ગુરૂ કા કાર્યના શિષ્યો ને વાસ્તવિકતાસ્વરૂપદેખાવ

#ज्ञानवर्षा
गुरुका कार्य है शिष्यको उसका वास्तविक स्वरूप दिखाना

बकरियोंके एक झुंडपर एक बाघिनने छलांग लगाई । वह बाघिन गर्भवती थी । कूदते ही वह प्रसूत हो गई तथा कुछ समय पश्‍चात उसकी मृत्यु हो गई । उसका बच्चा बकरियोंके झुंडमें पलने-बढने लगा । बकरियोंके साथ वह भी चारा खाना सीख गया । बकरियां जिसप्रकार ‘बें…बें’ करती थी । उसीप्रकार वह भी करने लगा । धीरे-धीरे वह बच्चा बडा हो गया । एक दिन बकरियोंके झुंडपर एक बाघने आक्रमण किया । झुंडमें चारा खानेवाले बाघको देखकर वह दंग रह गया । उसने दौडकर चारा खानेवाले बाघको पकड लिया । वह ‘बें….बें’ चिल्लाने लगा । वनका बाघ उसे घसीटकर, उसपर चिल्लाते हुए उसे तालाबके पास ले गया । तब वह उसे बोला, ‘‘देखो, जरा पानीमें अपनी परछाई देखो । पानीमें तुम्हारा मुख दिख रहा है । ध्यानसे देखना, तुम एकदम मेरे जैसे दिख रहे हो और यह थोडासा मांस खाओ ।’’ ऐसा कहकर वनके बाघने उसे बलपूर्वक मांस खिलाया । प्रथमतः तो वह चारा खानेवाला बाघ मांस खानेके लिए सिद्ध नहीं हुआ । वह बार-बार ‘बें…बें’ चिल्ला रहा था । परंतु रक्तका स्वाद मुंहमें लगते ही वह आनंदसे मांस खाने लगा । तब वनके बाघने उसे कहा , ‘‘समझ गए न ? जो मैं हूं वही तुम हो । अब मेरे साथ वनमें चलो !’

तात्पर्य : गुरुकी कृपा होनेपर किसीका भय नहीं रहता । आप कौन हैं और आपका स्वरूप क्या है, यह सर्व आपको गुरु दिखाएंगे ।

+61 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 33 शेयर
kailash Pandey Feb 22, 2020

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 36 शेयर

+7 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 12 शेयर
anita yadav Feb 22, 2020

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 5 शेयर

+15 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 36 शेयर

+11 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 45 शेयर

+27 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 6 शेयर
Arvind Pandey Feb 22, 2020

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB