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[email protected] Jan 8, 2021

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. इंसान की असलियत की पहचान उसके व्यवहार और उसकी नियत से होती है..!! ✍️✍️ एक राजा के दरबार मे एक अजनबी इंसान नौकरी मांगने के लिए आया। उससे उसकी क़ाबलियत पूछी गई तो वो बोला, "मैं आदमी हो चाहे जानवर शक्ल देख कर उसके बारे में बता सकता हूँ। राजा ने उसे अपने खास "घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज" बना दिया। चंद दिनों बाद राजा ने उससे अपने सब से महंगे और मनपसन्द घोड़े के बारे में पूछा। उसने कहा, "नस्ली नही हैं। राजा को हैरानी हुई। उसने जंगल से घोड़े वाले को बुला कर पूछा। उसने बताया घोड़ा नस्ली तो है पर इसकी पैदायश पर इसकी मां मर गई थी। ये एक गाय का दूध पी कर उसके साथ पला है. राजा ने पूछा तुम को कैसे पता चला कि घोड़ा नस्ली नहीं है? उसने कहा , जब ये घास खाता है तो गायों की तरह सर नीचे करके खाता है जबकि नस्ली घोड़ा घास मुह में लेकर सर उठा लेता है। राजा उसकी काबलियत से बहुत खुश हुआ उसने उसके घर अनाज , घी और काफी सामान बतौर इनाम भिजवा दिए और उसे रानी के महल में तैनात कर दिया। चंद दिनो बाद राजा ने उससे रानी के बारे में राय मांगी। उसने कहा , तौर तरीके तो रानी जैसे हैं लेकिन पैदाइशी नहीं हैं। राजा के पैरों तले जमीन निकल गई। उसने अपनी सास को बुलाया। मामला उसको बताया। सास ने कहा "हक़ीक़त ये है कि आपके पिताजी ने मेरे पति से हमारी बेटी की पैदाइश पर ही रिश्ता मांग लिया था लेकिन हमारी बेटी 6 माह में ही मर गई थी , लिहाज़ा हम ने आपके रजवाड़े से करीबी रखने के लिए किसी और की बच्ची को अपनी बेटी बना लिया। राजा ने फिर अपने नौकर से पूछा "तुम को कैसे पता चला ? उसने कहा,"रानी साहिबा का नौकरो के साथ सुलूक गंवारों से भी बुरा हैं । एक खानदानी इंसान का दूसरों से व्यवहार करने का एक तरीका होता है जो रानी साहिबा में बिल्कुल नही। राजा फिर उसकी पारखी नज़रों से खुश हुआ और बहुत से अनाज , भेड़ बकरियां बतौर इनाम दीं। साथ ही उसे अपने दरबार मे तैनात कर दिया। कुछ वक्त गुज़रा , राजा ने फिर नौकर को बुलाया और अपने बारे में पूछा। नौकर ने कहा "जान की सलामती हो तो कहूँ। राजा ने वादा किया। उसने कहा , न तो आप राजा के बेटे हो और न ही आपका चलन राजाओं वाला है। राजा को बहुत गुस्सा आया। मगर जान की सलामती का वचन दे चुका था। राजा सीधा अपनी मां के महल पहुंचा। मां ने कहा, "ये सच है, तुम एक चरवाहे के बेटे हो। हमारी औलाद नहीं थी तो तुम्हे गोद लेकर हमने पाला है। राजा ने नौकर को बुलाया और पूछा , बता "तुझे कैसे पता चला? उसने कहा " जब राजा किसी को "इनाम" दिया करते हैं तो हीरे मोती और जवाहरात की शक्ल में देते हैं लेकिन आप भेड़ , बकरियां,खाने पीने की चीजें दिया करते हैं। ये रवैया किसी राजाओं का नही किसी चरवाहे के बेटे का ही हो सकता है। दोस्तों यदि किसी इंसान के पास कितनी धन दौलत , सुख समृद्धि , रुतबा , इल्म , बाहुबल है तो ये सब बाहरी दिखावा है।इंसान की असलियत की पहचान उसके व्यवहार और उसकी नियत से होती है।।

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🥀🥀 Feb 26, 2021

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Ranjit chavda Feb 26, 2021

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Kailash Prasad Feb 26, 2021

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🎪Krishna🎪 Feb 27, 2021

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🎪Krishna🎪 Feb 27, 2021

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