जय श्री राधे कृष्ण जय श्री राम शुभ दीपावली

जय श्री राधे कृष्ण
जय श्री राम
शुभ दीपावली

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Manoj Gupta AGRA Nov 14, 2020
jai shree radhe krishna behan 🙏🙏🌷 Diwali ki hardik shubhkamnaye 🙏🙏🌷🌸

Brajesh Sharma Nov 14, 2020
जय जय सिया राम जी.. जय श्रीराम जी.... जय हनुमान जी.. राम लखन जानकी, जय बोलो हनुमान ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव आदरणीय आपको दीपावली की अनंत शुभकामनाओं सहित बधाई ईश्वर आपकी समस्त कामनाओं की पूर्ति करें, आपका सदा कल्याण करें..

Mira nigam 7007454854 Nov 15, 2020
जय जय श्री राधे कृष्णा जी जय जय श्री राधे कृष्णा जी ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः जय हो गणेश भगवान की जय

Brajesh Sharma Nov 15, 2020
💫💫 *श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,*💫💫 *तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ । *तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,* *तोपे चढ़े दूध की धार ।* 💫 *तेरी सात कोस की परिकम्मा,* *चकलेश्वर है विश्राम ।*💫💫 *तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,* *ठोड़ी पे हीरा लाल ।*💫💫 *तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,* *तेरी झांकी बनी विशाल।* 🚩🔅🦚🔅🚩 *गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण* *बोलो गिरिराज महाराज की जय*। 🔱✨💫🔱 ✨🔅✨🔅✨🔅✨🔅 *अन्नकूट और नूतन वर्ष की हार्दिक शुभ् कामनाये*।* 🐾☀💢🔅💫 🌹🚩🙏🏼 🎉🌹 🙏🏻 🎉🌹

Brajesh Sharma Nov 16, 2020
ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव भाई-बहन के स्नेहिल रिश्तों में प्रेम,विश्वास एवं समर्पण की पावनता के प्रतीक पर्व “#भाई_दूज” की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं..! भाई के लिए रक्षा सूत्र और बहन के लिए सुरक्षा वचन से सुशोभित भाई दूज के अवसर पर मेरी ईश्वर से कामना है कि भाई-बहन के अटूट रिश्तों में श्रद्धा और विश्वास सदैव बना रहें ..! “शुभकामनायें”

Nisha Jan 25, 2021

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Jai Mata Di Jan 25, 2021

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आशुतोष Jan 25, 2021

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Sonu Sharma Jan 25, 2021

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parvati kanwar Jan 25, 2021

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Radhe Shivansh Jan 25, 2021

. *" केदारनाथ को क्यों कहते हैं ‘जागृत महादेव’ ?? "* एक बार एक शिव-भक्त अपने गांव से केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकला। पहले यातायात की सुविधाएँ तो थी नहीं, वह पैदल ही निकल पड़ा। रास्ते में जो भी मिलता केदारनाथ का मार्ग पूछ लेता। मन में भगवान शिव का ध्यान करता रहता। चलते चलते उसको महीनो बीत गए। आखिरकार एक दिन वह केदार धाम पहुच ही गया। केदारनाथ में मंदिर के द्वार 6 महीने खुलते है और 6 महीने बंद रहते है। वह उस समय पर पहुचा जब मन्दिर के द्वार बंद हो रहे थे। पंडित जी को उसने बताया वह बहुत दूर से महीनो की यात्रा करके आया है। पंडित जी से प्रार्थना की - कृपा कर के दरवाजे खोलकर प्रभु के दर्शन करवा दीजिये । लेकिन वहां का तो नियम है एक बार बंद तो बंद। नियम तो नियम होता है। वह बहुत रोया। बार-बार भगवन शिव को याद किया कि प्रभु बस एक बार दर्शन करा दो। वह प्रार्थना कर रहा था सभी से, लेकिन किसी ने भी नही सुनी। पंडित जी बोले अब यहाँ 6 महीने बाद आना, 6 महीने बाद यहा के दरवाजे खुलेंगे। यहाँ 6 महीने बर्फ और ढंड पड़ती है। और सभी जन वहा से चले गये। वह वही पर रोता रहा। रोते-रोते रात होने लगी चारो तरफ अँधेरा हो गया। लेकिन उसे विस्वास था अपने शिव पर कि वो जरुर कृपा करेगे। उसे बहुत भुख और प्यास भी लग रही थी। उसने किसी की आने की आहट सुनी। देखा एक सन्यासी बाबा उसकी ओर आ रहा है। वह सन्यासी बाबा उस के पास आया और पास में बैठ गया। पूछा - बेटा कहाँ से आये हो ? उस ने सारा हाल सुना दिया और बोला मेरा आना यहाँ पर व्यर्थ हो गया बाबा जी। बाबा जी ने उसे समझाया और खाना भी दिया। और फिर बहुत देर तक बाबा उससे बाते करते रहे। बाबा जी को उस पर दया आ गयी। वह बोले, बेटा मुझे लगता है, सुबह मन्दिर जरुर खुलेगा। तुम दर्शन जरुर करोगे। बातों-बातों में इस भक्त को ना जाने कब नींद आ गयी। सूर्य के मद्धिम प्रकाश के साथ भक्त की आँख खुली। उसने इधर उधर बाबा को देखा, किन्तु वह कहीं नहीं थे । इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता उसने देखा पंडित जी आ रहे है अपनी पूरी मंडली के साथ। उस ने पंडित को प्रणाम किया और बोला - कल आप ने तो कहा था मन्दिर 6 महीने बाद खुलेगा ? और इस बीच कोई नहीं आएगा यहाँ, लेकिन आप तो सुबह ही आ गये। पंडित जी ने उसे गौर से देखा, पहचानने की कोशिश की और पुछा - तुम वही हो जो मंदिर का द्वार बंद होने पर आये थे ? जो मुझे मिले थे। 6 महीने होते ही वापस आ गए ! उस आदमी ने आश्चर्य से कहा - नही, मैं कहीं नहीं गया। कल ही तो आप मिले थे, रात में मैं यहीं सो गया था। मैं कहीं नहीं गया। पंडित जी के आश्चर्य का ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा - लेकिन मैं तो 6 महीने पहले मंदिर बन्द करके गया था और आज 6 महीने बाद आया हूँ। तुम छः महीने तक यहाँ पर जिन्दा कैसे रह सकते हो ? पंडित जी और सारी मंडली हैरान थी। इतनी सर्दी में एक अकेला व्यक्ति कैसे छः महीने तक जिन्दा रह सकता है। तब उस भक्त ने उनको सन्यासी बाबा के मिलने और उसके साथ की गयी सारी बाते बता दी। कि एक सन्यासी आया था - लम्बा था, बढ़ी-बढ़ी जटाये, एक हाथ में त्रिशुल और एक हाथ में डमरू लिए, मृग-शाला पहने हुआ था। पंडित जी और सब लोग उसके चरणों में गिर गये। बोले, हमने तो जिंदगी लगा दी किन्तु प्रभु के दर्शन ना पा सके, सच्चे भक्त तो तुम हो। तुमने तो साक्षात भगवान शिव के दर्शन किये है। उन्होंने ही अपनी योग-माया से तुम्हारे 6 महीने को एक रात में परिवर्तित कर दिया। काल-खंड को छोटा कर दिया। यह सब तुम्हारे पवित्र मन, तुम्हारी श्रद्वा और विश्वास के कारण ही हुआ है। आपकी भक्ति को प्रणाम। *हर हर महादेव....* .

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Vandana Singh Jan 25, 2021

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Jagruti patel Jan 25, 2021

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Sanjay Saxena Jan 25, 2021

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