना के चलते अर्थव्यवस्था को जो नुकसान होगा उसके सामने ये चीजें उतनी मायने नहीं रखती हैं. लेकिन यह कोरोना संकट के भुस में फायदे की एक छोटी सुई तो है ही. *जय श्री राधेकृष्णा*🙏🙏 आज भी बरसाना और नंदगांव जैसे गाँव आपको दुनिया में कहीं नहीं मिलेंगे दोनों में सिर्फ पांच छह मील का फर्क है !! ऊंचाई से देखने पर दोनों एक जैसे ही दीखते हैं !! आज तक बरसाना वासी राधा को अपनी बेटी और नंदगांव वाले कान्हा को अपना बेटा मानते हैं !! 5160 बरस बीत गए परन्तु उन लोगों के भावों में फर्क नहीं आया !! आज तक बरसाने की लड़की नंदगांव में ब्याही नहीं जाती सिर्फ इसलिए की नया रिश्ता जोड़ लिया तो पुराना भूल जाएगा !! हमारा राधाकृष्ण से प्रेम कम ना हो इसलिए हम नया रिश्ता नहीं जोड़ेंगे आपस में !! आज भी नंदगांव के कुछ घरों की स्त्रियां घर के बाहर मटकी में माखन रखती हैं कान्हा ब्रज में ही है वेश बदल कर आएगा और माखन खायेगा !! जहां 10 -12 बच्चे खेल रहे हैं उनमे एक कान्हा जरूर है ऐसा उनका भाव है आज भी !! ब्रज भूमि को भाव से देखिये वरना जाना बेकार है लेकिन आज भी बरसाने का वृद्द नंदगांव आएगा तो प्यास चाहे तड़प ले पर एक बूँद पानी नहीं पियेगा नंदगांव का क्योंकि उनके बरसाने की राधा का ससुराल नंदगांव है !! और बेटी के घर का पानी भी नहीं पिया जाता उनका मानना आज भी जारी है !! इतने प्राचीन सम्बन्ध को आज भी निभाया जा रहा है !! धन्य है ब्रज भूमि का कण कण करोड़ों बार प्रणाम मेरे प्रियतम प्रभु की जनम भूमि ,लीलाभूमि व् प्रेमभूमि को😊😊☺☺👣👣 🚩🚩🙏🏻🙏🏻*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🏻🙏🏻🚩🚩 [~💐~ ठाकुर जी का प्रसाद ~💐~ . महाराष्ट में केशव स्वामी नाम के एक महात्मा थे। वे जानते थे कि भगवन्नाम जपने से कलियुग के दोष दूर हो जाते हैं। . यदि कोई शुरु में होठों से भगवान का नाम जपे, फिर कंठ में, फिर हृदय से जपे और नाम के अर्थ में लग जाय तो हृदय में भगवान प्रकट भी हो सकते हैं। . एक बार केशव स्वामी बीजापुर (कर्नाटक) गये। उस दिन एकादशी थी। रात को केशव स्वामी ने कहा, "चलो, आज जागरण की रात्रि है, सब भक्त हैं तो प्रसाद ले आओ।" . अब फलाहार में क्या लें? रात्रि को तो फल नहीं खाना चाहिए। . बोले, सौंठ और शक्कर ठीक रहेगी क्योंकि शक्कर शक्ति देगी और सोंठ कफ का नाश करेगी। . अकेली शक्कर उपवास में नहीं खानी चाहिए। सोंठ और शक्कर ले आओ, ठाकुर जी को भोग लगायेंगे। . अब देर हो गयी थी, लगभग अर्द्धरात्रि का समय हो रहा था, दुकानवाले तो सब सो गये थे। किसी दुकानदार को जगाया। . लालटेन का जमाना था। सोंठ के टुकड़े और वचनाग के टुकड़े एक जैसे लगे तो अँधेरे-अँधेरे में दुकानदार ने सोंठ की बोरी के बदले वचनाग की बोरी में से सोंठ समझ के पाँच सेर वचनाग तौल दिया। . अब वचनाग तो हलाहल जहर होता है, फोड़े-फुंसी की औषधि बनाने वाले वैद्य उससे ले जाते थे। . अँधेरे-अँधेरे में शक्कर के साथ वचनाग पीसकर प्रसाद बना दिया गया और ठाकुर जी को भोग लगा दिया। . ठाकुर जी ने देखा कि केशव स्वामी के सभी भक्त सुबह होते-होते मर जायेंगे। उनको तो बेचारों को खबर ही नहीं थी कि सोंठ की जगह यह हलाहल जहर आया है। . ठाकुर जी ने करूणा-कृपा करके प्रसाद में से जहर स्वयं ही खींच लिया। . सुबह व्यापारी ने देखा तो बोला, "अरा.... रा... रा.... यह क्या हो गया? सोंठ का बोरा तो ज्यों का त्यों पड़ा है, मैंने गलती से वचनाग दे दिया। वे सब भक्त मर गये होंगे। मेरा तो सत्यानाश हो जायेगा। . व्यापारी डर गया, दौड़ा-दौड़ा आया और बोला, "कल मैंने गलती से वचनाग तौल के दे दिया था, किसी ने खाया तो नहीं? . केशव स्वामी बोले, "वह तो रात को प्रसाद में बँट गया। . व्यापारी, "कोई मरा तो नहीं?" . नहीं..!! किसी को कुछ नहीं हुआ। . केशव स्वामी और उस व्यापारी ने मंदिर में जाकर देखा तो ठाकुर जी के शरीर में विकृति आ गयी थी। . मूर्ति नीलवर्ण हो गयी, एकदम विचित्र लग रही थी मानो, ठाकुर जी को जहर चढ़ गया हो। . केशव स्वामी सारी बात समझ गये, बोले, "प्रभु ! आपने भाव के बल से यह जहर चूस लिया लेकिन आप तो सर्वसमर्थ हैं। पूतना के स्तनों से हलाहल जहर पी लिया और आप ज्यों-के-त्यों रहे, कालिय नाग के विष का असर भी नहीं हुआ तो यह वचनाग का जहर आपके ऊपर क्या असर कर गया? आप कृपा करके इस जहर के प्रभाव को हटा लीजिए और पूर्ववत् हो जाइये। . इस प्रकार स्तुति की तो देखते ही देखते व्यापारी और भक्तों के सामने भगवान की मूर्ति पहले जैसी प्रकाशमयी, तेजोमयी हो गयी। . 🌷समय कैसा भी हो स्थिति कैसी भी हो यदि भक्त के हृदय में भगवान् विराजमान है तो भक्त का अहित कभी हो ही नही सकता। वह तोजोमय, लीलाधारी भगवान् अपने भक्तों की रक्षा हर प्रकार से करते ही हैं।🌷 . 🙏🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🙏 [ *हिटलर को संदेश भेज दो ....* द्वितीय विश्वयुद्ध का समय:- जर्मनी के बमवर्षकों का खौफ लन्दन में दूध की लंबी लाइन वितरण कर रहे व्यक्ति ने घोषणा की, केवल एक बोतल और है, बाकी के लोग कल आयें। आखिरी दूध की बोतल जिस शख्स के हाथ आई उसके ठीक पीछे एक महिला खड़ी थी जिसकी गोद में छोटा बच्चा था। उसके चेहरे पर अचानक चिंता की लकीरें उभर आईं लेकिन अचानक उसने देखा वितरण करने वाला व्यक्ति उसके हाथ में बोतल थमा रहा था। वह चौंकी । उसके आगे खड़ा व्यक्ति बिना दूध लिए लिए लाइन से हट गया था ताकि छोटे बच्चे को गोद में लिए वह महिला दूध हासिल कर सके। अचानक तालियों की आवाज आने लगी। लाइन में खड़े सभी व्यक्ति उस शख्स का करतलध्वनि से अभिनन्दन कर रहे थे। लेकिन उस शख्स ने उस महिला के पास जाकर कहा आपका बच्चा बहुत ही प्यारा है । वह इंग्लैंड का भविष्य है उसकी अच्छी परवरिश करिए। इस घटना की खबर प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के पास जब पहुंची तो वे जर्मनी के जबरदस्त हमलों की विभीषिका से उत्पन्न चिंता से उबरकर बोल पड़े। हिटलर को संदेश भेज दो, ब्रिटेन की जीत को कोई नहीं रोक सकता क्योंकि यहां के लोग देश पर मंडरा रहे संकट के समय अपना निजी हित भूलकर देश के बारे में सोचते हैं। चर्चिल का विश्वास सच निकला। ब्रिटेन विश्वयुद्ध में विजेता बनकर उभरा । # हमारे देश पर भी संकट मंडरा रहा है। क्या हम अपनी चारित्रिक श्रेष्ठता प्रमाणित करने तैयार हैं?? कृपा इसे आगे भेजने का कष्ट करें। धन्यवाद🙏 *जय श्री राधेकृष्णा*🥀🥀🙏

+442 प्रतिक्रिया 60 कॉमेंट्स • 175 शेयर
R.G.P.Bhardwaj Mar 27, 2020

+14 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 32 शेयर
Neha Sharma, Haryana Mar 26, 2020

*तू नाराज तो है अपने इंसान से भगवान.. *नहीं तो मंदिरों के दरवाजे बंद ना करता.. *सज़ा दे रहा है कुदरत से खिलवाड़ की.. *नहीं तो गुरुद्वारों से लंगर कभी ना उठता.. *आज उन बारिश की बूंदों से संदेश मिला.. *रोता तो तू भी है जब इंसान आंसू बहाता.. *माफ़ करदे अपने बच्चों के हर गुनाह.. *सब कहते हैं, तेरी मर्ज़ी के बिना तो पत्ता भी नहीं हिलता!!! 🍁👏*जय श्री राधेकृष्णा*👏🍁 🙏🥀*शुभ रात्रि नमन*🥀🙏 *आप सभी भाई-बहनों की रात्रि मंगलमय हो* *कुछ दिन महेंगे समान बेच कर* *आप अंबानी नही बन जाओगे* 😡 *किसी गरीब की बद्दुआ लग गयी तो सब हॉस्पिटल में दे आओगे 🤛🤛🤛🤛🤛🤛 *इसलिए..... *कालाबाजारी नही*🙏🙏🙏 *ये है विश्व का सबसे पहला लॉक डाउन.......* *जब सभी बृजवासी गोवेर्धन पर्वत के नीचे 7 दिन एवम् 7 रात्रि तक रहे थे।उनके मध्य थे हमारे श्याम सुंदर।* *बिहारी जी ऐसे ही सभी मानव जीवन की रक्षा करें।* 🙏🏻🙏🏻🌸🌸🕉️🕉️🌺🌺🚩 *यदि कोई भी दुकानदार सामान से अधिक रेट मांगे या कीमत बढ़ाकर मांगे पूछने पर यह बताएं कि ऊपर से महंगा आ रहा है तो तुरंत 7667 532042/9708320025 पर बेहिचक कॉल करें दुकान का नाम बताएं 10 मिनट के अंदर प्रशासन पहुंचकर दुकान को सील करेगा इस मुश्किल घड़ी में लोगों की मदद करें ना कि लोगों को लूटने का काम करें। जनहित में जारी। *हमारे जीवन में किस व्यक्ति की उपस्थिति कितनी एवं क्यों बनी रहेगी, यह सभी का अपना पृथक चयन होगा। किसे कितना महत्व देना है, किसे परिस्थितिवश देना पड़ता है यह भी लगभग व्यक्ति विशेष पर ही निर्भर करता है। स्मरण रखने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कोई भी व्यक्ति, यदि जीवन में किसी न किसी प्रकार से अपनी उपस्थिति बनाये रखना चाहता है, तो उनकी ओर विशेष रूप में ध्यान देने की आवश्यकता है। उद्देश्य, कारण, परिस्थिति इन सबका विश्लेषण करते हुए मंथन अति आवश्यक है। व्यक्ति चाहे दुष्ट प्रवृत्ति का हो अथवा सुंदर, सज्जन प्रवृत्ति का हो, दोनों की ही अति उपेक्षा हानिकारक हो सकती है, उचित नहीं कही जा सकती...विश्लेषण तथा मंथन कर निर्णय आवश्यक है..!! प्रसन्न रहें!!* *जय श्री कृष्ण*🙏🙏 *आज का दिन शुभ मंगलमय हो* [🙏💐 श्री हरि बोल।🙏💐 एक भक्त ईश्वर से कहता है मुझे जीवन भर सुखशांति चाहिये।" ईश्वर ने तुरंत हां कर दी। भक्त......"मुझे परिवार का भी जिंदगी भर सुख चैन चाहिये"।? ईश्वर ने तुरंत हां कर दी। फिर भक्त..."मुझे अपने रिश्तेदारों की भी सलामती चाहिये।" ईश्ववर ने हां कर दी। भक्त बहुत प्रसन्न हुआ कहा .....मुझे मेरे जीवन में कोई दुःख तकलीफ नही चाहिये। ईश्वर ने तुरंत हामी भर दी। भक्त बोला... .."आपकी कोई शर्त ?" ईश्वर हंसे और बोले .. बस छोटी सी...... रोज सिर्फ एक घंटा नाम सिमरन...। भक्त बोला... मैं ये नही कर सकता.। ईश्वर बोले "तेरे एक घंटा नाम सिमरन के बदले मैं तुझे तेरे, तेरे परिवार, और रिश्तेदारों को उम्र भर सुख चैन खुशियां देने का वादा करता हूं।" जिंदगी में तुझे कोई दुख दर्द तकलीफ नही होगी। तुम हर टेंशन से मुक्त रहोगे। भक्त बोला... ना बाबा ना, मैं एक घंटा नाम सिमरन नही कर सकता. ईश्वर बोले...... एक बार फिर सोच लो। भक्त.."नहीं होगा। तब से आज तक ये इंसान दुख दर्द तकलीफें भुगत रहा है। वो नाम दान तो ले लेता है। ईश्वर से वादा भी करता है...दावा तक करता है। पर सिर्फ एक घंटा नाम सिमरन नही कर सकता। ईश्वर कहते है... "यह इंसान भी अजीब है.. ढाई घंटे फिल्म देख सकता है। ढाई घंटे डाक्टर के पास जाकर लाईन में बैठ सकता है। ढाई घंटे योगा तक कर सकता है, अपनी तबियत ठीक करने के लिये। पूरा पूरा दिन ट्रेन में सफर कर सकता है। पार्टियों में घंटों टाईम-पास कर सकता है।" लेकिन................. जो ईश्वर मात्र एक घंटा नाम सिमरन के बदले मनुष्य के हर दुख दर्द तकलीफ संकट बीमारियां तक दूर करने की गारंटी देता हैं।जिंदगी में खुशियां ही खुशियाँ लाने का वादा करता है। उसकी यह छोटी सी शर्त इस इंसान को मंजूर नहीं है। शायद........... इसी वजह से ये इंसान आज, बहुत कुछ, भुगत रहा है। हो सके तो नाम सिमरन जरुर करें। 🙏अपने लिए,अपनी आत्मा और अपनो के कल्याण के लिए। भजते रहिए।🙏 [ 2️⃣6️⃣❗0️⃣3️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣0️⃣ *"बहुत ही सुंदर सुविचार*......*चार मित्र"* *चार मित्र थे। एक ब्राह्मण था, एक क्षत्रिय, एक वैश्य और एक शूद्र। चारों में इतना प्रेम था, जैसे एक प्राण, चार तन हों। चारों सदा साथ रहते, परदेश भी जाते तो एक साथ। *ब्राह्मण सम्पूर्ण शास्त्रों का ज्ञाता था। क्षत्रिय शस्त्र-विद्या में पूर्ण पारंगत था। वैश्य को व्यापार की एक-एक बारीक कला ज्ञात थी। शूद्र में सभी के प्रति सहज सेवा-भाव था। न किसी में अहंकार था, न हीनभाव। *एक बार वे चारों घूमते-घूमते दूसरे नगर में पहुँच गये। वहाँ का राजा सन्तानहीन था। सन्तान की आशा करते-करते वह वृद्ध हो चला। उसे अब किसी योग्य उत्तराधिकारी की तलाश थी। राजा के सिंहासन के सामने एक सुन्दर-सी मिट्टी की प्रतिमा रखी रहती। राजा स्वयं कलाकार था। उसने स्वयं ही गढ़कर यह प्रतिमा तैयार की थी। वह प्रतिमा सदा उसके सामने रहती और वह अक्सर सोचता 'काश! इस प्रतिमा में कोई प्राण फूँक देता तो यह सजीव हो उठती।' *वे चारों मित्र एक दिन घूमते-घूमते उस राजा के दरबार में जा पहुँचे। चारों राजाको झुककर प्रणाम कर रहे थे कि उनकी दृष्टि उस प्रतिमा पर पड़ी । प्रतिमा का अनूठा सौन्दर्य उन्हें आकर्षित करने लगा । चारों विचार करने लगे 'क्या ही अच्छा होता कि यह प्रतिमा सजीव हो उठती।' तभी शूद्र ने अपनी इच्छा-शक्ति से उसके पैरों में प्राण-शक्ति आरोपित की। वैश्य ने उसके हृदयप्रदेश में चेतना का संचार किया। क्षत्रिय ने अपनी सम्पूर्ण क्षात्र-शक्ति की सहायता से उसकी बाहुओं में प्राण फूँके। अब ब्राह्मण ने अपने ब्रह्मज्ञान के बल पर उसके मस्तिष्क में प्राणों का प्रवेश कराया। इतने में ही वह मिट्टी की प्रतिमा जो अब तक निर्जीव खड़ी थी, एक सुन्दर सर्वगुण सम्पन्न नवयुवक के रूप में सजीव होकर सामने खड़ी हो गयी। सहसा यह चमत्कार देख राजा अपार हर्ष से झूम उठा। उसका ध्यान उन चारों मित्रों पर गया। उसने उन्हें अपने पास बुलाकर कहा, 'आप चारों में से जिसने भी इस प्रतिमा में प्राण डाले हैं, मैं उसे अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहता हूँ।' ब्राह्मण विनम्रता से बोला, 'महाराज! हम चारों में कोई अलग नहीं है, हम चार शरीर एक प्राण हैं, हम एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं।' राजा ने कहा, 'फिर आप ही निर्णय करके बतायें कि मैं किसे अपना उत्तराधिकारी घोषित करूँ?' *चारों मित्र कहने लगे, 'महाराज! हममें से किसी को भी राज्य का मोह नहीं है, आप हम चारों के प्रतिनिधिरूप इस प्रतिमा को ही अपना उत्तराधिकारी बना लें, हम चारों ने समानरूप से प्रयत्न करके इस प्रतिमा को सजीव बनाया है। इस प्रतिमा के रूप में हम चारों आपके सामने उपस्थित रहेंगे, जब तक आपके राज्य में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र प्रेम एवं सद्भाव से रहेंगे, तब तक यह प्रतिमा सजीव रहेगी।' राजा ने प्रसन्न होकर अपने उत्तराधिकारी का राज्याभिषेक किया। तभी सबने देखा कि उन चारों मित्रों के नेत्रों से प्रकाश की किरणें निकलीं और नये शासक के नेत्रों में समा गयीं। *🙏🏿🙏🙏🏽जय जय श्री राधेकृष्णा*🙏🏼🙏🏾🙏🏻

+559 प्रतिक्रिया 81 कॉमेंट्स • 309 शेयर
Neha Sharma, Haryana Mar 25, 2020

🌹🙏*जय माता दी*🙏🌹 *आपके शब्द ही* *आपकी Master key हैं,,,,!* *ये दिलों के दरवाजे* *खोल भी सकते हैं,,,,!* *और लोगों के मुँह पर* *ताले भी लगा सकते हैं,,,,!!* *🙏🌹*शुभ रात्रि नमन🌹🙏* *आप सभी भाई-बहनों की रात्रि शुभ व मंगलमय हो!* ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ दिल्ली 195 देशों में कोरोना का कहर कोरोना पर 2:30 बजे तक का आंकड़ा दुनियाभर में 16585 लोगों की मौत दुनियाभर में 383008 लोगों को कोरोना इटली में 63927 लोगों को कोरोना इटली में 6077 लोगों की मौत चीन में 3277 लोगों की मौत चीन में 81171 लोगों को कोरोना स्पेन में 35212 लोगों को कोरोना स्पेन में 2316 लोगों की मौत अमेरिका में 46145 लोगों को कोरोना अमेरिका में 582 लोगों की मौत भारत में 511 लोगों को कोरोना भारत में 10 लोगों की मौत ईरान में 23049 लोगों को कोरोना ईरान में 1812 लोगों की मौत जर्मनी में 29056 लोगों को कोरोना जर्मनी में 123 लोगों की मौत फ्रांस में 19856 लोगों को कोरोना फ्रांस में 860 लोगों की मौत पाकिस्तान में 892 को कोरोना, 6 मौत जापान में 11240 को कोरोना, 42 मौत Important Announcement From Prime Minister Of India* 👉🏻14 अप्रेल तक पूरा भारत लोकडाउन 👉🏻रात 12 बजे से दुनिया का सबसे बड़ा लोकडाउन लागू 👉🏻21 दिन के लिए पूरे देश में लोकडाउन 👉🏻21 दिन का लोकडाउन नागरिकों की रक्षा के लिए है 👉🏻 जरूरी सामानों की सप्लाई बनी रहेगी 👉🏻यह लोकडाउन एक तरह से कर्फ्यू के समान ही है 👉🏻चाहे जो हो जाए घर में ही रहना है 👉🏻घरों से निकलने के लिए पूरी तरीके से पाबंदी है 👉🏻देश में आप जहाँ है वहीं पर रहे 👉🏻कोरोना से लड़ने के लिए 15000 करोड़ रुपए के पैकेज जारी 👉🏻 को - कोई रो - रॉड पर ना - ना निकले 👉🏻अफवाह और अंधविश्वास से बचें 👉🏻21 दिन नहीं संभले तो 21 साल पीछे चले जायेंगे 👉🏻21 दिनों तक अपने घर के बाहर लक्ष्मण रेखा खींच ले 👉🏻 आपका एक गलत कदम कोरोना को घर में ले कर आ सकता है 👉🏻 बिना डॉक्टरों की सलाह के बगैर कोई दवाई ना लें 👉🏻कोरोना से बचने का एक ही मात्र रास्ता - घर में रहे, घर में रहे, घर में रहे 👉🏻कोरोना के खिलाफ लड़ने वालों के लिए प्रार्थना करें यदि आपके पास राष्ट्रपति के स्तर का कार्य है, तभी बाहर निकलें सावधान रहें, यह पेट का *कीड़ा* नहीं है, जो निकल जाएगा। कोरोना है राशन कार्ड से नाम निकाल देगा। 🥴🥴🥴👍🏻 *_160 से अधिक स्थानों पर कोरोना केम्प लगा के RSS दे🚩 #कोरोना #हिंदुस्तान संक्रमित : 511 मौत : 10 रिकवर : 37®️🅿 *बीमारी पहचानिये*..... ◇ सूखी खाँसी + छींक = वायु-प्रदूषण ○ खाँसी + बलगम + छींक + बहती नाक = साधारण ज़ुकाम ● खाँसी + बलगम + छींक + बहती नाक + शरीर दर्द + कमजोरी + हलका बुखार = फ्लयू ■ सूखी खाँसी + छींक + शरीर दर्द + कमजोरी + तेज़ बुखार + साँस लेने में तकलीफ = कोरोनावायरस सही जानकारी रखें ,सावधानी रखें , सकारात्मक रहे, खुश रहें। *स्वास्थ्य संबंधी सुविचार*...... सुबह उठने के बाद खाली पेट कम से कम दो गिलास पानी पीना चाहिए. दुनिया भर के डॉक्टर और विशेषज्ञ भी सुबह उठने के बाद पानी पीने की सलाह देते हैं. दरअसल, सुबह के समय पानी पीने से वजन कम होता है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म भी अच्छा रहता है. ज्यादातर लोग सुबह उठने के बाद पानी न पीने की गलती तो करते ही हैं. इसके अलावा खाली पेट चाय या कॉफी पीने की आदत से बीमारियों को न्योता देते हैं. दरअसल, खाली पेट चाय या कॉफी पीने से आपको पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं, इससे बचने के लिए बेहतर यही होगा कि सुबह में ब्रेकफास्ट करने के बाद आप चाय या कॉफी पीएं. हेल्दी रहने के लिए सुबह का ब्रेकफास्ट बेहद जरूरी माना जाता है. इसे दिन का सबसे जरूरी मील माना जाता है. दरअसल, रात में सोने के बाद पेट बिल्कुल खाली हो जाता है और एनर्जी लेवल एकदम कम हो जाता है. ऐसे में सुबह के समय हेल्दी नाश्ता करने से बॉडी को एनर्जी मिलती है और शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है. इसके विपरित अगर आप सुबह नाश्ता नहीं करते हैं तो इससे आप कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. सुबह के वक्त सूरज से निकलने वाली किरणे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी जाती हैं. सुबह की गुलाबी धूप में कुछ समय बिताकर विटामिन डी की कमी को दूर किया जा सकता है. अगर आप सुबह की धूप में जाने से कतराते हैं तो यह आदत आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है. जबकि सुबह कुछ देर धूप में बिताने से बॉडी को एनर्जी मिलती है, मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और वजन भी नहीं बढ़ता है. सुबह खाली पेट एक्सरसाइज करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. नियमित तौर पर सुबह में कुछ देर तक एक्सरसाइज करने से फैट तेजी से कम होता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है. सुबह एक्सरसाइज के लिए यह जरूरी नहीं है कि आप जिम ही जाएं. खुद को फिट रखने के लिए आप वॉकिंग, रनिंग, साइकलिंग, स्विमिंग जैसे एक्सराइज कर सकते हैं. गौरतलब है कि रोजाना सुबह के समय अगर आप इन गलतियों को दोहराते हैं तो आपको कई बीमारियां अपना शिकार बना सकती हैं, लेकिन अगर आप अपनी आदतों में सुधार लाकर बेहतर तरीके से अपने दिन की शुरुआत करते हैं तो इससे आप लंबे समय तक फिट और हेल्दी बने रह सकते हैं🌿 👏राम राम जी👏 *न दोस्तों की, न दुश्मनों की रहगुज़र में रहें।* *ये वक़्त वो है, की हर शख्स अपने घर में ही रहे।।* 🌹*शुभ रात्रि नमन*🌹 ☘️💨🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏💨☘️

+584 प्रतिक्रिया 63 कॉमेंट्स • 206 शेयर
Sunita Pawar Mar 25, 2020

आंखो को यह बेबसी नम कर गई मरने से पहले घर आया , बच्चो को गेट से ही बाहर से देखा और चला गया और फिर उसने दुनिया को अलविदा कह दिया। कितना दुखदाई यह लम्हा रहा होगा कि अपने बच्चो को अपने सीने से भी न लगा सका न ही प्यार कर सका और न ही चूम सका इंसानियत आपकी क़र्ज़दार रहेगी डॉ #हैदियो #अली !! इस तस्वीर को हमेशा याद रखिये, यह मार्मिक तस्वीर त्याग की एक मिसाल है. यह #इंडोनेशिया के डा. हैदियो अली की आख़री तस्वीर है जो कोरोना वॉयरस के मरीज़ों का इलाज करते हुए खुद कोरोना से संक्रमित हो गये थे. जब उनको लगा के अब वह नहीं बचेंगे तो घर गए और गेट के बाहर खड़े होकर अपने बच्चों और प्रैग्नेंट बीवी को आख़री बार निहारा और फिर चले गए, यह तस्वीर उनकी पत्नी ने ली थी जब वह अपने बच्चों को जी भरकर देखने और उनसे विदा लेने आये थे, वह दूर ही खड़े रहे, वह नहीं चाहते थे कि उनके बीबी बच्चों तक वायरस पँहुचे डॉ. हैदियो अली इंसान के रूप में एक फ़रिश्ता साबित हुये, ऐसे डॉक्टर को सलाम, शत शत नमन. S.visvkarma ✍️

+25 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 36 शेयर

+13 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 35 शेयर

+18 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 47 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB