Mahesh Bhargava
Mahesh Bhargava Jan 23, 2020

माफ करना हम किसी की पोस्ट पर नहीं आ पाएंगे 🙏 कॉमेंट ना करे रिप्लाई नहीं कर कर पाऊंगा 🙏 शुभ रात्रि जी राधे राधे जी जय श्री कृष्णा जी

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🙏 कॉमेंट ना करे रिप्लाई नहीं कर कर पाऊंगा 🙏
शुभ रात्रि जी
राधे राधे जी
जय श्री कृष्णा जी

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कामेंट्स

KAPIL DEV Jan 23, 2020
🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🌺🌺🌺🌺🌺🌺 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 ओम नमो नारायण ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌺🌺🌺🌺🌺🌺 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🌺🌺🌺🌺🌺🌺 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 जय श्री महाकाल की जय हर हर महादेव की जय ओम नमः शिवाय की जय जय शिव शंकर की जय जय भोलेनाथ की जय बम बम भोले की जय 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌺🌺🌺🌺🌺🌺 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🌺🌺🌺🌺🌺🌺 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 श्री गंगधारी नमो नमः श्री महेश्वराय नमो नमः श्री दिगंबराय नमो नमः 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌺🌺🌺🌺🌺🌺 🙏🙏🙏🙏🙏🙏

pramod singh Jan 23, 2020
Jai Shri Krishna radhe radhe 🌹 good night ji

Brajesh Sharma Jan 23, 2020
जय जय श्री राम जी ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव जय जय श्री राधे कृष्णा जी

Poonam Aggarwal Jan 23, 2020
🌷 जय श्री कृष्णा राधे राधे जी 🌷🙏 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🕉️ आपकी रात्रि सुखमय एवं मंगलमय हो शुभ रात्रि नमन राधे कृष्णा जी 👏🌷🌷😊👌👌

Queen Jan 23, 2020
🌷🌼Radhe Radhe Jai Shree krishna Ji Good Night Bhai Ji 🌼🌷

Anilkumar marathe Jan 23, 2020
🙏जय श्रीकृष्ण रात की चांदनी आपको सदा सलामत रखे परियों की आवाज़ आपको सदा आबाद रखे पूरी कायनात को खुश रखने वाला वो रब आपकी हर एक ख़ुशी का ख्याल रखे। 🌹आपका शुभ व मंगलमय हो 🌹शुभरात्रि with sweet dreams.

Neha Sharma, Haryana Jan 23, 2020
जय श्री राधेकृष्णा भाईजी। शुभ रात्रि वंदन जी। ईश्वर की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे जी। आपका हर पल शुभ व मंगलमय हो भाई जी।

madanpal singh Jan 23, 2020
jai shree radhe radhe kirisana jiii shubh ratari jiii aapka har pal shub magalmay hoo jiii 🙏 🙏🌹 🕉️

Sudhir Singh gaur Jan 23, 2020
...* भाई जी. ॐ श्री गणेशाय नमः ॐ ॐ

DARSHAN Jan 23, 2020
JAI SHRI KRISHNA GOOD NIGHT JI 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Shivsanker Shukala Jan 23, 2020
शुभ रात्रि भैया जी जय श्री राधे कृष्णा

Poonam Aggarwal Jan 24, 2020
🚩 जय माता दी राधे राधे जी 🚩🙏🔯 माता रानी की कृपा से आपका हर पल शुभ मंगलमय हो हैप्पी मौनी अमावस्या शुभ शुक्रवार सुप्रभात नमन जी राधे कृष्णा जी 👏🌷🌷🍵🍵🙋

Mahesh Bhargava Jan 26, 2020

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Neha Sharma, Haryana Jan 27, 2020

*जय श्री राधेकृष्णा*🥀🥀🙏 *शुभ प्रभात् वंदन*🥀🥀🙏 *स्नान कब और कैसे करें घर की समृद्धि बढ़ाना हमारे हाथ में है। सुबह के स्नान को धर्म शास्त्र में चार उपनाम दिए हैं। *1* *मुनि स्नान।* जो सुबह 4 से 5 के बीच किया जाता है। . *2* *देव स्नान।* जो सुबह 5 से 6 के बीच किया जाता है। . *3* *मानव स्नान।* जो सुबह 6 से 8 के बीच किया जाता है। . *4* *राक्षसी स्नान।* जो सुबह 8 के बाद किया जाता है। ▶मुनि स्नान सर्वोत्तम है। ▶देव स्नान उत्तम है। ▶मानव स्नान सामान्य है। ▶राक्षसी स्नान धर्म में निषेध है। . किसी भी मानव को 8 बजे के बाद स्नान नहीं करना चाहिए। . *मुनि स्नान .......* 👉घर में सुख ,शांति ,समृद्धि, विद्या , बल , आरोग्य , चेतना , प्रदान करता है। . *देव स्नान ......* 👉 आप के जीवन में यश , कीर्ती , धन, वैभव, सुख ,शान्ति, संतोष , प्रदान करता है। . *मानव स्नान.....* 👉काम में सफलता ,भाग्य, अच्छे कर्मों की सूझ, परिवार में एकता, मंगलमय , प्रदान करता है। . *राक्षसी स्नान.....* 👉 दरिद्रता , हानि , क्लेश ,धन हानि, परेशानी, प्रदान करता है । . किसी भी मनुष्य को 8 के बाद स्नान नहीं करना चाहिए। . पुराने जमाने में इसी लिए सभी सूरज निकलने से पहले स्नान करते थे। *खास कर जो घर की स्त्री होती थी।* चाहे वो स्त्री माँ के रूप में हो, पत्नी के रूप में हो, बहन के रूप में हो। . घर के बड़े बुजुर्ग यही समझाते सूरज के निकलने से पहले ही स्नान हो जाना चाहिए। . *ऐसा करने से धन, वैभव लक्ष्मी, आप के घर में सदैव वास करती है।* . उस समय...... एक मात्र व्यक्ति की कमाई से पूरा हरा भरा परिवार पल जाता था, और आज मात्र पारिवार में चार सदस्य भी कमाते हैं तो भी पूरा नहीं होता। . उस की वजह हम खुद ही हैं। पुराने नियमों को तोड़ कर अपनी सुख सुविधा के लिए हमने नए नियम बनाए हैं। . प्रकृति ......का नियम है, जो भी उस के नियमों का पालन नहीं करता, उस का दुष्परिणाम सब को मिलता है। . इसलिए अपने जीवन में कुछ नियमों को अपनायें और उन का पालन भी करें । . आप का भला हो, आपके अपनों का भला हो। . मनुष्य अवतार बार बार नहीं मिलता। . अपने जीवन को सुखमय बनायें। जीवन जीने के कुछ जरूरी नियम बनायें। ☝ *याद रखियेगा !* 👇 *संस्कार दिये बिना सुविधायें देना, पतन का कारण है।* *सुविधाएं अगर आप ने बच्चों को नहीं दिए तो हो सकता है वह थोड़ी देर के लिए रोएं।* *पर संस्कार नहीं दिए तो वे जिंदगी भर रोएंगे।* मृत्यु उपरांत एक सवाल ये भी पूछा जायेगा कि अपनी अँगुलियों के नाम बताओ । जवाब:- अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :- (1)जल (2) पथ्वी (3)आकाश (4)वायु (5) अग्नि ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी । 5 जगह हँसना करोड़ों पाप के बराबर है 1. श्मशान में 2. अर्थी के पीछे 3. शोक में 4. मन्दिर में 5. कथा में सिर्फ 1 बार ये message भेजो बहुत लोग इन पापों से बचेंगे ।। अकेले हो? परमात्मा को याद करो । परेशान हो? ग्रँथ पढ़ो । उदास हो? कथाएं पढ़ो। टेन्शन में हो? भगवत् गीता पढ़ो । फ्री हो? अच्छी चीजें करो हे परमात्मा हम पर और समस्त प्राणियों पर कृपा करो...... *सूचना* क्या आप जानते हैं ? हिन्दू ग्रंथ रामायण, गीता, आदि को सुनने,पढ़ने से कैन्सर नहीं होता है बल्कि कैन्सर अगर हो तो वो भी खत्म हो जाता है। व्रत,उपवास करने से तेज बढ़ता है, सरदर्द और बाल गिरने से बचाव होता है । आरती----के दौरान ताली बजाने से दिल मजबूत होता है । ये मैसेज असुर भेजने से रोकेगा मगर आप ऐसा नहीं होने दें और मैसेज सब नम्बरों को भेजें । श्रीमद् भगवद्गीता, भागवत्पुराण और रामायण का नित्य पाठ करें। . ''कैन्सर" एक खतरनाक बीमारी है... बहुत से लोग इसको खुद दावत देते हैं ... बहुत मामूली इलाज करके इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है ... अक्सर लोग खाना खाने के बाद "पानी" पी लेते हैं ... खाना खाने के बाद "पानी" ख़ून में मौजूद "कैन्सर "का अणु बनाने वाले '''सैल्स'''को '''आक्सीजन''' पैदा करता है... ''हिन्दु ग्रंथों में बताया गया है कि... खाने से पहले 'पानी' पीना अमृत" है... खाने के बीच मे 'पानी' पीना शरीर की 'पूजा' है ... खाना खत्म होने से पहले 'पानी' पीना "औषधि'' है... खाने के बाद 'पानी' पीना बीमारियों का घर है... बेहतर है खाना खत्म होने के कुछ देर बाद 'पानी' पीयें ... ये बात उनको भी बतायें जो आपको 'जान' से भी ज्यादा प्यारे हैं ... हरि हरि जय जय श्री हरि !!! रोज एक सेब नो डाक्टर । रोज पांच बादाम, नो कैन्सर । रोज एक निंबू, नो पेट बढ़ना । रोज एक गिलास दूध, नो बौना (कद का छोटा)। रोज 12 गिलास पानी, नो चेहरे की समस्या । रोज चार काजू, नो भूख । रोज मन्दिर जाओ, नो टेन्शन । रोज कथा सुनो मन को शान्ति मिलेगी । "चेहरे के लिए ताजा पानी"। "मन के लिए गीता की बातें"। "सेहत के लिए योग"। और खुश रहने के लिए परमात्मा को याद किया करो । अच्छी बातें फैलाना पुण्य का कार्य है....किस्मत में करोड़ों खुशियाँ लिख दी जाती हैं । जीवन के अंतिम दिनों में इन्सान एक एक पुण्य के लिए तरसेगा ।

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Mamta Chauhan Jan 26, 2020

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*👣।।संत महिमा।।👣* एक जंगल में एक संत अपनी कुटिया में रहते थे। एक किरात (शिकारी), जब भी वहाँ से निकलता संत को प्रणाम ज़रूर करता था। एक दिन किरात संत से बोला की बाबा मैं तो मृग का शिकार करता हूँ, आप किसका शिकार करने जंगल में बैठे हैं.? संत बोले - श्री कृष्ण का, और फूट फूट कर रोने लगे। किरात बोला अरे, बाबा रोते क्यों हो ? मुझे बताओ वो दिखता कैसा है ? मैं पकड़ के लाऊंगा उसको। संत ने भगवान का वह मनोहारी स्वरुप वर्णन कर दिया.... कि वो सांवला सलोना है, मोर पंख लगाता है, बांसुरी बजाता है। किरात बोला: बाबा जब तक आपका शिकार पकड़ नहीं लाता, पानी भी नही पियूँगा। फिर वो एक जगह जाल बिछा कर बैठ गया... 3 दिन बीत गए प्रतीक्षा करते करते, दयालू ठाकुर को दया आ गयी, वो भला दूर कहाँ है, बांसुरी बजाते आ गए और खुद ही जाल में फंस गए। किरात तो उनकी भुवन मोहिनी छवि के जाल में खुद फंस गया और एक टक शयाम सुंदर को निहारते हुए अश्रु बहाने लगा, जब कुछ चेतना हुयी तो बाबा का स्मरण आया और जोर जोर से चिल्लाने लगा शिकार मिल गया, शिकार मिल गया, शिकार मिल गया, और ठाकुरजी की ओर देख कर बोला, अच्छा बच्चू .. 3 दिन भूखा प्यासा रखा, अब मिले हो, और मुझ पर जादू कर रहे हो। शयाम सुंदर उसके भोले पन पर रीझे जा रहे थे एवं मंद मंद मुस्कान लिए उसे देखे जा रहे थे। किरात, कृष्ण को शिकार की भांति अपने कंधे पे डाल कर और संत के पास ले आया। बाबा, आपका शिकार लाया हूँ.... बाबा ने जब ये दृश्य देखा तो क्या देखते हैं किरात के कंधे पे श्री कृष्ण हैं और जाल में से मुस्कुरा रहे हैं। संत के तो होश उड़ गए, किरात के चरणों में गिर पड़े, फिर ठाकुर जी से कातर वाणी में बोले - हे नाथ मैंने बचपन से अब तक इतने प्रयत्न किये, आप को अपना बनाने के लिए घर बार छोडा, इतना भजन किया आप नही मिले और इसे 3 दिन में ही मिल गए...!! भगवान बोले - इसका तुम्हारे प्रति निश्छल प्रेम व कहे हुए वचनों पर दृढ़ विश्वास से मैं रीझ गया और मुझ से इसके समीप आये बिना रहा नहीं गया। भगवान तो भक्तों के संतों के आधीन ही होतें हैं। जिस पर संतों की कृपा दृष्टि हो जाय उसे तत्काल अपनी सुखद शरण प्रदान करतें हैं। किरात तो जानता भी नहीं था की भगवान कौन हैं। पर संत को रोज़ प्रणाम करता था। संत प्रणाम और दर्शन का फल ये है कि 3 दिन में ही ठाकुर मिल गए । यह होता है संत की संगति का परिणाम!! *"संत मिलन को जाईये तजि ममता अभिमान, ज्यो ज्यो पग आगे बढे कोटिन्ह यज्ञ समान"*

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SHANTI PATHAK Jan 26, 2020

शुभरात्रि जी 🙏🏻जय श्री कृष्ण ईश्वर पर विश्वास एक ब्राह्मण को विवाह के बहुत सालों बाद पुत्र हुआ लेकिन कुछ वर्षों बाद बालक की असमय मृत्यु हो गई। ब्राह्मण शव लेकर श्मशान पहुँचा। वह मोहवश उसे दफना नहीं पा रहा था। उसे पुत्र प्राप्ति के लिए किए जप-तप और पुत्र का जन्मोत्सव याद आ रहा था। श्मशान में एक गिद्ध और एक सियार रहते थे। दोनों शव देखकर बड़े खुश हुए। दोनों ने प्रचलित व्यवस्था बना रखी थी - दिन में सियार माँस नहीं खाएगा और रात में गिद्ध। सियार ने सोचा - यदि ब्राह्मण दिन में ही शव रखकर चला गया तो उस पर गिद्ध का अधिकार होगा। इसलिए क्यों न अंधेरा होने तक ब्राह्मण को बातों में फँसाकर रखा जाए।वहीं गिद्ध ताक में था कि शव के साथ आए कुटुंब के लोग जल्द से जल्द जाएँ और वह उसे खा सके। गिद्ध ब्राह्मण के पास गया और उससे वैराग्य की बातें शुरू की। गिद्ध ने कहा - मनुष्यों, आपके दुख का कारण यही मोहमाया ही है। संसार में आने से पहले हर प्राणी का आयु तय हो जाती है। संयोग और वियोग प्रकृति के नियम हैं। आप अपने पुत्र को वापस नहीं ला सकते। इसलिए शोक त्यागकर प्रस्थान करें। संध्या होने वाली है। संध्याकाल में श्मशान प्राणियों के लिए भयदायक होता है इसलिए शीघ्र प्रस्थान करना उचित है। गिद्ध की बातें ब्राह्मण के साथ आए रिश्तेदारों को बहुत प्रिय लगीं। वे ब्राह्मण से बोले - बालक के जीवित होने की आशा नहीं है। इसलिए यहाँ रुकने का क्या लाभ? सियार सब सुन रहा था। उसे गिद्ध की चाल सफल होती दिखी तो भागकर ब्राह्मण के पास आया। सियार कहने लगा - बड़े निर्दयी हो। जिससे प्रेम करते थे, उसके मृत-देह के साथ थोड़ा वक्त नहीं बिता सकते!! फिर कभी इसका मुख नहीं देख पाओगे। कम से कम संध्या तक रुककर जी भर के देख लो! उन्हें रोके रखने के लिए सियार ने नीति की बातें छेड़ दीं - जो रोगी हो, जिस पर अभियोग लगा हो और जो श्मशान की ओर जा रहा हो उसे बंधु-बांधवों के सहारे की ज़रूरत होती है।सियार की बातों से परिजनों को कुछ तसल्ली हुई और उन्होंने तुरंत वापस लौटने का विचार छोड़ा। अब गिद्ध को परेशानी होने लगी। उसने कहना शुरू किया - तुम ज्ञानी होने के बावजूद एक कपटी सियार की बातों में आ गए। एक दिन हर प्राणी की यही दशा होनी है। शोक त्यागकर अपने-अपने घर को जाओ। जो बना है वह नष्ट होकर रहता है। तुम्हारा शोक मृतक को दूसरे लोक में कष्ट देगा। जो मृत्यु के अधीन हो चुका क्यों रोकर उसे व्यर्थ कष्ट देते हो ? लोग चलने को हुए तो सियार फिर शुरू हो गया - यह बालक जीवित होता तो क्या तुम्हारा वंश न बढ़ाता? कुल का सूर्य अस्त हुआ है कम से कम सूर्यास्त तक तो रुको! अब गिद्ध को चिंता हुई। गिद्ध ने कहा - मेरी आयु सौ वर्ष की है। मैंने आज तक किसी को जीवित होते नहीं देखा। तुम्हें शीघ्र जाकर इसके मोक्ष का कार्य आरंभ करना चाहिए। सियार ने कहना शुरू किया - जब तक सूर्य आकाश में विराजमान हैं, दैवीय चमत्कार हो सकते हैं। रात्रि में आसुरी शक्तियाँ प्रबल होती हैं। मेरा सुझाव है थोड़ी प्रतीक्षा कर लेनी चाहिए। सियार और गिद्ध की चालाकी में फँसा ब्राह्मण परिवार तय नहीं कर पा रहा था कि क्या करना चाहिए। अंततः पिता ने बेटे का सिर में गोद में रखा और ज़ोर-ज़ोर से विलाप करने लगा। उसके विलाप से श्मशान काँपने लगा। तभी संध्या-भ्रमण पर निकले महादेव-पार्वती वहाँ पहुँचे। पार्वती जी ने बिलखते परिजनों को देखा तो दुखी हो गईं। उन्होंने महादेव से बालक को जीवित करने का अनुरोध किया। महादेव प्रकट हुए और उन्होंने बालक को सौ वर्ष की आयु दे दी। गिद्ध और सियार दोनों ठगे रह गए। गिद्ध और सियार के लिए आकाशवाणी हुई - तुमने प्राणियों को उपदेश तो दिया उसमें सांत्वना की बजाय तुम्हारा स्वार्थ निहीत था। इसलिए तुम्हें इस निकृष्ट योनि से शीघ्र मुक्ति नहीं मिलेगी। दूसरों के कष्ट पर सच्चे मन से शोक करना चाहिए। शोक का आडंबर करके प्रकट की गई संवेदना से गिद्ध और सियार की गति प्राप्त होती। एक महात्मा एक जगह बैठा था। पास से एक गाड़ी गुजरी जिससे एक गेहूं की बोरी नीचे गिर गई और फट गई और बाहर गेहूं के दाने गिर गये। महात्मा बैठकर देख ही रहा, एक कौआ आया अपने पेट के अनुसार कुछ दाने खाये और उड़ गया। कुछ समय बाद एक गाय आई उसने भी भर पेट खाया और चली गई। बाद में एक आदमी आया उसने वो बोरी ही पीठ पर उठा ली और अपने घर लेकर चला गया। सोचने वाली बात है उन पशु पक्षी को ये समझ में आ गया कि जिस मालिक ने उन्हें यहां भेजा है वो हर रोज उन्हें भर पेट देता है पर मनुष्य को यह छोटी सी बात क्यों नहीं समझ में आ रही।हम दिन रात सिर्फ माया ही कमाने के पीछे लगे पडे़ हैं पर हमारी भूख है की कभी खत्म ही नहीं होती। हमें क्यों उस मालिक पर विश्वास नहीं है. "

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Raj Jan 26, 2020

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