🚩🌿🌹जय श्री राम🌹🌿🚩 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ 🚩🐚🌺ॐ गणपतये नमः🌺🐚🚩 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🎪🌲🌺ॐ श्री शनिदेवाय नमः🌺🌲🎪 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 🚩🎆🍑ॐ श्री हनुमन्ते नमः🍑🎆🚩 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 ⚛️🌳🏵️शुभ शनिवार🏵️🌳⚛️ 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 💮🕯️🎆शुभसंध्या🎆🕯️💮 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 🙏आपको सपरिवार को विनायकी चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं🙏 🌹✳️✳️✳️✳️✳️✳️✳️✳️✳️✳️✳️✳️✳️🌹 🎎आप और आपके सम्पूर्ण परिवार पर श्री राम 🌺 💐भक्त हनुमान जी भगवान शनिदेव जी और💐 🥀 गणपति महराज की आशीर्वाद सदा बनी 🥀 🏵️ रहे और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो 🙏 🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆 🍑आपका शनिवार का संध्या काल शुभ अतिसुन्दर🍑 🎭चिन्तामुक्त शांतिमय और मंगलमय व्यतीत हो🎭 🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴 🚩🌿🌺जय श्री राम🌹🌿🚩 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ ⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️

🚩🌿🌹जय श्री राम🌹🌿🚩
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🚩🐚🌺ॐ गणपतये नमः🌺🐚🚩
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🎪🌲🌺ॐ श्री शनिदेवाय नमः🌺🌲🎪
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🚩🎆🍑ॐ श्री हनुमन्ते नमः🍑🎆🚩
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 ⚛️🌳🏵️शुभ शनिवार🏵️🌳⚛️
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 💮🕯️🎆शुभसंध्या🎆🕯️💮
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🙏आपको सपरिवार को विनायकी चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं🙏

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🎎आप और आपके सम्पूर्ण परिवार पर श्री राम 🌺

💐भक्त हनुमान जी भगवान शनिदेव जी और💐

🥀 गणपति महराज की आशीर्वाद सदा बनी 🥀

🏵️     रहे और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो 🙏

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🍑आपका शनिवार का संध्या काल शुभ अतिसुन्दर🍑 🎭चिन्तामुक्त शांतिमय और मंगलमय व्यतीत हो🎭

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कामेंट्स

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@partap53 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@vinodagrawal1 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@yogendrasharmapandit 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@surinderkumarsuri3 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@जितेंद्रबामनिया 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@rajendrakumarsoni3 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@हरेकृष्णा 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@ವೆಂಕಟೇಶ್venkatesh 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@sheelasharma2 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@devendra198 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@vaiabhavbairagi 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@kamala 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@vishnumishra7 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@यूपीसिद्धार्थनगर 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@sumanlata32 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@rhbhatt 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@sitarampareek4 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@shamraothombarepatil 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Dr.ratan Singh Dec 1, 2019
@kirsna 🌚🙏शुभरात्रि वन्दन जी🙏🌚 🎎 आपको सपरिवार विवाह पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर श्री सीताराम और सूर्यदेव जी की कृपा हमेसा बनी रहे जी🎭आपका रविवार की रात्रि खूबसूरत शुभ और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Roopesh Gandhi Dec 2, 2019
जय जय श्री शनिदेव जी की जय श्री बजरंगबली जी की

शनिदेव का लोहे से क्या है संबंध? जानें हनुमान जी से जुड़ी यह कथा शनिदेव को सूर्य पुत्र के नाम से भी जाना जाता है। अत्यंत तेज सूर्य की ऊष्मा की झलक शनिदेव में दिखाई देती है। धार्मिक कथानुसार, जब लंका से हनुमान जी ने शनि भगवान को शनिचरा मंदिर मुरैना में फेंका था तब से इस स्थान पर लोहे के मात्रा प्रचुर हो गयी थी। भगवान शनि का वार शनिवार को बताया गया है। शनिवार को कुछ चीजे खरीदना वर्जित है जिसमें से एक है घर पर नया लोहा खरीद कर लाना। इसे घर पर लाने से शनि का प्रकोप सहन करना पड़ता है। घर में कलह और अशांति हो जाती है| हालांकि इस दिन लोहे का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। शनिदेव के अशुभ प्रभावों की शांति या साढ़े साती या ढैय्या से बचाव हेतु लोहा धारण किया जाता है किन्तु यह लौह मुद्रिका सामान्य लोहे की नहीं बनाई जाती। यह घोड़े के नाल से बनती है जो उसके खुर के बचाव के लिए लगाई जाती है। इस लोहे से रिंग बनाई जाती है जो शनि के कुपित प्रभाव को शांत करती है। इसे आप सही और उत्तम समय जैसे शनिवार, पुष्य, रोहिणी, श्रवण नक्षत्र हो अथवा चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी तिथि पर खरीदे और धारण करें। काले घोड़े की नाल के प्रभावशाली उपाय और लाभ से कई कार्य सिद्ध होते हैं। नाव की कील भी इस कार्य के लिए उपयुक्त रहती है।

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Ramesh Soni.33 Jan 25, 2020

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N.K.Rana Jan 25, 2020

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शनिदेव कथा एक समय सभी नवग्रहओं : सूर्य, चंद्र, मंगल, बुद्ध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु में विवाद छिड़ गया, कि इनमें सबसे बड़ा कौन है? सभी आपस मेंं लड़ने लगे, और कोई निर्णय ना होने पर देवराज इंद्र के पास निर्णय कराने पहुंचे. इंद्र इससे घबरा गये, और इस निर्णय को देने में अपनी असमर्थता जतायी. परन्तु उन्होंने कहा, कि इस समय पृथ्वी पर राजा विक्रमादित्य हैं, जो कि अति न्यायप्रिय हैं। वे ही इसका निर्णय कर सकते हैं। सभी ग्रह एक साथ राजा विक्रमादित्य के पास पहुंचे, और अपना विवाद बताया। साथ ही निर्णय के लिये कहा। राजा इस समस्या से अति चिंतित हो उठे, क्योंकि वे जानते थे, कि जिस किसी को भी छोटा बताया, वही कुपित हो उठेगा. तब राजा को एक उपाय सूझा. उन्होंने स्वर्ण, रजत, कांस्य, पीतल, सीसा, रांगा, जस्ता, अभ्रक और लौह से नौ सिंहासन बनवाये, और उन्हें इसी क्रम से रख दिये. फ़िर उन सबसे निवेदन किया, कि आप सभी अपने अपने सिंहासन पर स्थान ग्रहण करें। जो अंतिम सिंहासन पर बेठेगा, वही सबसे छोटा होगा। इस अनुसार लौह सिंहासन सबसे बाद में होने के कारण, शनिदेव सबसे बाद में बैठे. तो वही सबसे छोटे कहलाये. उन्होंने सोचा, कि राजा ने यह जान बूझ कर किया है। उन्होंने कुपित हो कर राजा से कहा “राजा! तू मुझे नहीं जानता. सूर्य एक राशि में एक महीना, चंद्रमा सवा दो महीना दो दिन, मंगल डेड़ महीना, बृहस्पति तेरह महीने, व बुद्ध और शुक्र एक एक महीने विचरण करते हैं. परन्तु मैं ढाई से साढ़े-सात साल तक रहता हुँ. बड़े बड़ों का मैंने विनाश किया है. श्री राम की साढ़े साती आने पर उन्हें वनवास हो गया, रावण की आने पर उसकी लंका को बंदरों की सेना से परास्त होना पड़ा.अब तुम सावधान रहना. ” ऐसा कहकर कुपित होते हुए शनिदेव वहां से चले गये. अन्य देवता खुशी खुशी चले गये। कुछ समय बाद राजा की साढ़े साती आयी। तब शनि देव घोड़ों के सौदागर बनकर वहां आये। उनके साथ कई बढ़िया घोड़े थे। राजा ने यह समाचार सुन अपने अश्वपाल को अच्छे घोड़े खरीदने की आज्ञा दी। उसने कई अच्छे घोड़े खरीदे व एक सर्वोत्तम घोड़े को राजा को सवारी हेतु दिया। राजा ज्यों ही उस पर बैठा, वह घोड़ा सरपट वन की ओर भागा,भिषण वन में पहुंच वह अंतर्धान हो गया, और राजा भूखा प्यासा भटकता रहा। तब एक ग्वाले ने उसे पानी पिलाया. राजा ने प्रसन्न हो कर उसे अपनी अंगूठी दी। वह अंगूठी देकर राजा नगर को चल दिया, और वहां अपना नाम उज्जैन निवासी वीका बताया। वहां एक सेठ की दूकान में उसने जल इत्यादि पिया. और कुछ विश्राम भी किया। भाग्यवश उस दिन सेठ की बड़ी बिक्री हुई। सेठ उसे खाना इत्यादि कराने खुश होकर अपने साथ घर ले गया। वहां उसने एक खूंटी पर देखा, कि एक हार टंगा है, जिसे खूंटी निगल रही है। थोड़ी देर में पूरा हार गायब था। तब सेठ ने आने पर देखा कि हार गायब है। उसने समझा कि वीका ने ही उसे चुराया है। उसने वीका को कोतवाल के पास पकड़वा दिया। फिर राजा ने भी उसे चोर समझ कर हाथ पैर कटवा दिये। वह चौरंगिया बन गया।और नगर के बाहर फिंकवा दिया गया। वहां से एक तेली निकल रहा था, जिसे दया आयी, और उसने वीका को अपनी गाडी़ में बिठा लिया। वह अपनी जीभ से बैलों को हांकने लगा। उस काल राजा की शनि दशा समाप्त हो गयी। वर्षा काल आने पर वह मल्हार गाने लगा। तब वह जिस नगर में था, वहां की राजकुमारी मनभावनी को वह इतना भाया, कि उसने मन ही मन प्रण कर लिया, कि वह उस राग गाने वाले से ही विवाह करेगी। उसने दासी को ढूंढने भेजा। दासी ने बताया कि वह एक चौरंगिया है। परन्तु राजकुमारी ना मानी। अगले ही दिन से उठते ही वह अनशन पर बैठ गयी, कि विवाह करेगी तो उसी से। उसे बहुतेरा समझाने पर भी जब वह ना मानी, तो राजा ने उस तेली को बुला भेजा, और विवाह की तैयारी करने को कहा।फिर उसका विवाह राजकुमारी से हो गया। तब एक दिन सोते हुए स्वप्न में शनिदेव ने राजा से कहा: राजन्, देखा तुमने मुझे छोटा बता कर कितना दुःख झेला है। तब राजा ने उनसे क्षमा मांगी, और प्रार्थना की , कि हे शनिदेव जैसा दुःख मुझे दिया है, किसी और को ना दें। शनिदेव मान गये, और कहा: जो मेरी कथा और व्रत कहेगा, उसे मेरी दशा में कोई दुःख ना होगा। जो नित्य मेरा ध्यान करेगा, और चींटियों को आटा डालेगा, उसके सारे मनोरथ पूर्ण होंगे। साथ ही राजा को हाथ पैर भी वापस दिये। प्रातः आंख खुलने पर राजकुमारी ने देखा, तो वह आश्चर्यचकित रह गयी। वीका ने उसे बताया, कि वह उज्जैन का राजा विक्रमादित्य है। सभी अत्यंत प्रसन्न हुए। सेठ ने जब सुना, तो वह पैरों पर गिर कर क्षमा मांगने लगा। राजा ने कहा, कि वह तो शनिदेव का कोप था। इसमें किसी का कोई दोष नहीं। सेठ ने फिर भी निवेदन किया, कि मुझे शांति तब ही मिलेगी जब आप मेरे घर चलकर भोजन करेंगे। सेठ ने अपने घर नाना प्रकार के व्यंजनों से राजा का सत्कार किया। साथ ही सबने देखा, कि जो खूंटी हार निगल गयी थी, वही अब उसे उगल रही थी। सेठ ने अनेक मोहरें देकर राजा का धन्यवाद किया, और अपनी कन्या श्रीकंवरी से पाणिग्रहण का निवेदन किया। राजा ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। कुछ समय पश्चात राजा अपनी दोनों रानीयों मनभावनी और श्रीकंवरी को सभी उपाहार् सहित लेकर उज्जैन नगरी को चले। वहां पुरवासियों ने सीमा पर ही उनका स्वागत किया। सारे नगर में दीपमाला हुई, व सबने खुशी मनायी। राजा ने घोषणा की , कि मैंने शनि देव को सबसे छोटा बताया था, जबकि असल में वही सर्वोपरि हैं। तबसे सारे राज्य में शनिदेव की पूजा और कथा नियमित होने लगी। सारी प्रजा ने बहुत समय खुशी और आनंद के साथ बीताया। जो कोई शनि देव की इस कथा को सुनता या पढ़ता है, उसके सारे दुःख दूर हो जाते हैं। व्रत के दिन इस कथा को अवश्य पढ़ना चाहिये।

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Archana Singh Jan 25, 2020

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